August 07, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महानदी भवन मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालय इन्द्रावती भवन में शासकीय काम-काज सुचारू रूप से संचालित होते रहे, इसके लिए उन्होंने कोरोना संक्रमण के रोकथाम के सुरक्षा उपायों को दोनों भवनों में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश मुख्य सचिव आर.पी. मंडल को दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के चलते अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की परेशानी न हो इसका उपाए किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मुख्य सचिव को सभी कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों से कार्यालयों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों के बारे में चर्चा कर सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / अनुविभागीय दण्डाधिकारी डोंगरगढ़ ने शुक्रवार 11 सितम्बर 2020 शाम 7 बजे से शनिवार 19 सितम्बर 2020 सुबह 7 बजे तक नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ के सभी व्यवसायिक संस्थान को बंद रखने के निर्देश दिए हंै। आदेश में कहा गया है कि नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण एवं कोरोना पॉजिटिव मामलों को दृष्टिगत रखते हुए जनप्रतिनधियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा लगातार की जा रही लिखित मांग पर संपूर्ण नगरीय क्षेत्र डोंगरगढ़ को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
    इस प्रतिबंध से केवल अस्पताल, मेडिकल शॉप, शासकीय व अर्धशासकीय कार्यालय, बैंक, मिडिया (न्यूज पेपर वितरण), पेट्रोल पम्प एवं गैस एजेंसियों को मुक्त रखा गया है। सब्जी व फल मार्केंट बंद रहेगें। सब्जी व फल विक्रेता होम डिलीवरी या फेरी के माध्यम से घूम-घूम कर सब्जी व फल विक्रय कर सकते है। खाद्य प्रसंकरण से संबंधित उद्योग जैसे राईस मिल, दाल मिल, पोहा मिल आदि यथावत संचालित रहेंगे। दूध डेयरी सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खोल सकते हैं। किन्तु डेयरी में दूध के अलावा अन्य सामग्री विक्रय की अनुमति नहीं होगी तथा शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक केवल होम डिलीवरी कर सकेंगे। किराना दुकानें बंद रहेंगी। किराना व्यापारी होम डिलीवरी के माध्मय से खाद्य सामग्री की आपूर्ति कर सकेंगे।
    किसी भी प्रकार की सभा, आयोजन, जुलूस, जिम, पार्क, क्लब, धार्मिक स्थल, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। सभी नागरिक अपने घर में ही रहेंगे। बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करेंगे। किसी भी स्थिति में एक से अधिक व्यक्तियों को घर से बाहर जाने को प्रतिबंधित किया गया है। घर से बाहर जाने की स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्यत: अपना वैध प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। नागरिकों द्वारा मास्क नहीं पहनने पर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर अर्थदण्ड लगाने की व कोविड एक्ट के उल्लंघन के लिए दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
    नगरीय क्षेत्र अंतर्गत समस्त संचालित बैंक का आम जनता के लिए कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। बाहर से आने वाले नागरिकों की सूचना शहरी क्षेत्र के निवासी नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के निवासी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को लिखित में देगे। इसमें किसी भी प्रकार की चूक होने पर उनके विरूद्ध भारतीय दण्ड संहित 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत व नगरीय निकाय इसकी सूचना विकासखंड चिकित्सा अधिकारी या विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक डोंगरगढ़ को देने कहा गया है।
    जिनका भी कोरोना टेस्ट हुआ है, उन्हें रिपोर्ट आने तक घर से बाहर नहीं निकलने कहा गया है। नियम का उल्लंघन करने पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। जिस भी क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जायेगा, वहां क्षेत्र के नगरीय निकाय के कर्मचारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के कर्मचारियों द्वारा आवश्यक सामग्री की आपूर्ति की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना प्रोटाकॉल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कृषि कार्य यथावत संचालित रहेंगे। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एपेडमिक एक्ट एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।
    आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त-
    आदेश के परिपालन के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिसके अंतर्गत तहसीलदार डोंगरगढ़ श्री अविनाश ठाकुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं सम्पूर्ण डोंगरगढ़़ क्षेत्र में शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डोंगरगढ़ श्रीमती बीपी एक्का को समस्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने, कोरोना टेस्ट तथा संपूर्ण ट्रेसिंग की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी डोंगरगढ़ श्री हेमशंकर देशलहरा को संपूर्ण नगरीय निकाय में सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क पहनाने का पालन, मुनादी कराने एवं कोरोना रोकथाम के लिए आवश्कय कार्रवाई तथा बाहर से आए व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने का कार्य दिया गया हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डोंगरगढ़ श्री एलके कचलाम को संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाना व बाहर से आये व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ श्री फत्तेराम कोसरिया को घरों का एक्टिव सर्विलिएन्स, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग डोंगरगढ़ श्री जेके तिग्गा एवं अनुविभागीय अधिकारी वन डोंगरगढ़ श्री टीए खान को नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरिकेटिंग की व्यवस्था तथा थाना प्रभारी डोंगरगढ़ श्री एलेक्जेण्डर किर्रो को संपूर्ण नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र डोंगरगढ़ विशेष कर कंटेनमेंट जोन में कोरोना प्रोटोकॉल के परिपालन हेतु गस्त कराने, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाने, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, को कार्य में सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र के नागरिकों को अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने भटकना नही पड़ेगा। अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर श्याम नगर स्थित कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। रिसाली निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 40 वार्ड के नागरिक निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर प्रमाण पत्र ले सकते है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आयुक्त ने देवव्रत देवांगन को अधिकृत रजिस्टार नियुक्त किया है।
    उल्लेखनीय है कि पूर्व में शासन के निर्देश पर चिप्स कंपनी द्वारा तैयार साफ्टवेयर पर प्रमाण पत्र बनाने का कार्य च्वाइस सेंटर संचालक कर रहे थे। अब नगरीय निकाय को प्रमाण पत्र बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रिसाली निगम कार्यालय में प्रमाण पत्र बनाने भटकाव की स्थिति न हो इसके लिए अलग से व्यवस्था की गई है। परिसर में काउंटर बनाया गया है। प्रमाण पत्र को बनाने के लिए 30 दिन समय सीमा निर्धारित है।
    समय सीमा का रखे ध्यान
    जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने आवेदन जमा करने वालों को समय सीमा का ध्यान रखना आवश्यक है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1 माह के भीतर अनिवार्य रूप से आवेदन जमा करना होगा। विलंब होने पर जिला मुख्यालय सांख्यकी विभाग से व एक वर्ष से अधिक होने पर मजिस्टेऊट न्यायालय से आनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की औपचारिकता पूरी करनी होगी।
    आवेदन जमा करने यह दस्तावेज आवश्यक
    जन्म प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन माता-पिता के आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा। खास बात यह है कि अगर बच्चा संस्थागत प्रसव के तहत रिसाली निगम क्षेत्र के अस्पताल में जन्म लेता है तो इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को निगम कार्यालय में स्वत: देना होगा। वही धर मे जन्मे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने माता पिता को पार्षद द्वारा बनाए प्रमाण पत्र व स्वयं के आधार कार्ड के साथ 30 दिनो के अंदर आवेदन अनिवार्य रूप से जामा करना होगा। मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मुक्तिधाम में दाह संस्कार करते समय बनाए जाने वाली पर्ची के अलावा मृतक और आवेदक का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। साथ ही पार्षद का प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। मृत्यु होने की स्थिति में पारिवारिक सदस्य जैसे पति, पत्नि, पुत्र, अविवाहित पुत्री व माता पिता आवेदन कर सकते है।

    खेल /शौर्यपथ /बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज सैफ हसन और टीम के स्ट्रेंथ और कंडिशनिंग कोच निक ली कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। बीसीबी ने श्रीलंका दौरे से पहले सोमवार को 17 खिलाड़ियों और सात स्टाफ सहित 24 सदस्यों को टेस्ट किया गया था। ली का गत अगस्त को दुबई में टेस्ट पॉजिटिव आया था, लेकिन 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहने के बाद 23 अगस्त को उनका नतीजा नेगेटिव आया था। ढाका आने पर वह 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रहे थे।

    बीसीबी के स्पोटर्स फिजिशियन डॉ देबाशीष चौधरी ने कहा, “कोरोना के लिए हमारे कंसलटेंट ली के मामले को देख रहे हैं कि क्या यह नए तरीके से कोरोना संक्रमित हुए हैं या पहले से संक्रमित थे।” अक्टूबर-नवंबर के श्रीलंका दौरे के लिए टीम का अभ्यास शिविर इस महीने के आखिर में शुरू होना है। बांग्लादेश में अभी तक कोरोना संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले आ चुके हैं और 4500 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
    मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदिन के अनुसार श्रीलंका दौरे को देखते हुए नियमानुसार 37 सदस्यों का टेस्ट कराया गया। बीसीबी ने इससे पहले एहतियातन व्यक्तिगत रुप से ट्रेनिंग करने की इजाजत दी थी। सैफ हसन बांग्लादेश की टीम के लिए 2 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमे उन्होंने 24 रन बनाए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 24 फरवरी 2020 को ही उन्होंने अपना डेब्यू किया था।
    बता दें कि बांग्लादेश के कई क्रिकेटर अबतक कोरोना वायरस का शिकार हो चुके हैं। बांग्लादेश के पूर्व स्पिनर मुशर्रफ हुसैन, पूर्व कप्तान मशरेफ मुर्तजा, नजमुल इस्लाम और नफीस इकबाल भी कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं। बांग्लादेश का एक अंडर 19 क्रिकेटर इफ्तिखार हुसैन भी कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं।
    बता दें कि विश्व में कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 2.73 करोड़ से अधिक हो गई है और 8.92 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से विश्वभर में अब तक 27342332 लोग संक्रमित हुए हैं और 892648 लोगों की मौत हुई है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम व संभागीय महामंत्री सत्येंद्र गुप्ता के नेतृत्व में कलेक्टर दुर्ग डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक पैरामेडिकल स्टाफ और फील्ड के स्वास्थ्य अमले के संकमित होने पर शंकराचार्य मेडिकल कालेज और सेक्टर 9 अस्पताल में अलग वार्ड आरक्षित करने और इलाज मुहैया कराने ज्ञापन सौपा ।
    प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि दुर्ग जिले आम जनमानस की कोविड 19 महामारी रोकथाम ओर नियंत्रण में नए स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला लगा हुआ है अभी तक 60 से ज्यादा विभाग के चिकित्सक ओर पैरामेडिकल स्टाफ कोविड संकमित हो चुके है। जिला अस्पताल के 5 चिकित्सक स्टाफ नर्सेज ओर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक व मैनेजमेंट ओर ट्रेसिंग कार्य में लगा अमला संकमित हुआ है। दो कर्मचारियों ने अपनी जान कोविड पाजिटिव होकर गवाई है। अभी तक उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल पाई है और केंद्र सरकार द्वारा घोषित 50 लाख रूपये का बीमा क्लेम राशि हेतु जिला स्तर पर गठित टीम ने अभ्यावेदन प्रकरण बनाया है । छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग वार्ड की मांग इसलिए कर रहे क्योंकि स्वास्थ्य विभाग का अमला वैसे ही कम है। शीघ स्वास्थ्य होकर इस अमले को पुन: सेवा मे लिया जा सकता है।
    छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सभी कोविड 19 संकमित मरीजों के लिए भी बेहतर व्यवस्था करने ओर भोजन की गुणवत्ता अच्छी ओर वार्ड मे साफ सफाई करने के लिए अतिरिक्त स्वीपर रखने की मांग रखी है।
    ज्ञापन सौपने वाले मे सैय्यद असलम, अजय नायक, सत्येद गुप्ता, रोशन सिह, तृपेश शर्मा, प्रमेश पाल, राकेश तिवारी, लक्षमी कांत धोटे, खिलावन चंदाकर, संजय मिश्रा, दिलीप गजभिए, पूनम साहू, गिरजा रशमी, लिनसी राजन ओर, एन के साहू, चिकित्सकों मे डा पीयम सिह डा अनिल अग्रवाल, डा आशीष शर्मा, डा भुनेश्वर कठौतिया, डा सुब्रत नंदी, डा सुदामा चंदाकर, डा सी बी एस बंजारे, डा विनीता धुव्र, गीतांजलि गुप्ता, रशमी, बी एल वर्मा, एम पंडैया, देवेन्द्र राजपूत, एल खान, मंजू डे सहित कई लोग ने मांग की है ज्ञापन कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर पंचभाई ने लिया है।
    इस संबध मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग ने ज्ञापन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कंचादूर कालेज मे एक वार्ड आरक्षित करने आदेश दिया ओर शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ट्रीटमेंट सेंटर मे 5 बेड आरक्षित करने निर्देश दिया है संघ के सदस्यों ने मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य आधिकरी का धन्यवाद दिया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / समाज कल्याण विभाग व राष्ट्रीय न्यास से मान्यता प्राप्त कल्याण सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाईजेशन, भिलाई नगर द्वारा जिला दुर्ग, राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा में निरामया स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया गया है। निरामया योजना का उद्देश्य ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मंदबुद्धि और बहु दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे द्वारा तीन हितग्राहियों को स्वास्थ्य बीमा योजना प्रमाण पत्र वितरण किया गया।
    कैसे मिलेगा योजना का लाभ
    समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में व्यापक सुरक्षा प्रदान करने की परिकल्पना की गई है जिसमें सभी उम्र वालों को केवल एक प्रीमियम भरना होगा। बीपीएल व्यक्तियों को 250 रुपये एवं एपीएल व्यक्तियों को 500 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देना होगा। इसके अंतर्गत समाहित प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता के लिए एक जैसे कवरेज का प्रावधान है और दिव्यांगता युक्त सभी व्यक्ति पात्र होंगे और समाहित किए जायेंगे जिनके पास जो योग्यता प्रमाण पत्र है। इसके तहत नियमित चिकित्सा जांच से लेकर अस्पताल में भर्ती करने जैसी सेवाएं, इलाज से लेकर सुधार करने तक की शल्यक्रिया, परिवहन आदि उक्त इलाज राष्ट्रीय न्यास द्वारा निर्धारित अस्पतालों में इलाज किया जा सकता है, वे सभी दिव्यांग जिनमें कम से कम एक दिव्यांगता है और जिनके पास दिव्यांगता का वैध प्रमाण पत्र है वे इस योजना के अंतर्गत आवेदन के पात्र हैं।
    कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन सुपेला भिलाई, द्वारा किया जाएगा योजना का क्रियान्वयन
    स्वास्थ्य योजना का क्रियान्यवन समाज कल्याण विभाग व राष्ट्रीय न्यास से मान्यता प्राप्त कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन सुपेला भिलाई, द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक दोनर प्रसाद ठाकुर व कमलेश पटेल, परिवीक्षा अधिकारी, जंतराम ठाकुर, प्रमुख कलाकार, समाज कल्याण विभाग दुर्ग तथा कल्याण संस्था के अजय कुमार, डॉ. जयश्री गुरुमयुम व गोपाल खाड़े उपस्थित थे।

    खेल / शौर्यपथ / भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने बताया क्यों शानदार आगाज के बाद ऋषभ पंत के खेल में गिरावट आने लगी। उन्होंने कहा कि वो खुद की तुलना टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से करने लगे थे, इसी के चलते उनका डाउनफॉल शुरू हुआ। प्रसाद ने दावा किया कि पंत कुछ मामलों में धोनी की कॉपी करने की भी कोशिश की जिसका उनके खेल पर बुरा असर पड़ा। धोनी इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। पिछले कुछ सालों से पंत को उनके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पिछले कुछ महीने से पंत की खराब फॉर्म ने टीम मैनेजमेंट को काफी निराश किया है।
    'हमेशा से पंत की तुलना धोनी से की गई है'
    स्पोर्ट्सकीड़ा के फेसबुक पेज पर दिए इंटरव्यू में प्रसाद ने पंत को लेकर काफी बातें कहीं। धोनी के रिटायरमेंट के बाद लिमिटेड ओवर क्रिकेट में उनका उत्तराधिकारी पंत, संजू सैमसन और केएल राहुल को माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट ने पंत को काफी बैक भी किया है, हालांकि पिछले कुछ समय में इंटरनैशनल क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने काफी निराश किया है। 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ पंत ने टेस्ट डेब्यू किया था। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सेंचुरी जड़ने वाले वो भारत के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज बने। प्रसाद ने कहा, 'जब भी ऋषभ पंत का नाम आता है, उनकी तुलना हमेशा एमएस धोनी से की जाती है, मुझे लगता है वो इसमें फंस गए। कई बार हम लोगों ने उनसे बात की कि वो इन सब से बाहर आएं।'
    'वो हमेशा एमएसडी की परछाई में रहा'
    प्रसाद ने बताया कि टीम मैनेजमेंट पंत से किस तरह बात करता था- 'माही बिल्कुल अलग तरह के शख्स हैं और आप अलग। आप शानदार क्रिकेटर हैं, और आपके अंदर भी टैलेंट है, और यही वजह है कि हम लोग आपको बैक कर रहे हैं।' प्रसाद को लगता है कि 22 वर्षीय पंत हमेशा से धोनी की परछाई में रहे हैं, और खुद की तुलना धोनी से करने लगे। उन्होंने कहा, 'वो हमेशा से एमएसडी की परछाई में थे। वो खुद की उनसे तुलना करना शुरू कर चुके थे। उन्होंने (पंत ने) कुछ मामलों में उनको कॉपी करना शुरू कर दिया।' प्रसाद ने कहा कि पंत को धोनी की परछाई से बाहर आना होगा, क्योंकि टी20 टीम में केएल राहुल उनकी जगह ले चुके हैं। प्रसाद का मानना है कि धोनी के रिटायरमेंट से पंत को अपना खेल सुधारने का मौका मिलेगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य रोड में निगम द्वारा निर्मित सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया । इस अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल बाकलीवाल आयुक्त इंद्रजीत बर्मन सहित एम आई सी प्रभारी व पार्षद विजेन्द्र भारद्वाज मनीष बघेल निगम एवं अधिकारी ए आर राहंगडाले, और नागरिक गण उपस्थित थे ।
    उल्लेखनीय है कि शहर सौंदर्यीकरण की दिशा में नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ग्रीन चौक के पास से सागर होटल के सामने तक सड़क किनारे जहां कभी फुटपाथ पर ठेला खोमचा लगाया जाता था उस जगह पर आसपास के दुकानदार और निवासी कचरा डालते थे शहर के आम जनता को बदबूदार वातारण से गुजरना पड़ता था । स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम व्दारा उस गंदगी युक्त जगह का ब्यूटीफिकेशन करने के लिए चिन्हित किया गया । इस जगह से प्रतिदिन दो से तीन ट्रैक्टर कचरा उठाया जाता था ऐसे जगह को चिन्हित कर नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ब्यूटीफिकेशन किया गया । सड़क किनारे के इस भाग को समतल कर उसमें पेवर ब्लॉक लगाए गए साथ ही लगभग देशों से 200 मीटर लंबे जगह में जगह जगह सीमेंट के आकर्षक आकृति वाले गमले बनाए गए उन गमलों में लगाकर आप को सुंदर बनाया गया उन आकृतियों वाले गमलों में सुंदर कलर के रंगबिरंगे पेंट किए गए साथ ही स्वच्छ भारत अभियान का लोगो बनाकर उसमें शहर स्वच्छता का संदेश अंकित किया गया ।
    दुर्ग विधायक ने इस सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए नगर निगम के अधिकारियों को बधाई दी । उन्होंने कहा शहर में और भी बहुत से ऐसी जगह है जिसका सौंदर्यीकरण किया जाना आवश्यक है उन जगहों को चिन्हित कर उसका प्रस्ताव लाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा इस स्थल पर सौंदर्यीकरण करने के बाद इस क्षेत्र की स्थिति बदल गई है अब इस भाग में कोई कचरा नहीं डालता गंदगी नहीं होती और आकर्षक आकृति के गमलों की आम जनता भी प्रसंशा करने लगी है ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / बिना लक्षण वाले मरीजों को रखकर उनका उपचार कर कोविड के दायरे से बाहर लाने में कोविड केयर सेंटर कचांदुर स्थित केंद्र ने लगभग सोलह सौ मरीजों को स्वस्थ कर दिया है। 5 अगस्त से यह अस्पताल आरम्भ किया गया था। इसके बाद से यहां 1910 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। अभी तीन सौ मरीज यहां भर्ती हैं। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग करते रहें। ऐसे 100 मरीज जिन्हें ऐसी समस्या आई, उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया। कलेक्टर ने बताया कि एड्रेसिंग सिस्टम से लेकर साफ सफाई की मॉनिटरिंग की पूरी व्यवस्था बनाई है। समय-समय पर इस संबंध में फीडबैक भी लिया जाता है।
    नोडल अधिकारी निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी और निगम के अधिकारी समय समय पर स्वयं भोजन कर इसकी गुणवत्ता की जांच करते हैं। खाना रिच प्रोटीन डाइट होता है। अस्पताल के प्रभारी अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला ने बताया कि हर 6 घंटे में टीम बदल जाती है। कोविड वारियर की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इन सभी के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रिटायरिंग रूम की सुविधा उपलब्ध है ताकि आइसोलेशन की सुविधा का भी लाभ उठाया जा सके। नर्सिंग स्टाफ नियमित मॉनिटरिंग करता है। इसके साथ ही पब्लिक अड्रेसिंग सिस्टम की व्यवस्था भी है। अस्पताल की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड सेंटर बनाया गया है।
    कोविड केअर सेंटर में सबसे ज्यादा जोर रिच प्रोटीन डाइट पर है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक की पूरी व्यवस्था है।
    चरौदा के मुरली राव ने बताया कि उन्हें सेंटर में आये 8 दिन हो गए हैं। यहां अच्छा भोजन मिला, वे संतुष्ट हैं। अब घर जाने का समय पास है। काफी अच्छा लग रहा है। सेक्टर 7 के केशव राव भी जल्द डिस्चार्ज होने वाले हैं। उन्होंने बताया कि समय पर भोजन मिला, मुझे अच्छा लगा, मैं संतुष्ट हूँ। मनीष वर्मा भिलाई निवासी हैं उन्होंने कहा कि भोजन गुणवत्तापूर्ण भी है और भरपेट भी, इसकी व्यवस्था अच्छी है।
    सबसे सुंदर सेंटर से विदाई का क्षण होता है। स्टाफ विदा करता है और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता हैं। मरीज भी कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। निगम ने दो बस इसके लिए उपलब्ध कराई है। दुर्ग से दिनेश ने बताया कि यहां आने से पहले मन में चिंता थी। अब दूर हो गई है। दवा ले रहे हैं और स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। जल्द ही अब घर जाना है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दिया कि छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन, रायपुर के द्वार उच्च न्यायालय के 1040/2020 दिनांक 9 जुलाई 2020 का गलतढंग से परिभाषित कर तिथि निर्धारित कर बच्चों को ऑनलाईन क्लासेस से वंचित कर देने की धमकी देकर दबावपूर्वक फीस वसूलने का प्रयास किया जा रहा है। कई बड़े दैनिक अखबारों में 6 सिंतबर 2020 को विज्ञप्ति जारी कर 9 सिंतबर तक फीस जमा कर देने और फीस नहीं जमा करने की स्थिति में ऑनलाईन क्लासेस से वंचित करने की बात प्रकाशित किया गया है, जो उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय दिनांक 9 जुलाई 2020 और नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 16 का स्पष्ट उल्लघंन है।
    श्री पॉल का कहना छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन, रायपुर के इस प्रकार की धमकी-चमकी से जिले में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, जिसको लेकर दिनांक 7 सिंतबर को एसोसियेशन का एक प्रतिनिधि मंडल डीईओ कार्यालय पहुंचा था, लेकिन डीईओ कार्यालय में नहीं मिले तो प्रतिनिधि मंडल ने बाल आयोग पहुंचकर छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन, रायपुर के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पुलिस अधिक्षक को निर्देशित करने की मांग की गई और फिर प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस अधिक्षक को भी छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसियेशन, रायपुर के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग किया गया।
    एसोसियेशन के रायपुर जिला सचिव पनेश त्रिवेदी ने बताया कि मा. उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय 1040/2020 दिनांक 9 जुलाई 2020 में यह उल्लेख नहीं है कि यदि पालक ट्यूशन फीस जमा नहीं करता है तो उसके बच्चे को ऑनलाईन क्लासेस से वंचित कर दिया जाएगा। एसोसियेशन के रायपुर जिला अध्यक्ष उमेश साहू का कहना है कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है, कोई भी प्रायवेट स्कूल किसी भी प्रवेशित बच्चे को किसी भी परिस्थिति में शिक्षा से वंचित नहीं कर सकता है। यदि कोई भी प्रायवेट स्कूल बच्चों को किसी भी प्रकार से जान-बुझकर प्रताडि़त करता है, जान-बुझकर अनावश्यक मानसिक कष्ट देता है, किसी प्रकार से जान-बुझकर उसकी उपेक्षा करता है तो यह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 (अधिनियम क्रमांक 2 सन् 2016) की धारा 75 और 86 के अंतर्गत गंभीर प्रवृति का अपराध है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision