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भारत का नया ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है छत्तीसगढ़ - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
1 लाख 23 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त : 20 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
लॉजिस्टिक नीति एवं जन विश्वास विधेयक से छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी नई गति
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी।
कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं।
बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म - इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में चल रहे व्यापक विकास और सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित करना है, ताकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की नई शुरुआत हो सके।
मुख्यमंत्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु उपलब्ध कराए गए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में अनवरत 23 वर्षों तक उल्लेखनीय सेवाएं
रायपुर /शौर्यपथ /जनसंपर्क विभाग में 31 वर्षों तक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले उप संचालक श्री आनंद प्रकाश सोलंकी के सेवानिवृत्ति अवसर पर 30 जून सोमवार को जनसंपर्क संचालनालय में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर संचालक श्री जे एल दरियो, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा एवं अपर संचालक श्री संजीव तिवारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री सोलंकी की सेवा, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
यहां यह उल्लेखनीय है कि श्री आनंद प्रकाश सोलंकी ने अपने सेवाकाल के 23 वर्ष तक मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए राज्य शासन की योजनाओं एवं नीतियों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उनके कार्यकुशलता,निष्ठा और विश्वास का प्रमाण है। विभागीय अधिकारियों ने इस अवसर पर श्री सोलंकी के उज्ज्वल भविष्य और सुदीर्ध स्वस्थ्य जीवन की कामना की। अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा एवं संयुक्त संचालक श्री बी.एम तंबोली ने कहा कि श्री सोलंकी का सरल व्यवहार, उनकी सौम्यता और कार्यशैली अनुकरणीय है।
समारोह में उनके साथ कार्य कर चुके सहकर्मियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री सोलंकी को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। श्री आनंद प्रकाश सोलंकी ने इस मौके पर विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त मार्गदर्शन और सहकर्मियों से मिले सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि आप सभी लोगों के सहयोग से ही वह अपने दायित्वों के निर्वहन में सफल रहे हैं।
दुर्ग | शौर्यपथ विशेष रिपोर्ट
दुर्ग जिले में खाद्य विभाग द्वारा हाल ही में किए गए भौतिक सत्यापन में लगभग 9000 क्विंटल पीडीएस चावल की स्टॉक कमी सामने आई है, जिसने जिले में संचालित राशन दुकानों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार की पुष्टि कर दी है।
इसी बीच दुकान क्रमांक 1051, केलाबाड़ी (दुर्ग) लगातार चर्चा में बनी हुई है। इस दुकान के विरुद्ध पूर्व में भी नियम विरुद्ध चावल की खुलेआम बिक्री, स्टॉक में अंतर, नियमों की अनदेखी, और पार्षद सहित नागरिकों की लिखित शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
खाद्य विभाग द्वारा उक्त दुकान को नोटिस जारी किया गया था, फिर भी अनियमितता जारी रहना यह दर्शाता है कि विभागीय कार्रवाई या तो कमजोर रही या केवल दिखावटी। इससे न सिर्फ दोषियों को खुला संरक्षण मिला, बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
अब उम्मीदें नए कंट्रोलर पर टिकी
30 जून को पूर्व खाद्य नियंत्रक अतरी जी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, अब विभाग में श्री भदौरिया ने नए जिला खाद्य नियंत्रक के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे । विभागीय सूत्रों के अनुसार, भदौरिया जी एक युवा और निष्पक्ष अफसर के रूप में जाने जाते हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वे दुकान क्रमांक 1051 जैसे बार-बार विवादों में रहने वाले केंद्रों पर कठोर कार्रवाई करेंगे या फिर वर्षों से जमे अधिकारी उन्हें भी अधूरी और भ्रामक जानकारी देकर भ्रमित करेंगे?
जनता की मांग – एक्शन हो, लीपापोती नहीं
स्थानीय नागरिकों और पार्षदों की मांग है कि अब और कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष कार्रवाई की जाए। पीडीएस जैसी गरीबों के हक की योजना में घोटाले पर जीरो टॉलरेंस होना चाहिए, तभी विभाग की साख और शासन की योजनाओं की गरिमा बनी रह सकती है।
सम्पादकीय टिप्पणी
"यदि गरीबों का राशन सुरक्षित नहीं, तो योजनाएं सिर्फ कागजों की शोभा हैं। अब वक्त है कि जवाबदेही तय की जाए, कार्रवाई हो – दिखावा नहीं।"
भिलाई / शौर्यपथ / कराते कला के जरिये समाज में आत्मरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से कारा-कु-जु-बो-काई फुल कॉन्टेक्ट कराते संस्था द्वारा एक दिवसीय प्रशासकीय एवं प्रेरणादायी सेमिनार का आयोजन इंडियन कॉफी हाउस सभागार में किया गया।
इस भव्य आयोजन की अगुवाई संस्था के डायरेक्टर व नेशनल अवार्डी, देश के ख्यातनाम प्रशिक्षक सेन्साई गिरी राव ने की। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम में संस्था के सीनियर व अनुभवी प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया और मार्शल आर्ट्स के सामाजिक महत्व पर विचार साझा किए।
सेमिनार के मुख्य अतिथि वक्ताओं में प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. मानसी गुलाटी, वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता एच.एस. मिश्रा, छत्तीसगढ़ नगर निगम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, दुर्गा वाहिनी सह-संयोजक किरण मिश्रा, विश्व हिंदू परिषद भिलाई के महामंत्री विनोद यादव और वरिष्ठ पत्रकार हरप्रीत भाटिया शामिल रहे।
सभी वक्ताओं ने महिलाओं की आत्मरक्षा में फुल कॉन्टेक्ट कराते की भूमिका को बेहद प्रभावशाली व आवश्यक बताया। महिला वक्ताओं ने इसे नारी शक्ति के आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम बताया।
एच.एस. मिश्रा ने उद्योग इकाइयों से खिलाड़ियों को सहयोग दिलाने की बात कही, वहीं विनोद यादव ने प्रशिक्षकों से बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण व अनुशासन पर बल देने का सुझाव दिया। पत्रकार हरप्रीत भाटिया ने आत्मरक्षा शिविरों को स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंचाने की पहल का आश्वासन दिया।
इस प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने वाले प्रमुख प्रशिक्षकों में रामकुमार पांडे, गांधी सोनी, भरत लाल साहू, श्रवण कुमार साहू, सुभाष सोनी, लक्ष्मी तिवारी, मनोज नेताम, काजल बेहरा, विधि मिश्रा और महक हुसैन शामिल रहे।
अंत में सभी प्रशिक्षकों और वक्ताओं को संस्था की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सेन्साई गिरी राव द्वारा किया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
एक भावनात्मक पल... जब बरसों की सेवा यात्रा एक पड़ाव पर थमती है। जब साथियों का साथ छूटता है और ऑफिस के गलियारों में स्मृतियों की गूंज रह जाती है। कुछ ऐसा ही दृश्य सोमवार को दुर्ग नगर निगम मुख्यालय सभागार में नजर आया, जहां 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पांच समर्पित कर्मचारियों को निगम परिवार ने सम्मान के साथ विदाई दी।
समारोह में इन कर्मयोगियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। महात्मा गांधी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य दिनेश अग्रवाल, वाहन चालक मानिकपुरी, सफाई कर्मी खिलावन तिरंगा, भृत्य मंगलीन गोंड जैसे समर्पित कर्मचारियों ने मंच से अपने सेवा अनुभव साझा करते हुए नम आंखों से कहा — “हमने प्रयास किया कि अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाएं, और आज हम गर्व से कह सकते हैं कि हम निगम की सेवा में अपना सर्वस्व दे पाए।”
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, एमआईसी सदस्यगण और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। महापौर बाघमार ने भावुक शब्दों में कहा —
“आज हमारे निगम परिवार के पांच सदस्य सेवा-काल पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। आपने जीवन का कीमती समय सेवा में अर्पित किया, पारिवारिक दायित्वों को पीछे रखकर ईमानदारी से कार्य किया। आपका समर्पण अनुकरणीय है।”
महापौर ने आश्वस्त किया कि सभी देयकों का भुगतान तत्काल किया जा रहा है और पेंशन प्रक्रिया भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने कहा, "आपका अनुभव संस्था की थाती है, आप जब चाहें निगम परिवार का हिस्सा बने रह सकते हैं।”
सभा को संबोधित करते हुए सभापति श्याम शर्मा ने कहा, “अब आपके जीवन का वह समय है, जिसे आप अपने परिवार को समर्पित करें, अपने दायित्वों को पूरा करते हुए सुखमय जीवन व्यतीत करें।” स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के परिजनों की उपस्थिति पर आभार जताया।
स्मृतियों की भीनी खुशबू लिए यह विदाई सिर्फ औपचारिक नहीं थी, यह एक संस्था और उसके कर्मठ सदस्यों के बीच वर्षों के रिश्ते का संजीव दस्तावेज थी।
यह क्षण केवल कागज पर दर्ज एक तारीख नहीं, बल्कि उन भावनाओं का प्रतीक था जो बरसों की साझा यात्राओं, हँसी-ठिठोली, तनावपूर्ण जिम्मेदारियों और बंधुत्व से गूंथे हुए थे।
सभा में निगम के एमआइसी सदस्यगण, अधिकारीगण, और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। हर चेहरे पर विदाई की गंभीरता और सम्मान का भाव स्पष्ट था।
कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं, पर उनकी सेवाएं और स्मृतियाँ संस्थान की आत्मा में बस जाती हैं। आज भी एक यही भाव हर उपस्थिति की आंखों में स्पष्ट था— "हमने साथ बिताए दिन नहीं भूले हैं, और कभी नहीं भूलेंगे।”
मुख्यमंत्री ने बौद्धिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के युवाओं से की आत्मीय मुलाकात
मुख्यमंत्री से मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के खिले चेहरे
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बौद्धिक भ्रमण पर आए सुकमा जिले के युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और राजधानी रायपुर में उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे खूब पढ़ें और आगे बढ़ें। छत्तीसगढ़ सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री से मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के चेहरे खिल उठे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के युवाओं से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सली विकास विरोधी हैं। वे नहीं चाहते कि बस्तर के लोगों को पानी, बिजली, सड़क और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें। सरकार की प्राथमिकता बस्तर का विकास है। बहुत जल्द बस्तर से नक्सलवाद खत्म होगा।
मुख्यमंत्री ने बड़े प्रेम से प्रदेश के सुदूर क्षेत्र से आये इन युवाओं से बातचीत की और उनके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि उन्हें रायपुर आकर कैसा लग रहा है ? जिसके जवाब में युवाओं ने बताया कि उनके दल के अधिकतर युवा पहली बार राजधानी रायपुर आये हैं। अधिकांश ने इस भ्रमण के दौरान पहली बार जगदलपुर को देखा। पहली बार अपने गांव से रायपुर आकर बहुत अच्छा लग रहा है। नई-नई चीजें देखने को मिल रही हैं। आज उन्हें मंत्रालय को देखने और यहां की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से यह अनुभव आपके लिए लाभदायक रहेगा। इस भ्रमण का पूरा लाभ उठाएं और स्वयं को समृद्ध करें।
मुख्यमंत्री साय ने सुकमा के युवाओं से विशेष रुप से उनकी शिक्षा के विषय में चर्चा की। विभिन्न आयुवर्ग के युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे दसवीं, बारहवीं सहित कॉलेज तक में पढ़ रहे हैं। सहज सरल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से युवाओं ने खुलकर संवाद किया। इस दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह बीएससी के सेकेंड ईयर में पढ़ रहा है, वहीं एक छात्र ने स्वयं खड़े होकर मुख्यमंत्री को बताया कि वह भी बीए फाइनल का विद्यार्थी है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं की पढ़ाई के प्रति रुचि की सराहना की और इसी तरह पढ़ लिख कर आगे बढ़ने के लिए उनका हौसला बढ़ाया।
उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत नियद नेल्लानार कार्यक्रम के तहत बस्तर संभाग के युवाओं का बौद्धिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में सुकमा जिले के 95 युवाओं को 2 दिवसीय भ्रमण पर राजधानी रायपुर आये हैं। इस दल में 77 बालक और 18 बालिकाएं शामिल हैं।
वनांचल सोनहत में जनभागीदारी से एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सुनहरा कदम
42 ग्राम पंचायतों के 8 हजार आवासीय परिसर में एक संकल्प के साथ लगाए गए 24 हजार पौधे
कोरिया /शौर्यपथ /देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जारी अभियान एक पेड़ मां के नाम अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत में आज व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। एक पेड़ मां के नाम अभियान की कड़ी में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए वनांचल जनपद पंचायत सोनहत के सभी 42 ग्राम पंचायतों में एक साथ 24 हजार पौधे रोपे गए और उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया। एक साथ बड़े पैमाने पर हुए इस पौधारोपण में वनांचल के 8 हजार आवास हितग्राहियों ने एक साथ संकल्प लेकर अपने आवासों के परिसर में आज सुबह से पौधारोपण किया। इस अभियान के तहत पूरे जनपद के प्रत्येक आवास हितग्राहियों ने तीन-तीन पौधों के मान से अपने आवासों के आस-पास पौधे लगाए और फिर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी द्वारा जिले को क्लीन कोरिया ग्रीन कोरिया का नारा देते हुए इसकी संकल्पना को साकार करने के लिए प्रत्येक स्तर पर जनभागीदारी को सर्वाधिक महत्व का विषय बताते हुए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
एक साथ लगाए गए 24 हजार पौधे कोरिया जिले में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ एक दिन जनभागीदारी से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पौधों का रोपण हुआ है। एक पेड़ मां के नाम अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना बनाकर वनांचल जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी का आवाहन किया गया। सभी को वृक्षारोपण की अनिवार्यता और लाभ के बारे में जागरूक करते हुए सहभागिता बनाकर आवास तक पौधे उपलब्ध कराए गए और ग्राम पंचायतों की पहल के साथ सभी हितग्राहियों ने एक साथ इस व्यापक पौधारोपण अभियान में हिस्सेदारी की और एक पेड़ मां के नाम लगाकर क्लीन कोरिया,ग्रीन कोरिया को मजबूत किया। 30 जून की सुबह नौ बजे से 42 ग्रामों में एक साथ आठ हजार परिवारों ने तीन पौधे प्रत्येक के मान से कुल 24 हजार फलदार पौधे लगाकर नई इबारत लिखी।
सीईओ जिला पंचायत डॉ आशुतोष चतुर्वेदी
जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान के लिए कार्ययोजना बनाकर पौधरोपण अभियान की सफलता के निर्देश दिए गए हैं। जिले में विभागों के साथ ब्लाक प्लांटेशन और लीनियर प्लांटेशन के साथ व्यक्तिगत हितग्राहियों की श्रेणी का पृथक पृथक चिन्हाकन कर पौधरोपण कार्य कराया जा रहा है। इस वर्ष कोरिया जिले में पौधरोपण के साथ ही सबसे ज्यादा उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आम नागरिकों को संकल्प दिलाया जा रहा है जिससे सभी पौधे आगे चलकर कोरिया की हरियाली को बढ़ा सकें।
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी
आज कोरिया जिले के वनांचल क्षेत्र के आठ हजार कोरियावासियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़कर 24 हजार पौधे लगा दिए हैं। यह एक नई शुरूआत है जब इतनी बड़ी संख्या में जनभागीदारी से पौधे एक साथ एक दिन लगा लिए गए हैं। सभी ने इनकी सुरक्षा का संकल्प लिया है। आने वाले समय में पौधरोपण अभियान के अंतर्गत और भी जगहों पर बड़ी संख्या में जनसहयोग से एक पेड़ मां के नाम लगाए जाने की कार्यवाही की जानी है।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन के सेक्रेटरी ब्लॉक के पंचम तल पर निर्मित नवीन सभागार का लोकार्पण किया। 13.90 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित यह भव्य सभागार सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। 6450 वर्गफुट क्षेत्र में बने इस कॉन्फ्रेंस हॉल की बैठक क्षमता 185 सीटों की है। सभागार आंतरिक विद्युतीकरण, अग्निशमन व्यवस्था, वातानुकूलन, ऑडियो-विजुअल प्रणाली, आंतरिक साज-सज्जा तथा फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., श्री राहुल भगत, सचिव श्री रजत कुमार, श्री अंकित आनंद, श्री अविनाश चम्पावत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
सौर ऊर्जा से मिल रहे लाभ से प्रसन्नचित होकर दयालू राम ने बताया इसे अत्यंत उपयोगी एवं लाभप्रद
बालोद/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के घरों में लगाए गए सोलर पैनल पूरे देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य की भाँति बालोद जिले के हितग्राहियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी एवं उपयोगी साबित हो रहा हैै। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बालोद जिले के अनेक घरों को किफायती दर पर बेहतर रोशनी एवं विद्युत आपूर्ति की सुविधा प्राप्त हो रही है। इस योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मिल रहे न्यूनतम दर पर बेहतरीन सुविधा के फलस्वरूप बालोद जिलेवासियों में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रति आकर्षण बढ़ा है। इस योजना की सफलता एवं सार्थकता का आंकलन इसी बात से किया जा सकता है कि बहुत ही कम अवधि में बालोद जिले के सभी विकासखण्डों से अब तक कुल 27 हितग्राही इस योजना के अंतर्गत अपने-अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर इसका समुचित लाभ ले रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अपने घर में सोलर पैनल लगाकर इसका समुचित उपयोग कर रहे विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा निवासी एवं हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री दयालू राम कोसमे ने सोलर ऊर्जा से मिल रहे लाभ से प्रसन्नचित होकर इसे अपने जैसे अनेक हितग्राहियों के लिए अत्यंत लाभप्रद एवं उपयोगी बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है।
इस योजना से मिल रहे लाभ से बहुत ही गदगद सेवानिवृत्त अधिकारी श्री दयालू राम कोसमे ने बताया कि वे लंबे समय तक राजस्थान राज्य के चितौडग़ढ़ शहर में हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड से एसोशिएट जनरल मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। श्री दयालुराम कोसमे ने बताया कि वे टेक्निकल फील्ड से संबंध रखने के कारण प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभ एवं विशेषताओं को भली-भाँति समझते भी है। श्री कोसमे ने बताया कि 13 जून 2025 को अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगाने से पहले उनके परिवार को केवल परंपरागत बिजली के ऊपर ही आश्रित रहना पड़ता था। किंतु इस योजना के महत्व को समझते हुए 13 जून 2025 से अपने घर में 02 किलोवॉट का सोलर पैनल लगाने से यह सोलर पैनल उनके लिए बहुत ही किफायती दर में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक सस्ता, सुलभ एवं बेहतर माध्यम साबित हो रहा है। श्री दयालु राम कोसमे ने बताया कि उनके घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सोलर पैनल लगने से सौर ऊर्जा से उनके घर को बेहतर रोशनी मिलने के अलावा घर में पानी आपूर्ति आदि सभी कार्यों के लिए सौर ऊर्जा का ही उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर में लगे सोलर पैनल के उपयोग से बिजली की तुलना में बहुत ही कम खर्च आ रहा है। जिससे उन्हें अत्यधिक बिजली बिल की समस्या से भी निजात मिला है। श्री कोसमे ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अपने घर में सोलर पैनल लगाने से उन्हें केवल 01 लाख 55 हजार रुपये की लागत आई है। इसमें से उसे केन्द्र सरकार के द्वारा कुल 60 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। इसके अलावा उन्हें राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की अनुदान भी मिलने वाली है। इस तरह से उन्हें कुल इस योजना से 90 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त होने वाला है। श्री कोसमे ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बहुपयोगी एवं कारगर होने के कारण उनके जैसे अनेक हितग्राहियों को सस्ता, सुलभ एवं बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का कारगर माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से पर्यावरण की सुरक्षा तथा किफायती दाम में बेहतर विद्युत आपूर्ति की सुविधा प्राप्त करने हेतु इस योजना अंतर्गत अपने-अपने घरों में सोलर पैनल लगाने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नन्हें बच्चों के बीच बैठकर स्मार्ट क्लास-रूम से हुए रू-ब-रू
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को जशपुर जिले के कांसाबेल के बगिया हाईस्कूल में नन्हें बच्चों के बीच बैठकर स्मार्ट क्लास-रूम से रू-ब-रू हुए। वे ‘सम्पर्क स्मार्ट स्कूल’ कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कक्षा तीसरी और चौथी की बालिकाओं के बीच बैठे और बड़ी आत्मीयता से उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री साय ने बगिया में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली डॉली गुप्ता से उसका और उसके गांव का नाम पूछकर दुलारते हुए कहा, “पढ़ाई ठीक से करना है न… मोबाइल ज्यादा नहीं देखना”। उन्होंने सभी बच्चों को मोबाइल ज्यादा नहीं देखने और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से जशपुर जिले के 50 प्राथमिक शालाओं में ‘सम्पर्क स्मार्ट स्कूल-स्मार्ट ब्लॉक’ कार्यक्रम संचालित कर रही है। शासकीय स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने और कक्षा में सीखने की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत संपर्क फाउंडेशन सभी स्कूलों को निःशुल्क टीवी सेट और सम्पर्क टीवी स्मार्ट स्कूल किट प्रदान करेगा। राज्य शासन की इस पहल से करीब 3200 बच्चों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इन स्कूलों में कार्यरत 120 शिक्षकों को टीचिंग-लर्निंग मटेरियल्स उपलब्ध कराने के साथ ही संपर्क की प्रभावी शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया में ‘सम्पर्क स्मार्ट स्कूल-स्मार्ट ब्लॉक’ के शुभारंभ की सराहना करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों के सीखने की क्षमता को बढ़ाना है। ‘स्मार्ट स्कूल्स, स्मार्ट ब्लॉक्स’ कार्यक्रम स्कूलों में पढ़ना और पढ़ाना आसान बनाएगा। यह पहल बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करेगी। यह शिक्षकों को प्रशिक्षित कर शिक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित और सरल बनाएगी, जिससे क्लास-रूम में पढ़ाई बच्चों के लिए आनंददायक बन सके। ये संसाधन वैश्विक शिक्षण पद्धतियों पर आधारित हैं, जो एससीईआरटी और निपुण भारत के लक्ष्यों के अनुरूप है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
