
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। साय सरकार जनता के प्रति संवेदनशीलता और सुशासन को लेकर लगातार प्रयासरत दिखाई दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। इसका खामियाजा गरीब और असहाय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
तस्वीर में दिखाई दे रही ब्लॉक तोकापाल के ग्राम बुरूंगपाल तेलीमारेंगा की विकलांग 55 वर्षीय महिला सुकरी नाग शारीरिक रूप से असमर्थ और बीमारी से पीड़ित हैं। उनका जीवन शासकीय सहायता पर निर्भर है, किंतु बीते लगभग छह महीनों से उन्हें उचित मूल्य दुकान से चावल नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, सुकरी नाग हर माह उम्मीद लेकर शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचती रहीं, जहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि “आपके नाम का राशन नहीं आया है।” उन्हें यह जानकारी तक नहीं दी गई कि उनका राशन कार्ड बंद किया जा चुका है।
विभागीय सूत्रों से पता चला है कि राशन कार्ड बंद करने के कारण में महिला को “गांव से पलायन” बताया गया है, जबकि वह आज भी उसी गांव में रह रही हैं। न उनके पास पक्का मकान है, न शौचालय की पक्की व्यवस्था और न ही किसी प्रकार की स्थायी आय। यह भी सामने आया है कि उन्हें अब तक विकलांग पेंशन जैसी बुनियादी योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
ऐसे हालात में राशन बंद होना उनके लिए जीवन यापन की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है और कई बार उन्हें बिना भोजन के ही दिन गुजारना पड़ता है। यह मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में हुई गंभीर चूक की ओर संकेत करता है और यह जांच का विषय है कि बिना भौतिक सत्यापन के राशन कार्ड बंद करने की कार्रवाई कैसे हुई।
यह स्थिति कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है। जब विकलांग महिला आज भी उसी गांव में रह रही है, तो किस आधार पर उसे “पलायन” बताया गया? क्या यह प्रविष्टि बिना स्थल सत्यापन और बिना संवेदनशीलता के दर्ज कर दी गई? क्या यह नहीं सोचा गया कि एक बेसहारा और विकलांग महिला का राशन बंद होना सीधे भूख से जूझने जैसा है? ऐसे मामलों में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं न कहीं मानवीय जिम्मेदारी और जवाबदेही की अनदेखी तो नहीं हुई।
गौरतलब है कि जिले में हाल ही में नवपदस्थ कलेक्टर ने पदभार संभाला है और वे शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय निरीक्षण और निर्देश दे रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर त्वरित संज्ञान लेगा, राशन कार्ड पुनः चालू कराएगा और विकलांग महिला को शासन की पात्र योजनाओं का लाभ दिलाएगा।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
