जुनवानी में निगम की टीम ने अस्थायी मार्ग ध्वस्त किया, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और राजस्व प्रशासन को भी दी सूचना
भिलाई / शौर्यपथ। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के ग्राम जुनवानी में शासकीय भूमि से होकर निजी भूमि तक अनधिकृत पहुंच मार्ग बनाए जाने की सूचना पर निगम प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के निर्देश पर जोन क्रमांक-01 एवं भवन अनुज्ञा शाखा की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर तैयार किए जा रहे अस्थायी पहुंच मार्ग को ध्वस्त कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जुनवानी स्थित खसरा क्रमांक 199 शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसी भूमि से लगी खसरा क्रमांक 130 एवं 140 के कुछ हिस्सों तक आवागमन के लिए मेसर्स अंजनी डेवलपर्स द्वारा पेड़ों की कटाई कर अस्थायी पहुंच मार्ग तैयार किए जाने की सूचना निगम प्रशासन को मिली थी। सूचना मिलते ही आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निगम की टीम सुबह करीब 10 बजे मौके पर पहुंची और शासकीय भूमि पर बनाए जा रहे अनधिकृत अस्थायी पहुंच मार्ग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के माध्यम से शासकीय भूमि पर बिना अनुमति मार्ग अथवा अन्य निर्माण किए जाने की कोशिश को तत्काल रोक दिया गया।
भूईयां पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार खसरा क्रमांक 130 एवं 140 के संबंधित हिस्सों के भू-स्वामी मेसर्स अंजनी डेवलपर्स बताए गए हैं। प्रथम दृष्टया शासकीय भूमि से होकर निजी भूमि तक पहुंच मार्ग बनाए जाने का प्रयास प्रतीत होने पर निगम द्वारा संबंधित संस्था को सूचना प्रेषित की गई है।
संबंधित विभागों से मांगी गई जानकारी
मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए निगम प्रशासन ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, दुर्ग से भी पत्राचार किया है। विभाग से यह जानकारी मांगी गई है कि शासकीय भूमि से लगी निजी भूमि के संबंध में किसी संस्था अथवा व्यक्ति को विकास अनुज्ञा प्रदान की गई है या नहीं तथा यदि अनुमति दी गई है तो उससे संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं।
इसके साथ ही शासकीय भूमि के संरक्षण एवं आवश्यक राजस्व कार्रवाई के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, दुर्ग को भी मामले की सूचना दी गई है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति अतिक्रमण, निर्माण अथवा अनधिकृत पहुंच मार्ग बनाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में स्थल की स्थिति एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।