August 03, 2026
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    दुर्ग। शौर्यपथ।

      दुर्ग नगर निगम में हाल ही में तीन कर्मचारियों के निलंबन के बाद माहौल अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया है। त्वरित निलंबन आदेश जारी करने के बाद अब निगम प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में एक चिंताजनक घटना सामने आई जब निलंबित कर्मचारियों में से एक महिला कर्मचारी ने गुरुवार देर शाम महमरा डैम में आत्महत्या करने की कोशिश की। गनीमत रही कि वहां मौजूद कुछ लोगों की तत्परता से उनकी जान बच गई, अन्यथा यह मामला बहुत बड़े संकट का रूप ले सकता था।
      इस घटना ने निगम कर्मचारियों और शहरवासियों दोनों को झकझोर कर रख दिया है। निगम प्रशासन पर यह आरोप लग रहे हैं कि कई वर्षों से लंबित और गंभीर शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन हाल ही में आई एक शिकायत पर मात्र 24 घंटे में निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। इससे निगम की कार्यप्रणाली में भेदभाव और पक्षपात की आशंका गहराई है।

    चर्चा में है लॉलीपॉप अनुबंध घोटाला
       निगम कर्मचारी थान सिंह यादव द्वारा लॉलीपॉप अनुबंध में राजस्व को हुए नुकसान का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि जब इतने बड़े राजस्व नुकसान की जांच तक नहीं हुई, तो हालिया मामूली आरोपों में त्वरित निलंबन की कार्रवाई जल्दबाजी और पूर्वाग्रह से ग्रसित लगती है।

    पारिवारिक लाभ और पद दुरुपयोग पर भी उठे सवाल
      इसी बीच यह भी सामने आया है कि कुछ अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपात्र पुत्रों को शासकीय सुविधाएं दिलवाईं, फिर भी उन मामलों पर आज तक कोई जांच शुरू नहीं की गई। ऐसे मामलों की अनदेखी और कुछ मामलों में त्वरित निलंबन से निगम में कार्यरत कर्मचारी अब खुलकर सवाल उठा रहे हैं।

    पूर्व में अशोक करिहार कांड की याद ताजा

      महिला कर्मचारी की आत्महत्या की कोशिश ने पूर्व में निगमकर्मी अशोक करिहार द्वारा प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या किए जाने की घटना की याद ताजा कर दी है। कर्मचारियों में भय और असंतोष स्पष्ट झलक रहा है। यदि कुछ क्षणों की देरी हो जाती, तो आज एक और परिवार उजड़ जाता।

    अब निगाहें आयुक्त सुमित अग्रवाल पर
      निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे इस पूरे मामले में निष्पक्ष और संवेदनशील कार्रवाई करें। आम जनता और निगम के कर्मचारी यह उम्मीद कर रहे हैं कि लॉलीपॉप अनुबंध, गुमठी आवंटन, एनयूएलएम योजनाओं में मिलीभगत, अपात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाएं दिलाने जैसे मामलों में भी शीघ्र जांच हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
      मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के "जीरो टॉलरेंस" और "सुशासन" की नीति तभी सार्थक होगी जब हर स्तर पर निष्पक्ष और निर्भीक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

       रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में अब डिजिटल क्रांति की नई लहर दौड़ने वाली है। केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आज रायपुर में जानकारी दी कि केंद्र सरकार 400 नए बीएसएनएल टावर लगाने जा रही है, जिससे इन क्षेत्रों में भी तेज, सुरक्षित और सुलभ 4G इंटरनेट सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
      राजधानी रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. शेखर ने कहा कि ये टावर चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे और इसके लिए सुरक्षा बलों और वन विभाग से आवश्यक अनुमतियाँ ली जा रही हैं।

     डिजिटल इंडिया के मिशन को मिलेगा बल

    डॉ. शेखर ने बताया, “बीएसएनएल देश के कोने-कोने में उच्च गुणवत्ता की 4G सेवाएं प्रदान कर रहा है। ये 400 टावर ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को नक्सल क्षेत्र जैसे दूरस्थ इलाकों तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।”

     ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा में दिखा संतोष
       बैठक में ग्रामीण विकास, डाक, और दूरसंचार विभाग सहित BSNL के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. शेखर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसे कार्यक्रमों के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर संतोष जताया और कहा कि यह योजनाएं गांवों में बदलाव की मजबूत बुनियाद रख रही हैं।
    महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘पिंक ऑटो’ जैसी पहल
      राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका को सराहते हुए बताया कि राज्य में ‘पिंक ऑटो’ योजना के तहत महिलाओं को ऑटो उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
        “SHGs को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन अवसर देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई सार्थक प्रयास हो रहे हैं। ये पहल देश के अन्य राज्यों के लिए **मॉडल बन सकती है।”

    नक्सल क्षेत्रों में 'मिशन मोड' पर विकास
     डॉ. शेखर ने स्पष्ट किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार मिशन मोड में काम कर रही है:

         विद्यालयों का डिजिटलीकरण, जिससे छात्र JEE, NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर पा रहे हैं
         दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं, ताकि कोई भी पीछे न रह जाए
         सेवाओं की घर-घर पहुंच से वंचित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज

     "अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे विकास" — यही है संकल्प

    अपने संबोधन के अंत में डॉ. शेखर ने कहा:  “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाएं अब अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। आदिवासी, वंचित और दुर्गम क्षेत्रों में अब तेज़ बदलाव और समावेशी विकास देखने को मिल रहा है।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि डिजिटल, भौतिक और सामाजिक ढांचे को एकीकृत करते हुए “सबका साथ, सबका विकास” के विजन को ज़मीन पर उतारने का कार्य किया जा रहा है।

    अब जंगलों में भी गूंजेगा नेटवर्क — छत्तीसगढ़ को मिलेगी डिजिटल उड़ान।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – “नक्सलवाद की रात ढल रही है, बस्तर में विकास की नई सुबह हो रही है”

      रायपुर/शौर्यपथ ब्यूरो/
    (साभार: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन)

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि "नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है।" उन्होंने बताया कि बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। इस आत्मसमर्पण में ₹25 लाख के इनामी माओवादी SZCM (South Zonal Committee Member) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश भी शामिल है, जो संगठन का एक शीर्ष रणनीतिकार रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक आत्मसमर्पण डबल इंजन सरकार की सुशासन, सुरक्षा और पुनर्वास नीति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सरकार की समावेशी और सशक्त योजनाओं ने इस दिशा में निर्णायक बदलाव लाया है।
    एक ही दिन में 5 जिलों से आए 66 नक्सली मुख्यधारा में

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि:

        बीजापुर से 25,    दंतेवाड़ा से 15,    कांकेर से 13,    नारायणपुर से 8,    सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।

    इन सभी ने राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर हिंसा का मार्ग छोड़ शांति और विकास की दिशा में चलने का निर्णय लिया।


    ‘पूना मारगेम’ – पुनर्वास से पुनर्जीवन की नीति बनी बदलाव की धुरी

    मुख्यमंत्री साय ने “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति को इस परिवर्तन का केंद्रीय तत्व बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इन नक्सलियों के भविष्य को संवारने और उन्हें समाज के सम्मानित नागरिक के रूप में पुनः स्थापित करने हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

    18 महीनों में 1,570 माओवादियों का आत्मसमर्पण – सरकार की नीति की व्यापक स्वीकार्यता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 18 महीनों में 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह सरकार की पारदर्शी, नागरिक हितैषी और मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित नीति की सफलता का प्रमाण है। आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात और रणनीतिक स्तर के माओवादी शामिल हैं।
    केंद्र-राज्य समन्वय से बस्तर में विकास और सुरक्षा की नई लहर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का समवेत अभियान चला रही हैं।

    उन्होंने बताया कि अब बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में:

        सड़कों का विस्तार,    पेयजल आपूर्ति,    प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा केंद्र,    स्वास्थ्य सुविधाएं,    परिवहन,    बिजली एवं डिजिटल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुँच चुकी हैं।

    रामन्ना ईरपा का आत्मसमर्पण – माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका

    सूत्रों के अनुसार, रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश माओवादी संगठन का दक्षिण जोनल कमेटी सदस्य (SZCM) था, जो रणनीति, भर्ती और स्थानीय नेटवर्क संचालन का प्रमुख चेहरा रहा है। उसका आत्मसमर्पण माओवादी नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने जैसा माना जा रहा है।
    मुख्यमंत्री का संदेश – “बस्तर भय से नहीं, भविष्य से पहचाना जाएगा”

    मुख्यमंत्री साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा:

        "हम हर उस हाथ को थामेंगे, जो हथियार छोड़कर शांति, शिक्षा और सृजन की राह पर लौटना चाहता है। यह बस्तर के पुनर्निर्माण का समय है। यह सामाजिक भागीदारी से संचालित नया युग है।"

    निष्कर्ष: नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, विकास की ठोस जमीन

    बस्तर की यह घटना केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि आशा, पुनर्वास और सामाजिक पुनरुत्थान की ऐतिहासिक पटकथा है। नक्सलवाद के आतंक से लंबे समय से जूझते बस्तरवासियों के लिए यह एक निर्णायक मोड़ है — अब बस्तर की पहचान भय नहीं, बल्कि भविष्य की संभावना होगी।

    ? रिपोर्ट: शरद पंसारी
    संपादक: शौर्यपथ दैनिक समाचार
    ? www.shouryapathnews.in | ? संपर्क: 8962936808
    (साभार: जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन)

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