August 05, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन की मंशा के अनुरूप वनवासियों एवं किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कांकेर जिले के सिंगारभाट स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में कोदो, कुटकी व रागी के प्रोसेसिंग के लिए संयत्र स्थापित किया जायेगा। इस संयंत्र के लग जाने से कोदो, कुटकी और रागी की खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलेगा।

    विधायक शिशुपाल शोरी, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, कलेक्टर के.एल. चौहान तथा वन मण्डाधिकारी अरविंद पी.एम. की उपस्थिति में आज इस संबंध में जिला कार्यालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। कोदो, कुटकी और रागी के प्रोसेसिंग व विपणन के लिए किसानों, महिला स्व-सहायता समूह एवं युवा समूहों को दायित्व सौंपा जायेगा। कृषक उत्पादक संगठन बनाकर उसके माध्यम से कोदो, कुटकी और रागी फसलों का उत्पादन एवं संग्रहण किया जायेगा। महिला और युवा समूह के माध्यम से इसका प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन का कार्य कर कृषकों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में कांकेर विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मर्दापोटी सर्कल के ग्राम इच्छापुर में हर्रा लघु वनोपज के प्रसंस्करण के लिए भी एक पृथक प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की तैयारी पूर्व से की जा रही है। इस प्रकार कांकेर में लघु धान्य और लघु वनोपज आधारित दो प्रोसेसिंग यूनिट लग रहे हैं।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की राज्य स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में बिलासपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के विविध कम्पोनेंट्स पर विस्तार से विचार विमर्श और रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बस्तर में प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के संबंध में चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन एवं मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी शामिल हुए।
    मुख्य सचिव ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी परियोजना पूरी गुणवत्ता और तकनीकी से करने के निर्देश नगरीय प्रशासन विभाग को दिए। बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कम्पोनेंट्स के संबंध में प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 163 करोड़ 48 लाख रूपए की योजना तैयार की गई है। मुख्य सचिव ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यो की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्ट्रीटलाईट के लिए टाईमर निर्धारित करने के निर्देश दिए है। नगरीय विकास विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी. ने बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 190 करोड़ रूपए व्यय किए जा चुके है। रायपुर नगर निगम के आयुक्त ने बताया कि रायपुर में पेयजल आपूर्ति के तहत वाटरमीटर लगाए जाने की योजना है। उन्होंने बताया रायपुर में मोतीबाग और गंज मंडी क्षेत्र में उच्च क्षमता की पानी टंकियां बनायी गयी है। जल संसाधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के तहत सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग की सचिव श्रीमती संगीता पी. सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्य सचिव आर.पी. मंडल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की 47वीं बैठक सम्पन्न हुई। प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सेक्टर-13 नवा रायपुर अटल नगर में मंडल द्वारा अत्याधुनिक केन्द्रीय पर्यावरणीय प्रयोगशाला लोक निर्माण विभाग के माध्यम से तैयार की जाएगी। विभिन्न पर्यावरणीय पैरामीटर्स को मापने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला होगी, जिसमें जन-जागरूकता के लिए विभिन्न पर्यावरणीय विषयों पर मॉडल्स की प्रदर्शनी भी रहेगी।
    बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के उद्योग जैसे स्पंज आयरन संयंत्र, स्टील प्लांट, सीमेंट प्लांट आदि में बड़ी मात्रा में लगने वाले कच्चे माल आयरन ओर, जिप्सम, कोयला, स्पंज आयरन, सीमेंट आदि का परिवहन सड़क मार्ग से मेकेनिकली कव्हर्ड वाहनों से ही किए जाने का निर्णय लिया गया आदि एवं वाहनों मेकेनिकली कव्हर्ड वाहनों की अनुपलब्धता की स्थिति में उद्योगों को एक वर्ष का समय इस शर्त के साथ प्रदान किया गया कि उद्योगों द्वारा कच्चे माल/उत्पादों का परिवहन तारपोलिन अथवा उपयुक्त मटेरियल से उचित एवं पर्याप्त रूप से ढंककर किया जाए। बैठक में गंभीर प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र रायपुर के सिलतरा एवं उरला तथा अन्य प्रदूषित क्षेत्र कोरबा एवं भिलाई में प्रदूषण के मुख्य स्त्रोतों का अनुपात एवं उसे वहन करने की क्षमता का अध्ययन ख्यातिलब्ध संस्थाओं जैसे आई.आई.टी., एनआईटी अथवा नीरी नागपुर से कराए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में नेशनल क्लीन एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसी प्रकार प्रदेश की 5 प्रदूषित नदियों में अपस्ट्रीम एवं डाउनस्ट्रीम में 10 कंटीन्यूअस वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
    बैठक में निर्णय लिया गया कि पर्यावरण संरक्षण हेतु मंडल रायपुर, भिलाई-दुर्ग एवं बिलासपुर के ऐतिहासिक महत्व के कुछ तालाबों में पर्यावरणीय सुधार एवं उनके जीर्णोद्धार का कार्य भी करेगा। इसके लिए कार्य प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रबंध संचालक वन विकास निगम श्री राजेश गोवर्धन, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम अनिल राय, आयुक्त नगर पालिक निगम बिलासपुर प्रभाकर पाण्डेय एवं सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल आर.पी. तिवारी उपस्थित थे।

    राज्यपाल से खादी और ग्रामोद्योग आयोग के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी त्रिभुवन ने भेंट की

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से यहां राजभवन में खादी और ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के छत्तीसगढ़ के राज्य कार्यालय के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एस.एस. त्रिभुवन ने सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर अभियान की शुरूआत की है। उन्होंने इसके लिए आवश्यक है कि युवा स्वरोजगार से जुड़े, इससे वे स्वयं अपने पैरों पर खड़े होंगे और दूसरों को भी रोजगार देंगे। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं भी स्वयंसहायता समहू बनाकर स्वयं का उद्यम शुरू कर सकते हैं। इससे महिलाएं जागरूक और सशक्त होंगी। इस कोरोना काल में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रदेश में आए हैं। उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजना सहित अन्य योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वे अपना जीवनयापन कर सके। श्रमिकों एवं किसी भी व्यक्ति को स्वरोजगार का ऋण देने से पहले उन्हें संबंधित रोजगार का प्रशिक्षण देना चाहिए, जिससे तकनीकी रूप से दक्ष होने पर वह व्यक्ति योजना के तहत दिये जाने वाले सहयोग का सदुपयोग कर सकेगा।
    सुश्री उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की एक अति महत्वपूर्ण योजना है, प्रदेश के बेरोजगार युवक-युवती इसका लाभ उठाएं। श्री त्रिभुवन ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत इस योजना के तहत स्वयं के उद्यम शुरू करने के लिए रू. 25 लाख तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें 35 प्रतिशत तक सब्सिडी हितग्राही को प्राप्त होता है। एस.टी.एस.सी. एवं महिला वर्ग को ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक छूट दी जाती है तथा 5 प्रतिशत तक स्वयं का अंशदान होता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 लाख रू. पर एक व्यक्ति को रोजगार देना अनिवार्य होता है। इच्छुक युवक-युवतियां खादी ग्रामोद्योग के कार्यालय के संपर्क कर सकते हैं और इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे कार्यालय का दूरभाष क्रमांक 07712886428 है और वेबसाईट www.pmegpeportal.gov.in है।
    इस अवसर पर राज्यपाल ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग के निर्देशिका का विमोचन किया। आयोग की तरफ से राज्यपाल को कोसे की बनी शाल और साड़ी भेंट की गई।

    / 19 एकड़ में विकसित ऑक्सीजोन में 4 हजार से अधिक पौधे
    // शहरवासी अब बीच शहर में शुद्ध आबो-हवा के साथ लेंगे सैर का आनंद

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के हृदय स्थल में 19 एकड़ में बनाए गए ऑक्सीजोन का आज लोकार्पण किया। करीब 11 करोड़ की लागत से बने इस ऑक्सीजोन से नगरवासी अब बीच शहर में शुद्ध आबो-हवा के साथ सैर और भ्रमण का भरपूर आनंद उठा सकेंगे। यह नगर के रौनक के साथ ही पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की हरियाली बढ़ाने की दिशा में ऑक्सीजोन एक महत्वपूर्ण कदम है। लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां सफेद चंदन का पौधा लगाया।
    कलेक्टोरेट परिसर के समीप बनाए गए इस ऑक्सीजोन में 12 एकड़ में अब तक 4 करोड़ रूपए की राशि व्यय कर 75 प्रजातियों के 4 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं। इस ऑक्सीजोन के बनने से शहर के पर्यावरण में सुधार के साथ ही युवाओं, बुजुर्गो बच्चों सहित शहरवासियों को सुबह-शाम सैर और मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा है कि शहरों में भी ज्यादा से ज्यादा हरियाली हो। यह राज्य सरकार का प्रयास है। रायपुर का ऑक्सीजोन इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें सबकी भागीदारी से ऑक्सीजोन की हरियाली को बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के लोगों को लंबे समय से ऑक्सीजोन की प्रतिक्षा थी। आज उनका यह इंतजार पूरा हुआ। ऑक्सीजोन सुबह और शाम की सैर करने वालों के लिए एक बहुत बढिय़ा स्थान है। ऑक्सीजोन में प्रदेश के वनों में पाये जाने वाली वृक्षों की प्रजातियों के पौधे भी रोपे गए हैं। पुराने वृक्षों को बचाकर रखा गया है। बरसात में वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने में वृक्षारोपण किया जा रहा है। जो लोग घर में पौधे लगाना चाहते हैं उनकों घर पहुंचाकर पौधे दिए जा रहे हैं। नदी, नालों के किनारे खाली जगह पर भी वृक्षारोपण किया जा रहा है।
    ऑक्सीजोन में बच्चों के खेलने के लिए झूले, फिसलपट्टी और ओपन एयर जिम के उपकरण लगाए गए हैं। ऑक्सीजोन में पौधरोपण और संरक्षण के प्रयासों के कारण एक वर्ष में ही यहां हरियाली दिखने लगी है और पक्षी तथा तितलियां बड़ी संख्या में अपना बसेरा बनाने लगे हैं। इसकी सुन्दरता और हरीतिमा देखते ही बनती है। ऑक्सीजोन में लॉन विकसित किए गए हैं और छोटा गुलाब गार्डन भी लगाया गया है।
    मॉर्निंग और इविनिंग वाक के लिए ऑक्सीजोन में 3 किलोमीटर से अधिक लम्बाई में पाथवे और पगड़ंडियां तैयार की गई हैं। इसके अलावा यहां दो वाटर बॉडी है, जिसमें से एक प्राकृतिक और दूसरी निर्मित की गई है। वर्षा का सारा पानी चैनल से होकर इसमें इकठ्ठा होता है और इससे पौधों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। यहां एक प्राकृतिक वाटर फॉल भी बनाया गया है, जो रात में लाईट्स में बड़ा सुन्दर दिखता है। यहां बांस निर्मित 8 पगौडा बनाए गए हैं और जगह-जगह छोटी चट्टानों और पत्थरों से संरचनाएं भी तैयार की गई है। युवाओं के लिए आकर्षक सेल्फी जोन भी बनाया गया है।
    ऑक्सीजोन में आम, जामुन, सीताफल, आंवला तथा अमरूद जैसे फलदार वृक्ष और तितलियों को आकर्षित करने के लिए जारूल, अमलतास, कचनार, मौलश्री, आकाशनीम जैसे फूलदार पौधे लगाए गए हैं। यहां 503 पुराने वृक्षों को संरक्षित किया गया है और पार्किंग पाथवे वाटर बॉडी में आने वाले पेड़ों को भी नहीं काटा गया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कमिश्नर जी. आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के पीसीसीएफ राजेश गोवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव और आयुक्त नगर निगम रायपुर सौरभ कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

    जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष के मुकाबले 22 प्रतिशत बढ़ा
    वाहन रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में साढ़े तीन गुना वृद्धि
    संकट के इस काल में छत्तीसगढ़ ने दिखाई राह: मुख्यमंत्री बघेल

    रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते पूरे देश में जहां आर्थिक मंदी का माहौल है, वहीं अनलॉक के बाद छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए सकारात्मक प्रयासों से राज्य में जीएसटी, आटोमोबाईल, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में तेेजी देखी जा सकती है। राज्य में जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की तुलना में जहां 22 प्रतिशत अधिक बढ़ा है, वहीं वाहनों के रजिस्ट्रेशन में मई माह की तुलना में जून माह में साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और वनवासियों को राहत पहंुचाने के लिए वनोपजों के संग्रहण में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है।
    लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जीएसटी में इजाफा हुआ है। पिछले साल जून महीने के मुकाबले इस साल जून में 22 फीसदी ज्यादा जीएसटी का संग्रह हुआ है। वर्ष 2019 में जहां 2,093 करोड़ रूपए जीएसटी संग्रह हुआ था, वहीं 2020 में 2,549 जीएसटी प्राप्त हुआ है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल इंड्रस्ट्री में भी बेहतर कारोबार देखने को मिला है। जून 2020 में जयपुर (राजस्थान) के बाद रायपुर (छत्तीसगढ)़ में सर्वाधिक कार और बाइक की बिक्री हुई है। रायपुर में मई माह में जहां 7 हजार 603 बाइक बिकी थी, वहीं जून माह में यह संख्या बढ़कर 27 हजार हो गई। इसी तरह मई माह में एक हजार 107 कार बिकी थी, वहीं जून में यह संख्या बढ़कर 2 हजार 889 हो गई। आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में 891 वाहन, मई माह में 9681 वाहन और जून माह में 32 हजार 982 वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन कार्यालयों में हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त प्राप्त होने के बाद राज्य में किसानों ने 3 हजार नये टेªक्टर भी खरीदे हैं।
    छत्तीसगढ़ राज्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में जॉब कॉर्डधारी परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में देश में शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध रोजगार सृजन में देश में दूसरे स्थान पर है। पहली तिमाही में ही राज्य में 8.85 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजन किया गया है। अब तक 55,981 परिवारों ने 100 दिनों का रोजगार प्राप्त कर लिया है। देश में 100 दिनों का रोजगार हासिल करने वाले कुल परिवारों में अकेले छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने रोजगार सृजन के मामले में सालभर के लक्ष्य का 66 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इसमें लक्ष्य का 70 प्रतिशत से अधिक काम का लक्ष्य हासिल करने में नक्सल प्रभावित जिले आगे हैं।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य में समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी है। इससे प्रदेश के वनवासी परिवारों को काफी राहत मिली है। लॉकडाउन अवधि में छत्तीसगढ़ प्रदेश लघु वनोपजों के संग्रहण में देश में पहले नम्बर पर है। छत्तीसगढ़ ने वनोपज संग्रहण के सालाना लक्ष्य को 6 माह में पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 104 करोड़ के डेढ़ लाख क्विंटल लघु वनोपजों का संग्रहण किया गया है।
    वैश्विक महामारी कोविड-19 की वजह से उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गयी है। सीएमआईई के सर्वेक्षण में प्रदेश में बेरोजगारी की दर अप्रैल माह में 3.4 प्रतिशत रही, जो 12 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। यह उसी अवधि में राष्ट्रीय बेरोजगारी की दर (23.5 प्रतिशत) से काफी कम रही। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे सम्बंधित कार्यों में बनी तेजी को सराहा। उसने अपनी रिपोर्ट में बताया कि देश व्यापी लॉकडाउन में भी छत्तीसगढ़ ने तेजी से आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।
    मुख्यमंत्री ने कहा है कि संकट के इस समय में भी छत्तीसगढ़ प्रदेश ने देश को राह दिखाई है। इस दौरान राज्य ने जो उपलब्धियां हासिल कीं वह शासन के संकल्प का परिणाम तो है ही, छत्तीसगढ़ के लोगांे के अनुशासन का भी परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी हमारी स्थिति बेहतर है। इसी संकल्प और अनुशासन के साथ हम न सिर्फ इस संकट से पार पाएंगे, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल भी कर लेंगे।

    रायपुर / शौर्यपथ /   मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने राज्य शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोरोना संकट के कारण राज्य शासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि विलंबित की गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिन्हें एक जुलाई को वेतनवृद्धि मिलती हैै। उन्हें वेतनवृद्धि एक जुलाई को ही मिलेगी, परन्तु जुलाई से दिसम्बर माह तक की वेतनवृद्धि की एरियर्स राशि का भुगतान आगामी जनवरी माह में एकमुश्त किया जाएगा। इसी प्रकार जिन अधिकारी-कर्मचारियों की वेतनवृद्धि एक जनवरी को लगती है, उनको एक जनवरी को ही वेतनवृद्धि मिलेगी और उनकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद आगामी जुलाई माह में किया जाएगा। 
        गौरतलब है कि कोरोना संकट काल में राज्य की वित्तीय व्यवस्था को देखते हुए वित्त विभाग द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित किया गया था। मुख्यमंत्री  से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की और उनसे अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित तिथि पर वेतनवृद्धि देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वेतनवृद्धि निर्धारित तिथि पर ही देने और इसकी एरियर्स राशि का भुगतान छह माह बाद करने पर अपनी सहमति प्रदान की है। इस अवसर पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन उपस्थित थे। 

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / / देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये प्‍लाज्‍़मा बैंक का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम ने कोरोना को मात देकर स्‍वस्‍थ हो चुके लोगों ने बढ़-चढ़कर प्‍लाज्‍़मा डोनेट करने की अपील की. सीएम ने कहा कि प्लाज्मा बैंक तभी सफल होगा जब लोग आगे आकर प्लाज्मा डोनेट करेंगे.जो लोग कोरोना से ठीक हो गए हैं, वे आगे आएं और प्लाज्मा डोनेट करें. सीएम केजरीवाल ने इस बात की जानकारी भी दी कि कौन प्‍लाज्‍़मा डोनेट कर सकते हैं.
    उन्‍होंने कहा कि प्‍लाज्‍़मा डोनेट करने के लिए जरूरी है कि कोरोना से ठीक हुए आपको 14 दिन हो गए हों, उम्र 18 से 60 साल के बीच में होनी चाहिए और आपका वजन 50 किलो से कम नहीं होना चाहिए. उन्‍होंने बताया कि महिलाएं जो जिंदगी में कभी एक बार भी प्रेग्नेंट हुई वह प्लाज्मा नहीं दे सकतीं. इसके अलावा जिनको डायबिटीज की बीमारी है, जो इंसुलिन लेते हैं या जिनकी डायबिटीज ज्यादा है, वह भी प्‍लाज्‍मा डोनेट नहीं कर सकते. जिनको हाइपरटेंशन की बीमारी है या ब्लड प्रेशर 140 के ऊपर है वह प्‍लाज्‍मा नहीं दे सकते. जो कैंसर सरवाइवर हैं वह प्‍लाज्‍़मा नहीं दे सकते. इसके अलावा
    जिन लोगों को पुरानी किडनी लंग या लीवर की बीमारी है, वे भी प्‍लाज्‍़मा नहीं दे सकते.

    मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ऐसे में बहुत कम लोग बचते हैं जो प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं. भगवान ने अगर आपको मौका दिया है तो आप जरूर सामने आकर किसी की जान बचाइए. उन्‍होंने कहा कि खून देने में फिर भी थोड़ी बहुत कमजोरी आ सकती है लेकिन प्लाज्मा देने में कोई कमजोरी नहीं आती यह बहुत सेफ है. 1031 पर आप कॉल करके प्लाज्मा देने की इच्छा जाहिर कर सकते हैं, इसके अलावा आप 8800007722 नंबर पर व्हाट्सएप भी कर सकते हैं. उन्‍होंने बताया कि आप खुद को रजिस्टर करेंगे तो दिल्ली सरकार से आपको फोन जाएगा. डॉक्टर आपसे बात करेंगे और देखेंगे कि क्या आप प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं और सभी पैमानों पर ठीक है या नहीं. अगर आप प्लाज्मा देने के लिए ठीक पाए जाएंगे तो आपके लिए व्यवस्था की जाएगी. समय के हिसाब से आपके घर गाड़ी भेज दी जाएगी या अगर आप खुद अपनी गाड़ी से आएंगे तो पैसा सरकार देगी. जब आप आईएलबीएस अस्पताल आएंगे तो आपके कुछ टेस्ट किए जाएंगे.

    उन्‍होंने बताया कि प्लाज्मा देने में 45 मिनट से एक घंटे का समय लगता है. महीने के बाद आपको गौरव पत्र दिया जाएगा कि आपने समाज के लिए यह अच्छा काम किया. उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कोरोना से हुई मौतों में कमी आई है. यह संख्‍या लगभग आधी हो गयी है लेकिन अभी और कम करना है. उन्‍होंने कहा, 'मैं यह दावा नहीं कर रहा कि प्लाज्मा से सभी मौत रुक जाएंगी लेकिन यह जरूर उम्मीद करते हैं कि हो रही मौतों में कमी जरूर आएगी.'

    मुंंबई / शौर्यपथ  / महाराष्‍ट्र के पालघर जिले में गरीबी से तंग आकर आदिवासी महिला ने अपनी छोटी बेटी के साथ फांसी लगा ली.घटना 22 जून शाम की है.पालघर के जव्हार पुलिस थाने में महिला के 35 साल पति दिलीप जानू वाघ के दर्ज बयान के मुताबिक, उनकी 30 साल की पत्नी मंगला वाघ 22 जून की शाम अचानक 3 साल की छोटी बेटी रोशनी के साथ लापता हो गई थी. दिलीप के अनुसार, मंगला उस समय घर मे मौजूद बड़ी बेटी नंदिनी को भी कुछ बताकर नही गई थी. बहुत तलाशने के बाद भी उन दोनों का पता नहीं चला. एक दिन बाद जब वे तलाश में जुटे थे तभी एक युवक ने उन्हें पेड़ पर फांसी लगाकर मां-बेटी की आत्महत्या का वीडियो दिखाया. वीडियो देखने के बाद उन्‍होंने इन दोनों की पहचान पत्नी और बेटी के रूप में की.
    दिलीप के मुताबिक वह आदिवासी कातकरी समाज से है और झोपड़ी में रहते हैं. उनकी अपनी जमीन नही है और वे दूसरों के खेत में मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. पत्नी मंगला परिवार की गरीबी की वजह से हमेशा परेशान रहती थी. गरीबी से तंग आकर ही उसने छोटी बेटी रोशनी को फंदे से लटकाकर खुद भी आत्महत्या कर ली. दिलीप की एक 7 साल की बेटी भी है. गौरतलब है कि पालघर जिले में जव्हार आदिवासी बहुल क्षेत्र है.यहां आदिवासी बहुत ही गरीबी में जीते हैं.

    पालघर जिले के आदिवासियों के अधिकार और न्याय के लिए लड़ने वाले सामाजिक नेता विवेक पंडित के मुताबिक ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इसकी सच्चाई जानने के लिए मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई है जिसके वो खुद अध्यक्ष हैं.विवेक पंडित का कहना है कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. उस पर वो ज्यादा कुछ नही बोल सकते लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि शव को अस्पताल ले जाने के लिए उस परिवार को 1000 रुपये आस पड़ोस से उधार लेने पड़े इससे बड़ी दुखद स्थिति क्या हो सकती है?

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज रेलवे के निजीकरण के अपने पहले कदम पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सुझाव दिया कि जनता इस कदम के लिए उसे माफ नहीं करेगी. सरकार ने आज रेल गाड़ियों के निजीकरण का पहला कदम उठाया है, जिसमें निजी कंपनियों से यात्री ट्रेन चलाने के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं. मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, निजी फर्म रेलगाड़ियों को 35 वर्षों तक चला सकती हैं. रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस प्रस्ताव में 109 मार्गों पर 151 ट्रेनें चलाने की योजना है, जो 30,000 करोड़ रुपये के निजी निवेश की मांग करेगी.
    दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क जो लगभग 13,000 ट्रेनों में चलता है, रेलवे लगभग 12 लाख लोगों को रोजगार देता है. यात्री सेवाओं का एक हिस्सा सब्सिडी पर चलता है जो कि इन वर्षों में बड़े नुकसान की वजह बना और जिसे मंत्रालय को पुन: प्राप्त करने में असमर्थ रहा है.

    राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के इस कदम पर ट्वीट कर लिखा, 'रेल गरीबों की एकमात्र जीवनरेखा है और सरकार उनसे ये भी छीन रही है. जो छीनना है, छीनिए, लेकिन याद रहे, देश की जनता इसका करारा जवाब देगी'

    रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारतीय रेल नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए निजी निवेश की यह पहली पहल है"इसका उद्देश्य, "कम रखरखाव के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी रोलिंग स्टॉक शुरू करें, कम पारगमन समय, नौकरी सृजन को बढ़ावा देना, बेहतर सुरक्षा प्रदान करना, यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करना, और यात्री परिवहन क्षेत्र में मांग की आपूर्ति की कमी को भी कम करना है.''

     

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision