
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
बालोद / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम बटेरा स्थित हेलीपैड पहुॅचने पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनके साथ संजारी बालोद विधायक श्रीमती संगीता मौजूद थी। हेलीपैड स्थल में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया पटेल समाज के पदाधिकारी, जिले के जनप्रतिनिधि सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन, नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अध्यक्ष लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, नगर पालिका परिषद बालोद के पूर्व अध्यक्ष राकेश यादव, छत्तीसगढ़ कोसरिया मरार समाज के प्रदेश पदाधिकारियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों, दुर्ग रेंज के आईजी राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज संबलपुर में कोसरिया मरार पटेल समाज द्वारा आयोजित युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकम्बरी महोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बड़ा हमला
भिलाई (दुर्ग)। शौर्यपथ। भिलाई के वरिष्ठ पत्रकार और राष्ट्रबोध के संपादक पवन केसवानी पर हाल ही में हुए कातिलाना हमले ने न केवल प्रेस की स्वतंत्रता बल्कि पूरे लोकतांत्रिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। पवन केसवानी द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बेबाक समाचार प्रकाशित करने के बाद उन पर अपराधी तत्वों ने यह हमला किया। इस घटना का सीधा संदेश यही है कि अपराधी तत्व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संविधान और कानून व्यवस्था में कतई विश्वास नहीं रखते।
अभिव्यक्ति की आजादी को चोट
भारत का संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Article 19) का अधिकार प्रदान करता है, परंतु यह स्वतंत्रता भी अनुशासन और व्यवस्था के दायरे में ही मान्य है। यदि किसी समाचार में तथ्यगत दोष या दुर्भावना झलकती भी हो, तो न्यायालय और विधिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं―अपनी आपत्ति को दर्ज कराने के लिए, न कि हिंसा या आत्म निर्णय का विकल्प है। न्याय का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है, न कि किसी व्यक्ति या समूह के पास।
अपराधियों की मानसिकता : कानून को अंगूठापवन केसवानी पर हमला करने वालों की यह प्रवृत्ति समाज और कानून दोनों के लिए हर प्रकार से घातक है। ये तत्व संविधान, कानून और लोकतंत्र को नकारकर स्वयं को सर्वोपरि समझते हैं। ऐसे लोगों को समाज का कोई अधिकार नहीं, बल्कि उन पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए ताकि संविधान का सम्मान अक्षुण्ण रहे और लोकतंत्र की चतुर्थ शक्ति अर्थात् मीडिया की आवाज बुलंद रहे।
पुलिस-प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था का दायित्व
जरूरी है कि ऐसे हमलों के अपराधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई हो तथा सामाजिक स्तर पर यह संदेश जाए कि न तो कानून से बड़ा कोई है और न ही लोकतंत्र को ठेस पहुंचाने वाले को बख्शा जाएगा। इतिहास गवाह है कि गलत खबर पर न्यायालय सजा भी देता है, लेकिन न्याय व्यवस्था की जगह खुद फैसला करना सीधा-सीधा कानून तोड़ना और देशद्रोह के बराबर है।
संवैधानिक संदेश
लोकतंत्र में संवाद, असहमति और समीक्षा से ही रास्ता निकलता है। पत्रकार की अच्छाई-बुराई का फैसला न्यायपालिका करती है, न कि अपराधी। पत्रकार चाहे बड़ा हो या छोटा, वह अगर कोई भी खबर प्रकाशित करता है और उस पर आपत्ति है, तो केवल न्यायिक उपाय ही विकल्प हैं। पवन केसवानी के मसले ने पूरे न्यायिक तंत्र को झकझोर दिया है और यह चेतावनी देता है कि प्रेस पर हमला, लोकतंत्र पर हमला है।
प्रशासन और न्याय प्रणाली से मांग
शौर्यपथ दैनिक ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि अपराधियों पर त्वरित एवं कठोर कार्रवाई हो, ताकि समाज में भय का माहौल न बने और हर पत्रकार स्वतंत्रता से अपनी जिम्मेदारी निभा सके। दोषियों पर सख्ती जरूरी है ताकि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा हो सके। इतिहास में कई उदाहरण हैं जहां गलत समाचार पर न्यायिक सजा दी गई, लेकिन फैसला अदालत करेगी, अपराधी नहीं।
दुर्ग। शौर्यपथ। जनसेवा में समर्पित और सादगी की मिसाल दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर का जन्मदिन इस बार एक अनोखा उदाहरण बन गया। 7 नवंबर को जब विधायक चंद्राकर बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे थे, तब उनके गृह नगर दुर्ग में उनके हजारों समर्थक और शुभचिंतक स्वयं उनके आवास पर पहुंचकर जन्मदिन की शुभकामनाएं देने उमड़ पड़े।
विधायक की अनुपस्थिति के बावजूद दिनभर उनके घर पर बधाइयों का तांता लगा रहा। समर्थक पुष्पगुच्छ, मिठाइयां और बधाई संदेश लेकर पहुंचे और विधायक के परिजनों से मिलकर अपने लाडले जनप्रतिनिधि के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।
यह दृश्य जनसेवा के उस रिश्ते को दर्शाता है, जो केवल राजनीति तक सीमित नहीं बल्कि जनता के दिलों में गहराई तक बसा है। विधायक के समर्थकों ने दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के कई स्थानों पर धूमधाम से केक काटकर, दीप प्रज्वलन कर और जरूरतमंदों को वस्त्र एवं मिठाई वितरित कर उनका जन्मदिन मनाया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विधायक ललित चंद्राकर के जन्मदिन की बधाईयों की बाढ़ आ गई। बिहार प्रवास से ही उन्होंने सभी समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा —
> “आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जनसेवा ही मेरा जीवन धर्म है।”
ललित चंद्राकर के जन्मदिन पर जिस प्रकार उनके अनुपस्थिति में भी जनसैलाब उमड़ा, वह इस बात का प्रमाण है कि वे केवल एक विधायक नहीं बल्कि जनता के हृदय में बसे एक सच्चे जननायक हैं।
7 नवंबर का दिन न केवल विधायक ललित चंद्राकर और उनके परिवार के लिए, बल्कि दुर्ग ग्रामीण की जनता के लिए भी जनसंपर्क और जनस्नेह का अविस्मरणीय पर्व बन गया।
शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र परिवार विधायक ललित चंद्राकर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं दीर्घायु जीवन की मंगल कामना करता है।
चंपारण की आखिरी रैली में प्रधानमंत्री ने किया नीतीश को मुखिया घोषित, युवाओं की बंपर वोटिंग से बदलते दिखे बिहार के समीकरणशौर्यपथ राजनीति।
चम्पारण। शौर्यपथ राजनीती। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। प्रथम चरण की बंपर 65% से अधिक वोटिंग के बाद राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदलते दिख रहे हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरे और अंतिम चरण के प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम चंपारण की ऐतिहासिक रैली में बड़ा ऐलान करते हुए कहा — “नहीं चाहिए कट्टा सरकार, अबकी बार नीति सरकार।
”इस बयान के साथ ही प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संकेत दे दिया कि यदि आईएनडीआईए गठबंधन की सरकार बनती है, तो उसके मुखिया नीतीश कुमार ही होंगे। यह वही नीतीश हैं जिन पर पहले चरण से पहले एनडीए खेमे में “मुख्यमंत्री चेहरा” को लेकर संशय बना हुआ था। गृह मंत्री अमित शाह ने भी पहले चरण के मतदान से पहले कहा था कि परिणामों के बाद विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री का चयन होगा। लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं — बंपर मतदान ने बिहार की राजनीति में नई हवा बहा दी है।
प्रधानमंत्री मोदी की रैली में उमड़े जनसैलाब और युवाओं की भारी भागीदारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार का मतदाता इस बार निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है। रैली में प्रधानमंत्री ने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा कि बिहार को अब "कट्टा और भ्रष्टाचार" की राजनीति नहीं चाहिए, बल्कि "विकास की नीति" चाहिए — और यह नीति केवल नीतीश सरकार ही दे सकती है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रथम चरण की उच्च मतदान दर और मोदी का यह अंतिम चुनावी संदेश मिलकर बिहार में नई दिशा निर्धारित कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि अब वे अगली बार जनता से सीधे शपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात करेंगे।अब निगाहें 11 नवंबर को होने वाले अंतिम चरण के मतदान पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मोदी की "नीति सरकार" का नारा बिहार के जनादेश में कितना असर दिखा पाता है।
ग्वालियर से दबोचा गया रायपुर का हिस्ट्रीशीटर — छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता, धर्म और राजनैतिक रिश्तों के जाल में फलता-फूलता था कर्ज़ और खौफ का कारोबार
रायपुर, 09 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने आखिरकार उस नाम पर शिकंजा कस दिया है, जो लंबे समय से सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियारों के बल पर धर्म और राजनीति की आड़ में अपना साम्राज्य खड़ा कर रहा था। मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी को पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस की कई महीनों की गुप्त निगरानी और ठोस इनपुट पर की गई कार्रवाई का परिणाम है।
वीरेंद्र तोमर पर सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। उसका भाई रोहित तोमर अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम सक्रिय है। दोनों भाइयों पर लोगों से ब्याज पर पैसा देकर कई गुना ब्याज और धमकी के जरिए वसूली करने के आरोप हैं।
162 दिन बाद टूटा फरारी का सिलसिला
वीरेंद्र तोमर बीते 162 दिनों से फरार चल रहा था। जून 2025 में तेलीबांधा थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने तोमर भाइयों पर मारपीट और धमकी का आरोप लगाकर FIR दर्ज कराई थी। मामले में तलाशी के दौरान पुलिस ने वीरेंद्र के घर से अवैध हथियार और बड़ी मात्रा में नकदी एवं संपत्ति दस्तावेज जब्त किए थे।
इसके बाद दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने सख्त टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया था।
धर्म और राजनीति की आड़ में बना ‘सूद साम्राज्य’
वीरेंद्र तोमर ने धार्मिक कार्यक्रमों, आश्रमों और राजनीतिक संपर्कों के माध्यम से एक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया था, जो आम नागरिकों को आर्थिक जाल में फंसा देता था। बताया जाता है कि वह खुद को धर्मप्रेमी और समाजसेवी चेहरे के रूप में प्रस्तुत करता था, जबकि पर्दे के पीछे रंगदारी और ब्याजखोरी का काला कारोबार चलता था। कई स्थानीय कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर उसकी धमकियों से त्रस्त थे, परंतु उसके राजनीतिक संबंधों के डर से खुलकर सामने नहीं आते थे।
छत्तीसगढ़ पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई
रायपुर पुलिस को हाल ही में यह सीक्रेट इनपुट मिला कि तोमर ग्वालियर में फर्जी पहचान से रह रहा है। सूचना मिलते ही विशेष टीम गठित की गई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से शनिवार देर रात उसे दबोच लिया गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वीरेंद्र तोमर से पूछताछ में उसके अवैध कारोबार, धन शोधन और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े कई नामों के खुलासे की संभावना है। रायपुर पुलिस उसे सड़क मार्ग से रायपुर लेकर आ रही है और रविवार को औपचारिक रूप से प्रेस ब्रीफिंग में महत्वपूर्ण खुलासे किए जा सकते हैं।
समाज के लिए बड़ा संदेश
धर्म, धन और सत्ता के गठजोड़ के सहारे फलते अपराध की यह गिरफ्तारी केवल एक आपराधिक कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि
“धार्मिक आस्था को ढाल बनाकर कोई भी व्यक्ति अपराध का साम्राज्य नहीं चला सकता।”
पुलिस की यह सफलता इस बात का भी संकेत है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे उसके संबंध कितने ही सशक्त क्यों न हों।
? मुख्य तथ्य:
आरोपी: वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी
गिरफ्तारी स्थान: ग्वालियर (मध्य प्रदेश)
आरोप: सूदखोरी, रंगदारी, ब्लैकमेलिंग, आर्म्स एक्ट उल्लंघन
फरार अवधि: 162 दिन
सह आरोपी: रोहित तोमर (अभी भी फरार)
प्राथमिकी: तेलीबांधा थाना, रायपुर
कार्रवाई: छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष टीम द्वारा सीक्रेट इनपुट पर ऑपरेशन
“धर्म की आड़ में अपराध और राजनीति की छाया में डर का साम्राज्य खड़ा करने वाले अब कानून के शिकंजे से नहीं बच सकते।”
— शौर्यपथ समाचार विशेष रिपोर्ट
शौर्यपथ / राजस्थान /
कुचामन सिटी, 7 नवंबर 2025: कुचामन सिटी में हनुमानगढ़-किशनगढ़ हाईवे के किनारे कई होटलों और ढाबों को अपराधियों के लिए अड्डा बनाकर देह व्यापार संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश करते हुए अचानक छापेमारी कर 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शौरभ, किशन, आशीष और प्रकाश जैसे स्थानीय युवक शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, स्थानीय युवतियों के साथ-साथ कोलकाता सहित विभिन्न राज्यों और यहां तक कि कुछ विदेशी युवतियों को भी इस अवैध व्यापार में एजेंट मोबाइल फोन पर उनकी तस्वीरें दिखाकर ग्राहकों को उपलब्ध कराते थे। विदेशी युवतियों की पहचान के आधार पर उनकी दरें अधिक रखी जाती थीं। हाईवे किनारे कई होटलों और ढाबों के संचालक पुलिस छापे से पहले अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हो गए।
यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था और इससे शहर का सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा था। पिछले वर्ष राजस्थान पत्रिका ने इस मसले पर स्टिंग ऑपरेशन कर पुलिस का ध्यान भी आकर्षित किया था। लेकिन अब कुचामन पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद खारिया और डीएसपी अरविंद विश्नोई के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई से इस नृशंस कारोबार को रोकने के प्रयास में नया संकल्प दिखा है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसे अभियानों के जरिए इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों पर पारदर्शिता और नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। कुचामन जैसे शिक्षा नगरी में सुरक्षा और नैतिकता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीदों को बल मिला है।
यह मामला उस सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जहां शिक्षा और विकास के बावजूद अनैतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसका कड़ा मुकाबला करने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। पुलिस आगे भी इस पर गंभीर निगरानी रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करती रहेगी।
यह कार्रवाई कुचामन सिटी में बढ़ते अपराध के खिलाफ एक ठोस संदेश है कि अवैध और अनैतिक कामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
(यह जानकारी पुलिस के आधिकारिक बयानों तथा स्थानीय समाचार स्रोतों पर आधारित है।)
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। यह भेंट औपचारिक शिष्टाचार के साथ आत्मीय संवाद का भी अवसर बनी।
उपराज्यपाल श्री सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट कर श्रद्धा और सौहार्द का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस स्नेहिल gesture के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर ‘बस्तर आर्ट’ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने राज्यों के बीच आपसी सहयोग, पर्यटन एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और सुदृढ़ करने की भावना व्यक्त की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव अतिथियों के स्वागत के लिए तत्पर रहती है, वहीं उपराज्यपाल श्री सिन्हा ने छत्तीसगढ़ की सादगी, समृद्ध संस्कृति और जनउदारता की सराहना की।
बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण और प्रेरक रहा, जिसमें राष्ट्रीय एकता, विकास और लोकसंस्कृति के संरक्षण जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
“माता वैष्णो देवी का यह प्रसाद छत्तीसगढ़ के जन-जन के कल्याण और उन्नति का प्रतीक बने,” — श्री मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर
“बस्तर कला हमारी आत्मा की अभिव्यक्ति है — इसे उपहार स्वरूप देना हमारे लोकगौरव का प्रतीक है,” — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
— शौर्यपथ समाचार
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 9 नवंबर 2025 का कार्यक्रम जनसंपर्क, धार्मिक आस्था व छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संदेश लिए रहा। वे सुबह मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर से पूज्य महामाया मंदिर, रतनपुर के लिए रवाना हुए जहां कलश महोत्सव 2025 का उद्घाटन और आरती कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित किया। इसके बाद उनका काफिला बालोद जिले के समरगांव पहुँचा जहां मिनी स्टेडियम में पुष्प प्रज्वलन समारोह और जनसभा में “छत्तीसगढ़ प्रदेश उत्थान” का संकल्प लिया गया।
शाम को वे विभिन्न लोक कल्याण व ग्राम विकास योजनाओं के तहत हेलिपैड ग्राम चेरवा मैदान, बालोद, तथा समरगांव मिनी स्टेडियम आदि कार्यक्रमों में भाग लेकर रायपुर लौटे। रात्रि में पुनः मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर आरती एवं संवाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
मुख्यमंत्री साय के इस कार्यक्रम में धार्मिक, प्रशासनिक और जनसंपर्क का पूर्ण समन्वय दिखा, जिससे आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास तथा विकास की गति को नया बल मिला।
रायपुर / शौर्यपथ / लोक निर्माण विभाग (PWD) और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निजी कार्यक्रम को लेकर विवाद हाल ही में काफी गरमा गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने भतीजे के तेरहवीं समारोह में लोक निर्माण विभाग के कोष से करीब 97 लाख रुपए खर्च कराए। कांग्रेस ने इस मामले में उप मुख्यमंत्री पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने और निजी कार्यक्रम का भुगतान सरकारी खजाने से करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने इस धनराशि के उपयोग को प्रदेश में सड़क बदहाल हालत और जनता की समस्याओं के बीच अनुचित बताया है।
वहीं लोक निर्माण विभाग और भाजपा ने इस आरोप को पूरी तरह असत्य बताते हुए वायरल बिल को फर्जी करार दिया है। लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता ने स्पष्ट किया है कि उप मुख्यमंत्री अरुण साव या उनके किसी निजी कार्यक्रम का लोक निर्माण विभाग द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है। इस मामले में आरटीआई के जरिए भी पुष्टि की गई है कि सरकारी धन का निजी आयोजनों में इस्तेमाल नहीं हुआ है।
सारांश में:
आरोप: कांग्रेस ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर अपने भतीजे की तेरहवीं के आयोजन में लोक निर्माण विभाग के कोष से 97 लाख रुपए खर्च करने का आरोप लगाया है।
जवाब: लोक निर्माण विभाग ने इन आरोपों को भ्रामक बताया और viral बिल को फर्जी करार दिया है, तथा कहा कि ऐसे कोई भुगतान नहीं हुआ।
विवाद का केंद्र: सरकारी धन के गलत उपयोग और स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक लड़ाई।
आगे की कार्रवाई: कांग्रेस उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रही है जबकि भाजपा और विभाग ने इस मामले को खारिज कर दिया है।
इस विवाद ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में सत्ताधारियों के बीच एक बड़ा आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा खड़ा किया है, जिसमें सत्य और तथ्य की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग हो रही है।
विभाग ने दी भ्रामक समाचार फ़ैलाने वालो पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी
अधिकारिक और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निजी कार्यक्रम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के कथित भुगतान विवाद में कई भ्रामक समाचार सामने आने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि उप मुख्यमंत्री या उनके किसी निजी कार्यक्रम के लिए विभाग के खजाने से कोई भुगतान नहीं किया गया है। वायरल बिलों को फर्जी और भ्रामक बताया गया है। इसके साथ ही इस संदर्भ में भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस मामले में विभाग ने कहा है कि जो लोग इस तरह के झूठे और भ्रामक समाचार बना रहे हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ताकि प्रदेश की साख और प्रशासनिक व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर इस तरह के आरोपों का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उपयोग करने वालों पर विभाग की नजर है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल तथ्य और सच्चाई को सामने लाना है ताकि जनता के बीच भ्रम और मिथ्या प्रचार न फैले। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग ने इस पूरे विवाद को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाल्मीकि रामायण में मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया गया है — “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। भारत माता की आराधना केवल शब्दों में नहीं, अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के माध्यम से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब हम भारत माता की पूजा करते हैं, तो पूजा में दक्षिणा देना भी आवश्यक होता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि को अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए। यही हमारी मातृभूमि के प्रति सच्ची देशभक्ति और सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणा होगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
