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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
ललितपुर (उत्तर प्रदेश)/रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव मंगलवार को उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए। हादसा झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर तालबेहट क्षेत्र के झरर घाट (टेकरी) के पास उस समय हुआ, जब वे गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। दुर्घटना में उनके वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन समय पर एयरबैग खुल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किरण सिंह देव अपने पीएसओ और चालक गौतम कुमार के साथ इनोवा वाहन में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर अचानक सामने आए एक अन्य वाहन को बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में किरण सिंह देव को कमर, पैर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, जबकि चालक गौतम कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि उनके परिवार के सदस्य दूसरी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही तालबेहट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तालबेहट पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार किरण सिंह देव को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रायपुर लाने की तैयारी भी की जा रही है। हादसे की खबर फैलते ही छत्तीसगढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए किरण सिंह देव के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं, विशेषकर एयरबैग, ने इस दुर्घटना में जनहानि को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नीट-2026 में सफल जनजातीय विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद, डॉक्टरों से सेवा, संस्कार और संवेदनशीलता को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अवसर, परिश्रम और आत्मविश्वास मिल जाए तो जनजातीय अंचलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ का भविष्य बताया और कहा कि "खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और प्रदेश के विकास के सहभागी बनिए।"
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित 'एकलव्य संवाद' कार्यक्रम में श्री साय ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और जनजातीय समाज का गौरव है। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय आज जनजातीय युवाओं की नई पहचान बन चुके हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
एकलव्य से सीखिए लक्ष्य पर अडिग रहना
मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास के महान धनुर्धर एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से असंभव लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास है।
उन्होंने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए गुरु के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों से जीवनभर अपने गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा में करने का आग्रह किया।
"डॉक्टर केवल इलाज नहीं, जीवन में भरोसा भी देते हैं"
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर समाज में सबसे सम्मानित स्थान रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, विनम्र और सेवा-भाव से परिपूर्ण डॉक्टर बनें। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर का अपनापन और मधुर व्यवहार भी मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।
शिक्षा में बदला छत्तीसगढ़ का परिदृश्य
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्माण के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज निजी एवं शासकीय संस्थानों सहित 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित अनेक उच्च शिक्षण संस्थान युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है, जहां यूपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। इसी वर्ष यहां से 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी 24 घंटे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष दो लाख रुपये तक की सहायता तथा पात्र विद्यार्थियों को विदेश में अध्ययन के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है।
हिंदी माध्यम में भी मेडिकल शिक्षा, 1076 से सीधे सरकार तक पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में हिंदी माध्यम से भी मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि भाषा किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बने।
उन्होंने हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थी भी छात्रावास, शिक्षा अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। यह व्यवस्था सुशासन की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है।
बस्तर में शिक्षा और विकास का नया दौर
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में तेजी से बदलाव आया है। बंद पड़े विद्यालय दोबारा संचालित किए जा रहे हैं तथा जावंगा एजुकेशन हब की तर्ज पर जगरगुंडा और ओरछा में आधुनिक एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
जनसेवा ही सबसे बड़ी ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से जनसेवा को ही अपनी सबसे बड़ी साधना मानते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को योग, व्यायाम, अनुशासित जीवनशैली और संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और अनुशासित जीवन ही बड़ी सफलता की नींव हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कार के बल पर समाज की सेवा करें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनें।
रायपुर/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है और यह प्रदेश की बेटियों व खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा है। ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा देगा। मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
"मुस्कुराता बस्तर" थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए 'मुस्कुराता बस्तरÓ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम 'मुस्कुराता बस्तरÓ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।
इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।
कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। 'मुस्कुराता बस्तरÓ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोडऩे का रचनात्मक प्रयास है।
रायपुर / शौर्यपथ। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मंत्री वर्मा ने 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा-झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा-बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण किया गया।
मंत्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हुई है। इन सड़कों के निर्माण से विद्यार्थियों, कामगारों, व्यापारियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा समय की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि पंचायत क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में करीब 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं, जिनमें महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्री ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है। जनसेवा और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाना ही सबसे बड़ा धर्म है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नई दिल्ली /
लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को काफी हंगामेदार रही। देशभर में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध से शुरू हुआ सदन का माहौल बाद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर केंद्रित हो गया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बावजूद अंतत: विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए सहमति बनी और सरकार ने चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे करने का ऐलान किया।
शुरुआत में विपक्ष का हंगामा, दोपहर तक स्थगित रही कार्यवाही
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाब मांगा और छात्रों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के विरोध और लगातार व्यवधान को देखते हुए कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
गतिरोध खत्म होने के बाद शुरू हुई एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनी और महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा प्रारंभ हुई।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अनुचित साधनों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई के लिए कानून को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
विपक्ष ने पीएम और गृहमंत्री की अनुपस्थिति का उठाया मुद्दा
विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए।
विपक्ष ने छात्र आंदोलनों, परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रियंका गांधी ने चर्चा के दौरान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और छात्रों के साथ न्याय की मांग की।
विधेयक पर चर्चा के लिए बढ़ाया गया समय
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में घोषणा की कि विपक्ष की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे किया जाएगा, ताकि सभी दलों के सांसद अपने विचार रख सकें। इस विधेयक पर सदन में कुल 91 संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जिन पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष का विरोध
कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में संबंधित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।
पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने की दिशा में बड़ा कदम
लोकसभा में पेश यह संशोधन विधेयक प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बडिय़ों, पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाखों अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी।
वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाना भी जरूरी है। लोकसभा में मंगलवार की कार्यवाही ने साफ कर दिया कि परीक्षा सुधार और पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
विभागीय समीक्षा बैठक में कृषि ऋण, पैक्स कंप्यूटरीकरण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक में विभागीय कामकाज की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सहकारिता विभाग की प्रमुख योजनाओं, पैक्स व्यवस्था और किसानों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पैक्स के माध्यम से किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण, समय पर ऑडिट और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ सीजन 2026 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से 8800 करोड़ रुपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 14 लाख से अधिक किसानों को 6932 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है।
मंत्री ने अधिकारियों को शेष किसानों तक समय पर ऋण, खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों को सक्रिय करने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनडीबीबी (हृष्ठष्ठक्च) के साथ कार्ययोजना तैयार करने कहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (ष्टस्ष्ट) और माइक्रो एटीएम की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि क्रढ्ढष्ठस्न योजना के तहत स्वीकृत 725 गोदामों में से 712 गोदामों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
मंत्री ने सीएम हेल्पलाइन, जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, ई-ऑफिस व्यवस्था और धान उपार्जन केंद्रों में शेष धान के पारदर्शी निराकरण के निर्देश भी दिए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता रमेश शर्मा, मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक एमडी के.एन. कांडे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य में खेलों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा स्पोट्र्स कॉन्क्लेव - श्री साय
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोट्र्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोट्र्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोट्र्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाडिय़ों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाडिय़ों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाडिय़ों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाडिय़ों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाडिय़ों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाडिय़ों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि
छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोट्र्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।
जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' में उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान, नक्सलवाद पर निर्णायक बढ़त को बताया वीर जवानों के साहस की ऐतिहासिक जीत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि दिन-रात परिवार से दूर रहकर जनता की सुरक्षा में जुटे पुलिसकर्मियों का सम्मान वास्तव में पूरे समाज के विश्वास और सुरक्षा का सम्मान है।
राजधानी रायपुर के शांतिनगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित 'पत्रिका जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' समारोह में मुख्यमंत्री ने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल की सेवा भावना, समर्पण और मनोबल का अभिनंदन है।
नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का श्रेय पुलिस के अदम्य साहस को
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कभी नक्सली हिंसा से प्रभावित बस्तर आज विकास, विश्वास और परिवर्तन की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को दिया।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष केवल सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का संकल्प था। कठिन जंगलों में जान की बाजी लगाकर लड़ने वाले जवानों ने प्रदेश को भयमुक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
घायल जवानों का हौसला बना प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नक्सल अभियान में घायल जवानों से अस्पतालों में मुलाकात के दौरान उन्होंने कभी निराशा नहीं देखी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जवानों की पहली इच्छा फिर से मोर्चे पर लौटकर मातृभूमि की सेवा करने की होती थी। उन्होंने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।
ज्ञानेश्वरी यादव बनीं प्रदेश का गौरव
मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 199 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस बल केवल सुरक्षा का पर्याय नहीं, बल्कि खेलों में भी उत्कृष्टता का प्रतीक है। उनकी उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सकारात्मक पत्रकारिता से बढ़ता है पुलिस का मनोबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और जनसेवा की कहानियों को समाज तक पहुंचाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होती है।
मीडिया से समझ आती हैं जनता की अपेक्षाएं : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों का सम्मान किया जाना सराहनीय पहल है। मीडिया समाज और पुलिस के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है, जिसके माध्यम से जनआकांक्षाओं को समझने और पुलिस व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता का सबसे बड़ा सुख उन परिवारों को मिला है, जिनके बेटे-बेटियां और परिजन वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा करते रहे।
पुलिसिंग के उत्कृष्ट कार्यों का हुआ सम्मान
'जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' के तहत सामुदायिक पुलिसिंग, पुलिस नवाचार, संवाद से समाधान, महिला सुरक्षा, पिंक पेट्रोल, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, सोशल मीडिया जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
12वीं पेपर लीक, हरिका राव को न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन तेज
रायपुर, शौर्यपथ।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का अंबेडकर चौक इन दिनों छात्रों के आक्रोश का केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा संगठन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। आंदोलनकारी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने अब राज्य सरकार से भी जवाबदेही तय करने की मांग तेज कर दी है।
प्रदर्शन स्थल पर छात्र नारेबाजी, धरना, ज्ञापन और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। कुछ आंदोलनकारियों ने खून से पत्र लिखकर भी सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने का प्रयास किया है।
आंदोलन के पीछे चार बड़े मुद्दे
1. 12वीं बोर्ड हिंदी पेपर लीक पर छात्रों में आक्रोश
आंदोलनकारियों का कहना है कि हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा का हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए।
2. शिक्षा मंत्री के बयान पर बढ़ा विवाद
छात्रों का कहना है कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का विरोध करते हुए कहा था कि विभागीय त्रुटि के लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। आंदोलनकारी इसी बयान को आधार बनाकर सवाल उठा रहे हैं कि यदि जवाबदेही की बात की जा रही है, तो राज्य में हुई घटनाओं पर भी समान मापदंड अपनाया जाना चाहिए।
3. हरिका राव प्रकरण पर न्याय की मांग
नीट (Re-NEET) विवाद के बाद जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नाडु द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को लेकर भी छात्रों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को अब तक पर्याप्त सरकारी सहायता एवं न्याय नहीं मिला है।
4. जर्जर स्कूल और शिक्षकों की कमी
आंदोलनकारी छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश के कई शासकीय एवं स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। अनेक स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें।
पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून बनाया जाए तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो।
छात्रा हरिका राव के परिवार को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता एवं न्याय प्रदान किया जाए।
आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
रायपुर के अंबेडकर चौक पर चल रहे इस आंदोलन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को पूरे छत्तीसगढ़ में जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
शौर्यपथ विशेष
शिक्षा किसी भी राज्य के भविष्य की नींव होती है। प्रश्नपत्र लीक, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर उठ रहे सवालों के बीच सरकार, शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों के लिए पारदर्शी जांच एवं समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है। वहीं आंदोलनकारियों की मांगों और सरकार के पक्ष—दोनों पर लोकतांत्रिक संवाद एवं विधिसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
पोषण वाटिका में किया श्रमदान, फलदार पौधे और सब्जियों के बीज लगाकर बच्चों ने निभाई प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी
रायपुर।शौर्यपथ ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत आयोजित 'नो बैग डे' को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में पर्यावरण संरक्षण और पोषण संवर्धन के अनूठे उत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण किया, पोषण वाटिका में श्रमदान किया और प्रकृति संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया।
सूरजपुर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर को और अधिक हराभरा बनाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण के साथ-साथ पोषण वाटिका की साफ-सफाई एवं रखरखाव का कार्य किया गया। विद्यार्थियों ने खरपतवार हटाकर पौधों की देखभाल की और श्रमदान के माध्यम से स्वच्छ एवं हरित वातावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय दिया।
संस्था प्रमुख श्री सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी श्रीमती एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत विद्यालय से ही हो सकती है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से प्राप्त पौधों का रोपण किया गया। विद्यालय परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा और केला जैसे फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। वहीं पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला के बीज बोकर विद्यार्थियों को पोषण एवं जैविक खेती का व्यावहारिक अनुभव भी दिया गया।
विद्यालय परिसर में पहले से मौजूद आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष विद्यार्थियों के पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत बने हुए हैं। यह पोषण वाटिका बच्चों में पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बन रही है।
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षक श्री रिजवान अंसारी, श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का अभियान निरंतर जारी रखा जाएगा।
*सुरक्षित, समावेशी और बाल-अनुकूल विद्यालयी वातावरण निर्माण पर दिया जोर*
रायपुर। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, रायपुर में शुक्रवार को शिक्षकों के लिए "मानवाधिकार जागरूकता कार्यशाला" का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय में सुरक्षित, समावेशी, संवेदनशील एवं बाल-अनुकूल वातावरण के निर्माण हेतु शिक्षकों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्राचार्य श्री सुजीत सक्सेना द्वारा मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. कन्हैया त्रिपाठी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत कर किया गया। प्राचार्य ने अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ. त्रिपाठी के मानवाधिकार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं उपलब्धियों से शिक्षकों को अवगत कराया।
मुख्य वक्ता डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भेदभाव-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षक का नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता, गरिमापूर्ण व्यवहार, बाल संरक्षण, संवेदनशील शिक्षण, डिजिटल सुरक्षा तथा जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने विद्यालयों में नियमित रूप से मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, विद्यार्थियों में सहानुभूति एवं करुणा का विकास करने, बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा मानवाधिकार आधारित गतिविधियों को विद्यालयी जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों ने विद्यालयों में मानवाधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. त्रिपाठी ने सरल एवं व्यावहारिक उत्तर दिए।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की उपप्राचार्या श्रीमती सुनीता खिरबाट ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और मुख्य अतिथि सहित सभी शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी रही। यह विद्यालय में मानवाधिकारों पर आधारित सकारात्मक एवं सुरक्षित शैक्षिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
*अब तक 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंग*
रायपुर । शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय हाई स्कूल कोलार में 131 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला बोहारडीह में 48 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला धरमपुरा में 126 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा हाई स्कूल भुमिया में 336 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1, रायपुर में 250 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा बिन्नी बाई सोनकर, भाठागांव में 294 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा हाई स्कूल तिलकनगर, गुढ़ियारी में 206 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 1391 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 52 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
