August 15, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    रायपुर

    रायपुर (6089)

    धमतरी/नगरी शौर्यपथ

    नगर के दुर्गा स्थापना स्थल के चौड़ी निर्माण पर न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा जारी गत 2 वर्ष पूर्व जारी स्थगन आदेश पूर्ण जांच उपरांत खारिज कर दी गई है।
    विस्तृत जानकारी के अनुसार नगर के हृदय स्थल राजा बड़ा में वर्षों से ग्राम व्यवस्था समिति द्वारा नव आनंद कला मंदिर का गठन कर नगर में एक ही स्थान पर दुर्गा उत्सव के समय दुर्गा प्रतिमा का पूजा एवं दुर्गा उत्सव मनाया जाता है।
    उक्त स्थल पर 65 वर्ष पूर्व एक झोपड़ी नुमा मंदिर था ।जो कि जर्जर होने से तत्कालीन अध्यक्ष स्वर्गीय संपत लाल जी छाजेड़ के नेतृत्व में आनंद कला मंदिर के पदाधिकारियों ने गत 2007 में जीर्णोद्धार करते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।
    जो कि तत्कालीन तहसीलदार नगरी ने जांच उपरांत सही पाया था ।
    किंतु इस बीच नगरी के एक महिला द्वारा इस बाबत व्यवहार न्यायालय में वाद पेश किए जाने से उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया था । फल स्वरुप निर्माण कार्य रोका गया था। उक्त व्यवहार न्यायालय नगरी पूर्ण सुनवाई उपरांत राजस्व अधिकारियों के जांच प्रतिवेदन से संतुष्ट होते हुए मामला खारिज कर दिया गया एवं इसकी अपील अति जिला न्यायधीश धमतरी में भी की गई जो खारिज हो गई ।उक्त व्यवहार वाद खारिज किए जाने पर पुनः निर्माण कार्य में बुधवारी बाजार दुर्गा उत्सव विजयदशमी सेवा समिति नगरी जो कि ग्राम व्यवस्था समिति के अंतर्गत पंजीयन कराकर पुनः प्रारंभ दिनांक को किया गया निर्माण के अंतर्गत दुर्गा स्थापना हेतु पूर्व निर्मित स्थल गर्भ गृह के ऊपर चौड़ी का निर्माण कार्य किया जा चुका है तथा उस पर पिलर खड़े किए जा चुके थे इसी बीच तहसीलदार नगरी ने उसे अतिक्रमण मानते हुए रोक दिनांक 19 फरवरी 2018 को स्थगन जारी कर दिया था उक्त रोक का आदेश ललित शर्मा को दिया गया था जिन्होंने तहसीलदार नगरी के न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब तथा दस्तावेज बनाने एवं पैरवी हेतु नगर के वकील से सहयोग मांगा तो नगरी के लगभग सभी वकील कुशाल चंद जैन ,तेज बहादुर अग्रवाल ,मारुत कुमार गंजीर, मुकेश साहू ,सुरेश साहू, चित्रभानु तेजस ,सुरेश प्रजापति, फारुख खान लोहानी ,सुरेश साहू बलभद्र, राजेंद्र मिश्रा मुकेश सेमरी धीरेंद्र सुरेश दुष्यंत कौशल ,तुलसी साहू ,पुष्पेंद्र साहू ने सभी ने अपने पावर पेश कर प्रखंड की पैरवी कर तहसीलदार नगरी को संतुष्ट किया उक्त भूमि राजा महाराजा के समय से दुर्गा उत्सव के लिए उपयोग में आ रही है तथा बाद में इसे बुधवारी बाजार भी लगाया जाता है इसी वजह से उक्त भूमि के राजस्व रिकॉर्ड से छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गा उत्सव एवं बुधवारी बाजार के लिए आरक्षित किया है जो कि वर्तमान में मिसल रिकॉर्ड में दर्ज है मौके पर ललित शर्मा द्वारा व्यक्तिगत निर्माण नहीं किया जा रहा है बल्कि दुर्गा विजया दशमी सेवा समिति नगरी जो अपने शासन द्वारा पंजीकृत संस्था है उसके द्वारा किया जा रहा है ।न्यायालय तहसीलदार नगरी द्वारा इस संबंध में मौका का जांच पटवारी राजस्व निरीक्षक से बुलाया और सभी एकमत यह प्रतिवेदन दिया कि उक्त निर्माण कार्य से किसी के विस्तार में कोई बाधा नहीं हो रही है तथा जो निर्माण किया जा रहा है वह पूर्व से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है किसी प्रकार का अतिक्रमण होना नहीं पाया गया है ।
    बुधवारी बाजार एवं दुर्गा उत्सव के लिए सार्वजनिक हित में सुरक्षित है मौके पर दुर्गा प्रतिमा रखने के लिए चौडी का निर्माण, किसी भी निस्तार में अड़चन नहीं होने से अतिक्रमण प्रकरण चलाए जाने की आवश्यकता नहीं है। मौके पर जो निर्माण कार्य से तहसीलदार नगरी के न्यायालय ने जो स्थगन जारी किया था उसे निरस्त करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया गया है ।
    उक्त फैसला हो जाने पर नगर व्यवस्था समिति में हर्ष व्याप्त है।

    रायपुर/राजिम शौर्यपथ

    अजय देवांगन

    मिली जानकारी के अनुसार राजिम की एक छात्रा कोरोना संक्रमित पाई गई है, छात्रा कुछ दिन पहले ही कोटा से वापस लौटी थी, जानकारी मिली है कि छात्रा को पहले कवर्धा में आइसोलेट किया गया था, 6 दिन तक कवर्धा क्वॉरेंटाइन में रहने के बाद 5 तारीख को छात्रा राजिम आई थी, उसके बाद से छात्रा को घर पर ही क्वॉरेंटाइन में रखा गया है,

    फिलहाल छात्रा को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है, जिले के आला अधिकारी कलेक्टर श्याम धावडे जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह एसपी भोजराम पटेल राजिम पहुंच चुके हैं।

    धमतरी शौर्यपथ

    भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए बारिश की सटीक भविष्यवाणी बेहद महत्वपूर्ण होती है। वैज्ञानिक तो अपने अनुमानों के आधार पर वर्षा की भविष्यवाणी करते ही हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र भी मौसम के पल-पल बदलते रंग के बारे में ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर सटीक परिणाम बताता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आज भी पशु-पक्षी, कीट-पतंगों और खास प्रकार के पेड़-पौधों का व्यवहार देखकर बारिश का अनुमान लगाते हैं।
    *ज्योति शास्त्र में बारिश का अंदाजा लगाने के रोचक तरीकों*
    *अच्छी वर्षा का संकेत*
    आकाश में सारस का झुंड यदि गोलाकार परावलय बनाकर उड़ता दिखे, तो यह शीघ्र वर्षा का संकेत माना जाता है। भारतीय किसान इन्हें देखकर अपने खेतों मे बीज बोने की तैयारियों में लग जाते हैं।
    पेड़ों पर दीमक तेजी से घर बनाने लगें तो इसे अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।
    मोरों का नाचना, मेंढक का टर्राना और उल्लू का चीखना तो पूरे भारत में वर्षा का संकेत माना ही जाता है।
    बारिश के मामले में चींटी की गतिविधि देखकर सबसे पहले अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर चींटियां भारी मात्रा में अपने समूह के साथ अंडे लेकर घर बदलती दिखाई दें, तो माना जाता है कि बारिश का मौसम अब शुरू होने ही वाला है।
    अगर नीम का पेड़ फूलों से भर जाए, तो इसे बहुत अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
    *इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा, 100% बारिश होगी*
    मौसम विभाग मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। बारिश का दीर्घावधि औसत 100% रहेगा।
    इस बार वर्षा ऋतु की शुरूआत 22 जून से होने का अनुमान  है।

    धमतरी शौर्यपथ

    भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए बारिश की सटीक भविष्यवाणी बेहद महत्वपूर्ण होती है। वैज्ञानिक तो अपने अनुमानों के आधार पर वर्षा की भविष्यवाणी करते ही हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र भी मौसम के पल-पल बदलते रंग के बारे में ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर सटीक परिणाम बताता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के किसान आज भी पशु-पक्षी, कीट-पतंगों और खास प्रकार के पेड़-पौधों का व्यवहार देखकर बारिश का अनुमान लगाते हैं।
    *ज्योति शास्त्र में बारिश का अंदाजा लगाने के रोचक तरीकों*
    *अच्छी वर्षा का संकेत*
    आकाश में सारस का झुंड यदि गोलाकार परावलय बनाकर उड़ता दिखे, तो यह शीघ्र वर्षा का संकेत माना जाता है। भारतीय किसान इन्हें देखकर अपने खेतों मे बीज बोने की तैयारियों में लग जाते हैं।
    पेड़ों पर दीमक तेजी से घर बनाने लगें तो इसे अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।
    मोरों का नाचना, मेंढक का टर्राना और उल्लू का चीखना तो पूरे भारत में वर्षा का संकेत माना ही जाता है।
    बारिश के मामले में चींटी की गतिविधि देखकर सबसे पहले अंदाजा लगाया जा सकता है। अगर चींटियां भारी मात्रा में अपने समूह के साथ अंडे लेकर घर बदलती दिखाई दें, तो माना जाता है कि बारिश का मौसम अब शुरू होने ही वाला है।
    अगर नीम का पेड़ फूलों से भर जाए, तो इसे बहुत अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।
    *इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा, 100% बारिश होगी*
    मौसम विभाग मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। बारिश का दीर्घावधि औसत 100% रहेगा।
    इस बार वर्षा ऋतु की शुरूआत 22 जून से होने का अनुमान  है।

    रायपुर: रमज़ान शरीफ के पवित्र महीने में ईद की खरीदारी करने की बजाय गरीबों को इमदाद सदका-जकात की रकम मदद करने के लिए छत्तीसगढ़ में ज़कात फाउंडेशन ने प्रदेश के मुस्लिम भाई बहनों से अपील की.

    राज शेखर नायर

    रायपुर शौर्पपथ।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी ने प्रवासी मजदूरों की वापसी के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को अनुमति नहीं देने के लिए प्रदेश सरकार की आलोचना की है।
    विक्रम उसेण्डी ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के प्रति प्रदेश सरकार की यह दुर्भावना हैरत भरी है क्योंकि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कुछ दिनों पहले तक न केवल राजनीति की अपितु श्रमिकों की निःशुल्क वापसी के नाम पर केन्द्र सरकार के साथ सौदेबाजी जैसा कृत्य भी किया था।

     

       रायपुर  / रायपुर / लाँकडाउन के चलते छत्तीसगढ़ में फंसे पश्चिम बंगाल के लगभग 250 लोगों की सकुशल घर वापसी कराई गई।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन प्रभारी संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे अरूण भद्रा इम्तियाज हैदर सहित वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में 3 बसो को रायपुर से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। राजधानी रायपुर के आश्रय स्थल में अब तक मजदूर एवं यात्री रुके हुए थे। बंगाली समाज द्वारा भी इन लोगों की म दद की जा रही थी। इनके भोजन की व्यवस्था शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा कराई गई।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समन्वय से इन मजदूरों एवं यात्रियों को भेजा गया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के 100 लोग मुशिदाबाद जिला के 50 लोग मेदिनीपुर 50 लोग कोलकाता के  50 लोग शामिल थे।जिन बसों से इन मजदूरों को भेजा गया वापसी में उन्हीं बसों से छत्तीसगढ़ के लोगों को लाया जाएगा।

    *टाटीबंध चौक और रेलवे स्टेशन में मज़दूरों से मिलकर जाना उनका हाल

    मजदूरों की हर संभव सहायता करने अधिकारियों को निर्देश

       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देशानुसार  कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉक डाउन का निर्णय लिया गया है। राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था का जायजा लेने  गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज प्रमुख चौक चौराहों का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ शेख भी मौजूद थे। गृहमंत्री श्री साहू ने टाटीबंध चौक और रेलवे स्टेशन पर दूसरे राज्यों के छत्तीसगढ़ में फंसे मज़दूरों से उनका हाल चाल जाना और उनके किए गए व्यवस्था के बारे में  जानाकरी ली।  झारखंड और उत्तर प्रदेश के मज़दूरों ने बताया कि यहाँ की व्यवस्था ठीक है। हमारे लिए  खाने-पीने आदि की व्यवस्था की गई  है। मजदूरों ने बताया कि उन्हें उनके गृह राज्य भेजने की व्यवस्था की जा रही है। 

       मंत्री  साहू ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से कहा कि दूसरे राज्य के मजदूर हमारे मेहमान हैं। उन्होंने ने मजदूरों की हर सम्भव मदद करने   अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के मंशा के अनुरूप कोई भी मज़दूर को परेशानी न हो। सभी के लिए उचित व्यवस्था करने का आदेश है विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिया गया है। इसीलिए आज मज़दूरों का हाल चाल जानने आया था। श्री साहू ने  और मज़दूरों से बात की और उसके लिए की गई  व्यवस्था से संतुष्ट हुवे। गृहमंत्री ने चौक चौराहों में सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवानों से भी बात की और उनकी समस्याओं के बारे में भी पूछ की। उन्होंने ड्यूटी में तैनात जवानों का हौसला अफजाई किया।

        रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए मनरेगा कार्यों से ग्रामीण श्रमिक राहत में हैं। लॉक-डाउन के मौजूदा दौर में इसने न केवल उनकी रोजगार की चिंता दूर की है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक संबल भी प्रदान किया है। सामुदायिक और व्यक्तिमूलक आजीवन संवर्धन के कार्यों के तहत जल संरक्षण, कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन को मजबूत करने विविध परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों में अभी सीधे रोजगार के साथ ही मनरेगा के तहत निर्मित हो रही परिसंपत्तियों से भविष्य में जीविकोपार्जन के बेहतर संसाधन मिलेंगे।
    बस्तर जिले में भी मनरेगा कार्य जोरों पर है। वहां संचालित विभिन्न कार्यों में अभी 31 हजार 397 श्रमिक काम कर रहे हैं। कार्यस्थलों पर सवेरे पांच बजे से ही श्रमिकों की चहल-पहल शुरू हो जाती है। सुबह पांच से आठ बजे के बीच ये अपने-अपने हिस्से का काम खत्म कर धूप तेज होने के पहले ही घर लौट आते हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए मजदूर मुंह ढंकने के लिए मास्क या गमछा का इस्तेमाल कर रहे हैं। परस्पर शारीरिक दूरी बनाए रखने के दिशा-निर्देशों के पालन के साथ ही सभी कार्यस्थलों पर साबुन से हाथ धुलाई की व्यवस्था की गई है।
    बस्तर जिले में करीब छह हजार प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की संभावना है। इनकी क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद काम की मांग करने वालों को भी तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिनके पास मनरेगा जॉब-कॉर्ड नहीं हैं, उनके नए जॉब-कॉर्ड बनाए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में बस्तर जिले में मनरेगा के लिए 94 करोड़ रूपए का लेबर बजट प्रावधानित है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में वहां मनरेगा कार्यों में 61 करोड़ रूपए से अधिक की राशि खर्च की गई है।

     

        मनरेगा के तहत गांवों में जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किए जा रहे हैं। सभी विकासखण्डों में निजी डबरी, कुआं, भूमि सुधार, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पशु शेड निर्माण, गौठान निर्माण, चारागाह निर्माण, शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण, व्यक्तिमूलक फलदार वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, हितग्राहियों के लिए बकरी शेड, मुर्गी शेड, महिला समूह के माध्यम से नर्सरी में पौध निर्माण, सिंचाई के लिए नाली निर्माण, गांव से जल निकास के लिए नाली निर्माण, बोल्डर डेम, चेक डेम, गेबियन निर्माण तथा महिला समूह के लिए वर्क-शेड निर्माण जैसे काम कराए जा रहे हैं।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision