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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग । शौर्यपथ । खेल, राजनीती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपने आवाज़ का जादू बिखेरने वाले दुबे जी भिलाई स्टील प्लांट वॉलीबॉल क्लब के भूतपूर्व सचिव तथा सुलझे हुए राष्ट्रीय वॉलीबॉल निर्णायक भी थे l उन्होने कई अखिल भारतीय, राष्ट्रीय तथा अन्तर स्टील प्लांट वॉलीबॉल प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई थी l आज दिनांक 06/08/2020 को अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका दुखद निधन हुआ l वे 63 वर्ष के थे l बारह जनवरी 1958 को जन्मे दुबे जी जनवरी 2018 में भिलाई स्टील प्लांट के WSD विभाग से सेवानिवृत हुए l अपने चहेतों के बीच वे हमेशा पंडितजी के नाम से बुलाए जाते थे l भिलाई स्टील प्लांट द्वारा आयोजित ऐसा कोई खेल प्रतियोगिता नहीं था जिसमे एन के दुबे जी ने कुशल मंच संचालन नहीं किया होगा l वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, तैराकी से ले कर सांस्कृतिक और राजनितिक कार्यक्रमों में भी वे सबका मन मोह लेते थे l उनकी अंतिम यात्रा उनके सेक्टर चार निवास स्थान से रामनगर मुक्ति धाम के लिए दिनांक 7/8/2020 को सुबह 11:30 AM बजे प्रस्थान करेगी l दुबे जी के निधन से वॉलीबॉल खेल से लेकर पूरा खेल जगत में शोक व्याप्त है, वहीँ दुर्ग जिला वॉलीबॉल संघ, भिलाई स्टील प्लांट, वॉलीबॉल क्लब, छत्तीसगढ़ वॉलीबॉल संघ के सभी पदाधिकारयों ने नन्द किशोर दुबे के आकस्मिक निधन पर दुःख प्रकट करते हुए कहा की अत्यंत मृदुभाषी और मिलनसार दुबे जी की आवाज़ और उनका मंच संचालन हमेशा याद आएगा l
अम्बिकापुर / शौर्यपथ / कलेक्टर संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस की तैयारी हेतु सर्किट हाउस के सभाकक्ष में सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कोविड 19 के रोकथाम हेतु शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही स्कूली बच्चो द्वारा संस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभागीय झांकी का आयोजन नही करने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने समारोह के सफल एवं गरिमापूर्ण आयोजन हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दायित्व सौपते हुए समय-सीमा में दायित्वों का निर्वहन हेतु निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा, वनमंडलाधिकारी पंकज कमल, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव, नगर निगम आयुक्त हरेश मण्डावी, एसडीएम अजय त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के जिला स्तरीय कार्यक्रम पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में आयोजित करने हेतु परेड ग्राउण्ड की तैयारी, मंच व्यवस्था, माईक, पोडिएम, कबूतर, पुष्पगुच्छ एवं गुब्बारे की व्यवस्था, मंच संचालन, झण्डे की व्यवस्था, पेयजल, स्वल्पाहार, चिकित्सा सुविधा, फायर ब्रिगेड, आमंत्रण कार्ड, मुख्य अतिथियों का स्वागत, पण्डाल एवं कुर्सी की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, पुरस्कार व्यवस्था, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, मिष्ठान्न वितरण, स्वागत द्वार सहित अन्य कार्यो के लिए अधिकारियों को कर्तव्यस्थ किया । उन्होंने कोविड 19 के संक्रमण से बचाव हेतु समारोह स्थल पी.जी.कॉलेज मैदान के सभी प्रवेश द्वारों में थर्मल स्कैनर एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को अपने-अपने कार्यालय में सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए ध्वजारोहण का कार्यक्रम प्रातः 7.00 बजे आयोजित करने कहा। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण कर प्रातः 7.30 बजे तक कलेक्टोरेट परिसर स्थित ध्वजारोहण स्थल पर उपस्थित होने के निर्देष दिए।
स्वतंत्रता दिवस की जिला स्तरीय आयोजन हेतु पीजी कॉलेज ग्राउण्ड में मैदान की साफ-सफाई, टेन्ट एंव पण्डाल, साउण्ड व म्यूजिक सिस्टम की व्यवस्था के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने हेतु सभी विभाग प्रमुखों को उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य का विवरण प्रस्तुत करते हुए 10 अगस्त तक सूची प्रस्तुत करने निर्देषित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन पूर्व 13 अगस्त को कार्यक्रमों का निर्धारित ड्रेस के साथ पी.जी. कॉलेज ग्राउण्ड में प्रातः 9 बजे से रिहर्सल किया जाएगा। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपस्थित होने निर्देशित किया गया ।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की पावन धरा पौराणिक काल से दुनिया को अपनी ओर खींचती रही है। मर्यादा पुरूषोत्तम राम का ननिहाल चंदखुरी छत्तीसगढ़ में है। राम छत्तीसगढ़ियों की जीवन-शैली और दिनचर्या का अंग हैं। प्रातः छत्तीसगढ़ के लोग उठकर एक-दूसरे से राम-राम कह कर अभिवादन करते हैं। छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति में हर मामा अपने भान्जे को राम मानता है, आस्था से उसके पैर पड़ता है। पुरातन काल से छत्तीसगढ़ में राम लोगों के मानसपटल पर भावनात्मक रूप से जुड़े हैं। वहीं पर भगवान राम ने 14 वर्ष वनवास के दौरान लम्बा समय छत्तीसगढ़ की धरा पर गुजारा था। वनवास के दौरान श्रीराम छत्तीसगढ़ के जिन स्थानों से गुजरे थे उसे राम वन गमन पथ के रूप में विकसित करने कार्य योजना बनाई गई, जिसकी शुरूआत चंदखुरी से हो चुकी हैं।
राम वन गमन पर्यटन परपिथ के अंतर्गत जांजगीर चांपा जिले में शिवरीनारायण, बलौदा बाजार में तुरतुरिया, रायपुर में चंदखुरी और गरियाबंद के राजिम में परिपथ के विकास कार्यों की शुरूआत हो चुकी है। इसी तरह से राम वन गमन पर्यटन परिपथ में कोरिया जिले में सीतामढी हर-चौका, सरगुजा में रामगढ़, धमतरी में सप्तऋषि आश्रम, बस्तर में जगदलपुर, सुकमा में रामाराम सहित करीब 75 स्थलों को चिन्हांकित कर लिया गया है। अब मुख्यमंत्री के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन परिपथ को विकसित करने का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस योजना से लोगों की आस्था के अनुरूप राम की यादों को पौराणिक धार्मिक कथाओं से सुनते आ रहे लोग इन पौराणिक महत्व के स्थल को देख सकेगें। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर्यटन तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने के साथ यहां रोजगार के साधनों का विकास होगा। अंदरूनी दुर्गम वन क्षेत्रों में सड़क परिवहन भी विकसित होगा जिससे कई आर्थिक गतिविधियों का स्वयं संचालन होने लगेगा। देश और दुनिया के आस्थावान लोग रामायण सर्किट की धार्मिक तीर्थ यात्रा पर निकलेंगे तो भगवान राम के ननिहाल के दर्शन करेंगे। ( साभार -एम.एल. चौधरी ,सहायक संचालक)
// शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर तेंदूपत्ता संग्राहक , सामाजिक सुरक्षा योजना का शुभारंभ
// प्रदेश के 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा लाभ
// गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को मिला पहला भुगतान, मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अंतरित किए 1.65 करोड़ रूपए
// 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं को मिला लाभ
// शहीद महेन्द्र कर्मा को उनकी जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि
// मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोबर विक्रेताओं से की चर्चा
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की एक अनूठी योजना है। इस योजना पर सभी लोगों की निगाह है। उन्होंने कहा कि येाजना के शुरूआत के एक पखवाड़े के भीतर इसके उत्साह जनक परिणाम देखने और सुनने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के जीवन में बदलाव लाने वाली तथा लोगों को बारहों महीने रोजगार देने वाली योजना है। मुख्यमंत्री बघेल आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत गोबर खरीदी के पहले भुगतान का शुभारंभ करते हुए उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं के खाते में एक करोड़ 65 लाख रूपए की राशि आनलाइन अंतरित की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की शुरूआत में शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम पर प्रदेश में ‘तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना‘ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पूर्व मंत्री और लोकप्रिय नेता शहीद श्री महेंद्र कर्मा की जयंती पर उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण उन्हेें विनम्र श्रद्धंाजलि दी। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगणों ने भी शहीद श्री कर्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि श्री महेन्द्र कर्मा बस्तर टाइगर के नाम से जाने जाते थे, वे आदिवासियांे के हक की हर लड़ाई में दमदारी से खड़े रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना देश-दुनिया में अपने तरह की पहली अनूठी योजना है, जिसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रूपए प्रति किलो की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। इस योजना के माध्यम से एक ओर जहां पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा, दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से लोगों को कई फायदे मिलेंगे। इससे गांवों में बारह महीने लोगों को रोजगार सुलभ होगा। गोबर विक्रय करने से ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को नियमित आमदनी होगी। इसके अलावा गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन होगा। खुले में चराई पर रोक लगेगी और किसान एक से अधिक फसलों का उत्पादन कर सकेंगे। इससे पशुओं के संरक्षण तथा संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के हर गौठानों में रोजगार ठौर स्थापित किए जाएंगे। गौठानों में इसके लिए एक-एक एकड़ जमीन को आय मूलक व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इनमें समूहों के सदस्य गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के अलावा गौमूत्र से फिनाईल तथा औषधि का निर्माण, साबुन, अगरबत्ती का निर्माण, धान कुट्टी मशीन के माध्यम से चावल निकालने और सिलाई मशीन के माध्यम से सिलाई-बुनाई आदि जैसी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण एवं संचालन सुगमता से कर सकेंगे और इससे उन्हें गांव में ही रोजगार और जीवन यापन का जरिया मिलेगा।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने जशपुर, जांजगीर-चांपा, सुकमा, बलौदाबाजार जिले कीे विभिन्न गौठान समितियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, पशुपालक एवं गोबर विक्रेताओं से गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने गोबर विक्रय करने वाले लोगों से भुगतान की राशि प्राप्त होेने, महिला स्व-सहायता समूहों से उनके द्वारा संचालित गतिविधियों विशेषकर वर्मी कम्पोस्ट खाद के निर्माण एवं विक्रय की स्थिति, गौठानों में आने वाले पशुओं की संख्या एवं उनके चारे-पानी के प्रबंध के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गौठान समितियों से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट टांका पर्याप्त संख्या में तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर ग्रामोद्योग से जुड़ी गतिविधियों का संचालन गौठानों में सुनिश्चित करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 31 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। लघु वनोपज के वेल्यू एडिशन के कार्य गौठानों में करके अतिरिक्त लाभ अर्जित किए जाने की दिशा में हम सब को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से समाज के सभी वर्ग के लोगों को न्याय योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य में इस योजना की लोकप्रियता और इसकी सफलता को देखते हुए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ ही मुख्य सचिव एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम के शुभारंभ में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने गोधन न्याय योजना की अब तक की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना आज मूर्तरूप ले चुकी है। यह योजना ग्राम पंचायतों के बाद गांव तक विस्तारित होगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोबर खरीदी के एवज में गोबर विक्रेताओं को 15 दिन के भीतर उनके बैंक खाते में राशि के भुगतान का जो वादा किया था, वह आज पूरा हो रहा है। इस योजना के तहत हर 15वें दिन गोबर विक्रेताओं को भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में जमा की गई है। इस योजना से 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 20 अगस्त को किया जाएगा। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है।
प्रदेश में शुरू हुई शहीद महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना
प्रदेश में आज से शुरू हुई शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु न हो) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी।
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप तेन्दूपत्ता संग्राहकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशुद्ध रूप से वन विभाग द्वारा संचालित होने वाली शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बीमित किए जाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा संचालित बीमा योजना के बंद होने के कारण प्रदेश सरकार द्वारा यह सामाजिक सुरक्षा योजना तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत बीमा दावा के प्रकरणों का तत्परता से निराकरण एवं पीड़ित परिवार को एक माह के भीतर दावा राशि का भुगतान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दी जाएगी।
इस अवसर पर मंत्री सर्वश्री रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर, ताम्रध्वज साहू, टी. एस. सिंहदेव, डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, डॉ. शिव कुमार डहरिया, कवासी लखमा, गुरू रूद्र कुमार, अमरजीत भगत, श्रीमती अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी एवं चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, श्री रूचिर गर्ग, श्री विनोद वर्मा, मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू एवं अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन की मंशा के अनुरूप वर्षों से काबिज वन भूमि का मालिकाना हक मिलने से वनवासियों को खुशी है, वहीं अब वे काबिज वन भूमि पर बेदखली के भय से मुक्त होकर कृषि कार्य कर रहे हैं।
कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोलर के कालीराम को वन भूमि का मालिकाना हक मिलने से उनके जीवन में खुशियों की बहार आ गई है। राज्य शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा वितरण करने की योजना की सराहना करते हुए श्री कालीराम कहते हैं कि वर्षों से काबिज 2 एकड़ वन भूमि का वन अधिकार पट्टा मिलने से मेरी चिंता दूर हो गई है और बेदखली का भय भी समाप्त हो गया है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा मनरेगा के तहत मेरी उबड़-खाबड़ जमीन पर समतलीकरण का कार्य होने से जहां मेरी भूमि कृषि योग्य हो गई है। वहीं मेरे द्वारा 2 एकड़ में धान की फसल लगाई गई है। कालीराम अपने खेत में लहलहाती फसलों को देखकर भविष्य में होने वाली आमदनी के बारे में सोच कर काफी खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वनवासियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
