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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि में होगी मितव्ययता
राज्य सरकार के विभागों, कार्यालयों सहित निगम, मण्डल, आयोग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय और अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं में भी समान रूप से होगा लागू
वित्त विभाग ने जारी किया आदेश: 31 मार्च 2021 तक रहेगा लागू
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण (कोविड-19) से बचाव के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राज्य सरकार के राजस्व प्राप्तियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही महामारी की रोकथाम के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था भी तत्काल किया जाना है, जिसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय व्यय के युक्तियुक्तकरण और उपलब्ध संसाधनों का विकासमूलक कार्यो के लिए अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए मितव्ययता के अनेक निर्णय लिए हैं।
जिसके तहत नए पदों का निर्माण, स्थानांतरण, महंगे होटलों में बैठकें, विदेश यात्रा और नए वाहनों की खरीदी पर रोक लगा दी गई है वहीं रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि में मितव्ययता के संबंध में निर्देश जारी किए गए है।
राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में जारी निर्देश के तहत लोक सेवा आयोग से भरे जाने वाले सीधी भर्ती के रिक्त पदों एवं अनुकंपा नियुक्ति के पदों को छोड़कर शेष सभी भर्ती के रिक्त पदों को भरने के पहले वित्त विभाग की अनुमति ली जाएगी। जिन पदों के लिए वित्त विभाग से भर्ती की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, किन्तु नियुक्ति शेष है उनके लिए भी वित्त विभाग की अनुमति पुनः प्राप्त की जाएगी। ऐसे प्रस्ताव को वित्त विभाग में भेजते समय इन पदों की पूर्ति पर आने वाले वार्षिक वित्तीय भार तथा पदों की पूर्ति की आवश्यकता का औचित्य दर्शाया जाएगा।
वित्त विभाग ने कहा है कि विभागों द्वारा नियमित पदोन्नति में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए, किन्तु पदोन्नति के परिणाम स्वरूप होने वाले स्थानांतरण को रोकने के लिए याथसंभव उस पद को उसी स्थान पर आगामी आदेश तक अस्थाई तौर पर उन्नयन (अपग्रेड) कर दिया जाए। पदोन्नति-क्रमोन्नति के फलस्वरूप देयक एरियर्स राशि के भुगतान को वित्त विभाग के आगामी आदेश तक विलंबित रखा जाए। विभागों के स्थापना व्यय में वृद्धि को नियंत्रित रखने की दृष्टि से सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निकायों में नवीन पद सृजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। विशेष परिस्थितियों में वित्त विभाग की सहमति से ही नवीन पद सृजित किए जा सकेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। स्थानांतरण केवल समन्वय में अनुमोदन के बाद ही किया जाएगा। स्थानांतरण पर अतिरिक्त व्यय भार को ध्यान में रखते हुए विभागों से यह अपेक्षा की गई है कि समन्वय मंे भी न्यूनतम स्थानांतरण किया जाए और अति आवश्यक होने पर स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण को प्राथमिकता दिया जाए। लोक हित में वांच्छित अपवाद को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शासकीय अधिकारियों के बिजनेस क्लास से हवाई यात्रा और प्रथम श्रेणी में रेल यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। अनावश्यक एवं बिना सक्षम स्वीकृति के शासकीय भ्रमण प्रतिबंध रहेगा।
विभागों को बैठकों का आयोजन न्यूनतम करने को कहा गया है। कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, शासकीय समारोह के आयोजनों में मितव्ययिता बरतने तथा अति आवश्यक बैठक-कार्यक्रम का आयोजन महंगे होटलों की बजाय शासकीय भवनों में करने के निर्देश दिए गए है। यथा संभव बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं वेबीनार के माध्यम से आयोजित की जाए। आदेश में कहा गया है कि विभागों द्वारा अति आवश्यक नवीन योजनाओं को ही चालू वर्ष में प्रारंभ करने की कार्यवाही-प्रस्ताव प्रेषित किया जाए तथा पूर्व से संचालित योजनाओं की अलग से समीक्षा की जाए। जो योजनाएं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अनुपयोगी है। उनको समाप्त करने की कार्यवाही की जाए। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान नवीन वाहनों का क्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए आवश्यक वाहनों का क्रय वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा।
राज्य के शासकीय सेवकों को एक जुलाई 2020 एवं एक जनवरी 2021 में देय वार्षिक वेतन वृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित रखा गया है। किन्तु एक जनवरी 2021 एवं एक जुलाई 2021 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के मामले में यह लागू नहीं होगा। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित व्यक्तिगत जमा खाता (पीडी एकाउंट) जो एक वर्ष की अवधि से प्रचलन में नहीं है को तत्काल बंद करने तथा खाते में जमा राशि चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए है। राज्य पोषित योजना के तहत प्रावधानित राशि जो कि संचित निधि से 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खातों में रखी गई है को अर्जित ब्याज सहित 15 जून 2020 तक राज्य शासन के खाते में वापिस जमा की जाएगी।
वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कतिपय केन्द्रीय योजनाओं में राशि बजट के माध्यम से प्राप्त होती है। ऐसी योजनाओं में बजट में प्रावधानित राशि के विरूद्ध 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खाते में जमा राशि में से कमिटेड एक्सपेंडिचर, जो तत्काल किया जाना संभावित हो, का भुगतान कर शेष समस्त राशि अर्जित ब्याज सहित मुख्य शीर्ष 8443-के-डिपाजिट में 15 जून 2020 तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा गया है। विभागों द्वारा भविष्य में आवश्यकतानुसार वित्त विभाग की अनुमति से के-डिपाजिट में जमा राशि विमुक्त कराई जा सकेगी।
वित्त विभाग द्वारा जारी यह आदेश राज्य के शासकीय विभागों, कार्यालयों के साथ-साथ सभी निगम, मण्डल, आयोग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय और अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं में भी समान रूप से लागू होंगे। ये निर्देश 31 मार्च 2021 तक लागू रहेंगे। इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा आज मंत्रालय से सभी विभागों सहित अध्यक्ष, राजस्व मंडल, संभागीय कमिश्नरों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। मुख्य सूचना आयुक्त श्री एम के राऊत ने कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई के लिए राज्य सूचना आयोग में जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रकरण से संबंधित तर्क/जवाब लिखित रूप से आयोग को ई-मेल, व्हाट्सअप और फैक्स से भेंज सकते हैं ।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई पुन: वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों के द्वारा 4 मई 2020 से की जा रही है।
जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी आयोग को अपना जवाब ई-मेल] व्हाट्सअप और फैक्स से भेंज सकते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग को अपना जवाब ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it., फैक्स नम्बर 0771-2512102, व्हाट्सअप नम्बर 94255-02363 पर भेंज सकते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की जानकारी और सुनवाई की तिथि छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के वेबसाइट www.siccg.gov.inके लिंक में अपीलार्थी/शिकायतकर्ता का अपना नाम, प्रकरण क्रमांक और मोबाइल नम्बर दर्जकर प्रकरण की अद्यतन जानकारी हासिल कर सकते हैं ।
क्वारेंटाईन सेंटरों में मनोरंजन के लिए टी.व्ही,. रेडियो और मनोवैज्ञानिकों की ली जाएंगी सेवाएं
प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यवस्था होगी सर्वोच्च प्राथमिकता: बनाए जाएंगे राशनकार्ड और मनरेगा के जॉब कार्ड
कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची उपलब्ध करायी जाएगी उद्योगों को रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में नहीं मिलेगी कोई छूट
वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति अब तहसीलदार देंगे
माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा
विभिन्न प्रदेशों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर भी हुई चर्चा
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन के बाद ठप्प पड़ी आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने आज उच्च स्तरीय बैठक में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सभी मंत्रीगण और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में विभिन्न राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और समाज के सभी वर्गों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की गई। लोगों की दिक्कतों का देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति तहसीलदार देंगे। अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जा रहा है। रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में कोई छूट नहीं मिलेगी। भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन के अनुसार माल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।
बैठक में दुकानों को अब सप्ताह में छह दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पूर्व की तरह लागू रहेंगी। सप्ताह में छह दिन दुकान खुलने से वहां एक साथ होने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू होने से रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉक-डाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में एक लाख तीन हजार श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो आदि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी लेने को कहा है। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारेंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं। कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जरूरत का मानव संसाधन मिलने के साथ ही श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण और लॉक-डाउन की परिस्थितियों में जन-जीवन को राहत पहुंचाने छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हुआ है। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है। शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के बेहतर प्रबंधन के साथ गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के लिए शासन-प्रशासन ने मुस्तैदी से काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की जांच, इलाज और रोकथाम के लिए जितनी भी राशि की जरूरत होगी, स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता से उपलब्ध करायी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक दो लाख 12 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18 करोड़ 20 लाख रूपए और मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब चार करोड़ रूपए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66 लाख 73 हजार रूपए का भुगतान भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रूपए दिए गए हैं।
बैठक में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
Dhamtari Shorypath
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मंगलवार 26 मई को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत जिले के कलेक्टर श्री रजत बंसल का तबादला बस्तर (जगदलपुर) हो गया है। इसी क्रम में निवर्तमान कलेक्टर श्री रजत बंसल ने आज अपराह्न में अपना प्रभार जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी को सौंपा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा श्री बंसल को भावभीनी विदाई दी गई।
आज शाम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में निवर्तमान कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने कैरियर में कलेक्टर के तौर पर धमतरी जिले में 15 महीने की अवधि में राज्य शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस कार्यकाल में जिले में अनेक नवाचार हुए तथा अनेक गतिविधियांे का सफल क्रियान्वयन हुआ एवं यह सब ‘टीम धमतरी‘ के कारण फलीभूत हुआ। उन्होंने आगे कहा कि यहां के अधिकारी और उनकी टीम औसत से ऊपर स्तर के हैं तथा उन्हें सौंपे गए उत्तरदायित्वों का निर्वहन बखूबी निभाते हैं। श्री बंसल ने आगे कहा कि धमतरी एक समृद्ध व सुव्यवस्थित जिला है और टीम धमतरी किसी कार्य को अंजाम तक पहुंचाना बखूबी जानती है। उन्होंने धमतरी जिले के अवसरों व अनुभवों को ऐतिहासिक बताते हुए नए कलेक्टर श्री जे.पी. मौर्य के मार्गदर्शन में बेहतर कार्य करते हुए धमतरी को रोल माॅडल बनाने की बात कही।
इस अवसर पर एस.पी. श्री बी.पी. राजभानू ने कहा कि निवर्तमान कलेक्टर श्री बंसल के साथ काम करने का एक पृथक् ही अनुभव रहा। उन्मुक्त वातावरण में कार्य करने की उनमें अद्भुत क्षमता व ऊर्जा है। जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती गांधी ने उन्हें बेहतर तालमेल और सामंजस्य स्थापित करने वाले तथा अधीनस्थों पर पूर्ण विश्वास कर कार्य लेने वाले अधिकारी निरूपित किया। इसी तरह अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल, एसडीएम श्री सुनील शर्मा सहित विभिन्न अधिकारियों ने निवर्तमान कलेक्टर के नेतृत्व में किए गए अपने कार्यानुभव को साझा किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 2012 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री रजत बंसल ने जिले के 15वें कलेक्टर के तौर पर 05 फरवरी 2019 को कार्यभार ग्रहण किया था। 16वें कलेक्टर के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2010 बैच के अधिकारी श्री जे.पी. मौर्य जिले में अपनी सेवाएं देंगे।
Shorypath /crime/news
मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में एक प्रेमी को जब ये पता चला कि प्रेमिका की शादी कहीं और तय हो गई है. शादी लगने से नाराज युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में युवती के हाथ और चेहरे के नीचे हल्की चोटें आई है.
वही घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी सुकृतदास फरार हो गया है.
एक्टर सोनू सूद भले ही स्क्रीन पर विलेन का किरदार निभाते नजर आते हों लेकिन वो इन दिनों ऐसा काम कर रहे हैं, जिसने उन्हें रियल लाइफ हीरो बना दिया है। सोनू सूद लॉकडाउन के बीच कई प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचा रहे हैं। जरूरतमंद लोग ट्विटर के जरिए सोनू से घर जाने के लिए मदद मांग रहे हैं, जिसके बाद एक्टर खुद उन्हें जवाब देकर उनकी डिटेल ले रहे हैं, जिससे मदद की जा सके।
अब एक यूजर ने मजाक करते हुए सोनू से ठेके पर पहुंचाने के लिए मदद मांगी है। यूजर ने ट्वीट कर लिखा, ‘सोनू भाई मैं अपने घर में फंसा हूं। मुझे ठेके तक पहुंचा दो।’ इस पर सोनू ने भी जवाब दिया, ‘भाई मैं ठेके से घर पहुंचा सकता हूं।
जरूरत पड़े तो बोल देना।’
बता दें, 46 वर्षीय एक्टर ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों के मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की है। सोनू ने इन प्रवासियों के लिए व्यक्तिगत रूप से व्यवस्था की और उन्हें भोजन किट भी प्रदान की।
इससे पहले उन्होंने पंजाब के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 1,500 पीपीई किट भी दान किया था। उन्होंने मुंबई का अपना होटल स्वास्थ्यकर्मियों को रहने के लिए भी दिया है।
सोनू सूद इस वक्त प्रवासी मजदूरों के लिए रीयल लाइफ हीरो बने हुए हैं। घरों से दूर लॉकडाउन में फंसे हुए लोगों को उनके घर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चेनल में उनकी तारीफ हो रही है।
खेल / शौर्यपथ / बलबीर सिंह सीनियर के नाम के साथ हॉकी अभिन्न रूप से जुड़ा है लेकिन यह महान खिलाड़ी भी भारत के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट की चमक से अछूता नहीं रहा और एक बार उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को कहा था कि आपकी जीत से मेरी सेहत बेहतर होती है। ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे 96 साल के बलबीर सीनियर का सोमवार को मोहाली में निधन हो गया।
धोनी के साथ उनकी मुलाकात चार साल पहले हुई थी जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने विश्व टी20 मुकाबले से पहले मोहाली के पीसीए स्टेडियम में थी। बलबीर सीनियर मैच से पहले भारतीय टीम को शुभकामनाएं देना चाहते थे। धोनी ने उन्हें धन्यवाद दिया और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा जिस पर इस दिग्गज ने हंसते हुए जवाब दिया था, ‘आपकी जीत से मेरी सेहत बेहतर होती है।’
उस समय 92 बरस के बलबीर सीनियर ने कहा था, ‘मैं टीम को तीसरा विश्व खिताब जीतने और स्वर्णिम हैट्रिक पूरी करने की शुभकामना देने आया हूं।’ भारत ने तब ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी लेकिन इसके बाद सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से हार गई थी। भारत ने धोनी की अगुआई में 2007 में विश्व टी20 और 2011 में 50 ओवर का विश्व कप जीता था।
बलबीर सीनियर स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं से जूझ रहे थे और दो हफ्तों से अधिक समय तक उन्हें जीवन रक्षा प्रणाली पर रखा गया था। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईसीसी) ने आधुनिक ओलंपिक इतिहास के जिन 16 महान खिलाड़ियों का चयन किया था उसमें बलबीर सीनियर एकमात्र भारतीय थे।
ओलंपिक के पुरुष हॉकी फाइनल में किसी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक गोल दागने का रिकॉर्ड अब भी उनके नाम दर्ज है। उन्होंने 1952 हेलसिंकी ओलंपिक खेलों के पुरुष हॉकी फाइनल में नीदरलैंड पर भारत की 6-1 की जीत में पांच गोल किए थे। बलबीर सीनियर को 1957 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया और वह 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
