August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग। दुर्ग नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई अब गंभीर विवादों के घेरे में है। आरोप है कि शहरी सरकार की कार्रवाई निष्पक्ष होने के बजाय “चुनिंदा टारगेट” पर केंद्रित होती…
    दुर्ग / शौर्यपथ विशेष / दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में 17 मार्च को जो घटनाक्रम सामने आया, उसने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है। आमतौर पर…

    निजी हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना: पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए - मुख्यमंत्री साय
    केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए सीवरेज सफाई का कार्य
    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।
    मुख्यमंत्री साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।
    मुख्यमंत्री साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए।
    इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
    उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की।
    बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया।
    बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव विकासशील, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव एस. बसवराजू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।
    उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है।
    मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है।
    उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।

      नई दिल्ली / एजेंसी / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पाड़वा, चेटी चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुडी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर, मैं देश-विदेश में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।
    नव वर्ष के आगमन पर मनाए जाने वाले ये पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध के प्रतीक हैं। उत्सव नई आशाओं, नए संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हमारी संस्कृत के वाहक ये पर्व मिलकर खुशियां बांटने की हमारी गौरवशाली परंपरा को भी दर्शाते हैं।
    मैं कामना करती हूं कि ये सभी त्यौहार भारत के विभिन्न समुदायों को प्रेम, सौहार्द और स्नेह के बंधन में बांधें और सभी के लिए खुशहाली तथा सुख-समृद्धि लेकर आएं।”

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मानव जीवन की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा और संशोधित जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।

    मृतकों की पहचान, एक की हालत नाजुक

    मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे और अनमोल मांझी के रूप में हुई है। वहीं सत्यम कुमार की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है। घटना में घायल एक अन्य युवक प्रशांत कुमार भी उपचाराधीन बताया जा रहा है। सभी मजदूर सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी हैं।

    कैसे हुआ हादसा

    मंगलवार को मजदूरों को अस्पताल के लगभग 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतारा गया था। बताया जा रहा है कि टैंक में उतरते ही एक मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य मजदूर भी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर हो गई।

    सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़

    घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
    सुरक्षा के नाम पर केवल साधारण मास्क दिए गए, जबकि इतने खतरनाक कार्य के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्टर और अन्य जरूरी उपकरण अनिवार्य होते हैं। मजदूरों को यह भरोसा भी दिलाया गया था कि टैंक में उतरने पर कोई खतरा नहीं है।

    अस्पताल के बाहर हंगामा, मुआवजे की मांग

    हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

    पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

    एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
    अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है, जिस पर बातचीत जारी है।

    बड़ा सवाल

    यह हादसा सीधे तौर पर यह सवाल उठाता है कि जब सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे खतरनाक कार्य के लिए सख्त नियम और कानून बने हैं, तो फिर बिना पर्याप्त सुरक्षा के मजदूरों को मौत के मुंह में क्यों उतारा गया?

    फिलहाल, एक मजदूर जिंदगी के लिए जूझ रहा है, जबकि दो परिवार अपनों को खोने के गम में डूबे हैं — और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार जारी है।
    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।

    इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री किरण देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।

    नई दिल्ली / 
    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात कर त्योहार की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों की समीक्षा की।
    प्रधानमंत्री ने कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की और आगामी ईद के त्योहार की शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान, श्री मोदी और युवराज ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचार-विमर्श किया और हाल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की भारत की निंदा को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक जुड़ाव को अनिवार्य माना। प्रधानमंत्री ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए युवराज द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।

    प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

    "कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की और आगामी ईद के त्योहार पर बधाई दी।
    हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचार-विमर्श किया और हाल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त की। हमने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय जुड़ाव पर हमलों की भारत की निंदा को दोहराया। होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
    हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक जुड़ाव अनिवार्य बना हुआ है। मैंने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।"

    दुर्ग।

    दुर्ग शहर कांग्रेस इन दिनों संगठनात्मक राजनीति और अंदरूनी समीकरणों के चलते चर्चा के केंद्र में है। खासकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हलचल तेज होती नजर आ रही है, जहां एक ओर पुराने और अनुभवी नाम हैं, वहीं दूसरी ओर नई सक्रियता के सहारे उभरती दावेदारियां भी सामने आ रही हैं।

    इसी कड़ी में शहर कांग्रेस की महामंत्री निकिता मिलिंद का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। हाल के दिनों में उनके द्वारा लगातार प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाना और मीडिया में सक्रिय बने रहना, पार्टी के भीतर नई चर्चा को जन्म दे रहा है।

    क्या सक्रियता का लक्ष्य ‘कुर्सी’?

    राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि—

    क्या यह सक्रियता संगठन में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति है?

    या फिर शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की नजरों में जगह बनाकर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत करने की कोशिश?

    हालांकि, इस पद के लिए अब तक  महापौर प्रत्याशी प्रेमलता साहू का नाम सबसे प्रबल माना जा रहा है। उनके संगठन में पुराने और मजबूत संबंध, खासकर शहर अध्यक्ष के साथ, उन्हें स्वाभाविक दावेदार बनाते हैं।

    विपक्ष की भूमिका पर उठते सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि शहर कांग्रेस स्थानीय मुद्दों पर कितनी सक्रिय है?

    जहां एक ओर शहरी सरकार पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के आरोप लग रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पार्षदों की अपेक्षित आक्रामक भूमिका नजर नहीं आ रही।

    दिलचस्प बात यह है कि निगम की सामान्य सभा में सत्ता पक्ष (भाजपा) के पार्षद ही अपनी सरकार को घेरते दिखे, जबकि कांग्रेस अपेक्षाकृत शांत नजर आई।

    सोशल मीडिया बनाम ज़मीनी राजनीति

    दुर्ग कांग्रेस में अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि राजनीति का केंद्र जमीनी आंदोलनों से हटकर सोशल मीडिया और प्रेस विज्ञप्तियों तक सिमटता जा रहा है।

    निकिता मिलिंद की बढ़ती मीडिया सक्रियता को भी इसी नजरिए से देखा जा रहा है—जहां जमीनी मुद्दों की बजाय राष्ट्रीय राजनीति पर बयानबाजी ज्यादा दिख रही है।

    बदलते समीकरण, नई टीम की तैयारी

    दुर्ग कांग्रेस की राजनीति में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव आया है। एक समय तक प्रभावी रहे वोरा परिवार का वर्चस्व अब लगभग समाप्त हो चुका है, और शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में नई टीम और नए चेहरे उभर रहे हैं।

    पूर्व राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे राजेश यादव और धीरज बाकलीवाल का साथ आना भी इन बदलते समीकरणों का संकेत है।

    क्या संभव है ‘तेज प्रमोशन’?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महामंत्री पद मिलने के तुरंत बाद महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन

    “राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं”—खासकर तब, जब संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही हो।

    अब देखना यह होगा कि—

    क्या अनुभव और पुराने संबंध बाजी मारेंगे?

    या फिर नई सक्रियता और रणनीति संगठन में नया समीकरण बनाएगी?

    फिलहाल, दुर्ग कांग्रेस में एक बात साफ है—

    “कुर्सी एक, दावेदार कई… और सियासत अपने पूरे रंग में!”

    लेख - राजनीतिक चर्चाओं के आधार पर 

    दुर्ग। शौर्यपथ । 

    दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा में इस बार सिर्फ मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर खुला ‘मंथन’ और ‘मंथन से निकला असंतोष’ भी साफ दिखाई दिया। शहर की जनता ने जिस भरोसे के साथ “ट्रिपल इंजन सरकार” को चुना था—तेजी से विकास, बेहतर सफाई और सुदृढ़ व्यवस्था—वह भरोसा अब सवालों के घेरे में खड़ा नजर आ रहा है।

    शहर में बढ़ते अवैध बाजार, अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्थित यातायात ने न केवल नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी की छवि पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।

    सामान्य सभा में उठा ‘जनता का सवाल’

    सभा के दौरान सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के पार्षदों ने शहर की बिगड़ती व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। चर्च मार्ग पर लगने वाला अवैध बाजार और अन्य प्रमुख स्थानों पर बढ़ता अतिक्रमण, प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रत्यक्ष उदाहरण बनकर सामने आया।

    सभापति श्याम शर्मा का सख्त संदेश

    सामान्य सभा में सभापति श्याम शर्मा ने भी स्पष्ट शब्दों में शहरी सरकार को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि—

    “जनता ने ट्रिपल इंजन सरकार इसलिए चुनी है कि विकास जमीन पर दिखे, सिर्फ कागज और प्रचार में नहीं।”

    “यदि वार्डों में असमान विकास और अव्यवस्था जारी रही, तो जनप्रतिनिधियों के लिए जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।”

    उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया कि मामला अब केवल विपक्ष का आरोप नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के भीतर भी गहरी चिंता का विषय बन चुका है।

    विकास बनाम हकीकत

    एक ओर शहरी सरकार विकास के दावे और उपलब्धियां गिनाती नजर आती है, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर अतिक्रमण, गंदगी और अव्यवस्था इन दावों की सच्चाई उजागर कर रहे हैं।

    पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है—कुछ वार्डों में काम, तो कई वार्डों में बुनियादी सुविधाएं तक अधूरी।

    ट्रिपल इंजन का ‘सपना’ बनाम ‘जमीनी सच्चाई’

    प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप “ट्रिपल इंजन” का जो सपना जनता ने देखा था, वह अभी तक जमीनी स्तर पर पूरी तरह साकार होता नजर नहीं आ रहा।

    अब सवाल यह है कि—

    क्या शहरी सरकार इस चेतावनी को गंभीरता से लेगी?

    क्या अतिक्रमण और अव्यवस्था पर ठोस कार्रवाई होगी?

    या फिर “विकास” सिर्फ प्रचार और दावों तक सीमित रह जाएगा?

    फिलहाल, सामान्य सभा से निकला संदेश साफ है—

    “अगर अब भी सुधार नहीं हुआ, तो जवाब सिर्फ सरकार को नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को देना पड़ेगा।”

    दुर्ग। दुर्ग नगर निगम की सामान्य सभा इस बार सिर्फ औपचारिक चर्चा का मंच नहीं रही, बल्कि सफाई व्यवस्था के नाम पर सियासी टकराव और प्रशासनिक सवालों का विस्फोट बन…

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