August 05, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    भिलाई / शौर्यपथ / बहुत जल्द पब्लिक सेक्टर यूनिट के सबसे बड़े अस्पताल भिलाई के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल सेक्टर-9 की तस्वीर बदलने वाली है। भूपेश सरकार चाहती है कि सेक्टर-9 अस्पताल को फिर से प्रतिष्ठित अस्पताल बनाया जाए। लोग ये सवाल कर रहे हैं कि आखिर सरकार ने कैसे सेक्टर-9 अस्पताल की सुध ली है? इसके पीछे भिलाई नगर विधायक देवेंद्र
    यादव है। देवेंद्र ने इसी महीने की 2 तारीख को भूपेश सरकार से सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।

    रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के मामलों को रोकने के लिए अभी तक कोई सटीक उपचार उपलब्ध नहीं हो सका है.लेकिनकोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को जरुरी सावधानी बरतकर रोका जा सकता है. इस दिशा में सरकारी संस्थानों के अन्य सहयोगी संस्थाएं भी निरंतर कार्य कर रही है ताकि देश में कोरोना संक्रमण को सामुदायिक प्रसार में तब्दील होने से बचाया जा सका. इसको लेकर एफएसएसएआई( फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) ने फ़ूड हाइजीन एवं उपभोक्ताओं में कोरोना प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षा एवं पोषण गाइडलाइन्स जारी की है. जिसमें खाद्य पदार्थों की खरीदारी, डिलीवरी पॉइंट्स से खाना आर्डर करने, खाद्य पदार्थों की साफ़-सफ़ाई सहित खाना बनाने के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव की विस्तार में जानकारी दी गयी है.
    खाद्य पदार्थों की खरीदारी के समय रहें सतर्क:
    कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकारी प्रयासों के इतर आम लोगों को दैनिक खाद्य पदार्थों की खरीदारी के दौरान सतर्क रहने की सलाह एफएसएसएआई ने दी है. इसके लिए खाद्य पदार्थों की खीरदारी के वक्त सावधान रहने की बात बताई गयी है. ग्रोसरी या किराना स्टोर में जाने से पूर्व मास्क एवं ग्लोब्स के इस्तेमाल करने, भीड़-भाड़ वाले स्टोर में जाने से बचने, ऑनलाइन पेमेंट करने, स्टोर में अन्य लोगों से सामाजिक दूरी बनाने, स्टोर में जाने के लिए अलग से कपड़ों के इस्तेमाल करने जैसी सावधानियाँ बरतकर संक्रमण से बचा जा सकता है. वहीं स्टोर में अन्दर भी कुछ जरुरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत पर जानकारी दी गयी है. यह बताया गया है कि स्टोर में जाने के बाद उन्हीं चीजों को छुए जिन्हें खरीदना हो, स्टोर के अंदर काउंटर या कॉमन छुए जाने वाली चीजों को स्पर्श नहीं करें, अपनी आँख, मुँह एवं नाक को स्टोर के भीतर नहीं छुएं. घर पहुंचने के बाद अपने जूते,कपडे एवं खीरदारी वाली बैग को अलग कर रखें. साथ ही इसके बाद हाथों को अच्च्गी तरह साफ़ करें एवं मोबाइल को भी सैनिटाइज्ड करें.
    खाद्य पदार्थों की सफाई भी है जरुरी:
    बाजार से खरीदे गए फल, सब्जियां, पैक्ड मिल्क, मिट एवं अंडे एवं अन्य खाद्य पदार्थों की सफाई करना जरुरी है. फल एवं सब्जियों को गुनगुने पानी से अच्छी तरह साफ़ करें या पानी में 50 पीपीएम क्लोरीन मिलाकर इसे साफ़ करें. कभी भी फल एवं सब्जी को डिसइन्फेकटेंट्स से, क्लीनिंग वाइप या साबुन से साफ़ नहीं करें. सैनिटाइजर का भी उपयोग फल एवं सब्जी को साफ़ करने के लिए कभी नहीं करें. पैक्ड दूध को घर लाने के बाद पैकेट को अच्छी तरह पानी से धोएं. तुरंत पैकेट को नहीं काटें बल्कि पैकेट सूखने के बाद ही दूध बाहर निकालें. मिट या अंडे को फल एवं सब्जियों के साफ़ करने के बाद ही करें. बहते हुए नल के पानी से मिट को अच्छी तरह साफ़ करें. जरूरत से अधिक अंडों की खरीदारी नहीं करें.
    डिलीवरी प्लेटफार्म से खाना आर्डर करने में भी बरतें सावधानी:
    डिलीवरी बॉय जब खाना आपके यहाँ पहुँचाने आये तब उससे दूरी बनाकर ही खाना लें. कोशिश करने खाने का पेमेंट ऑनलाइन किया जा सके. फ़ूड पैकेट लेने के बाद इसे तुरंत इस्तेमाल करने की जगह किसी खाली जगह पर इसे कुछ देर के लिए रखें. पैकेट खोलने के बाद कवर को डस्टबिन में डालें. इसके बाद हाथों की साबुन या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर से साफ़ करें.


    खाना बनाते समय भी संक्रमण फैलने का हो सकता है खतरा:
    खाना बनाते समय अधिक स्वच्छता का ध्यान रखने की जरूरत बताई गयी है. गाइडलाइन्स के अनुसार इन बातों का ख्याल रखने की सलाह दी गयी है:
    · किसी को यदि फ्लू के लक्षण हो तो वह खाना नहीं बनायें
    · बर्तन एवं चाकू की अच्छी तरह से सफाई करें
    · पके हुए खाने को अच्छी तरह ढक कर रखें
    · खाना बनाने से पूर्व हाथों को साबुन या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर से साफ़ करें. खाना खाने से पहले भी हाथों की अच्च्गी तरह से सफाई करना जरुरी है
    · खाने के स्वाद को चेक करने के लिए खाने में अपनी उँगलियाँ नहीं डालें

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए कलेक्टर कांफ्रेंस ली। कोरोना महामारी के दौरान सभी जिलों का काम प्रशंसनीय रहा। उन्होंने कहा कि अवकाश के दिनों में भी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने काम किया, इसके लिए सभी को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के साथ-साथ राज्य शासन की अन्य सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री बघेल ने राजनांदगांव जिले में कोविड-19 से बचाव के लिए लॉकडाउन के दौरान बागनदी बार्डर में जिला प्रशासन द्वारा प्रवासी श्रमिकों एवं प्रदेश के श्रमिकों के लिए की गई व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि बागनदी बार्डर में अन्य राज्यों से आ रहे श्रमिकों के लिए बस की सुविधा एवं अन्य व्यवस्था सक्रियता पूर्वक किया गया।
    कलेक्टर ने जानकारी दी कि राजनांदगांव में एक हजार 872 क्वारेंटाईन सेन्टर है। अभी 809 क्वारेंटाईन सेन्टर में 5 हजार 97 प्रवासी ठहरे हुए है। इनके लिए भोजन, आवास सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है। श्री वर्मा ने बताया कि प्रवासियों में 210 गर्भवती महिलाएं है। उनके लिए जिले के हर विकासखंड में एक-एक महतारी सदन बनाया गया है। महतारी सदन में गर्भवती माताओं की बेहतर स्वास्थ्य जांच के साथ पौष्टिक भोजन एवं सुरक्षित आवास के प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 813 ग्राम पंचायतों में 4 हजार 153 कार्य चल रहे है। इनमें प्रतिदिन एक लाख 88 हजार 322 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
    कलेक्टर वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत अब तक जिले में 121 हाट बाजारों में क्लीनिक लगाकर 97 हजार 215 लोंगों का उपचार किया गया, जो जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कोविड-19 हॉस्पिटल (शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री राजनांदगांव) में बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रथम चरण में 113 गौठानों को विकसित किया गया है। नरवा योजना के तहत 90 नालों को पुर्नजीवित किया गया है। इसके अंतर्गत बोल्डर चेकडेम, गिट्टी चेक डेम, गेबियन स्ट्रक्चर बनाया गया है। राज्य शासन की महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत बाड़ी योजना से 93 सामुदायिक बाडिय़ां एवं 183 निजी बाड़ी बनाई गई है। घुरवा योजना में एक हजार 646 भू-नडेप, 70 वर्मीटांका, 28 वर्मी बेड बनाया गया है। मनरेगा से 1 हजार 134 निजी डबरी, 450 तालाब गहरीकरण, 100 से अधिक नए तालाब तथा 10 लाख नवीन पौधे तैयार करने के लिए 22 नर्सरी तैयार की गई है।
    वीडियो कांफ्रेसिंग में पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, वनमंडलाधिकारी राजनांदगांव बीपी सिंह, वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ रामावतार दुबे, अपर कलेक्टर ओंकार यदु, अपर कलेक्टर हरिकृष्ण शर्मा, सहायक कलेक्टर ललितादित्य नीलम, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती तनुजा सलाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, नगर निगम आयुक्त चंद्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

          बिलासपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के प्रवास के बाद बिलासपुर की राजनीति में कांग्रेस भाजपा के बीच विज्ञप्ति और पत्रकारवार्ता का छद्म युद्ध प्रारंभ हो गया पहले भी जब तक बिलासपुर की विधायकी शैलेश पांडे के पास नहीं थी कांग्रेस भाजपा के बीच इसी तरह का छद्म युद्ध होता था कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष ने डॉ रमन सिंह के बयान को कल्पना तीत और सच्चाई से रहित कहा अटल की ओर से अभय नारायण प्रदेश प्रवक्ता ने जो विज्ञप्ति जारी की है उसमें पूर्व मुख्यमंत्री को 15 वर्ष तक बंकर में बंद कहा जा रहा है इस विज्ञप्ति में भाजपा के 15 साल के भ्रष्टाचार को बताया गया है किंतु बड़ी चतुराई से बिलासपुर में जो भ्रष्टाचार हुए हैं उसे छिपा लिया गया है इससे ऐसा लगता है कि विपत्ति जारी करने वालों की पूरी हमदर्दी और मित्रता बिलासपुर के पूर्व विधायक से पूर्ववत बनी हुई है तभी तो नसबंदी कांड, आंखफोड़वा कांड, गर्भाशय कांड , सीवरेज घोटाला, अमृत मिशन घोटाला के साथ सर्वाधिक चर्चित भदौरा कांड का जिक्र ही नहीं है कल ही बिलासपुर के पूर्व विधायक ने पत्रकार वार्ता की और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया उन्होंने जोर शोर से कांग्रेस भवन में हुई लाठीचार्ज पर फिर से कहा कांग्रेस की विज्ञप्ति ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और नरेंद्र मोदी को एक साथ निशाना बनाया है उन्होंने प्रवासी श्रमिकों की हालत पर दुख व्यक्त किया है किंतु इस बारे में कांग्रेस और भाजपा दोनों दोषी हैं मस्तूरी, बिल्हा यहां तक की अविवादित बिलासपुर जिसमें जांजगीर-चांपा व शक्ति तक शामिल है .
            श्रमिक पलायन को रोकने के लिए कभी किसी ने कुछ भी नहीं किया प्रदेश में राशन कार्ड घोटाला अभी भी जारी है नक्सल समस्या और शहरी नेटवर्क तब भी था अब भी है कॉन्ग्रेस भाजपा दोनों के शासन में बिलासपुर की या तो उपेक्षा हुई या तो बिलासपुर छला गया बिलासपुर का सबसे बड़ा बैंक घोटाला जो भाजपा राज में देवेंद्र पांडे ने किया उस पर किसी कांग्रेसी ने जांच कमीशन की बात नहीं की यहां तक कि इस संबंध में उच्च न्यायालय मे लंबित याचिकाएं भी ठंडी हो गई है इसी तरह जो कांग्रेसी सिवरेज को रोज बर्थडे केक काटकर मनाती थी अब योजना को एक्टेंशन देती है शहर मे भुदान की जमीन सरकार स्वयं बेच रही है और दोनों पार्टी के धन्नासेठ एससी, एसटी लोगों के नाम पर आवेदन पत्र लगवा रहे हैं .
        नजूल की जमीन पर जितने कांग्रेसी डूबे हैं उतने ही भाजपाई तैरते नजर आते हैं जब शहर में यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों का भूल ही जाईये जिसकी जिस की दशा न भाजपा सुधार पाई न कांग्रेस की बस की बात लगती है ऐसे में यही कहा जा सकता है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक हथकंडे अमर हैं और कांग्रेस की बीजेपी की दोस्ती अटल है ...

               दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संकट काल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के खिलाफ लगातार अनर्गल आरोप लगाकर हमला बोल रही कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू व अन्य कांग्रेस नेताओ पर आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन सहित युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने जोरदार पलटवार करते हुए अपनी कांग्रेस सरकार का गुणगान करने व भाजपा के खिलाफ निरंतर दुष्प्रचार करने पर कांग्रेस नेताओ से सवाल किया है कि वे खुद बताए कोविद 19 के संक्रमण के फैलाव के पूर्व मुख्यमंत्री सहित सरकार के 13 मंत्रियों की फौज को महारथी होने का तमगा लगाकर महीना मंडन करने वाले मंत्री आज संकट की घड़ी में कहा है और आज तीन महीने से अधिक के इस कठिन दौर में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किस गरीब मजदूर के खाते में पैसा भेजकर मदद पहुंचाया है और कितने लोगो को स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर प्रवासी मजदूरों तक अपने दम पर सहायता उपलब्ध कराया है।
                  प्रदेश व जिले के कांग्रेस नेताओ द्वारा लगातार केंद्र की मोदी सरकार व प्रदेश में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय सहित भाजपा नेताओं पर की जा रही औचित्यहीन आरोपों पर भाजयुमो ने भी अब आक्रमक रुख अख्तियार कर लिया है और आज जिला भाजयुमो अध्यक्ष दिनेश देवांगन,महामंत्री नितेश साहू,ओम यादव,उपाध्यक्ष राहुल पंडित,मंत्री राहुल दीवान,राहुल तिजिल,प्रचार मंत्री राजा महोबिया,गौरव शर्मा,,उत्तम साहूअनुपम मिश्रा सहित सभी जिला पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस नेताओ द्वारा संकट के इस भयानक दौर में प्रदेश के लोगो को मदद पहुंचाने के बजाय दुनिया में सबसे पहले पूरे देश में जनता को सुरक्षित रखने व कोरोना वायरस रोकने लॉक डाउन जैसे साहसिक निर्णय लेने वाले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्र की भाजपा सरकार पर जनता की बढ़ती भरोसा को तोड़ने गरीबों व प्रवासी मजदूरों को मदद पहुंचाने व उनका मनोबल बढ़ाने के बजाए उन्हें उकसाकर भ्रम फैलाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रदेश व स्थानीय स्तर के कांग्रेसी अब अपनी नाकामी छिपाने भाजपा पर निरंतर दोषारोपण कर रहे है भाजयुमो नेताओ ने आगे कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार बनी है तब से प्रदेश बदहाली की ओर जा रहा है भूपेश बघेल सरकार ने अपनी चुनावी वादा पूरा करने के फेर में 9 बार प्रदेश की जनता के प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर 10 हजार करोड़ से अधिक का लोन लिया है और इसको केवल चुनावी वादे पूरा करने में लगा रहा है जिसके कारण प्रदेश में अर्थ व्यवस्था बदहाल हो गया है जबकि कोरोना संकट के कारण विगत 3 महीने से
    संगठित क्षेत्र में कार्यरत प्रदेश के ठेला खोमचा लगाने वाले,कारपेंटर बढ़ाई कुली, दर्जी होटल या किराना दुकान जैसे क्षेत्रों में कार्यरत कई दिहाड़ी मजदूर जिनका प्रदेश के तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा श्रम कार्ड बनाना प्रारम्भ किया गया था जो आज कि स्थिति में 15लाख से अधिक संगठित व असंगठित श्रमिक पंजीकृत हुआ है जिनके खाते में राज्य सरकार ने अब एक ढेला तक नहीं डाल पाया है और केंद्र की मोदी सरकार से मिलने वाली राशि से कोरोना जांच से लेकर उपचार तक की जा रही खर्च को अपनी उपलब्धि बताकर झूठी वाहवाही बटोरने की कोशिश कर रहे है भाजयुमो नेताओ प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सहित अन्य नेताओ द्वारा केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा नेताओं पर की जा रही अनर्गल दुष्प्रचार करने की निंदा करते हुए कहा है कि संकट की घड़ी में गरीब जरूरतमंद व प्रवासी मजदूरों को मदद करने बजाय अपनी सरकार में होने का दायित्व पूरा करे तो बेहतर होगा।

    कन्नौज / शौर्यपथ / कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते एक परिवार मई में तमिलनाडु से उत्तर प्रदेश के कन्नौज लौटा था. यूपी लौटते ही परिवार के पास खाने तक को कुछ नहीं था. राशन और दवाई खरीदने के लिए मजबूरन उन्हें अपनी ज्वैलरी 1500 रुपये में बेचनी पड़ी. मीडिया में मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन परिवार को मदद को आगे आया. प्रशासन की ओर से परिवार का राशन कार्ड व मनरेगा का जॉब कार्ड बनवा दिया गया है.
    मिली जानकारी के अनुसार, कन्नौज स्थित फतेहपुर जसोदा गांव निवासी श्रीराम तीन दशक पहले अपनी शादी के बाद परिवार के साथ तमिलनाडु शिफ्ट हो गए थे. वहां वह कुल्फी बेचकर परिवार का गुजारा करते थे. श्रीराम, उनकी पत्नी और 9 बच्चे किराए के मकान में रहते थे. श्रीराम ने बताया कि मई के तीसरे हफ्ते में मकान मालिक ने उनसे घर खाली करने को कहा और कहा कि वह अपने गांव लौट जाएं.

    श्रीराम ने कहा कि परिवार की परेशानी यहीं से शुरू हो गईं. 19 मई को पूरा परिवार कन्नौज जाने के लिए ट्रेन से निकला. 21 मई को वह लोग गांव पहुंच गए. श्रीराम की बेटी राजकुमारी ने बताया, 'वापस लौटते ही हमें खाने को 10 किलो चावल और दाल दी गई. हमारा बड़ा परिवार है, लिहाजा राशन जल्द खत्म हो गया. वहीं मेरी मां और दो भाई-बहन बीमार हो गए. पापा ने कोशिश की तो हमें एक-दो दिन का खाना और मिल गया. जिसके बाद हमारे पास मेरी मम्मी के कुछ गहने, जो वो पहना करती थीं, को बेचने के सिवा कोई रास्ता नहीं था. उसे बेच हमने खाना और दवाइयां खरीदीं. हमने राशन कार्ड बनवाने की भी कोशिश की लेकिन हमसे कहा गया कि अभी नए राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं.'
    कन्नौज के जिलाधिकारी राकेश मिश्रा ने इस बारे में कहा, 'मैंने ब्लॉक डेवलेपमेंट ऑफिसर और सप्लाई इंस्पेक्टर को इस मामले की जांच के लिए भेजा. जांच में पता चला कि ये परिवार दो हफ्ते पहले लौटा है. परिवार ट्रांसिट कैंप में रह रहा था. उन्हें रजिस्टर किया गया और 15 किलो की राशन किट दी गई. उनके पास जॉब कार्ड भी नहीं था, तो उनके लिए जॉब कार्ड भी बनवाया गया. परिवार के लिए राशन कार्ड भी बनवाया गया है. अब उन्हें कोई दिक्कत नहीं है.'

     

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस ने राहुल गांधी पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा निशाना साधे जाने पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि विपक्ष पर अनुचित और गैर जिम्मेदाराना हमला करने के बजाय सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहिए कि चीनी सैनिकों ने भारत के कितने क्षेत्र पर कब्जा किया है और इस अतिक्रमण के लिए कौन जिम्मेदार है.
    पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध को लेकर दावा किया कि चीन के सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामोश हैं और कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लद्दाख में चीनी हमारे क्षेत्र में दाखिल हो गए. इस बीच, प्रधानमंत्री पूरी तरह खामोश हैं और कहीं नजर नहीं आ रहे.''

    कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के बयान को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्थ नीति और सामरिक नीति को कितना समझते हैं, इस पर बहस होनी चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए कि चीन जैसे अतंरराष्ट्रीय मुद्दे पर ट्विटर पर सवाल नहीं पूछे जाते हैं. प्रसाद के जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीयता और भारतीयता पर भाजपा एवं आरएसएस का कोई एकाधिकार नहीं है तथा देश की भूमि पर किसी तरह के अतिक्रमण पर सरकार से सवाल करना बतौर भारतीय नागरिक हमारा कर्तव्य है.

    तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा चीन के मुद्दे पर पूर्व की संप्रग सरकार से सवाल पूछे जाने से जुड़े कुछ साल पहले के ट्वीट एवं वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि प्रसाद को इस पर भी अपनी राय जाहिर करनी चाहिए.

    उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले 35 दिनों से चीन के साथ सीमा पर परिस्थिति संवेदनशील बनी हुई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्वीकार किया कि चीन के सैनिक भारत की सीमा में घुस आए हैं. चीन ने हमारे क्षेत्र पर अतिक्रमण कर लिया है. इस बात से पूरा देश चिंतित है.''

    तिवारी के मुताबिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने सवाल पूछे हैं. इनमें से कई जानकारों का मानना है कि चीन ने भारत की 40 से 60 किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा, ‘‘शायद यह पहली बार हुआ है कि दोनों देशों के बीच इतने बड़े स्तर के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुयी है. कहा जा रहा है कि कुछ जगहों से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी हुई है, लेकिन कई जगहों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है.''

    उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ने यह रवैया बना लिया है कि सरकार की तरफ से कोई व्यक्ति सीमा की स्थिति पर बयान नहीं देगा. जब देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता का सवाल हो तो यह उम्मीद की जाती है कि प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या रक्षा सचिव अथवा जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति बताए कि क्या स्थिति है. लेकिन इस सरकार की तरफ से मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की गई है.''

    तिवारी ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के कानून मंत्री ने कांग्रेस, राहुल गांधी पर एक बहुत अनुचित और गैर जिम्मेदाराना हमला बोला है. हम उन्हें बताना चाहते है कि राष्ट्रीयता और भारतीयता किसी के बपौती नहीं है. भाजपा और आरएसएस की राष्ट्रीयता एवं भारतीयता पर कोई एकाधिकार नहीं है.'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत की भूमि पर अतिक्रमण होता है तो इस देश के नागरिक होने के नाते हमारा फर्ज बनता है कि हम सरकार से सवाल पूछे हैं.''

    कांग्रेस नेता ने कहा कि कानून मंत्री जो विपक्ष को ‘लाल आंख' दिखा रहे थे वो भारत के शत्रुओं को दिखानी चाहिए. तिवारी ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी क्या बताएंगे कि पांच मई से लेकर आज तक भारत के कितने क्षेत्र पर चीन की फौज ने कब्जा किया है? बातचीत के बाद किन इलाकों से चीन की सेना हटी है? अगर हटी है तो एलएससी से जुड़ी भारत की धारणा के मुताबिक उन्होंने जगह खाली की है या नही?''

    उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘एक अप्रैल 2020 की स्थिति की बहाल करने के लिए सरकार क्या कर रही है? चीन की सैनिकों की घुसपैठ के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सरकार जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है?''

    राहुल गांधी पर लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल के हमले पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘भाजपा के एक युवा सांसद के कंधों पर बंदूक रखकर जो सवाल पूछे गए है, विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने ये सवाल क्यों नहीं पूछे? इसका मतलब है कि इन सवालों में जो बातें की गई हैं वो सही नहीं हैं.''

     

    कोलकाता / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के 95वें वार्षिक दिवस पर देश को संबोधन किया. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, ''ICC ने 1925 में अपने गठन के बाद से आज़ादी की लड़ाई को देखा है, भीषण अकाल और अन्न संकटों को देखा है. अब इस बार की ये AGM एक ऐसे समय में हो रही है, जब हमारा देश मल्टिपल चैलेंजों को चैलेंज कर रहा है.'' पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में व्यापार संबंधी गतिविधियों की ओर विशेष ध्यान देने वाले इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स का मुख्यालय कोलकाता में है.
    प्रधानमंत्री ने कहा, ''आत्म निर्भर भारत, आत्मनिर्भरता का ये भाव बरसों से हर भारतीय ने एक एस्पिरेशन की तरह जिया है. लेकिन फिर भी एक बड़ा काश, एक बड़ा काश, हर भारतीय के मन में रहा है, मस्तिष्क में रहा है. भारत कोरोना से लड़ रहा है, लेकिन अन्य तरह के संकट भी खड़े हैं. कही बाढ़, कहीं टिड्डों की समस्या, कहीं तेल क्षेत्र में आग तो कहीं भूकंप... और 2 साइक्लोन. संकट के दौरान नए अवसर भी सामने आते हैं. ये हमारी संकल्पशक्ति हमारी स्ट्रेंथ है. मुसीबत की दवाई मजबूती है.''
    उन्होंने कहा, ''बीते 5-6 वर्षों में, देश की नीति और रीति में भारत की आत्मनिर्भरता का लक्ष्य सर्वोपरि रहा है. अब कोरोना संकट ने हमें इसकी गति और तेज करने का सबक दिया है. इसी सबक से निकला है. हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर हैं, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं का भारत निर्यात कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो निर्णय हाल में हुए हैं, उन्होंने एग्रीकल्चर इकोनॉमी को बरसों की गुलामी से मुक्त कर दिया है. अब भारत के किसानों को अपने प्रोडक्ट, अपनी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आज़ादी मिल गई है. लोकल प्रोडक्ट्स के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें भी सभी के लिए अवसर ही अवसर है. जिन जिलों, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे.''

    इवेंट के दौरान उन्होंने कहा, ''हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर है, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं का भारत निर्यातक कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है. कोलकाता फिर से एक बहुत बड़ा लीडर बन सकता है. भविष्य में ईस्ट इंडिया का नेतृत्व कर सकता है. व्हाट बंगाल थिंक टुडे, इंडिया थिंक टुमारो...''

    पीएम ने कहा, '' LED बल्ब vके इस्तेमाल से 19,000 करोड़ की बचत हुई है. गरीब और मध्यम वर्ग को फायदा हुआ है. प्लानेट को भी फायदा हुआ है. 4 करोड़ सीओटू का इस्तेमाल कम हुआ है.''

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली के कस्तूरबा अस्पताल के बाद अब हिंदूराव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी काम बंद कर देने की बात कही है. डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 4 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है. वेतन की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों नें हिंदूराव अस्पताल के MS को पत्र लिखकर चेताया है. उन्होंने कहा कि अगर 18 जून तक डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया गया तो डॉक्टर काम बंद कर देंगे.
    बीते 4 महीनों से यहां के डॉक्टर बिना वेतन के मरीजों का इलाज करते हुए देश की सेवा कर रहे हैं. अब डॉक्टरों के पास पैसे नहीं बचे हैं. उनके रोजमर्रा के खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे हैं. हिंदूराव अस्पताल भी उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आता है. इससे पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर भी वेतन न मिलने पर काम बंद करने की बात कर चुके हैं.

    बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 32,810 हो गई है. बीते कुछ घंटों में दिल्ली में COVID -19 के कुल 1501 मामले सामने आए हैं, वहीं इस दौरान 384 मरीज ठीक भी हुए हैं. अब तक कुल 12,245 मरीज ठीक हो चुके हैं. बीते 24 घंटों में 48 मरीजों की मौत हुई है जो 1 दिन में मरने वालों की सर्वाधिक संख्या है. 31 मौतें पहले हुईं, जिससे मौत का कुल आंकड़ा 905 से बढ़कर 984 पहुंच गया है. दिल्ली में अभी फिलहाल 19,581 एक्टिव मामले हैं.

     

    नई दिल्‍ली / एजेंसी / राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. गहलोत ने आशंका जताई कि गुजरात और राजस्‍थान में राज्‍यसभा के चुनावों में इरादतन दो माह की देरी की गई क्‍योंकि वे 'खरीद-फरोख्‍त' पूरी नहीं नहीं कर पाए थे. विधायकों की खरीद-फरोख्‍त की आशंका के चलते कांग्रेस ने बुधवार को राजस्‍थान के अपने विधायकों को एक रिसॉर्ट में पहुंचाया है.समाचार एजेंसी ANI ने सीएम गहलोत के हवाले से कहा, "चुनाव (राज्यसभा) यहां है. इसे दो महीने पहले कराया जा सकता था, लेकिन उन्होंने गुजरात और राजस्थान में 'खरीद और बिक्री' को पूरा नहीं किया था, इसलिए उन्होंने इसमें देरी की. चुनाव अब होने जा रहे हैं और स्थिति जस की तस है."
    मुख्यमंत्री ने विधायकों के साथ बुधवार रात हुई बैठक के बाद कहा, "आप कब तक हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल होकर राजनीति करेंगे. इसमें हैरानी नहीं होगी यदि कांग्रेस उन्हें आने वाले समय में झटका दे. जनता सब कुछ समझती है." इन विधायकों को शिव विलास रिसोर्ट में ठहराया गया है. उन्होंने बैठक को "लाभदायक" बताया और कहा कि "सभी एकजुट है". इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राज्‍य में उनकी पार्टी को गिराने का प्रयास किया जा रहा है. पाटी ने इसस संबंध में राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके विधायकों और कांग्रेस सरकार का समर्थन करने वाले निर्दलीयों को 'खरीदने' की कोशिश की जा रही है.

    राजस्थान विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कांग्रेस नेता महेश जोशी ने एक पत्र में कहा, "मुझे विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से पता चला है कि हमारे विधायकों और निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है. पत्र में कहा गया है कि यह संविधान की भावना और निंदनीय कृत्य के खिलाफ है. ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें. पत्र में हालांकि सीधे तौर पर बीजेपी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन इशारा इसी पार्टी की ओर है.

    गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब राज्‍यसभा चुनावों के लिए 19 जून को मतदान होना है. राजस्‍थान में तीन राज्‍यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें से दो कांग्रेस और एक बीजेपी के पक्ष में जाने की उम्‍मीद है. हालांकि बीजेपी ने एक के बजाय दो उम्‍मीदवारों को मैदान में उतरकर कांग्रेस में 'भितरघात या क्रॉस वोटिंग' की अटकलों को बढ़ा दिया है.राज्‍य विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 107 विधायक हैं, इसमें पिछले साल बीएसपी से टूटकर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक शामिल हैं. कांग्रेस को 12 निर्दलीयों का समर्थन भी हासिल है. दूसरी ओर, बीजेपी के 72 विधायक हैं और साझेदारी और निर्दलीयों में छह का समर्थन उसे हासिल है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए आदर्श रूप से 51 प्रथम वरीयता वाले वोटों की आवश्यकता होती है, ऐसे में कांग्रेस की राह आसान लग रही है. बीजेपी के दूसरे उम्‍मीदवार के जीतने की संभावना उसी स्थिति में बन सकती है यदि पर्याप्‍त संख्‍या में कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करें और निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के पक्ष में पाला बदल लें.

     

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision