Print this page

चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के दावों की खुली पोल : देवांगन

  • doing of business

भोजराज सिन्हा बोले—SIR समेत प्रमुख फैसलों पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति, संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना बंद करे विपक्ष

   भिलाई / शौर्यपथ / चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने मंगलवार को संयुक्त पत्रकार वार्ता की। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस के उन दावों पर सवाल उठाए, जिनमें आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही गई थी।

नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के संयुक्त बयान से स्पष्ट हो गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाला है।

सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की चुनावी प्रक्रिया को लेकर देश और दुनिया में उसकी संस्थागत भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है।

अंग्रेजी अखबार में कैबिनेट सचिव को लिखे कथित पत्र के संबंध में सिन्हा ने कहा कि जिस पत्र का उल्लेख किया गया है, वह किसी नीतिगत विषय या SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि सामान्य प्रशासनिक विषय से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति संवैधानिक रूप से जिम्मेदार है, इसलिए इसे किसी नीतिगत मामले से जोड़ना उचित नहीं है।

भोजराज सिन्हा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति की स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIR प्रक्रिया को लेकर दिए गए आदेश के बावजूद विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने भी पत्रकार वार्ता में चुनाव आयोग के संयुक्त बयान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवाद का केंद्र बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

दोनों नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपने लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

Rate this item
(0 votes)
शौर्यपथ

Latest from शौर्यपथ