August 04, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    Uncategorised

    Uncategorised (35169)

    अन्य ख़बर

    अन्य ख़बर (5876)

    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में सुबह 9 बजे होगा राज्य स्तरीय समारोह, 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में होगा ‘वंदे मातरम्’ का गायन

    रायपुर / प्रदेश में 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में समारोह को गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से आयोजित करने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं।

    बैठक में बताया गया कि राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन 15 अगस्त को प्रातः 9 बजे रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में किया जाएगा। समारोह में आकर्षक परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न शासकीय आयोजन होंगे।

    परेड से लेकर सुरक्षा तक तय हुई जिम्मेदारियां

    बैठक में निर्णय लिया गया कि परेड में भाग लेने वाली टुकड़ियों के चयन एवं रिहर्सल की व्यवस्था पुलिस उप महानिरीक्षक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में की जाएगी। वहीं समारोह स्थल की यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक रायपुर को सौंपी गई है।

    रायपुर नगर निगम को समारोह स्थल की साफ-सफाई, मंच, पंडाल और बैठक व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग एवं संस्कृति विभाग स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन करेंगे, जबकि उनके अभ्यास और अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व कलेक्टर रायपुर निभाएंगे।

    जिला और तहसील स्तर पर भी होंगे समारोह

    बैठक में बताया गया कि जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोहों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि पूरे प्रदेश में समारोह एकरूपता और गरिमा के साथ आयोजित किए जा सकें।

    150 वर्ष पूरे होने पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 7 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित सभी शासकीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संस्कृति विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।

    बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह सहित गृह विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    RBI नियमों के अनुरूप बिजली भुगतान व्यवस्था लागू होगी • देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' कानून लाएगा छत्तीसगढ़ • NRDA की OTS योजना को मंजूरी, राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीटों का अत्याधुनिक ऑडिटोरियम

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, निवेश, ऊर्जा, पुलिस व्यवस्था और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने कुल 11 अहम प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए राज्य में सुशासन, निवेश, रोजगार और जनसुविधाओं को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

    कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

    ? बिजली आपूर्ति होगी और मजबूत
    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय विद्युत उपक्रमों (CPSUs) को भुगतान के लिए अब RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

    ? बस्तर फाइटर्स के सेवा नियमों में संशोधन
    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) के भर्ती एवं सेवा नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी।

    ? निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए नियम
    निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन अधिनियम में संशोधन कर रक्षित निधि का प्रावधान लागू किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता, अधोसंरचना और छात्रों के हितों को और मजबूती मिलेगी।

    ? VAT अधिकरण समाप्त होगा
    जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद वैट मामलों में कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण समाप्त किया जाएगा। लंबित मामलों का निपटारा अब राजस्व मंडल करेगा।

    ? जीएसटी कानून होगा और सरल
    जीएसटी संशोधन विधेयक को मंजूरी देते हुए करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया।

    ? निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
    औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम में संशोधन कर निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार किया जाएगा।

    ? देश का पहला 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' कानून
    छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियम-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 लाने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। इसमें डीम्ड परमिशन, सेल्फ-सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल होंगे।

    ? नवा रायपुर में OTS योजना लागू
    NRDA द्वारा आवंटित भूखंडों एवं परिसरों पर ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026 को मंजूरी दी गई, जिससे निवेश और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

    ? पर्यावरण कानून होगा सरल
    जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा। छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाएगा।

    ? किरायेदारी कानून में संशोधन
    भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन कर मकान मालिक और किरायेदार के अधिकार स्पष्ट किए जाएंगे तथा किरायेदारी विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की जाएगी।

    ? राजनांदगांव को मिलेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
    कैबिनेट ने 2000 सीट क्षमता वाले अत्याधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया।

    विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम

    कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य में औद्योगिक निवेश, व्यापार सुगमता, उच्च शिक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, शहरी विकास और अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और नागरिकों को बेहतर एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध होंगी।

    राजनांदगांव/शौर्यपथ / सोमवार को कस्तूरबा स्कूल में एक दिवसीय इंटर डिस्ट्रिक्ट कराटे चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बॉडी टेक कराटे अकादमी के 9 खिलाड़ियों ने भाग लिया और सभी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल कर अकादमी एवं जिले का नाम रोशन किया।

    डबल इवेंट में वर्णिका साहू ने दो गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं प्रकृति साव ने एक गोल्ड एवं एक सिल्वर मेडल हासिल किया। उल्लेखनीय है कि प्रकृति साव पूर्व में भी कई प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अनेक पदक जीत चुकी हैं और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। निरोसा वर्मा ने एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। अनंत तिवारी ने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि विराज साहू ने दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। सिंगल इवेंट में वरुण खंडेलवाल ने गोल्ड मेडल प्राप्त किया और अपेक्षा तिवारी ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। वहीं पहली बार टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सृष्टि नायक ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि अनन्या शाह ने भी प्रतियोगिता में भाग लेकर सराहनीय प्रयास किया। सभी खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल बॉडी टेक कराटे अकादमी बल्कि पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया।

    प्रतियोगिता के समापन पर सभी विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर कोच दीक्षित सर, जिला जिम एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अजमानी एवं श्रीमती रुचिका अजमानी ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अमित अजमानी ने कहा कि अकादमी पिछले 3 वर्षों से 3 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षण दे रही है और उनका लक्ष्य राजनांदगांव की हर बच्ची, विशेषकर लड़कियों को सशक्त बनाना है। बच्चों की इस बड़ी सफलता से उनके अभिभावकों एवं पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। यह उपलब्धि आने वाले समय में और बड़े मुकाम हासिल करने की प्रेरणा देगी।

    *महंगी कोचिंग की चिंता खत्म: जिला प्रशासन की इस मुहिम से संवरेंगे सैकड़ों होनहारों के सपने, बेसिक फाउंडेशन मजबूत करने पर जोर*

     

    रायपुर/ शौर्यपथ । 

         धमतरी जिले के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के सपनों को अब संसाधनों की कमी नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और दूरदर्शी कदम उठाते हुए बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (BCS कॉलेज) में "पहल" कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस विशेष योजना के तहत जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क (Free) कोचिंग दी जाएगी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन के लिए 'युवा' नामक एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

    *सफलता के लिए अनुशासन और सही मार्गदर्शन जरूरी: कलेक्टर*

        कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे युवाओं के भविष्य निर्माण के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन होनहार युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंग संस्थानों का खर्च नहीं उठा पाते। इस निःशुल्क कोचिंग के जरिए विद्यार्थियों का बेसिक फाउंडेशन मजबूत होगा, जिससे वे हर प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का परचम लहरा सकेंगे।

        कलेक्टर ने बदलते कॉम्पिटिशन के इस दौर में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, कड़े अनुशासन और सही मार्गदर्शन को सबसे जरूरी चाबी बताया और छात्र-छात्राओं से पूरी लगन के साथ मेहनत करने की अपील की।

    *क्या है 'युवा' प्रोजेक्ट और इसकी खासियतें?*

        प्रशासन की यह मुहिम केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों की पूरी तैयारी को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए एक मुकम्मल खाका तैयार किया गया है।कोचिंग में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को बेहतरीन बुक्स और स्टडी मटेरियल मुफ्त दिया जाएगा। तैयारी के स्तर को जांचने और उसमें सुधार करने के लिए समय-समय पर टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। छात्रों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा की जाएगी, ताकि उनकी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें समय पर सुधारा जा सके।

        इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बीसीएस कॉलेज के प्राचार्य, उप संचालक पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, सहायक संचालक कौशल विकास, युवाओं को प्रशिक्षित करने वाले जिले के युवा मार्गदर्शक सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

         जिला प्रशासन की इस अनूठी 'पहल' से धमतरी के सैकड़ों युवाओं को न सिर्फ एक बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, बल्कि सरकारी सेवा में जाकर देश-प्रदेश की सेवा करने के उनके सपनों को एक नई और मजबूत उड़ान मिल सकेगी।

    आईआईएम रायपुर में जुटेगा पूरा मंत्रिमंडल, सुशासन, नवाचार, नेतृत्व और भविष्य की विकास रणनीति पर होगा व्यापक विचार-विमर्श

    रायपुर,। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का दो दिवसीय 'चिंतन शिविर 3.0' 4 और 5 जुलाई को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रायपुर में आयोजित होगा। सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, नवाचार आधारित और परिणामोन्मुख बनाते हुए 'विकसित छत्तीसगढ़' के विजन को नई गति प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बदलते समय की चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप शासन को निरंतर सीखते हुए स्वयं का मूल्यांकन करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को तैयार करना आवश्यक है। इसी सोच के साथ आयोजित यह चिंतन शिविर मंत्रिमंडल और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के बीच संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और प्रभावी नीति-निर्माण का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

    शिविर में प्रदेश के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन मंथन होगा। कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकी, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास और प्रभावी जनसेवा जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन चर्चाओं के आधार पर शासन की प्राथमिकताओं, विभागीय समन्वय और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भावी रणनीति तैयार की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समय की मांग के अनुरूप स्वयं को लगातार बेहतर बनाते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना भी है। चिंतन शिविर इसी सतत सुधार की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है जो पारदर्शी, जवाबदेह, संवेदनशील और परिणाम आधारित हो तथा जिसका सीधा लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे।

    उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग से संभव नहीं होगा, बल्कि दूरदर्शी नीति, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व और विभागों के बीच मजबूत समन्वय ही राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। चिंतन शिविर में होने वाला यह मंथन आने वाले वर्षों की विकास यात्रा की दिशा तय करेगा।

    राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

    चिंतन शिविर के पहले दिन आध्यात्मिक गुरु एवं मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद अभय करंदीकर उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की शासन व्यवस्था पर अपने विचार रखेंगे, जबकि डॉ. रमेश चंद कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और भविष्य की कृषि रणनीतियों पर विशेष व्याख्यान देंगे।

    दूसरे दिन की शुरुआत योग सत्र से होगी। इसके बाद सुमन बिल्ला पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र की संभावनाओं, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति एवं विकास, ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग उत्कृष्टता, नेतृत्व और प्रदर्शन की संस्कृति तथा डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, नेतृत्व और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने विचार साझा करेंगे।

    सुशासन की नई कार्यसंस्कृति पर रहेगा फोकस

    चिंतन शिविर का प्रमुख उद्देश्य शासन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देना, विभागों के बीच अभिसरण और समन्वय को मजबूत करना, निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा परिणामोन्मुख प्रशासनिक संस्कृति को विकसित करना है। साथ ही शासन में आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, नवाचार आधारित समाधान और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी।

    दुर्ग। राजनीति में अक्सर यह चर्चा होती है कि समर्पित कार्यकर्ताओं की जगह प्रभाव और चाटुकारिता को अधिक महत्व मिलने लगा है। ऐसे माहौल में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दुर्ग नगर निगम के लिए घोषित एल्डरमैनों की सूची में तुलसी यादव का नाम शामिल होना केवल एक नियुक्ति नहीं, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान का संदेश है, जो वर्षों तक बिना किसी पद और अपेक्षा के संगठन की सेवा करते हैं।

    मिलपारा वार्ड निवासी 60 वर्षीय तुलसी यादव पिछले 25 से 30 वर्षों से भी अधिक समय से भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले तुलसी यादव कृष्णा मेडिकल में नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी संगठन और समाज सेवा से दूरी नहीं बनाई।

    कोसरिया यादव समाज के संगठन मंत्री के रूप में उन्होंने समाज को संगठित करने और सामाजिक गतिविधियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरल, सहज और मृदुभाषी व्यक्तित्व के कारण वे समाज में सम्मानित पहचान रखते हैं। राजनीतिक रूप से वे वरिष्ठ भाजपा नेता हेमचंद यादव के समर्थक माने जाते हैं तथा वर्ष 2004 में वार्ड क्रमांक 38 से पार्षद पद के प्रत्याशी भी रह चुके हैं।

    एल्डरमैन के रूप में उनके नाम की घोषणा होते ही मिलपारा वार्ड सहित उनके शुभचिंतकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल तुलसी यादव का नहीं, बल्कि उन सभी निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सम्मान है जिन्होंने वर्षों तक बिना किसी स्वार्थ के पार्टी के लिए मेहनत की।

    तुलसी यादव की नियुक्ति ने यह संदेश भी दिया है कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन के लिए वर्षों तक किया गया समर्पण और निष्ठा आज भी मूल्यवान है। यह निर्णय उन कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी नई ऊर्जा देता है, जो वर्षों से बिना किसी पद की अपेक्षा के पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं।

    तुलसी यादव की कहानी यह साबित करती है कि संगठन की नींव बड़े पदों से नहीं, बल्कि उन साधारण कार्यकर्ताओं से मजबूत होती है जो हर परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़े रहते हैं। एल्डरमैन के रूप में मिला यह सम्मान उनके वर्षों के समर्पण, सेवा और संगठन के प्रति अटूट विश्वास का सच्चा प्रतिफल माना जा रहा है।

    सड़क पर सत्ता से ज़्यादा नज़र आ रही है विपक्ष की चुप्पी, अब फैसला धीरज बाकलीवाल को करना होगा

    दुर्ग। लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष केवल सरकार की आलोचना करने के लिए नहीं होता, बल्कि जनता की आवाज़ बनकर सत्ता को जवाबदेह बनाने के लिए होता है। यदि विपक्ष ही अपनी भूमिका से पीछे हट जाए तो नुकसान केवल किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और आम जनता का होता है।

    दुर्ग नगर निगम की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर शहर में लगातार सवाल उठ रहे हैं। गंदगी, बदहाल व्यवस्थाएं, विकास कार्यों में कथित भेदभाव और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष के भीतर से भी समय-समय पर आवाजें उठती रही हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से उम्मीद नेता प्रतिपक्ष से होती है कि वे इन मुद्दों को निगम परिषद से लेकर सड़कों तक मजबूती से उठाएं। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज होती जा रही है कि नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले इन मुद्दों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पा रहे हैं।

    कांग्रेस संगठन इन दिनों नए तेवर और नई कार्यशैली की बात कर रहा है। प्रदेश नेतृत्व लगातार यह संदेश दे रहा है कि संगठन में केवल पद धारण करने वाले नहीं, बल्कि मैदान में संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। कई मंचों से यह भी कहा गया है कि जो लोग केवल पद के भरोसे राजनीति कर रहे हैं, उन्हें अब सक्रिय संघर्षशील कार्यकर्ताओं के लिए जगह छोड़नी चाहिए।

    ऐसे में सवाल यह उठना स्वाभाविक है कि क्या यही कसौटी नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर भी लागू होगी?

    जनता यह अपेक्षा करती है कि विपक्ष सत्ता के हर निर्णय की समीक्षा करे, जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाए और यदि कहीं अनियमितता हो तो उसके खिलाफ संघर्ष करे। यदि विपक्ष की सक्रियता केवल औपचारिक बैठकों या सीमित राजनीतिक गतिविधियों तक सिमट जाए तो लोकतंत्र का संतुलन प्रभावित होता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दुर्ग शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के सामने अब संगठनात्मक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यदि कांग्रेस को नगर निगम में प्रभावी विपक्ष के रूप में स्थापित करना है तो उसे ऐसा नेतृत्व देना होगा जो सड़कों पर संघर्ष करता दिखाई दे, जनता के बीच उपस्थित रहे और सत्ता पक्ष से वैचारिक दूरी बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाए।

    यह किसी व्यक्ति विशेष के निजी जीवन या व्यक्तिगत संबंधों का विषय नहीं है। सार्वजनिक पद पर बैठे प्रत्येक जनप्रतिनिधि का मूल्यांकन उसके सार्वजनिक कार्यों, सक्रियता और जनता के प्रति जवाबदेही के आधार पर होना स्वाभाविक है।

    अब सबसे बड़ा राजनीतिक प्रश्न यही है—क्या कांग्रेस संगठन नगर निगम में विपक्ष की भूमिका को और अधिक धार देने के लिए कोई बड़ा निर्णय लेगा, या फिर वर्तमान व्यवस्था को ही जारी रखेगा? इसका उत्तर आने वाले दिनों में संगठन की रणनीति और नेतृत्व के निर्णयों से स्पष्ट होगा।

    दुर्ग निगम में किसकी चली सबसे ज़्यादा? सरोज पांडे का प्रभाव बरकरार, सांसद-विधायक खेमों को भी मिला प्रतिनिधित्व

    दुर्ग। लगभग ढाई वर्ष के लंबे इंतज़ार के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों में एल्डरमैनों की नियुक्ति प्रक्रिया को गति देते हुए दुर्ग नगर पालिक निगम के लिए 9 एल्डरमैनों की सूची जारी कर दी है। सूची सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। संगठनात्मक समीकरणों और राजनीतिक संतुलन को साधते हुए जारी इस सूची में एक बार फिर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सूची में शामिल अधिकांश नाम ऐसे हैं, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं अथवा सरोज पांडे के विश्वस्त माने जाते हैं। इसके साथ ही दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल तथा विधायक एवं मंत्री गजेंद्र यादव के करीबी नेताओं को भी स्थान देकर पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रमुख शक्ति केंद्रों के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया है।

    दुर्ग निगम के घोषित 9 एल्डरमैन

    श्री मदन वाडई

    श्रीमती चमेली साहू

    श्री अनुप सोनी

    श्री तुलसी यादव

    श्री दशरथ निर्मलकर

    श्री गौरव शर्मा

    श्री तेखन सिन्हा

    श्री कांतिलाल जैन (गोलू)

    श्री नरेश तेजवानी

    संगठन को प्राथमिकता, सामाजिक संतुलन पर भी ध्यान

    सूची पर नजर डालें तो इसमें विभिन्न सामाजिक वर्गों और लंबे समय से संगठन में कार्यरत कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास दिखाई देता है। पार्टी ने अनुभवी चेहरों के साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी अवसर देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन के प्रति समर्पण का सम्मान किया जाएगा।

    अब बढ़ेगी निगम की राजनीतिक सक्रियता

    एल्डरमैनों की नियुक्ति के बाद दुर्ग नगर निगम में कई महत्वपूर्ण समितियों के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। विकास योजनाओं, निगम की नीतियों और विभिन्न प्रशासनिक निर्णयों में इन मनोनीत सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ऐसे में यह नियुक्ति केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आने वाले समय की स्थानीय राजनीतिक दिशा तय करने वाली भी मानी जा रही है।

    चर्चा का विषय बनी सूची

    सूची जारी होने के साथ ही भाजपा के भीतर खुशी का माहौल है, वहीं जिन नेताओं के नामों की चर्चा लंबे समय से चल रही थी लेकिन सूची में स्थान नहीं मिला, उनके समर्थकों में हल्की निराशा भी देखी जा रही है। कुल मिलाकर यह सूची संगठनात्मक संदेश देने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक रणनीति की झलक भी पेश करती है।

    ढाई वर्षों के इंतज़ार के बाद जारी हुई यह सूची साफ संकेत देती है कि भाजपा ने दुर्ग में संगठन, अनुभव और राजनीतिक संतुलन—तीनों को साधने की कोशिश की है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नव-नियुक्त एल्डरमैन नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर के विकास में कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

    राजनीति में कुछ लोग जनसेवा से पहचान बनाते हैं, कुछ संघर्ष से, और कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी पहचान कैमरे के एंगल, रीलों और पीआर मैनेजमेंट से बनती है। कहते हैं कि एक विधायक महोदय पर "महादेव" की ऐसी असीम कृपा हुई कि देखते ही देखते अपना भव्य मीडिया हाउस खड़ा हो गया। राजधानी की एक पॉश कॉलोनी में स्थित आलीशान कार्यालय देखकर सहज ही प्रश्न उठता है कि यह पत्रकारिता का केंद्र है या फिर ब्रांड मैनेजमेंट का कॉरपोरेट स्टूडियो?

    मिशन वाली पत्रकारिता कब लग्ज़री प्रोजेक्ट में बदल गई, इसका शायद सबसे जीवंत उदाहरण यही है। यहां खबरें कम और इमेज बिल्डिंग ज्यादा दिखाई देती है।

    विधायक महोदय की सबसे बड़ी ताकत बताई जाती है—पीआर और इवेंट मैनेजमेंट। कहते हैं कि उन्होंने निजी दुख को भी सार्वजनिक आयोजन में बदलने की कला विकसित कर ली है। परिवार में शोक का अवसर आया तो श्मशान घाट तक में वीआईपी व्यवस्थाओं की चर्चा रही। संवेदना प्रकट करने वालों के फोन भी मानो इतिहास का हिस्सा बन गए—रिकॉर्ड हुए, संपादित हुए और सोशल मीडिया पर प्रसारित भी हुए।

    ऐसा लगा कि संवेदना भी अब कंटेंट कैलेंडर का हिस्सा बन चुकी है। बस एक औपचारिकता बाकी रह गई थी—"इस शोक आयोजन को सफल बनाने के लिए आप सभी का हार्दिक धन्यवाद" वाला पोस्टर।

    रीलों की दुनिया में शायद यही नया राजनीतिक दर्शन है—जो कैमरे में कैद नहीं हुआ, वह हुआ ही नहीं।

    दिलचस्प बात यह भी है कि विधायक महोदय अक्सर अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों पर अपरोक्ष टिप्पणियां करने से नहीं चूकते। शायद उन्हें यह याद दिलाने की जरूरत है कि पिछले लगभग 25 वर्षों में प्रदेश में करीब 20 वर्ष उनकी ही सरकार रही है और  लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी लंबे समय से उनकी अपनी ही पार्टी के सांसद करते रहे हैं। ऐसे में अपनी ही राजनीतिक परंपरा, नेतृत्व और संगठन के योगदान को नज़रअंदाज़ कर तंज कसना राजनीतिक परिपक्वता कम और तात्कालिक लोकप्रियता की कोशिश अधिक प्रतीत होता है।

    जनता नेताओं से संवाद चाहती है, स्व-प्रचार नहीं; जवाबदेही चाहती है, पटकथा नहीं; और सेवा चाहती है, स्टूडियो नहीं।

    लोकतंत्र में कैमरे की चमक कुछ समय के लिए तालियां दिला सकती है, लेकिन इतिहास में जगह केवल वही बनाता है जो काम की रोशनी से पहचाना जाए। रीलें कुछ सेकंड चलती हैं, जबकि जनसेवा की असली पटकथा जनता वर्षों तक याद रखती है।

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने किया सम्मानित, बोले— "यह सम्मान पूरे समाज का है"

    दुर्ग। मेघगंगा ग्रुप के चेयरमैन मनीष पारख को सामाजिक सेवा, जनकल्याण और सामाजिक दायित्वों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत सरकार के केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री Ramdas Athawale द्वारा प्रदान किया गया।

    दुर्ग जिले के सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके मनीष पारख ने व्यापारिक उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने अपने पिता से मिली सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर जागरूकता और सामाजिक विकास के अनेक क्षेत्रों में लगातार कार्य किया है।

    सम्मान प्राप्त करने के बाद मनीष पारख ने कहा, "डॉक्टरेट की इस उपाधि के लिए मैं आप सभी के सहयोग, विश्वास और स्नेह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान मुझे समाज की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा।"

    सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान

    मनीष पारख के नेतृत्व में विभिन्न जनहितकारी पहलें संचालित की गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

    लाइफकेयर डायग्नोस्टिक्स (NABL मान्यता प्राप्त) के माध्यम से नियमित निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन।

    पिछले 7 वर्षों से निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का सतत संचालन।

    आम नागरिकों में नियमित स्वास्थ्य जांच की संस्कृति विकसित करने के लिए हेल्थ कार्ड योजना की शुरुआत।

    युवाओं के कौशल विकास हेतु विशेष स्किल डेवलपमेंट एवं डिग्री प्रोग्राम का संचालन।

    "मोर शहर, मोर जिम्मेदारी" अभियान के अंतर्गत दुर्ग के गांधी चौक, शहीद चौक, वाई-शेप ब्रिज चौक एवं कचहरी चौक सहित कई प्रमुख स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्य में योगदान।

    शहर की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुलिस विभाग को ट्रैफिक बैरिकेड्स उपलब्ध कराना।

    महावीर स्कूल के अध्यक्ष के रूप में विद्यालय के जीर्णोद्धार, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना।

    दुर्ग पुलिस एवं तत्कालीन रेंज आईजी राम गोपाल गर्ग के साथ मिलकर "साइबर प्रहरी" अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए साइबर अपराध के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना।

    मनीष पारख को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि उद्योग जगत से जुड़े लोग यदि सामाजिक दायित्वों को प्राथमिकता दें, तो समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन संभव है। यह उपलब्धि दुर्ग जिले के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision