August 03, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    गैर अनुमति प्राप्त HITECH हॉस्पिटल को मिली कोविड इलाज की अनुमति : आपदा में अवसर Featured

    • rounak group

    शौर्यपथ लेख । देश सहित प्रदेश में कोरोना का विस्फोट हो गया दुर्ग जिला प्रदेश में कोरोना के मामले में रायपुर के बाद दूसरा स्थान है । दुर्ग में कोरोना आपदा से जहां बेरोजगारी बढ़ी वही जिला प्रशासन के एक फैसले से कुछ निजी अस्पताल की बल्ले बल्ले हो गई । यह हम सभी अस्पताल की बात ना कर एक एक अस्पताल की बात करे तो दुर्ग जिले में सबसे ज्यादा विवादित अस्पताल bsr अपोलो का नाम ले तो कोई गलत नही होगा । वर्तमान में bsr apollo हॉस्पिटल bsr super specialist के नाम से संचालित ज़रूर है किंतु अब इसे नए नाम से पुकारा जाने लगा है नया नाम है hitech । जी हां जनवरी माह में इस हॉस्पिटल का एक बार फिर उद्घाटन हुआ वो भी प्रदेश के गृहमंत्री के हांथो ये बात अलग है कि अभी तक इस हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग से अनुमति नही मिली और इस पर कमेटी बैठाकर जांच की बात जिला प्रशासन द्वारा भी किया गया । जिले के cmo गंभीर सिंह ठाकुर ने भी स्वीकारा था कि लाइसेंस की प्रक्रिया चालू है यानी कि अभी तक शासन द्वारा इसका भौतिक परीक्षण नही किया गया । किन्तु कहते है कि सारे नॉयम सिर्फ आम व गरीब जनता के लिए ही होते है जो आज प्रत्यक्ष दिख भी रहे है । करोड़ो रूपये के फर्जी बाड़े ( बीएसपी कर्मचारियों से इलाज के लिए लिए गए ) का प्रकरण का निपटारा भी नही हुआ और पूर्व संचालक डॉ खंडूजा ने हॉस्पिटल बेच दिया । प्राप्त जानकारी के अनुसार अब हॉस्पिटल में संचालक के तौर पर डॉ खंडूजा के पुत्र का नाम है यानी सिर्फ कागजो में ही फेर बदल और कई लोगो की मेहनत की कमाई अंदर । ऐसा नही कि यह फर्जीवाड़ा किसी से छुपी हुई है किंतु यह फर्जीवाड़ा का मास्टरमाइंड रसूखदार है तो प्रशासन मौन है । एक तरफ तो bsr super स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को अभी तक शासन से अनुमति नही मिली वही दूसरी तरफ शासन ने इस हॉस्पिटल को कोविड के इलाज की अनुमति भी दे दी वो भी ए श्रेणी में रखकर । अब तो hitech ( bsr सुपर स्पेशिलिटी ) के संचालकों की चांदी ही चांदी । इसे दूसरी भाषा मे कहे तो आपदा में अवसर या खुलकर बिना अनुमति के ग्राहकों ( मरीज ) की जेब मे प्रवेश । मरीज इसलिए नही कह सकते क्योकि जो हॉस्पिटल बिना अनुमति के खुलेआम स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य कर रहा उसका मकसद स्वास्थ्य सेवाएं देने से ज्यादा जरूरी जेब की सेवा करना है । वैसे भी शुरुवात से अभी तक कई छोटे बड़े विवाद का नाता bsr से रह है अब जब सरकार ने कोविड की अनुमति दे दी फिर तो संचालकों के हांथ ही नही सिर भी कढ़ाई में होने जैसी कहावत चरितार्थ हो गई । इसे ही कहते है आपदा में अवसर का लाभ उठाना । खैर अब अवसर तो मिल ही गया एक गैर अनुमति प्राप्त हॉस्पिटल को बस अब देखना यह है कि यहां कोविड के इलाज के नाम पर क्या क्या खेल होता है और क्या क्या रंग देखने को मिलेंगे । वैसे सिर्फ bsr हॉस्पिटल ही अकेले नही है जिसे विभाग से अनुमति नही मिली हो ऐसे कई हॉस्पिटल सालो से दुर्ग में संचालित है जो शासन के नियमो का नर्सिंग होम एक्ट 2013 का मजाक उड़ाते हुए संचालित हो रहे है और हो भी क्यो ना क्योकि इतने सालों में ज़िम्मेदार अधिकारी नोटिस का खेल ही खेल रहे है यही सत्य है और सत्य को अब स्वीकार करना ही पड़ेगा क्योंकि नियम और कानून गरीबो के लिए कमजोरों के लिए ही है । ( शरद पंसारी की कलम से )

    Rate this item
    (0 votes)

    Latest from शौर्यपथ

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision