16.85 लाख के कथित अधिक भुगतान की जांच के बाद कार्रवाई, वसूली के निर्देश और कारण बताओ नोटिस पर लगी रोक; संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब
भिलाई-बिलासपुर / शौर्यपथ / नगर निगम भिलाई में पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के मामले में उप अभियंताओं और एक सहायक अभियंता को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायालय ने कलेक्टर दुर्ग के वसूली एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई संबंधी निर्देशों तथा निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
29 अनुबंधों की जांच में सामने आई अनियमितताएं
मामला नगर निगम की परियोजना शाखा के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में कराए गए पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों से जुड़ा है। इन कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद कलेक्टर दुर्ग ने 3 सितंबर 2026 को निगम आयुक्त को पत्र जारी किया था। लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, दुर्ग के कार्यपालन अभियंताओं की संयुक्त जांच में 16,85,457 रुपये का अधिक भुगतान दर्ज पाया गया।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, 29 अनुबंधों में से 21 में माप पुस्तिका में दर्ज मात्रा और मौके पर मिली वास्तविक मात्रा के बीच अंतर पाया गया। इसके बाद संबंधित कार्यों का माप दर्ज करने वाले अभियंताओं के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और कथित अधिक भुगतान की वसूली के निर्देश दिए गए।
इसके परिपालन में निगम के मुख्य अभियंता ने उप अभियंता अर्पित बंजारे, चंदन निर्मल, श्वेता महेश्वर, पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा हुमने, कृष्ण कुमार जंघेल तथा सहायक अभियंता श्वेता वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
अभियंताओं ने हाईकोर्ट में दी चुनौती
कार्रवाई को चुनौती देते हुए अर्पित बंजारे एवं अन्य अभियंताओं ने अधिवक्ता सिबाशीष मिश्रा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता जैनब मुस्तफा वनक ने पक्ष रखा।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जांच प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया और उनका पक्ष सुने बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उन्होंने दलील दी कि संबंधित पत्राचार में पहले ही कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और वसूली के निर्देश दिए जा चुके थे, जिससे निष्पक्ष सुनवाई तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन पर सवाल उठते हैं।
अधिकारियों से जवाब तलब
याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर दुर्ग के 3 सितंबर 2026 के पत्र में उल्लिखित अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं वसूली संबंधी निर्देशों और निगम के मुख्य अभियंता द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर रोक लगा दी। न्यायालय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव, कलेक्टर दुर्ग, नगर निगम भिलाई के आयुक्त, मुख्य अभियंता और संबंधित कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
फिलहाल यह न्यायालय की अंतरिम राहत है। इससे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है। मामले में संबंधित अधिकारियों के जवाब और आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी।