August 05, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग  / शौर्यपथ / दुर्ग के हटरी बाजार में नकली नोट खपाते आज एक डॉक्टर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बाजार क्षेत्र में व्यापारी लंबे समय से नकली नोट मिलने से परेशान थे उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मार्केट में नकली नोट कौन खपाता है। आज इस डॉक्टर पर शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। फिलहाल मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हटरी बाजार के व्यापारियों की शिकायत पर बाजार पहुंचे और गया नगर निवासी डॉ दिनेश हीरा के नोटों की जांच की गई। इसके पास 200, 500 व 2000 के नकली नोट पाए गए। डॉक्टर अक्सर बाजार आता खरीदारी करता। लंबे समय से इसका घोरखधंधा चल रहा था। पुलिस ने इसके घर से भी नकली नोट बरामद किया है। फिलहाल मामले की जांच हो रही है।

         दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग निगम में इस बार 20 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी । 20 साल बाद बनने वाली शहरी सरकार में ऐसी कई बातें हुईं जो एक यादगार पलो के रूप में याद आती रहेंगे जिसमे कुछ अच्छी तो कुछ बुरी याद शामिल है जिन्हें जनता नही भूल पाएगी ।
    प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनते ही दुर्ग निगम में भी बदलाव आया और कांग्रेस की लहर में दुर्ग निगम भी शामिल हो गया । इस जीत के बाद जो यादे सदैव बनी रहेगी उसमें मदन जैन , राजेश यादव , राजकुमार नारायणी , हमीद खोखर , अब्दुल गनी और धीरज बाकलीवाल की जिंदगी में बहुत बदलाव हुआ । धीरज बाकलीवाल जो पहली बार लोकतंत्र में चुनाव लड़े और विजयी हुए महापौर के रूप में चयनित हुए वही मदन जैन जो मोती लाल वोरा के साथ राजनीति किये एमआईसी में भी जगह पाने से वंचित हुए तो पूर्व सभापति को भी प्रभारी के रूप में जगह नही मिली किन्तु अब्दुल गनी के भाग्य ने साथ दिया और दो बार कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भी पीडब्ल्यूडी का प्रभार मिला वही कांग्रेस में प्रवेश हुए हमीद खोखर को भी स्वास्थ्य विभाग से नवाजा गया ।
    अब्दुल गनी , राजकुमार नारायणी और मदन जैन तीनो में एक समानता रही तीनो ने ही महापौर के लिए दावेदारी पेश की थी और धीरज बाकलीवाल का विरोध किया था । अब्दुल गनी तो विरोध स्वरूप वोरा के निवास भी पहुंच गए थे और गर्मागर्म बहस भी हो गई थी जिसका वीडियो भी वाइरल हो गया था एक पल तो ऐसा लगा कि पूर्व की तरह एक बार फिर कांग्रेस से बगावत करेंगे किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने से इसकी संभावना कम ही नजर आ रही थी शायद यह विरोध काम आया और गनी को पीडब्ल्यूडी का प्रभार उपहार स्वरुप मिल गया वही विरोध करने वाले मदन जैन और राजकुमार नारायणी को एमआईसी में जगह नही मिली जबकि दोनो ने कभी कांग्रेस का विरोध नही किया और पार्टी से जुड़े रहे .
           इन सबमे एक ऐसा व्यक्ति भी है जो सालो से राजनीति से दूर रहा एक समय वर्तमान मुख्यमंत्री बघेल के साथ राजनीति में सक्रिय रहा जिसके बारे में मुख्यमंत्री बघेल ने शपथग्रहण के दौरान भी इस बात को कही गयी । राजेश यादव जो वर्तमान में निगम के सभापति है जो कभी वर्तमान मुख्यमंत्री के साथ राजनीति में सक्रिय रहे किन्तु निगम के लापरवाह या गैर जिम्मेदाराना कार्य कह सकते है लगातार निगम के कांग्रेसी सभापति को अनदेखा किया जा रहा है । आखिर ऐसी क्या वजह है कि निगम के कार्यक्रमो में राजेश यादव कम ही देखे जाते है , उद्घाटन पट्टिका हो या साइन बोर्ड राजेश यादव का नाम गायब रहता है । जबकि संविधान के नियम के अनुसार सवैधानिक पद में आसीन है राजेश यादव . फिर उद्घाटन पट्टिका में आखिर किस कारण से राजेश यादव के नाम को अनदेखा किया जाता है क्या निगम के जिम्मेदार अधिकारी राजेश यादव को जानबूझ कर अनदेखी कर रहे है या ये किसी के इशारे पर हो रहा है या फिर इन अधिकारियों की मंशा महापौर व विधायक वोरा को बदनाम करने का एक तुच्छ प्रयास है कारण जो भी हो किन्तु दुर्ग निगम में कांग्रेस के सभापति का यू अपरोक्ष अपमान करके जिम्मेदार अधिकारी क्या संदेश देना चाहते है । क्या महापौर इस मामले को संज्ञान लेंगे ?
    भाजपा शासन में भी नहीं हुआ विपक्षी सदस्यों का अपमान
    प्रदेश में १५ साल भाजपा का राज था वाही निगम में २० सालो तक भाजपा का शासन था . पूर्व के सालो में निगम के सभापति राजकुमार नारायणी थे तब भाजपा ने बिना भेदभाव के स्वक्ष राजनीती का परिचय देते हुए सभापति के पद का मन रखते हुए उद्घाटन पट्टिका पर महापौर के साथ सभापति का नाम भी अंकित करवाते रहे किन्तु ऐसी पारदर्शिता और संस्कार जाने अब क्यों विलुप्त हो गए .

    नई दिल्ली / शौर्यापथ / पटना बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सियासी आरोपों-प्रत्‍यारोपों को दौर तेज होता जा रहा है. राज्‍य में कोरोना वायरस के कम टेस्‍ट को लेकर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. नीतीश के पूर्व सहयोगी रहे प्रशांत अब उनके विरोधी बन चुके हैं. उन्‍होंने एक ट्वीट में लिखा-कोरोना की वजह से चुनाव और उसकी तैयारियों में कोई बाधा ना आए इसलिए नीतीश कुमार ने तय कर लिया है कि बिहार में कोरोना की जांच की रफ़्तार को नहीं बढ़ाएंगे. #बिहार में देश में सबसे कम टेस्टिंग हो रही है. कोरोना से संक्रमित लोगों के पता न चलने या उसमें देरी के भयावह परिणाम हो सकते है.गौरतलब है कि प्रशांत किशोर को इस वर्ष जनवरी में ही जेडी-यू ने निलंबित किया गया है.
    गौरतलब है कि 25 जून के शाम 4 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों में बिहार में कोरोना के 201 नए मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटों में 374 मरीज ठीक हुए हैं, इस तरह राज्‍य में अब तक 6480 मरीज कोरोना से रिकवर कर चुके हैं. बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 56 लोगों की मौत हुई है. राज्‍य में कोरोना के केसों की संख्‍या 8381 है जबकि एक्टिव केसों की संख्‍या 1844 है. 24 जून को राज्‍य में 6634 कोरोना टेस्‍ट हुए थे. राज्‍य में अब तक कुल एक लाख 81 हजार 737 कोरोना टेस्‍ट हुए हैं, यह संख्‍या दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और यूपी जैसे राज्‍यों की तुलना में काफी कम है.
    गौरतलब है कि कोरोना वायरस की महामारी के बीच बिहार में चुनावी हलचल शुरू हो चुकी है. बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता अमित शाह वर्चुअल रैली करके बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुके हैं. अमित शाह ने इस रैली में घोषणा की कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए बिहार में चुनाव में उतरेगा. बिहार के चुनावों में सत्‍तारूढ़ जेडीयू-बीजेपी का मुकाबला आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन से है.

     

    नई दिल्‍ली/ शौर्यपथ / गुवाहाटी/ कोरोना वायरस के बढ़ते केसों के मद्देनजर असम के गुवाहाटी शहर में जारी लॉकडाउन को सोमवार से अगले दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है. असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार दोपहर को कहा, 'अगले सप्ताह, केवल दवाओं की दुकाने खुली रहेंगी.' राज्‍य में कोरोना के लिए सख्‍त लॉकडाउन की घोषणा करते हुए उन्‍होंने लोगों से "रविवार तक जरूरी सामान की खरीदारी करने की अपील की.
    उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह तक असम में रात को कर्फ्यू जारी रहेगा. मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 15 जून से गुवाहाटी में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्‍या के कारण राज्‍य में लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार करना पड़ा है.6,300 से अधिक कोरोना वायरस मामलों के साथ असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल है. राज्‍य में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 9 लोगों की मौत हुई है.

    गौरतलब है कि देश में कोरोना के मामलों में कमी नहीं आ रही है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना के अब तक कुल 490,401 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं. वहीं मृतकों की संख्या 15301 के आंकड़े पर पहुंच गई है. इसके अलावा 285637 मरीज इस खतरनाक वायरस को हराने में कामयाब रहे हैं. बात करें पिछले 24 घंटों की तो आपको बता दें कि इस दौरान देश में सबसे ज्यादा 17296 नए मामले सामने आए हैं. यह 24 घंटों में आए अब तक के सबसे ज्यादा मामले हैं. इस दौरान 407 लोगों की मौत भी हुई है. रिकवरी रेट के आंकड़े में सुधार देखने को मिला है. यह 58.24 फीसदी पर पहुंच गया है.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को फिर एक बार केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के घुसपैठ पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस की ओर से जारी किए गए इस वीडियो में सोनिया गांधी ने घुसपैठ को लेकर आरोप लगाया कि मोदी सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस मामले में स्थिति साफ कर देश को विश्वास में लेगी?
    सोनिया गांधी ने इस वीडियो में कहा, 'आज कांग्रेस और देश के नागरिक हमारे 20 जवानों के शहादत को श्रद्धांजलि देते हुए सलाम दिवस मना रहे हैं. गलवान घाटी में वीरगति को प्राप्त करने वाले इन सैनिकों के प्रति देश हमेशा आभारी रहेगा.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस और पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ खड़ा है, ऐसे में इस संकट की स्थिति में सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती है.

    उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारे देश में कोई घुसपैठ नहीं हुई है, लेकिन रक्षामंत्री और विदेश मंत्रालय कई बार बड़ी संख्या में चीनी घुसपैठ की चर्चा करते हैं. फौज के जनरलों, रक्षा एक्सपर्ट और समाचारपत्र भी सैटेलाइट तस्वीरें दिखाकर चीनी घुसपैठ की पुष्टि कर रहे हैं.'

    सोनिया ने पूछा, 'आज जब हम शहीदों को नमन कर रहे हैं, ऐसे में देश जानना चाहता है कि अगर प्रधानमंत्री के मुताबिक, घुसपैठ नहीं हुई है तो हमारे 20 सैनिकों की शहादत कैसे और क्यों हुई? चीन की सेना की लद्दाख में गुस्ताखी के बाद कब्जा की गई जमीन को सरकार कैसे वापस लेगी? क्या चीन गलवान घाटी और पेंगांग्त्सो इलाके में बंकर बनाकर हमारी भूभाग अखंडता का उल्लंघन कर रहा है?' उन्होंने आखिर में कहा कि क्या सरकार इस विषय पर पूरे देश को विश्वास में लेगी? सोनिया ने कहा कि आज पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ अडिग रूप से खड़ा है, ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि सेना को पूरा सहयोग, समर्थन और ताकत दे यही सच्ची देशभक्ति है.

    15 जून की रात को पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल के पास स्थित गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों में हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी. इसमें भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना के 43 सैनिकों के हताहत होने की खबर आई थी, वहीं एक चीनी कर्नल मारा गया था. इस घटना से दोनों देशों के बीच में तनाव बहुत बढ़ गया है, जिसे दोनों ही देश बातचीत करके सुलझाने में लगे हुए हैं.

     

    कोलकाता / शौर्यपथ / पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की 30 वर्षीय एक विवाहित महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत होने के बाद अस्पताल जाने पर पता चला कि वास्तव में वह ‘पुरुष'' है और उसके अंडकोष में कैंसर है. महिला पिछले नौ साल से विवाहित है और कुछ महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत लेकर शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अस्पताल गई थी, जहां डॉ. अनुपम दत्ता और डॉ सौमन दास द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण करने पर महिला की “असली पहचान” सामने आई.
    डॉ दत्ता ने कहा, “देखने में वह महिला है. आवाज, स्तन, सामान्य जननांग इत्यादि सब कुछ महिला के हैं. हालांकि, उसके शरीर में जन्म से ही गर्भाशय और अंडाशय नहीं है. उसे कभी माहवारी भी नहीं हुई.” उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ स्थिति है और अमूमन 22,000 लोगों में से एक में पाई जाती है. आश्चर्यजनक रूप से उक्त महिला की 28 वर्षीय बहन की जांच में भी यही स्थिति सामने आई है, जिसमें व्यक्ति जेनेटिकली पुरुष होता है लेकिन उसके शरीर के सभी बाह्य अंग महिला के होते हैं. डॉ दत्ता ने कहा कि उक्त महिला की कीमोथेरेपी की जा रही है और उसकी हालत स्थिर है.

    उन्होंने कहा, “वह महिला की तरह बड़ी हुई है और एक पुरुष के साथ लगभग एक दशक तक विवाहित जीवन जी चुकी है. इस समय हम मरीज और उसके पति की काउंसलिंग कर रहे हैं और समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे भी वे उसी प्रकार जीवन बिताएं जैसे अब तक रहे हैं.” डॉक्टर ने कहा कि मरीज की दो अन्य रिश्तेदारों को भी अतीत में यही समस्या रही है, इसलिए यह जीन जनित समस्या जान पड़ती है.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / थिम्पू भूटान ने मीडिया में आई उन खबरों को शुक्रवार को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि उसने असम में किसानों को सिंचाई के लिए जल की आपूर्ति रोक दी है. भूटान ने इन खबरों को पूरी तरह ‘‘बेबुनियाद'' बताया और कहा कि यह भारत के साथ गलतफहमी पैदा करने का निहित स्वार्थों से किया गया ‘‘सोचा समझा प्रयास'' है.
    भूटान की शाही सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 24 जून 2020 से भारत में प्रकाशित कई समाचार लेखों में आरोप लगाया गया है कि भूटान ने उन जल आपूर्ति माध्यमों को अवरुद्ध कर दिया है जो असम में बक्सा तथा उदलगुरी जिलों में भारतीय किसानों तक सिंचाई का जल पहुंचाते हैं.

    बयान में कहा गया, ‘‘यह आरोप तकलीफदेह है और विदेश मंत्रालय स्पष्ट करना चाहता है कि समाचार आलेख पूरी तरह से निराधार हैं क्योंकि इस समय जल प्रवाह को रोकने का कोई कारण है ही नहीं.'' इसमें आगे कहा गया, ‘‘भ्रामक जानकारी फैलाने और भूटान तथा असम के मित्रवत लोगों के बीच गलतफहमी पैदा करने के लिए यह निहित स्वार्थों से किया गया सोचा-समझा प्रयास है.''

     

    जीवन सैली /शौर्यपथ / लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती।
    कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती॥
    नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है।
    चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है॥
    मन का साहस रगों में हिम्मत भरता है।
    चढ़ कर गिरना, गिर कर चढ़ना न अखरता है॥
    मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती।
    कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती॥

    हिन्दी के प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता की ये पंक्तियां "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती" इसे आज भी हम जीवन में बहुत कुछ सीख सकते हैँ। परीक्षा के रूप में आई जीवन की पहली सीढ़ी पर मिली असफल हमें डरा नहीं सकती। कई बार देख गया कि 10वीं, 12वीं जैसी छोटी क्लासेस की परीक्षाओं में भी असफल होने या मन मुताबिक परिणाम न आने पर कई छात्र निराश हो जाते हैं। उन्हें लगने लगता है कि अब वह कुछ नहीं कर पाएंगे लेकिन ऐसे वक्त यदि हरिवंश राय बच्चन इस कविता जैसा पढ़ लें और अपने जीवन में अपनाने की कोशिया करें तो शायद आप अपने को पहले से और ज्यादा सशक्त महसूस करेंगे।

    इसलिए देर क्या, छोटी सी प्रेरणा के साथ फिर शुरू करें बड़े लक्ष्य का एक मजबूत प्रयास।

    पैरेंट्स की भी जिम्मेदारी: बोर्ड रिजल्ट किसी प्रतियोगी परीक्षा में आपकी लाड़ली/लाड़ले को आकांक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिलता तो आपकी भी जिम्मेदारी है कि उसे गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें न कि उसकी हमेशा कमियां निकालते रहें। ध्यान रखें कि बच्चों को ऐसा कुछ न कहें जिनसे उनका मनोबल टूटे।

     

    शौर्यपथ / पहली जुलाई से सनातन धर्मावलंबियों के शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त पर चातुर्मास के चलते चार महीने का ब्रेक लग जायेगा। पहली जुलाई को हरिशयन एकादशी है। मान्यता है कि इस एकादशी से प्रभु श्री हरि शयन को चले जाते हैं। इसके साथ ही चातुर्मास शुरू हो जाता है।

    चातुर्मास में सनातन धर्मावलंबियों के शादी ब्याह के शुभ मुहूर्त नहीं बनते हैं। हालांकि बनारसी पंचांगों में हरिशयन एकादशी से पहले 26 से 30 जून तक शादी-ब्याह के पांच शुभ मुहूर्त बचे हैं। दूसरी ओर मिथिला पंचागों के हिसाब से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त 17 जून को ही समाप्त हो गये हैं। बनारसी पंचांग के हिसाब से चातुर्मास के बाद 25 नवंबर से शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। वहीं मिथिला पंचांगों के मुताबिक 1 दिसंबर से शुभ विवाह के मुहूर्त शुरू होंगे।

    वैदिक ज्योतिषी धीरेंद्र कुमार तिवारी ने महावीर और हृषीकेश पंचांगों के हिसाब से बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष में 30 जून दशमी तिथि तक ही शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी यानी बुधवार एक जुलाई को हरिशयन और चातुर्मास शुरू हो जाएगा। हरिशयनी एकादशी के बाद अगला विवाह विवाह मुहूर्त 25 नवंबर से शुरू हो रहा है। हरि प्रबोधिनी एकादशी भी 25 नवंबर को है। इसी दिन से अगले विवाह मुहूर्त शुरू हो रहे हैं।

    मिथिला पंचांग में इस वर्ष अब केवल छह शुभ मुहूर्त
    ज्योतिषाचार्य डा.राजनाथ झा ने मिथिला पंचांगों के हवाले से बताया कि इस वर्ष अब केवल छह शुभ मुहूर्त बचे हैं। मिथिला पंचांगों में चातुर्मास के समाप्त होने के बाद नवंबर माह में एक भी शुभ विवाह मुहूर्त नहीं हैं। हालांकि 25 नवंबर कोही चातुर्मास समाप्त हो जाता है। जबकि दिसंबर माह में केवल छह शुभ विवाह के मुहूर्त हैं 14 दिसंबर तक।

    इस वर्ष अब 17 शुभ मुहूर्त
    ज्योतिषाचार्य पीके युग ने बनारसी पंचांगों के हवाले से बताया कि इस वर्ष शादी ब्याह के अब 17 शुभ मुहूर्त ही बचे हैं। इसमें जून में पांच,नवंबर में दो और दिसंबर में 10 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। इस वर्ष चातुर्मास समाप्त होने के बाद 25 नवंबर से 14 दिसंबर तक केवल 12 शुभ विवाह मुहूर्त हैं।

    जून में शुभ विवाह के मुहूर्त
    (महावीर और ऋषिकेश पंचांग, बनारस के अनुसार)
    शुक्रवार 26 जून, शनिवार 27 जून,रविवार 28 जून
    सोमवार 29 जून, मंगलवार 30 जून.

    नवंबर में विवाह मुहूर्त
    (बनारसी पंचांगों के अनुसार)
    25 नवंबर, 30 नवंबर

    दिसंबर में विवाह मुहूर्त (बनारसी पंचांग)
    1, 2 , 6 ,7 , 8 ,9 ,10 ,11,13 ,14

    मिथिला पंचांग के अनुसार ,शुभ विवाह मुहूर्त:
    दिसंबर में :2, 6, 7, 10, 11, 14

     

    मनोरंजन / शौर्यपथ / आज बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना चुके अभिनेता अर्जुन कपूर अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। अर्जुन कपूर का जन्‍म 26 जून 1985 को मुंबई में हुआ था। आज अर्जुन उस मुकाम पर पहुंचे हुए हैं कि उनकी फैन फॉलोइंग बहुत है। लड़कियां उनकी दीवानी है। उनकी पर्सनैलिटी देखकर लड़कियां दिल दे बैठती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अर्जुन के भी लाइफ में कई ऐसे उतार चढ़ाव सामने आए, जिसे लेकर अर्जुन लोगों से दूरियां बनानी शुरु कर दी थी, लेकिन उन्होंने बाद में बिगड़ते हुए हालातों को सुधारा और अपनी मंजिल तय कर आगे बढ़ें। आज अर्जुन के जन्मदिन के अवसर हम 'इश्कजादे' एक्टर के पर्सनल लाइफ से जुड़ी कुछ अनकही बातों के बारें बताएं, जिसे शायद ही आप जानते हो...।
    अर्जुन ने साल 2012 में आई फिल्म इशकज़ादे से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। बॉलीवुड में बतौर एक्टर आने से पहले अर्जुन असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। वह 'कल हो ना हो' में निखिल आडवाणी को असिस्ट कर चुके हैं। इसके साथ ही 'सलाम-ए-इश्क', 'वॉन्टेड' और 'नो एंट्री' में भी अर्जुन ने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। अर्जुन ने अब तक इशकज़ादे, औरंगजेब, गुंडे, 2 स्टेट्स, फाइंडिंग फैनी, तेवर, की एंड का और हाफ गर्लफ्रैंड, 'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड', जैसी फिल्मों में काम किया है। अब अर्जुन की आने वाली फिल्म पानीपत है, जिसकी शूटिंग शुरू गई है।
    बता दें कि, अर्जुन अपनी मां मोना कपूर के बेहद करीब थे। उन्होंने अपनी मां के लिए दाएं हाथ की कलाई पर 'मां' नाम का टैटू भी बनवा रखा है। अर्जुन ने साल 2012 में फिल्म 'इश्कजादे' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में अर्जुन के अपोजिट एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा थी। इस फिल्म के लिए अर्जुन को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। लेकिन, फिल्म रिलीज से पहले ही कैंसर की बीमारी के चलते अर्जुन की मां का निधन हो गया था। वे अपने बेटे की पहली फिल्म नहीं देख पाई थीं। अर्जुन को इस बात की बेहद अफसोस रहता है।

    ऐसी खबरें भी सामने आई थी कि पिता की दूसरी शादी से अर्जुन बोनी-श्रीदेवी से काफी नाराज रहते थे। लेकिन 24 फरवरी 2018 श्रीदेवी के अचानक निधन के बाद अर्जुन के विचारों में काफी बदलाव आया। खासकर पिता बोनी के प्रति और अपनी दोनों सौतेली बहनों जाह्नवी और खुशी कपूर को लेकर अर्जुन काफी इमोशनल हो गए। इतना ही नहीं श्रीदेवी के निधन के बाद जाह्नवी और खुशी कपूर का पूरा ध्यान रखने लगे। अब अर्जुन कभी भी अपनी बहनों के बारे में कुछ गलत नहीं सुनना पसंद नहीं करते हैं। खुशी जान्हवी को लेकर अर्जुन काफी प्रोटेक्टिव हैं।
    एक इंटरव्यू के दौरान अर्जुन ने जाह्नवी और खुशी के साथ अपने रिश्ते पर कहा था कि 'जब श्रीदेवी के निधन की खबर मिली तब मैं पंजाब में था। मैंने अपनी मौसी और बहन तो तुरंत फोन किया। मैंने वही किया जो मुझे उस समय सही लगा। मेरी मां भी यही चाहती कि मैं अपने पापा और परिवार का साथ दूं।' अर्जुन ये भी कहा था कि 'मैं एक अच्छा बेटा और भाई बन सकता हूं तो क्यों ना बनूं। मेरे लिए तो अच्छा है कि मुझे 2 और बहनें मिल गईं। वहीं अपने पिता की मदद करके मुझे बहुत राहत भी मिली।' इतना ही नहीं जाह्नवी-खुशी के साथ अपने रिश्ते पर अर्जुन ने बताया था कि हम लोग एक दूसरे के साथ कम्फर्टेबल हैं। हमारे रिश्ते की शुरुआत अच्छे से हुई। मुझे डर था कि ज्यादा बात करने से नजर न लगे। आज हम एक दूसरे से कम्फर्टेबल होकर बात करते हैं। मैं और अंशुला हमेशा उनके साथ हैं।'

     

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