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स्कूलों में स्वच्छता का संदेश, लेकिन जिला शिक्षा कार्यालय के बाहर गंदगी का ढेर; सूचना के बाद भी नहीं हुई सफाई
दंतेवाड़ा। एक ओर शिक्षा विभाग स्कूलों में स्वच्छता पखवाड़ा मनाकर विद्यार्थियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर फैली गंदगी विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
कार्यालय परिसर के समीप बड़ी मात्रा में कचरा बिखरा हुआ है, जिसमें विभागीय कार्यों में उपयोग किए गए कागज, प्लास्टिक की पानी की बोतलें तथा अन्य सूखा कचरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा राहगीरों या आम नागरिकों द्वारा नहीं, बल्कि कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ही फेंका गया है।
स्थिति को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि जिला शिक्षा कार्यालय में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग संग्रहित करने की कोई समुचित व्यवस्था दिखाई नहीं देती। डस्टबिन और कचरा प्रबंधन के बुनियादी इंतजाम तक न होने से स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर को तत्काल सूचना भी दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक संबंधित स्थान की सफाई नहीं कराई गई थी। इससे विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
अब सवाल यह है कि जो विभाग स्कूलों में स्वच्छता का संदेश देने की जिम्मेदारी निभा रहा है, क्या वह पहले अपने कार्यालय परिसर को स्वच्छ रखने की पहल करेगा? या फिर DEO कार्यालय के बाहर पड़ा यह कचरा विभागीय दावों की वास्तविकता उजागर करता रहेगा।
(यदि संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल, बदबू और मच्छरों से परेशान लोग; जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
रिपोर्टर: कृष्णा मंडल
लोकेशन: दंतेवाड़ा (बचेली)
बचेली। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे करने वाली बचेली नगरपालिका अपनी ही कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। एक ओर सड़क पर कचरा फेंकने वाले दुकानदारों और आम नागरिकों पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगरपालिका द्वारा तोड़ी गई नाली का मलबा पिछले 15 से 20 दिनों से मुख्य सड़क किनारे पड़ा हुआ है। इससे आसपास के लोगों को बदबू, मच्छरों और आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पुरानी मार्केट स्थित पेट्रोल पंप के सामने नई नाली निर्माण के लिए पुरानी नाली तोड़ी गई थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद निकला मलबा सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही मलबा हटाया गया। बारिश के कारण नाली में पानी भरने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2026 को नगरपालिका ने मुख्य मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सड़क पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान शहर को स्वच्छ रखने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। लेकिन वर्तमान स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आम लोगों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर तत्काल चालानी कार्रवाई की जाती है, तो नगरपालिका की इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका सवाल है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं, या सरकारी विभागों पर भी समान रूप से लागू होते हैं?
अब शहरवासियों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि स्वच्छता अभियान के नाम पर जनता पर सख्ती दिखाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही पर भी कोई कार्रवाई होती है या मामला केवल दावों और कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
(यदि नगरपालिका या संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
ग्रामीणों का आरोप— "24 घंटे नहीं, 24 मिनट भी लगातार नहीं मिल रही बिजली"; पेयजल, पढ़ाई और खेती प्रभावित
रिपोर्टर: कृष्णा मंडल
लोकेशन: दंतेवाड़ा
दंतेवाड़ा। मौसम विभाग द्वारा जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बीच ग्राम पंचायत भांसी के ग्रामीण लगातार बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से बिजली विभाग मेंटेनेंस और तकनीकी खराबी का हवाला देकर रोज कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बंद रख रहा है, जिससे पूरे गांव का जनजीवन प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, शहरों में जहां लगभग निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं भांसी में हालात ऐसे हैं कि कई बार 24 मिनट तक भी लगातार बिजली नहीं रहती। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारी हर बार "छोटा फॉल्ट" या "लाइन में तकनीकी खराबी" बताकर एक घंटे में बिजली बहाल करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन बिजली चार से पांच घंटे बाद भी नहीं आती।
लगातार हो रही बिजली कटौती का असर गांव की पेयजल व्यवस्था, विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों के कृषि कार्य और दैनिक जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। बारिश के मौसम में अंधेरा और बिजली बाधित रहने से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने गांव-गांव तक सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन भांसी में बार-बार हो रही बिजली कटौती इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका सवाल है कि क्या विकास केवल शहरों तक सीमित है, जबकि गांवों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है?
ग्रामीणों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
(समाचार ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित है। बिजली विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
पुरानी रंजिश में वारदात को दिया अंजाम, हथियार और बाइक जब्त; आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया
धमतरी। धमतरी पुलिस ने स्कूल बस चालक पर चाकू से हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी कुरूद के मार्गदर्शन में थाना कुरूद पुलिस द्वारा की गई।
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:15 बजे ए.जे. इंग्लिश स्कूल, कुरूद की स्कूल बस बच्चों को उनके घर छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान सुनीलम सिनेमा के पास सार्वजनिक शौचालय के सामने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने बस को रोक लिया। पुरानी रंजिश को लेकर दोनों ने बस चालक से विवाद किया, अश्लील गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए धारदार हथियार से हमला कर चालक को घायल कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 228/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, साक्ष्य संकलित करने और गवाहों के बयान के आधार पर मुख्य आरोपी रोहन साहू (21 वर्ष), पिता सुरेन्द्र साहू, निवासी मोंगरा, थाना कुरूद, हाल पता अमृत विहार कॉलोनी, कुरूद को गिरफ्तार कर लिया। मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर किशोर न्याय अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी बरामद कर जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
धमतरी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। हिंसा या कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जनपद पंचायत पिथौरा के सभापति को संगठन ने सौंपी नई जिम्मेदारी, शीर्ष नेतृत्व के प्रति जताया आभार
दैनिक शौर्यपथ | महासमुंद जिला ब्यूरो: संतराम कुर्रे
पिथौरा। भारतीय जनता पार्टी ने जनपद पंचायत पिथौरा के सभापति एवं भुरकोनी क्षेत्र के सक्रिय जनप्रतिनिधि दिनेश कुमार अग्रवाल को भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ का जिला सहसंयोजक नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं समर्थकों में उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन के निर्णय का स्वागत किया।
नवनियुक्त जिला सहसंयोजक दिनेश कुमार अग्रवाल ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। संगठन ने जो दायित्व मुझे सौंपा है, उसका पूरी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करूंगा।"
भाजपा कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि दिनेश कुमार अग्रवाल के संगठनात्मक अनुभव और सक्रिय कार्यशैली से व्यापारी प्रकोष्ठ को नई मजबूती मिलेगी तथा संगठन का जनाधार और अधिक सशक्त होगा।
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह की अध्यक्षता में निगम सभागार में राजस्व आय एवं विभिन्न स्थानीय करों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगम की वर्तमान राजस्व वसूली की स्थिति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संग्रह बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आयुक्त ने कर वसूली में लगी एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत वसूली का लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने बड़े राजस्व बकाएदारों की सूची तैयार कर तत्काल नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आम नागरिकों को कर भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली एवं ऑनलाइन पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को एजेंसी के कार्यों की प्रतिदिन निगरानी कर नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त सुरुचि सिंह ने कहा कि "निगम क्षेत्र के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए समय पर राजस्व प्राप्त होना अत्यंत आवश्यक है। कर वसूली के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त डी.के. कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, येशा लहरे एवं कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी चन्द्रभूषण साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, राजस्व अधिकारी जे.पी. तिवारी, सहायक राजस्व अधिकारी तथा राजस्व वसूली एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अनुष्ठा रेसिडेंसी, अयप्पा नगर, आमा तालाब और फौजी नगर का लिया जायजा; गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरुचि सिंह ने शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों, प्रस्तावित विकास स्थलों, तालाबों, सफाई व्यवस्था तथा आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कॉलोनी विकास शुल्क मद से अनुष्ठा रेसिडेंसी में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने, गुणवत्ता बनाए रखने तथा कॉलोनीवासियों को जल्द से जल्द मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद आयुक्त ने अयप्पा नगर में प्रस्तावित विकास कार्यों के स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कोहका स्थित आमा तालाब का भी निरीक्षण कर तालाब और उसके आसपास नियमित सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। वहीं वार्ड क्रमांक 24 फौजी नगर में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने और डंप करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने आईटीआई परिसर में संचालित कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) कार्य का भी अवलोकन किया और इसके बेहतर संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपायुक्त सह जोन आयुक्त डी.के. कोसरिया, अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, संजय वर्मा, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, श्वेता वर्मा, चंद्रकांत साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, बसंत साहू तथा जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिलाई शपथ, महापौर अल्का बाघमार ने विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान
दुर्ग, 30 जुलाई। नगर पालिक निगम दुर्ग में शासन द्वारा नामांकित 9 एल्डरमेनों का शपथ ग्रहण समारोह श्रद्धेय मोतीलाल वोरा सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, निगम सभापति श्याम शर्मा, प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शासन द्वारा नामांकित नरेश तेजवानी, कांतिलाल जैन, मदन बढ़ई, अनूप सोनी, तुलसी यादव, दशरथ निर्मलकर, गौरव शर्मा, तेखन सिन्हा एवं चमेली साहू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी एल्डरमेनों ने नगर के विकास, जनहित और नागरिकों की सेवा के लिए निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने नव-नामांकित एल्डरमेनों को शुभकामनाएं देते हुए नगर के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि एल्डरमेनों के अनुभव और सुझावों से नगर निगम की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी एल्डरमेन विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक जनप्रतिनिधि विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। सामूहिक प्रयासों से दुर्ग को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने नव-शपथ ग्रहण करने वाले एल्डरमेनों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
समारोह में नव-नामांकित सभी एल्डरमेन अपने परिवारजनों और समर्थकों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। नई जिम्मेदारी मिलने की खुशी और आत्मविश्वास उनके चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने सभी एल्डरमेनों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, लीना दिनेश देवांगन, नरेंद्र बंजारे, शेखर चन्द्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, निकेश अग्रवाल, मनीष साहू, शशि साहू, लीलाधर पाल, शिव नायक, हर्षिका संभव जैन, कार्यपालन अधिकारी मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थावानी, सहायक अभियंता गिरीश दिवान, हरिशंकर साहू, पंकज साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नाली, पेवर ब्लॉक और कवर ड्रेन निर्माण से जलभराव की समस्या होगी दूर, आवागमन होगा सुगम
दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रूआबांधा सेक्टर, वार्ड क्रमांक-06 में गुरुवार को 37.67 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन विधायक ललित चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
भूमिपूजन के तहत नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने एवं कवर ड्रेन निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वार्ड तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए सड़क, नाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की मांग और आवश्यकता के अनुरूप कराए जा रहे हैं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।
कार्यक्रम में रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, जिला उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी शिवेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, वार्ड पार्षद शीला नारखेड़े, महामंत्री दशरथ साहू, गुड्डु झा, जिला मंत्री शैलेन्द्र शेंडे, मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, अजीत चौधरी, पार्षदगण तथा भाजपा पदाधिकारी, वार्डवासी एवं निगम कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बारिश में भवन से टपक रहा पानी, जीवनरक्षक दवाओं की सुरक्षा पर सवाल; DMF और CSR फंड के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान
रिपोर्टर: कृष्णा मंडल
लोकेशन: दंतेवाड़ा
दंतेवाड़ा। प्रदेश के सबसे अधिक डीएमएफ (DMF) और सीएसआर (CSR) फंड प्राप्त करने वाले जिलों में शामिल दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के एकमात्र जिला अस्पताल में करोड़ों रुपये मूल्य की जीवनरक्षक दवाओं का स्टोर रूम जर्जर हालत में पहुंच चुका है। बारिश के दौरान भवन से पानी रिसने के कारण दवाओं के खराब होने का खतरा बना हुआ है।
स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी स्टोर रूम में रखी दवाओं को बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेने को मजबूर हैं। जिस भवन की मरम्मत या नए निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, वहां फिलहाल अस्थायी इंतजामों के भरोसे दवाओं को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में हर वर्ष भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन अस्पताल के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक मेडिसिन स्टोर की हालत बेहद खराब बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दंतेवाड़ा को DMF और CSR के माध्यम से पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं, तब भी इस भवन के सुधार को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
बारिश के मौसम में भवन के भीतर पानी रिसने से जीवनरक्षक दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार कई दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए नियंत्रित वातावरण आवश्यक होता है, ऐसे में नमी और रिसाव उनकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या करोड़ों रुपये की दवाओं की सुरक्षा केवल तिरपाल के भरोसे की जा सकती है? इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों के उपचार के लिए रखी गई दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
