गरियाबंद दूसरे, बिलासपुर तीसरे और दुर्ग चौथे स्थान पर; साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान
रायपुर / शौर्यपथ / साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान में कोंडागांव जिले ने एक बार फिर प्रदेश में सर्वाधिक जागरूकता गतिविधियों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। अभियान के तहत लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी और डिजिटल अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
अभियान के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोंडागांव में 55,157 जागरूकता गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिसके साथ जिला प्रदेश में शीर्ष पर है। गरियाबंद 46,930 गतिविधियों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं बिलासपुर तीसरे और दुर्ग चौथे स्थान पर हैं।
कोंडागांव पुलिस द्वारा लगातार स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आम नागरिकों को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना है।
एक छोटी चूक, बड़ा नुकसान—पुलिस दे रही सतर्क रहने का संदेश
जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी, एटीएम/बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
कोंडागांव का लगातार शीर्ष स्थान पर बने रहना जिले में चल रही साइबर जागरूकता गतिविधियों की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। पुलिस का प्रयास है कि डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाला प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधों के संभावित खतरे को समझे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल सतर्क कदम उठाए।