August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

        रायपुर/ शौर्यपथ / भर्ती परीक्षा में धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि यह सरकार युवाओं का भरोसा पूरी तरह से खो चुकी है। एडीईओ भर्ती, वन रक्षक, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा, आर आई प्रमोशन परीक्षा सहित विगत 20 महीनो के दौरान जितने भी प्रमोशन और भर्ती परीक्षा हुए हैं वे सभी संदेश के घेरे में हैं। किसी एक परीक्षा में 100 में से 27 प्रश्न गलत होना अर्थात लगभग एक तिहाई प्रश्न पत्र पर ही सवाल खड़ा होना सरकार और परीक्षा एजेंसी की क्षमता पर सवाल है। सहायक विकास विस्तार अधिकारी की परीक्षा में व्यापम ने खुद ही माना है कि 12 प्रश्न विलोपित किए जाए, 6 प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर मान्य किए गए और 3 प्रश्नों के उत्तर बदले फिर भी 6 प्रश्न अब तक विवादित है। सरकार की दुर्भावना के चलते भर्ती परीक्षा को मजाक बना दिया गया है ऐसे त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्र तैयार करने वाले जिम्मेदारों को यह सरकार बचा रही है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि वीडियो परीक्षा में व्यापम की दुर्भावना और लापरवाही से 2 लाख 22 हजार अभ्यार्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। 27 प्रश्न गलत पाए जाने पर तत्काल पूरी परीक्षा रद्द की जानी चाहिए, दोषियों को ब्लैक लिस्ट करके भविष्य में इस तरह की परीक्षाओं से परमानेंट पृथक किया जाना चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया के लागत की रिकवरी ऐसे दोषी कर्मचारियों अधिकारियों पर की जानी चाहिए लेकिन यह सरकार उल्टे उन्हें संरक्षण दे रही हैं। सरकार के रवैया से व्यथित युवा अब भर्ती परीक्षा का भी बायकाट करने लगे हैं विगत रविवार को अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों के लिए भर्ती परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए, यह प्रमाणित करता है कि यह सरकार निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर युवाओं का भरोसा खो चुकी है।
      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि अपने चाहतों को सरकारी नौकरी बांटने और बोली लगाकर पद बेचने के लिए यह सरकार नए-नए पैंतरे आजमा रही है। आरआई प्रमोशन परीक्षा में परिजन एक साथ बैठकर पेपर लिखते पाए गए, पीएससी परीक्षा के पेपर अपात्र एल बी से जांचवाए, उनके नाम सार्वजनिक किए, वन रक्षक परीक्षा में हैदराबाद की इवेंट कंपनी को शामिल कर फर्जीवाड़ा किया गया, राजनांदगांव आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में तो पूरी गड़बड़ी का ठीकरा एक आरक्षण पर फोड़कर लीपापोती कर दी गई जिसके चलते आरक्षक अनिल रत्नाकर को जान गवानी पड़ी। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बड़े अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की गई। समग्र शिक्षा में 1400 पदों पर भर्ती हुई 17 तारीख की रात को अभ्यर्थियों को सूचना भेजी गई 18 तारीख को परीक्षा लिए और उसी दिन इंटरव्यू भी हो गया और 20 जुलाई को 1300 लोगों की लिस्ट जारी भी कर दी गई, बेहद स्पष्ट है कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची लेनदेन करके पहले से ही तैयार कर लिया गया था। क्या यही मोदी की गारंटी थी? क्या यही बीजेपी का यूपीएससी पेटर्न में भर्ती परीक्षा देने का तरीका है?

      दुर्ग / शौर्यपथ / सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासी गनियारी के तत्वाधान में भव्य दशहरा उत्सव  दशहरा उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया ।इस कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अतिथि पूर्व गृहमंत्री मंत्री छ.ग. शासन ताम्रध्वज साहू, अध्यक्ष, केस शिल्पकला बोर्ड नंदकुमार सेन, पूर्व अध्यक्ष साहकारिता प्रकोष्ठ रिवेन्द्र यादव, पूर्व सभापति जिला पंचायत दुर्ग लक्ष्मी साहू,सरपंच गनियारी संतोषी साहू, रोहित साहू उपस्थित थे।इस मौके पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है और हमें अपने बच्चों को भी अच्छे कर्म करने और अच्छे रास्ते पर चलने की सीख देनी चाहिए।आगे बताया की रामनत्व को अपनाने का अर्थ है अपने जीवन में धार्मिकता, न्याय, और कर्तव्यनिष्ठा को प्रमुखता देना। यह हमें अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामनत्व हमें सिखाता है कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए भी दूसरों के प्रति सहानुभूति और करुणा रखनी चाहिए।
    रावणत्व को समाप्त करने का मतलब है अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार, और अन्याय को दूर करना। यह हमें अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और बेहतर इंसान बनने में मदद करता है।रामनत्व को अपनाकर हम अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जा सकते हैं और समाज में एक अच्छा बदलाव ला सकते हैं।इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए साहू ने कहा कि वे इस दिन को केवल रावण जलाने का दिन न समझें बल्कि इसकी गहराई को समझें और रावण रूपी बुराइयों को दूर करने के लिए राम रूपी शक्ति को आगे लाएं। इस मौके पर राम लीला मंडली के कलाकारों को  सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मोहन नेगी, बीरेंद्र धनकर, कुलेश्वर साहू, गोवर्धन साहू, जीतेन्द्र साहू, ललित साहू, परमानंद साहू, हरीश साहू, मनोज साहू, यशवंत साहू, नेमीचंद साहू, महेश, गयाराम साहू संतोष निषाद दिनु राम साहू सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

    ✴️ छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय हुए शामिल
    ? आईएसएम धनबाद, सीएमडीसी और कोल इंडिया के बीच एमओयू हस्ताक्षरित — खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल एवं रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ

    रायपुर / शौर्यपथ ब्यूरो।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ वैज्ञानिक खनन पद्धतियों, पारदर्शी नीति और तकनीकी नवाचारों के बल पर विकास की नई कहानी लिख रहा है।
    उन्होंने शनिवार को नवा रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ माइनिंग कॉन्क्लेव 2025” में यह बात कही।
       कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईएसएम धनबाद और छत्तीसगढ़ भौमिकी एवं खनन संचालनालय के मध्य क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण हेतु एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
    इसके साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के बीच भी महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
    मुख्यमंत्री ने खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ पोर्टल तथा रेत खदानों की ऑनलाइन नीलामी हेतु रिवर्स ऑक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 5 माइनिंग ब्लॉकों की एनआईटी जारी की गई और 9 खदानों को प्रिफर्ड बिडर आदेश सौंपे गए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज संपदा का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास ही स्थायी प्रगति का मार्ग है।

    ? खनन क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता की नई मिसाल
      मुख्यमंत्री साय ने बताया कि डीएमएफ से इस वर्ष 1,673 करोड़ रुपये का अंशदान प्राप्त हुआ, जिससे 9,362 विकास कार्य स्वीकृत किए गए।
    वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व हासिल हुआ है।
    उन्होंने कहा —
    “यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने लिथियम ब्लॉक की नीलामी की है। अब तक 60 खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी हो चुकी है और पाँच नई निविदाएँ आज जारी की गई हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) के तहत जिला खनिज न्यास नियम-2025 लागू किए गए हैं।
    डीएमएफ पोर्टल 2.0 से निगरानी, लेखा और प्रबंधन में पारदर्शिता आई है, जिसके लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया है।

    सतत विकास के लिए आधुनिक तकनीकें और नई रेत नीति
      मुख्यमंत्री ने बताया कि रेत नीति-2025 से पारदर्शिता बढ़ी है और शीघ्र ही 200 से अधिक रेत खदानों की ई-नीलामी की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि “खनन के हर चरण में पर्यावरण सुरक्षा, पुनर्भरण और जल-संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियाँ अपनाई जा रही हैं।”
     राज्य सरकार ने एमएसटीसी (भारत सरकार का उपक्रम) के साथ एमओयू कर रिवर्स ऑक्शन पोर्टल तैयार कराया है, जिससे रेत खदानों का आबंटन तीव्र और पारदर्शी होगा। इससे प्रधानमंत्री आवास योजनाओं सहित सभी निर्माण परियोजनाओं को रेत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राजस्व में करोड़ों की वृद्धि होगी।

    ? खनिज ऑनलाइन 2.0 : पारदर्शी प्रबंधन की नई तकनीकी क्रांति

    खनिज विभाग द्वारा तैयार खनिज ऑनलाइन 2.0 राज्य के खनन प्रशासन में डिजिटल गवर्नेंस का नया अध्याय है।
    यह पोर्टल खनिज आवंटन, उत्पादन, रॉयल्टी, नीलामी और पर्यावरण निगरानी से जुड़े सभी डेटा को एकीकृत करता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा —

    “यह केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।”

    ? 43 खदानों को मिले स्टार अवॉर्ड

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यावरण प्रबंधन और सुरक्षा मानकों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 43 गौण खनिज खदानों को स्टार अवॉर्ड से सम्मानित किया।
    इनमें 3 खदानों को 5 स्टार, 32 को 4 स्टार, और 8 खदानों को 3 स्टार रेटिंग दी गई।
    मुख्यमंत्री ने खदान संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर बधाई दी और कहा कि “छत्तीसगढ़ वैज्ञानिक और जिम्मेदार खनन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।”

    ? राज्य में खनन व उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल

    छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार कर रही है।
    उन्होंने बताया कि अब टिन से निकलने वाले स्लज से दो नए तत्वों का उत्पादन प्रारंभ हुआ है।
    साथ ही क्रिटिकल ओअर रिसाइक्लिंग और ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर भी कार्य किया जा रहा है।
    मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि नौ वर्ष बाद पुनः माइनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन स्वागतयोग्य है।
    उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में स्टेकहोल्डर्स के सुझावों का समावेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है।
    खनिज सचिव श्री पी. दयानंद एवं संचालक श्री रजत बंसल ने विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।

    By - नरेश देवांगन 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। अपनी अनूठी परंपराओं और रस्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म, 'कुटुंब जात्रा', रविवार को स्थानीय महात्मा गांधी स्कूल परिसर के गुड़ी में संपन्न हुई। इस रस्म के तहत पूरे बस्तर संभाग एवं पड़ोसी राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र के समीपवर्ती गांव से पर्व में शामिल हुए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली को बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ससम्मान विदा किया। यह रस्म 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति की ओर इशारा करती है। 

     

    600 साल से अधिक पुरानी परंपरा

    बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि केवल इसी पर्व में इतनी बड़ी संख्या में एक-एक गांव के देवी-देवताओं के छत्र और डोली शामिल होते हैं। रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसमें राजा-महाराजाओं की तरह राजपरिवार के सदस्य और दशहरा समिति गांव-गांव से आए देवी-देवताओं और उनके पुजारियों को ससम्मान विदा करते हैं।

     

    रूसूम' देकर दी गई विदाई

    परंपरानुसार, दशहरा पर्व में शामिल होने आए संभाग के सभी ग्राम के देवी-देवताओं को 'रूसूम' (दक्षिणा/भेंट) भी दी गई। राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव और दशहरा समिति ने देवी-देवताओं के छत्र और डोली लेकर पहुंचे पुजारियों को कपड़े, पैसे और मिठाइयां देकर उनकी ससम्मान विदाई की।

    शहर के गंगामुण्डा वार्ड में स्थित देवगुड़ी में श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना अनुसार देवी देवताओं को भेंट भी अर्पित किया। बस्तर राजपरिवार और दशहरा समिति की अगुवाई में संपन्न हुई इस कुंटुब जात्रा रस्म के साथ ही, 600 साल से अधिक पुरानी बस्तर दशहरा पर्व की परंपराएं विधि विधान से पूरी की गईं। इस दौरान पूरे परिसर में उपस्थित देवी देवता का आपस में मेल मिलाप देखते ही बन रहा था। देवी देवताओं के लाठ, डोली के साथ झुमते सिरहा और विभिन्न क्षेत्रों के आंगादेव का खेल माहौल को आकर्षक एवं अचम्म्भित किया। इस अवसर पर स्थानीय एवं आसपास के गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी देवी देवताओं का अपने परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया। सारा माहौल भक्ति भावना में डूबा नजर आया।

       रायपुर / शौर्यपथ / देश के औद्योगिक क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) — कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सहायक कंपनी — ने शनिवार को कोरबा स्थित अपने सेंट्रल वर्कशॉप में कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला संचालित सेंट्रल स्टोर यूनिट का शुभारंभ किया।
      भारत सरकार के स्पेशल कैंपेन 5.0 के अंतर्गत प्रारंभ की गई यह अभिनव पहल कोल इंडिया की इस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है कि वह संचालन और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। यह पहल इस वर्ष की शुरुआत में बिलासपुर स्थित वसंत विहार में कोल इंडिया की पहली महिला संचालित औषधालय (डिस्पेंसरी) की स्थापना के बाद कंपनी के “नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति” के संकल्प को और मजबूत करती है।
      नई सेंट्रल स्टोर यूनिट का संचालन पूरी तरह आठ महिला अधिकारियों और कर्मियों की एक टीम द्वारा किया जाएगा, जिसका नेतृत्व सीनियर मैनेजर (इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनन विद्यालय), धनबाद की पूर्व छात्रा सुश्री सपना इक्‍का कर रही हैं। यह टीम स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति और इन्वेंट्री प्रबंधन की सभी प्रक्रियाओं को आधुनिक एसएपी (SAP) आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित करेगी, जिससे कार्य में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
      उद्घाटन समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके पश्चात् एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने फीता काटकर यूनिट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजनाएं) आर. सी. महापात्रा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट महिला कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
      इस अवसर पर संबोधित करते हुए हरीश दुहन ने कहा कि यह पहल एसईसीएल की समावेशी यात्रा का एक नया अध्याय है। उन्होंने कहा, “बिलासपुर में कोल इंडिया की पहली महिला संचालित औषधालय के सफल संचालन के बाद, हम कोरबा में एक और अग्रणी कदम उठाने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। ऐसे प्रयास माननीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी जी की उस दूरदर्शी सोच के अनुरूप हैं, जिसमें वे कोयला क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी और उनके लिए नेतृत्व के अवसर सृजित करने पर बल देते हैं।”
      इससे पूर्व, महाप्रबंधक (वर्कशॉप) जी. के. द्विवेदी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन) बलराम टंडन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन एसईसीएल सेंट्रल वर्कशॉप, कोरबा की टीम द्वारा किया गया।
      एसईसीएल कोरबा की यह पूर्णतः महिला संचालित सेंट्रल स्टोर यूनिट कोयला और ऊर्जा क्षेत्र में समावेशी विकास का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी तथा कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य सहायक कंपनियों में भी ऐसी महिला नेतृत्व वाली इकाइयों की स्थापना के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी।

    तीन राशियों की किस्मत चमकी, कुछ को सतर्क रहने की जरूरत शौर्यपथ। राशिफल । आज रविवार को ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए फायदेमंद…

        Raipur / Shouryapath / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को खुदाई कार्यों की जानकारी सी-बड (CBuD - Call Before u Dig) मोबाइल एप पर अनिवार्यतः अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। विभाग ने नगरीय निकायों में पदस्थ सभी अभियंताओं को निकायों में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की खुदाई की जानकारी मोबाइल एप पर शीघ्र अपलोड करना सुनिश्चित करने को कहा है।

    नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री आर. एक्का ने निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि केन्द्रीय संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग द्वारा नगरीय निकाय क्षेत्रों में विभिन्न खुदाई कार्यों जैसे पाइपलाइन, केबल, गैस पाइपलाइन आदि कार्यों के लिए विभिन्न एजेंसियों के द्वारा किए जा रहे सड़कों की खुदाई के कार्यों की जानकारी अनिवार्य रूप से सी-बड (Call Before u Dig) मोबाइल एप पर अपलोड कराने के लिए निर्देशित किया गया है। दूरसंचार विभाग ने इसके लिए एप का अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा है।

    नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र में अवगत कराया है कि नगरीय निकायों, क्षेत्रीय कार्यालयों एवं निकाय स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर उनका पंजीयन सी-बड मोबाइल एप पर किया जा चुका है। इसके लिए समय-समय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। विभाग ने नगरीय निकायों में पदस्थ अभियंताओं द्वारा मोबाइल एप पर निकायों में चल रहे विभिन्न कार्यों की खुदाई की जानकारी अपलोड नहीं करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए खुदाई की जानकारी अनिवार्यतः अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

    “अवैध संबंध बने मौत का कारण” : ईर्ष्या, धोखा और ‘सम्मान’ के नाम पर बढ़ रही हत्याओं की काली परछाईक्राइम /शौर्यपथ / अवैध संबंधों के…

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त आज जारी कर दी। योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1-1 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।

    नवरात्रि के समापन के शुभ अवसर पर मातृशक्ति को यह वित्तीय सौगात प्रदान करते हुए सरकार ने महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता के अपने वादे को फिर एक बार साकार किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन उपरांत योजना की राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर की।

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा —

    “मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय के सुशासन से जनता की गारंटी पूरी हो रही है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं की खुशी ही हमारा संतोष है।”

    उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने ही महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
    जन-धन खाते, उज्ज्वला योजना, महिला नाम से राशन कार्ड और अब महतारी वंदन योजना — ये सब इस बात के प्रमाण हैं कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।

    मंत्री श्री यादव ने बताया कि धान खरीदी में ₹3100 प्रति क्विंटल का मूल्य देकर किसानों को भी न्याय दिलाया गया है। महिलाओं को हर माह ₹1000 की राशि मिलने से घरेलू जरूरतों की पूर्ति में सहूलियत हो रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।

    प्रदेश सरकार के अनुसार, बीते वर्ष प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 20 किश्तें जारी की जा चुकी हैं, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाएं सीधे लाभान्वित हुई हैं।
    सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।

        छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पहाड़ों के पार अब उम्मीदों की राह बन चुकी है। राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (लेफ्ट हैंड साइड) का निर्माण मात्र 12 महीनों में पूरा कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इंजीनियरिंग और विकास का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ट्वीट में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि “यह केवल इंजीनियरिंग की नहीं, बल्कि जन-जीवन को जोड़ने वाली उम्मीदों की राह है।” उन्होंने आगे कहा कि यह “समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का हिस्सा है, जिससे छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क, व्यापार और रोज़गार के अवसरों में बड़ी वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं NHAI टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

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