पूरी तरह बर्बाद फसल पर ₹70,518 प्रति एकड़ मुआवजे की मांग, किसानों के लंबित भुगतान जारी करने की भी उठाई मांग
रायपुर / शौर्यपथ / चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजे की घोषणा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि, खराब मौसम और कीट प्रकोप से धान सहित खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं।
बैज ने मांग की कि जिन किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है, उन्हें ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से ₹70,518 प्रति एकड़ एकमुश्त मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक फसल नुकसान का ठोस आकलन नहीं कराया है।
धान खरीदी और राजस्व मामलों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने धान खरीदी की अवधि, टोकन, तौल, परिवहन और मिलिंग को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पटवारी हड़ताल के कारण जमीन के बंटवारे, नामांतरण, फौत और फसल ऋण पंजीयन जैसे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ी हैं।
₹6,066 करोड़ के लंबित भुगतान का मुद्दा
बैज ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के कथित ₹1,700 करोड़ के बकाया भुगतान और पिछले दो वर्षों की एमएसपी वृद्धि के अंतर सहित कुल ₹6,066 करोड़ की लंबित राशि तत्काल जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के बीच किसानों को राहत देना और लंबित भुगतान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नोट: मुआवजे और लंबित भुगतान से जुड़े आंकड़े प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मांग एवं बयान के अनुसार हैं।