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दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त आज जारी कर दी। योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1-1 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
नवरात्रि के समापन के शुभ अवसर पर मातृशक्ति को यह वित्तीय सौगात प्रदान करते हुए सरकार ने महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता के अपने वादे को फिर एक बार साकार किया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन उपरांत योजना की राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर की।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा —
“मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय के सुशासन से जनता की गारंटी पूरी हो रही है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं की खुशी ही हमारा संतोष है।”
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने ही महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
जन-धन खाते, उज्ज्वला योजना, महिला नाम से राशन कार्ड और अब महतारी वंदन योजना — ये सब इस बात के प्रमाण हैं कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि धान खरीदी में ₹3100 प्रति क्विंटल का मूल्य देकर किसानों को भी न्याय दिलाया गया है। महिलाओं को हर माह ₹1000 की राशि मिलने से घरेलू जरूरतों की पूर्ति में सहूलियत हो रही है और आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।
प्रदेश सरकार के अनुसार, बीते वर्ष प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 20 किश्तें जारी की जा चुकी हैं, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाएं सीधे लाभान्वित हुई हैं।
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पहाड़ों के पार अब उम्मीदों की राह बन चुकी है। राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (लेफ्ट हैंड साइड) का निर्माण मात्र 12 महीनों में पूरा कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इंजीनियरिंग और विकास का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ट्वीट में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को साझा करते हुए कहा कि “यह केवल इंजीनियरिंग की नहीं, बल्कि जन-जीवन को जोड़ने वाली उम्मीदों की राह है।” उन्होंने आगे कहा कि यह “समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का हिस्सा है, जिससे छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क, व्यापार और रोज़गार के अवसरों में बड़ी वृद्धि होगी।मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं NHAI टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है सड़क अधोसंरचना, 2.79 किमी लंबी सुरंग बनेगी विकास की नई राह – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
RAIPUR / SHOURYAPATH / छत्तीसगढ़ ने आज बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सिर्फ 12 महीनों में राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग (लेफ्ट हैंड साइड) का निर्माण कर लिया है। यह ब्रेकथ्रू इंजीनियरिंग की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आमजन के जीवन और राज्य के आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाला है।
2.79 किलोमीटर लंबी यह टनल रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का हिस्सा है, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभनपुर परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा निर्मित किया जा रहा है। यह ट्विन ट्यूब टनल जब पूरी तरह तैयार होगी, तो रायपुर से विशाखापट्टनम तक यात्रा का समय काफी कम होगा, व्यापार एवं उद्योग को गति मिलेगी और छत्तीसगढ़, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह टनल समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क एवं परिवहन अधोसंरचना का विकास प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है। इस टनल से छत्तीसगढ़ में पर्यटन और सामाजिक–आर्थिक जुड़ाव के नए अवसर भी खुलेंगे।
उन्होंने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के अनुरूप यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सिंगापुर में गर्मी की छुट्टियां मनाने गए दो भारतीय युवकों को वहां के कड़े कानून का सामना करना पड़ा है। सिंगापुर की एक अदालत ने 23 वर्षीय अरोकियासामी डाइसॉन और 27 वर्षीय राजेंद्रन को दो सेक्स वर्कर्स के साथ मारपीट और लूटपाट के मामले में 5 साल 1 महीने की सख्त कैद और 12 कोड़े मारने की सजा सुनाई है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक 24 अप्रैल 2025 को सिंगापुर पहुंचे थे। वहां एक अज्ञात व्यक्ति के जरिए उनकी मुलाकात दो अलग-अलग सेक्स वर्कर्स से हुई। दोनों ने पहले होटल में एक महिला से मिलकर उसके हाथ-पैर बांध दिए, उसके साथ मारपीट की और कैश, गहने, पासपोर्ट तथा बैंक कार्ड लूट लिए। इसी रात इन्होंने दूसरे होटल में एक अन्य महिला को भी निशाना बनाया, उससे भी कैश, मोबाइल फोन और पासपोर्ट छीन लिए, और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस कार्रवाई व अदालती सजा -
घटना के अगले ही दिन दोनों पीड़िताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए दोनों भारतीय युवकों को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया और वित्तीय तंगी का हवाला देकर सजा कम करने की अपील की, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।
अदालत की टिप्पणी और सिंगापुर का कानून
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध केवल लूटपाट नहीं, बल्कि गंभीर हिंसा की श्रेणी में आता है। इस मामले में दी गई सजा सिंगापुर में अपराध के प्रति लागू 'जीरो टॉलरेंस' नीति और वहां के सख्त कानूनों का प्रमाण है। ऐसे मामलों में सिंगापुर सरकार अपराधियों के लिए किसी भी प्रकार की राहत नहीं देती है, जिससे देश को सुरक्षित रखा जा सके।
JAGDALPUR / SHOURYAPATH / केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा पर्व से जुड़े मांझी-चालकी, मेम्बर एवं मेम्बरीन के सम्मान में आयोजित अभिनंदन भोज में शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अभिनंदन भोज में परोसे गए आदिवासी समाज के पारम्परिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये पारम्परिक व्यंजन बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी जीवन मूल्यों का अनूठा स्वाद प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा में मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ अभिनंदन भोज केवल एक सत्कार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे, सामुदायिक मेल-जोल और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यह अवसर न केवल बस्तर की समृद्ध और जीवंत आदिवासी संस्कृति का उत्सव है, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।
अभिनंदन भोज में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री महेश कश्यप एवं श्री भोजराज नाग, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, विनायक गोयल, चैतराम अटामी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम तथा सुश्री लता उसेंडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
RAIPUR / JAGDALPUR / SHOURYAPATH / केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दंतेश्वरी से देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
RAIPUR / SHOURYAPATH / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में 4 और 5 अक्टूबर 2025 को ‘नासा इंटरनेशनल स्पेस ऐप्स चैलेंज 2025’ का ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है। पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य में आयोजित यह विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक वैश्विक हैकाथॉन राज्य की तकनीकी क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर रहा है।
दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से हिस्सा लिया, जिनमें से 200 से अधिक प्रतिभागी छत्तीसगढ़ से हैं। 48 घंटे तक चलने वाले इस नवाचार महोत्सव का आयोजन एनआईटी रायपुर के सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन तथा इनोवेशन सेल द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. (श्रीमती) ए. बी. सोनी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर, तथा विशेष अतिथि डॉ. समीर बाजपेई, प्रमुख, करियर डेवलपमेंट सेंटर (सीडीसी) उपस्थित रहीं। इस अवसर पर डॉ. सौरभ गुप्ता, फैकल्टी इंचार्ज, इनोवेशन सेल एवं कॉसाइन, डॉ. रम्या सेल्वा राज, फैकल्टी इंचार्ज, इंस्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) और डॉ. कपिल सोनी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
डॉ. सौरभ गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष एनआईटी रायपुर को छत्तीसगढ़ के लोकल लीड के रूप में चुना गया है, जो संस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिभागी परिसर में प्रत्यक्ष रूप से इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।
मुख्य अतिथि डॉ. ए. बी. सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि “सच्चा नवाचार नेतृत्व और सहयोग से उत्पन्न होता है, जो समाज पर वास्तविक प्रभाव डालता है।” उन्होंने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रतिभागियों ने नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) और इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) जैसे संस्थानों द्वारा उपलब्ध कराए गए ओपन-सोर्स डेटा का उपयोग कर अंतरिक्ष अन्वेषण और सतत विकास से संबंधित नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए। इस आयोजन के माध्यम से एनआईटी रायपुर ने छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष नवाचार के मानचित्र पर स्थापित करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
विजयादशमी पर्व पर दुर्ग में रावण दहन, बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण हेतु 7 लाख की घोषणा
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव विजयादशमी पर्व के अवसर पर नगर के बैगा पारा मिनी स्टेडियम और ऋषभ ग्रीन सिटी में आयोजित दशहरा उत्सव एवं रावण दहन कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम की आरती एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों और नगरवासियों की सुख-शांति व समृद्धि की मंगलकामना की।
मंत्री यादव ने विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें सत्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा –
"मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमें समाज में भाईचारा, समरसता और मानवीय मूल्यों को सशक्त करना होगा। यही मार्ग हमें एक सशक्त और सभ्य समाज की ओर ले जाएगा।"
उन्होंने आगे कहा कि रामराज्य की परिकल्पना केवल शासन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के जीवन में नैतिकता, न्याय और समानता को स्थापित करने का संदेश देता है। वर्तमान समय में श्रीराम के आदर्श और दशहरा पर्व की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण की घोषणा
दशहरा उत्सव के दौरान मंत्री यादव ने बड़ी घोषणाएँ करते हुए कहा कि जय शीतला यंग क्लब को वे प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये प्रदान करेंगे। साथ ही, बैगा पारा मिनी स्टेडियम के संधारण हेतु 7 लाख रुपये देने की घोषणा की।
नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी स्टेडियम के समतलीकरण का कार्य जल्द शुरू करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर जय शीतला यंग क्लब के अध्यक्ष संजय यादव सहित समिति के सदस्यों ने मंत्री व महापौर का आभार व्यक्त किया। यह क्लब अपने 50वें वर्षगांठ रावण दहन समारोह का आयोजन कर रहा था।
भव्य रावण दहन और सुरक्षा व्यवस्था
स्व. हेमचंद यादव के बाद यह पहला अवसर था जब किसी कैबिनेट मंत्री ने इस रावण दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।
जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से गूंजते इस कार्यक्रम में शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी।
भव्य आयोजन को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी तापेश्वर नेताम ने स्वयं पुलिस बल के साथ सुरक्षा मोर्चा संभाले रहे।
गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ 50वाँ वर्ष
बैगा पारा मिनी स्टेडियम में आयोजित यह दशहरा उत्सव और रावण दहन जय शीतला यंग क्लब की 50वीं वर्षगांठ का प्रतीक रहा, जो सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देता है। मंत्री गजेन्द्र यादव की घोषणाओं से स्टेडियम का रूपांतरण अब और भी तेज़ी से होगा, जिससे आगामी आयोजनों को नई दिशा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में महिला स्वास्थ्य को मिला नया आयाम, बढ़ी ग्रामीण अंचलों में जागरूकता
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान: 31 हज़ार शिविरों में 22 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच
नवरात्रि में जुड़ा स्वास्थ्य का संकल्प – महिलाओं ने लिया जागरूकता का व्रत
36 हज़ार से अधिक हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना व पीएम-जय कार्ड का वितरण
रायपुर / शौर्यपथ / केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” ने छत्तीसगढ़ में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। बीते पखवाड़े भर में प्रदेशभर में 31 हजार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 22 लाख लोगों ने जांच और उपचार की सेवाएं प्राप्त कीं। विशेष बात यह रही कि इन शिविरों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रही। यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि अब ग्रामीण अंचलों में भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रही हैं। यह सहभागिता अभियान के उस मूल विचार को सशक्त करती है, जिसके अनुसार जब महिला स्वस्थ होती है, तभी पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।
इन शिविरों में महिला स्वास्थ्य, पोषण और अनीमिया जांच को विशेष प्राथमिकता दी गई। इस दौरान पाँच लाख से अधिक लोगों की अनीमिया जांच की गई। यह न केवल जांच की व्यापकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार महिलाओं में खून की कमी जैसी पुरानी समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम उठा रही है। शिविरों में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, बच्चों का टीकाकरण, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, टीबी, कैंसर और सिकल सेल जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग को भी शामिल किया गया। परिणामस्वरूप 1.91 लाख गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, 2.72 लाख लोगों की सिकल सेल स्क्रीनिंग हुई, 3.72 लाख लोगों की टीबी जांच की गई और 67 हजार से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए।
अभियान अंतर्गत महिला स्वास्थ्यकर्मियों और विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की महत्ता, स्वच्छता और जीवनशैली में सुधार जैसे विषयों पर परामर्श दिया। यह पहल उपचार से आगे बढ़कर समय रहते रोगों की पहचान और रोकथाम की दिशा में भी कारगर सिद्ध हो रही है। लगभग 13 लाख लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया, जिससे यह स्पष्ट है कि यह अभियान केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सोच बदलने का प्रयास भी है।
अभियान की व्यापकता का अनुमान इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि इसे नवरात्रि महोत्सव से जोड़कर महिला स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण की अभिनव पहल की गई। राज्य के विभिन्न जिलों में नवरात्रि के दौरान माता पंडालों और गरबा स्थलों पर हजारों महिलाओं ने ‘स्वस्थ नारी–सुरक्षित परिवार’ का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा है। इस दौरान 36,186 हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्ड वितरित किए गए, जिससे अब उन्हें उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक निःशुल्क पहुंच मिल सकेगी। छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का एक मॉडल बनकर उभर रहा है। गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक पहुँचते हुए यह पहल दर्शाती है कि जब नीतियां ज़मीन पर उतरती हैं, तो बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर दिखाई देता है।
टीबी उन्मूलन की दिशा में केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता
भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी दिशा में लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहे हैं।‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के दौरान ही 3,72,985 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की गई, जिनमें लक्षण पाए जाने पर तुरंत इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई। टीबी रोगियों के पोषण और सहयोग के लिए 7,000 से अधिक ‘निक्षय मित्रों’ को पंजीकृत किया गया है, जो उन्हें पोषण आहार और मानसिक संबल प्रदान कर रहे हैं।
"स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की नींव है और इसी सोच के साथ छत्तीसगढ़ में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने व्यापक सफलता हासिल की है। बीते पखवाड़े में आयोजित हजारों शिविरों में लाखों लोगों ने जांच व उपचार कराए, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि अब ग्रामीण अंचलों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इस अभियान में महिला स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और गंभीर बीमारियों की जांच के साथ-साथ परामर्श और जागरूकता पर भी जोर दिया गया है, जिससे यह पहल सिर्फ इलाज तक सीमित न रहकर सामाजिक सशक्तिकरण का मॉडल बन गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत 2025 संकल्प की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह योगदान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
"स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान ने गांव-गांव और दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लाखों महिलाओं को अनीमिया, सिकल सेल और टीबी जैसी बीमारियों की जांच एवं परामर्श की सुविधा मिली है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर परिवार तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे और यह अभियान इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ है।"
मुख्यमंत्री साय करमा परब पर्व 2025 में हुए शामिल
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित अखिल भारतीय वनवासी आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ रायपुर द्वारा आयोजित करमा पूजा परब 2025 महोत्सव में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान करमा राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने भारत माता के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा परब हमारी संस्कृति और हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह हमारा नैतिक कर्तव्य भी है। करमा परब हमारे प्रकृति-प्रेम और पर्यावरणीय चेतना का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने सभी को करमा परब की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी तथा उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ से जुड़े परिवार और सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
