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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

कवर्धा । शौर्यपथ
सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्माणाधीन पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे सीधे श्रमिकों के बीच पहुंचे और कार्यों की समीक्षा के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया।
निरीक्षण के दौरान महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। श्रमिकों द्वारा लाए गए पारंपरिक व्यंजन—बोरे बासी, रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आम की चटनी—का उन्होंने स्वाद लिया।
भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जानकारी ली। श्रमिक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आई।
गांव की समस्याओं पर चर्चा के दौरान महिलाओं ने पेयजल संकट की ओर ध्यान दिलाया। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से जानकारी लेकर निर्देश दिए कि 26 गांवों के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना को शीघ्र स्वीकृति देकर क्रियान्वित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचे और स्थानीय समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए।

 कोलकाता/रायपुर / शौर्यपथ /
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की जीत को “विकास, स्थिरता और पारदर्शिता के पक्ष में स्पष्ट जनादेश” बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन का परिणाम है।
वर्मा ने बताया कि उन्होंने जनवरी से मई 2026 तक दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में प्रवास कर बूथ मैनेजमेंट से लेकर जनसंपर्क तक सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय के सानिध्य में कार्य करते हुए उन्होंने कई क्षेत्रों में संगठन को मजबूत किया।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में जीत को “भय और हिंसा के माहौल के विरुद्ध लोकतांत्रिक साहस की जीत” बताया, जहां मतदाताओं ने निडर होकर अपने अधिकार का प्रयोग किया। असम और पुडुचेरी के परिणामों को उन्होंने डबल इंजन सरकार के विकास मॉडल की स्वीकार्यता बताया।
वर्मा ने कहा कि यह विजय समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम को समर्पित है और “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प पर जनता के विश्वास की पुनर्पुष्टि है।

  रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भाजपा-एनडीए की जीत को “ऐतिहासिक जनादेश” बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सुशासन और जमीनी कार्यकर्ताओं के समर्पण पर जनता की स्पष्ट मुहर है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता ने विकास मॉडल और सांस्कृतिक अस्मिता के पक्ष में मतदान कर “सोनार बांग्ला” के संकल्प को बल दिया है। वहीं असम में लगातार तीसरी जीत को उन्होंने स्थिर नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की स्वीकृति बताया। साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने “नकारात्मक और तुष्टिकरण की राजनीति” को खारिज किया है।
पुडुचेरी में एनडीए की सफलता पर उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र-राज्य समन्वय से विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
उप मुख्यमंत्री साव, जिन्हें असम के लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रभार मिला था, ने बताया कि क्षेत्र की सभी आठ विधानसभा सीटों—धेमाजी, जोनाई, सिसिरबोरगांव, लखीमपुर, ढकुआखाना, डुमडुमा, सदिया और रोंगोनदी—पर भाजपा प्रत्याशियों ने प्रचंड जीत दर्ज की है, जिसे उन्होंने “राष्ट्रहित और विकास के संकल्प की विजय” करार दिया।

कोण्डागांव / शौर्यपथ /
कोण्डागांव पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी जांच आधारित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 मार्च 2026 को प्रार्थी ने थाना कोण्डागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 मार्च की शाम लगभग 6:30 बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोण्डागांव में अपराध क्रमांक 71/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमल (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपील चन्द्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कोण्डागांव श्री सतीश भार्गव एवं थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में थाना कोण्डागांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपहृता की लोकेशन तमिलनाडु में ट्रेस की गई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस टीम तत्काल तमिलनाडु रवाना हुई, जहां से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपहरण कर दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी विकास मरकाम (19 वर्ष), निवासी जुगानी कलार, थाना फरसगांव, जिला कोण्डागांव को 2 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को देने के बाद 3 मई 2026 को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

दुर्ग। राजनीति में कथनी और करनी का अंतर जब गहरा हो जाए, तो वह 'असफलता' का प्रमाण बन जाता है। दुर्ग नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल एक विवादित वीडियो और उसके बाद दी गई अपनी 'अजीबोगरीब' सफाई को लेकर चर्चा में हैं।

गाली पर खेद, पर विफलता का क्या?

पिछले दिनों एक ठेले वाले को अपशब्द कहते हुए महापौर का वीडियो वायरल हुआ। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने इसे 3 महीने पुराना बताया और कहा कि "लगातार समझाइश के बाद भी ठेला नहीं हटाने पर मुंह से शब्द निकल गए।"

यहाँ सवाल यह नहीं है कि उनके मुंह से क्या निकला, सवाल यह है कि 3 महीने बाद भी वह ठेला वहीं क्यों खड़ा है? यदि शहर की प्रथम नागरिक एक गुमटी नहीं हटवा पा रही हैं, तो क्या इसे उनकी लाचारी माना जाए या प्रशासनिक विफलता? महापौर ने अनजाने में ही सही, पर यह स्वीकार कर लिया है कि दुर्ग में अतिक्रमण हटाने के उनके तमाम दावे केवल 'कागजी शेर' हैं।

अमीरों पर मेहरबानी, गरीबों पर 'जुबानी' वार

महापौर की 'मानवता' और 'कड़े कदम' की थ्योरी उस वक्त हवा हो जाती है, जब नजर शहर के रसूखदारों के अवैध कब्जों पर पड़ती है। जनता पूछ रही है:

ओम ज्वैलर्स ने बरामदे से लेकर सड़क तक जो अवैध साम्राज्य फैलाया है, उस पर महापौर की 'कड़ी कार्रवाई' की धार कुंद क्यों पड़ गई?

गणेश मंदिर के सामने राम रसोई के संचालक द्वारा खुलेआम सड़क पर किए गए निर्माण पर महापौर मौन क्यों हैं?

बस स्टैंड की हजारों स्क्वायर फीट जमीन पर अनुबंध खत्म होने के बाद भी कब्जा जमाए बैठे रसूखदार के साथ महापौर मंच साझा कर उन्हें 'समाजसेवी' का सर्टिफिकेट क्यों बांट रही हैं?

चौतरफा अतिक्रमण: बदहाल दुर्ग की तस्वीर

कुआं चौक से लेकर महाराजा चौक और बोरसी चौक तक, यातायात व्यवस्था दम तोड़ रही है। साईं द्वारा के पास फल दुकानों के कारण जाम की स्थिति हो या शनिवार को चर्च रोड पर लगने वाला अवैध बाजार—प्रशासनिक इच्छाशक्ति पूरी तरह नदारद है। इंदिरा मार्केट के भीतर बड़े व्यापारियों ने सड़कों तक दुकानें सजा ली हैं, लेकिन महापौर केवल 'कपड़ा लाइन' का अतिक्रमण हटाकर अपनी पीठ थपथपा रही हैं।

"क्या आने वाले 4 साल भी इसी तरह 'मौन' रहकर और सोशल मीडिया पर भावनात्मक संदेश देकर बिताए जाएंगे?"

निष्कर्ष: सुशासन या सिर्फ महिमामंडन?

सोशल मीडिया पर चंद समर्थकों द्वारा महापौर का महिमामंडन जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकता। एक तरफ गरीबों को अपशब्द और दूसरी तरफ अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण—यह दोहरा मापदंड दुर्ग की जनता देख रही है।

श्रीमती अलका बाघमार को यह समझना होगा कि शहर 'भावनात्मक पोस्ट' से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से चलता है। यदि वह एक कुआं चौक को 3 महीने में अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पाईं, तो यह उनकी कार्यशैली पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब देखना यह होगा कि महापौर अपनी इस 'स्वीकृत असफलता' को सफलता में बदलती हैं या फिर दुर्ग इसी तरह अवैध कब्जों का बंधक बना रहेगा।

  रायपुर/जशपुर, शौर्यपथ। सुशासन तिहार 2026 के दौरान मुख्यमंत्री साय का जशपुर प्रवास ग्राम भैंसामुड़ा में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य का साक्षी बना। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों का औचक निरीक्षण किया और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
गांव से गुजरते समय मुख्यमंत्री की नजर हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन आवास पर पड़ी। वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता परखने के साथ-साथ श्रमिकों से आत्मीय संवाद कर उनके परिश्रम की सराहना की।
श्रमदान से दिया संदेश-निरीक्षण के बीच एक ऐसा क्षण आया जिसने सभी को भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में भागीदारी करते देख ग्रामीणों में उत्साह और भावुकता का माहौल बन गया। यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी संवेदनशील सोच का सशक्त संदेश बनकर उभरी।
हितग्राही ने जताया आभार-श्रीमती अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।
रोजगार और योजनाओं पर भी चर्चा-मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद राजमिस्त्री श्री मोहन चक्रेश से भी बातचीत की। उन्होंने उनके रोजगार, मजदूरी और पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
विश्वास मजबूत करने वाली पहल-मुख्यमंत्री साय का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं रहा, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जमीनी जुड़ाव का प्रतीक बन गया। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर रोहित व्यास सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री साय ने “लखपति दीदी” श्रीमती सुमिला कोरवा और श्रीमती पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले।
इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए।
जन चौपाल में उपस्थित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री साय के समक्ष अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है।
जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नागरिकों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेगा और उनका निराकरण करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन चौपाल में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ग्रामीणों से ली तथा हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक प्राप्त किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर अजीत वसंत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

   रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की श्रीमती पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया की सरपंच श्रीमती खुशबू सिंह एवं सचिव श्रीमती सुनीता मरावी को बाल हितैषी पंचायत श्रेणी में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई दिशा तय करती हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाओं की यह भागीदारी राज्य को आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर तेजी से आगे बढ़ाएगी।

रायपुर, शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट और दो टूक संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि आम जनता के साथ शालीन, धैर्यपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार ही एक सच्चे प्रशासनिक अधिकारी की पहचान होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका व्यवहार सीधे तौर पर सरकार की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा—“लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं।” उनका स्पष्ट मत है कि संवाद तभी सार्थक होता है, जब उसमें संवेदना हो और समाधान की नीयत झलकती हो।
जनसमस्याओं के समाधान पर हो फोकस
मुख्यमंत्री साय ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और भरोसेमंद बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब कोई नागरिक शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह अनुभव होना चाहिए कि उसकी बात गंभीरता से सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार हो रहा है। यही अनुभव शासन के प्रति विश्वास को मजबूत करता है।
जमीनी स्तर पर सक्रियता जरूरी
उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए प्रशासन को लोगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप काम करना चाहिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में विनम्रता भी जरूरी है।
सुशासन तिहार में होगी व्यवहार की भी परीक्षा
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि “सुशासन तिहार 2026” के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार और संवेदनशीलता का भी आकलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित इस अभियान के तहत प्रदेशभर में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां पंचायत और वार्ड स्तर पर आमजन की समस्याओं के आवेदन लेकर उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी और मुख्यमंत्री के सीधे निरीक्षण के चलते इस अभियान को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का यह संदेश केवल निर्देश नहीं, बल्कि प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव का संकेत है—जहां सुशासन का आधार केवल योजनाएं नहीं, बल्कि संवेदनशील व्यवहार और जनता के प्रति सम्मान होगा।

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