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नई दिल्ली / भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (21 जून, 2026) मध्य प्रदेश स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया। उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान के चीता प्रबंधन क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्हें प्रोजेक्ट चीता के संबंध में वन मंडलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई।
नवंबर 2025 में बोत्सवाना की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बोत्सवाना द्वारा भारत को आठ चीतों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण की साक्षी बनी थीं। ये चीते फरवरी 2026 में कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाए गए थे।
17 सितंबर, 2022 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया प्रोजेक्ट चीता जैव-विविधता के पुनर्स्थापन के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विलुप्त हो चुके चीते का पुनर्प्रवेश कराना है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत कूनो राष्ट्रीय उद्यान को भारत के प्रथम चीता पुनर्प्रवेश स्थल के रूप में विकसित किया गया है, क्योंकि यहां चीतों के लिए उपयुक्त आवास, पर्याप्त शिकार आधार तथा न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप उपलब्ध है।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का प्रथम दल सितंबर 2022 में नामीबिया से, द्वितीय दल फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से तथा तृतीय दल फरवरी 2026 में बोत्सवाना से लाया गया था।
विश्व को भारत की अमूल्य देन है योग, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
इस अवसर पर विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर, / अंतर्राराष्ट्रीय योग दिवस केे अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया। योगाभ्यास में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।
ईशा फाउंडेशन के योग प्रशिक्षक श्री रितेश प्रधान ने योग नमस्कार का अभ्यास कराया। वहीं योग आयोग के प्रशिक्षक श्री भोजराज साहू, श्री अशोक साहू, श्री धनश्री साहू, श्री दीनू राम साहू एवं श्री तुषार साहू ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।
अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।
श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का दिया संदेश
रायपुर, / नारायणपुर जिले के कोटमहर गार्डन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया तथा जिलेवासियों को स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज विश्व के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। योग तनाव को कम करने, कार्यक्षमता बढ़ाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
सामूहिक योगाभ्यास में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिक
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। साथ ही योग के स्वास्थ्य लाभों और उसके महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारिता लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडावी, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एम.जी., अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई तथा एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
योग दिवस के इस आयोजन ने जिलेवासियों को स्वास्थ्य, सकारात्मकता और अनुशासित जीवनशैली का संदेश दिया। उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं निरोग समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं जनकल्याण की कामना के साथ हुआ।
योग और नृत्य का अद्भुत संगम: सारंगढ़ में बच्चों ने संगीत की धुन पर योग मुद्राओं से मोहा मन
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में 1,000 से अधिक लोगों ने किया योगाभ्यास
रायपुर /
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान श्री धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।
पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान
कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।
योग और नृत्य का अद्भुत संगम
इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।
अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल
आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया।
कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
नियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।
जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
रिसाली। "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की कला है।" इसी संदेश के साथ नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। योग लंगर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 250 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू एवं एमआईसी सदस्य सनीर साहू ने योग दिवस की शुभकामनाएं देकर किया। इसके पश्चात योगाचार्य अशोक महेश्वरी के मार्गदर्शन में उपस्थित नागरिकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग तनावमुक्त, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शरीर को रोगों से बचाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब योग लंगर में नियमित अभ्यास करने वाले बच्चों ने योगा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। लगभग 15 मिनट तक चली प्रस्तुति में बच्चों ने संगीत की धुन पर विभिन्न योग मुद्राओं और आसनों का सुंदर प्रदर्शन किया।
दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। प्रस्तुति के बाद अतिथियों ने बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी नागरिकों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई गई। अतिथियों ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
"योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का माध्यम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक स्वस्थ और सशक्त बन सकते हैं।"
भिलाई। छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग के सहयोग से 10 दिवसीय लोक वाद्य कार्यशाला शिविर संग्रहालय परिसर कुहुकी कला ग्राम मरोदा सेक्टर मैत्री बाग चौक के बाजू में 14 जून से 23 जून तक जारी है। विगत 23 वर्ष से जारी इस शिविर में छत्तीसगढ़ अंचल के दूर-दराज से आए कलाकार न सिर्फ अपनी कलाकृतियों और वाद्य यंत्रों का निर्माण कर रहे हैं बल्कि एक दूसरे की कला को सीख भी रहे हैं। वहीं आगंतुक भी अपनी आंखों के सामने बनते वाद्य यंत्र व कलाकृतियां देख मंत्रमुग्ध है। यहां चिकारा, खंजेरी, तंबूरा, गतका, तुरही, चरहे, चिटकुली, कुहुकी और रूंजु सहित तमाम शिल्प से आगंतुक रूबरू हो रहे हैं।
शिविर के संयोजक व प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने बताया कि उनके यहां वर्ष 2003 से यह 10 दिवसीय शिविर हर वर्ष मानसून आगमन के पहले गर्मियों में लगता रहा है। शुरूआती 4 वर्ष उन्होंने स्वयं की पहल से कलाकारों/शिल्पकारों को बुलाकर ऐसा शिविर आयोजित किया था लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग ने पहल की और तब से शिविर हर साल आयोजित हो रहा है।
रिखी ने बताया कि शिविर की वजह से शिल्पकारों को बाजार मिल रहा है, वहीं सभी को एक दूसरे की कला सीखने का अवसर भी मिल रहा है। इससे शिल्पकार अपनी-अपनी कला में निखार ला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 14 जून से शुरू हुई कार्यशाला में रोजाना सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 7:30 बजे तक कार्य चलता है। पूरी तरह नि:शुल्क इस कार्यशाला में कलाप्रेमी पहुंच कर कलाकृतियां बनते हुए प्रत्यक्ष देख सकते हैं। वहीं समापन अवसर पर 23 जून की शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। उन्होंने बताया कि शिविर के व्यवस्थित संचालन के लिए टीम से भोजन व्यवस्था अन्नपूर्णा क्षत्रिय,भोज,जनसंपर्क में गायक कुलदीप सार्वा, अजय उमरे, दिनेश वर्मा, राजेश साहू,नवीन साहू, संजू,नेहा, जया और अनुराधा का विशिष्ट योगदान है।
तैयार हो रहे हैं परंपरागत व दुर्लभ वाद्य
शिविर में आसपास और दूर-दराज के अंचल के अलग-अलग गांव से पहुंचे शिल्पकार परंपरागत वाद्य यंत्र तैयार कर रहे हैं। कोलिहापुरी दुर्ग से आए मनहरण दास बंजारे चिकारा बजाने में प्रवीण है और खुद चिकारा बनाते भी हैं। ग्राम दहिकोंगा कोंडागांव से शिबू कश्यप बेल मेटल से तुरही बनाने का कार्य कर रहे हैं। बेल मेटल शिल्प को बनिया पारा कोंडागांव से शिबू कश्यप आकार दे रहे हैं। लौह शिल्प में ग्राम दहीकोंगा से रामदास, मिट्टी शिल्प में मरारपारा कोंडागांव से डमरु चक्रधारी, काष्ठ कला में दीपक तारम लोहारा, बिजेलाल, राजनांदगांव जिले से पन्ना लाल डोंगरगढ़ से, रुंझू के लिए गाड़ाडीह से नंद कुमार देवार, डोरे लाल, और तंबूरा निर्माण के लिए रामकुमार पाटिल रनचिरई से आकर यहां कार्यशाला में शामिल हुए हैं।
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