August 04, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

             दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों कर्मचारियों के अनियमितता के मामले आये दिन उजागर होते ही रहते है भर्ष्टाचार / अनियमितता का दूसरा पर्याय के रूप में दुर्ग निगम की पहचान बनते जा रही है . एक तरफ निगम की नाक के नीचे घटिया पेंट ( एम् आई सी भवन ) के नज़ारे के बाद भी अधिकारियों के ख़ास बने ठेकेदारों को ऑफलाइन ठेके पद्दति से नित नए काम मिल रहे है और घटिया निर्माण / कार्य पर अधिकारी आँख बंद रखे हुए है वही ठ्केदारो की फाइल जो नियमतः कार्यालय में होनी चाहिए किन्तु अधिकतर ठेकेदार अपनी फाइल अपने पास ही रखते है और बिना निरिक्षण दस्खत करने का कार्य इंजिनियर अपने केबिन में बैठ कर करते है . स्थल जाँच कार्यो में हो इसकी संभावना कम ही नजर आती है . हो सकता है कोई बड़ा कमीशन का खेल हो ठेकेदारों और इंजीनियरों में क्योकि साल भर पहले ही ऐसे ही एक मामले में सब इंजिनियर व्ही.पी. मिश्रा द्वारा सड़क पर सडक का निर्माण हुआ और ठेकेदारों को दोनों ही कार्यो के बिल का भुगतान हुआ . क्योकि  जिनकी शिकायत के बाद भी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई .
              वर्तमान समय में निगम प्रशासन के मुखिया के तौर पर आयुक्त बर्मन द्वारा एक अहम् फैसला लिया गया जिसके तहत सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह को बाज़ार प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया . किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि थान सिंह जो सालो से बाज़ार विभाग का कार्य देख रहे है अब जबकि प्रभारी है तो क्या इनके द्वारा इंदिरा मार्केट में सडको तक सामान फैला कर व्यापार करने वाले बड़े बड़े व्यापारियों पर कार्यवाही की जाएगी या सिर्फ निगम प्रशासन को कार्यवाही के नाम पर गुमराह करते रहेंगे और पद की गरिमा को धूमिल करेंगे ? क्या थान सिंह इंदिरा मार्केट में निगम के द्वारा लीज में दी गयी दुकाने जो बिना अनुमति के अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन कर बरामदे तक सामन फैला कर व्यापार कर रहे है उन व्यापारियों पर कार्यवाही करेंगे या फिर ऐसे व्यापारियों पर विशेष कृपा दृष्टी रहेगी ? क्या थान सिंह शहर के ऐसे व्यापारी जो नियमो की अवहेलना करते हुए व्यापार कर रहे है उन पर कार्यवाही करेंगे या निगम प्रशासन का जोर एक बार फिर गरीबो पर ही मेहरबान रहेगा . निगम आयुक्त बर्मन द्वारा एक महत्तवपूर्ण फैसला लिया गया है और थान सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी गयी है क्या आयुक्त के फैसले पर थान सिंह खरे उतरेंगे या सिर्फ दिखावा में ही कार्य होगा . थान सिंह बाज़ार विभाग के सभी कार्यो से भलीभांति परिचित है बस अब समय है अपने पद की गरिमा को बनाए रखने की और निष्पक्ष ( भर्ष्टाचार से परे )होकर निगम के शासकीय कार्यो को करने की तथा ये साबित करने की सहायक क को महत्तवपूर्ण प्रभार देकर आयुक्त ने कोई गलती नहीं की .

    दुर्ग / शौर्यपथ / आज से करीब साल भर पहले यही जून का महिना था और छावनी क्षेत्र में तेज आंधी तूफ़ान से एक बड़ी दुर्घटना घटने से बच गयी…

    रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी गाईडलाईन अनुसार जिला रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत मित्तल अस्पताल के पास ,खपराभट्टी क्षेत्र में 01 नया कोरोना पॉजिटिव केस पाये जाने के फलस्वरुप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। अपर कलेक्टर ने पूर्व में बंद है, पश्चिम में बाबी मसीह के घर के सामने,शंकर नगर रोड,उत्तर में देवार डेरा के सामने खपराभट्टी और दक्षिण में मित्तल अस्पताल के सामने खपराभट्टी को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है। इस कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार होगा। जिसमें तैनात पुलिस अधिकारी, फिजिकल डिस्टेंसिग सुनिस्चित करते हुए मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु आवागमन करने वाले सभी व्यक्तियों का विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश पर्यन्त पूर्णतः बंद रहेंगें। प्रभारी अधिकारी द्वारा कन्टेनमेंट जोन में होम डिलीवरी के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी हेतु विधिवत परिवहन अनुमति इंसीडेंट कमांडर द्वारा दी जाएगी। कन्टेनमेंट जोन अंतर्गत सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारण से कन्टेनमेंट जोन या मकान के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। केवल मेडिकल इमरजेंसी की दशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के द्वारा पास जारी कर इंसीडेंट कमांडर को सूचित किया जावे। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न व्यक्ति फिजिकल डिस्टेंसिग तथा सेनिटाईजेशन सुनिश्चित करते हुये कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश कर सकेंगें। अन्य किसी भी व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन से बाहर निकलना अथवा अन्दर आना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कन्टेनमेंट जोन में उपरोक्तानुसार लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने हेतु संबंधित थाना प्रभारी उत्तरदायी होगे।कन्टेनमेंट जोन में शासन की गाईडलाईन अनुसार व्यवस्था बनाये रखने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर के द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी।जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र में शासन के निर्देशानुसार कान्टेक्ट ट्रेसिंग, स्वास्थ्य निगरानी तथा सैम्पल की जांच इत्यादि आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। कंटेंटमेंट जोन में प्रवेश अथवा निकास हेतु केवल 01 द्वार की व्यवस्था बेरिकेटिंग के लिए अभिनव श्रीवास्तव,अनुविभागीय अधिकारी, लोकनिर्माण विभाग, विधानसभा संभाग, रायपुर मो.नं. 94241-20983, लोक निर्माण विभाग की मांग अनुसार बैरिकेडिंग हेतु बांस-बल्ली की आपूर्ति हेतु विश्वनाथ मुखर्जी, उप वनामंडलाधिकारी रायपुर वनमंडल, रायपुर 90092-42222, कंटेंटमेंट जोन में सेनिटाइजेशन तथा आवश्यक वस्तुाओ की आपूर्ति व्यवस्था हेतु अरुण कुमार साहू,जोन आयुक्त नगर पालिक निगम,जोन क्रमांक-03 रायपुर, मो नं. 81091-13933, घरो का एक्टिव सर्विलांस, स्वास्थ्य टीम को एसओपी अनुसार दवा, मास्क, पीपीई इत्यादी उपलब्ध कराने एवं बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु श्रीमति मीरा बघेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर मो.नं. 94255-16797, उपरोक्त दर्शित क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु इंसीडेंट कमांडर श्रीमती अंकिता गर्ग,डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी नगर रायपुर मो.नं. 96695-52437, भारत सरकार एवं राज्य शासन के द्वारा समय-समय पर जारी गाईड लाईन अनुसार कंटेंटमेंट जोन में लाकडाउन का कडाई से पालन सुनिश्चत करने हेतु गौतम चंद गावड़े,थाना प्रभारी,थाना पंडरी,रायपुर मो.नं. 94791-91038 को नियुक्त किया गया है।

    *शौर्यपथ/ राजिम 

    अजय देवांगन

     

    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों की ओर से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पित क्षेत्र के ग्राम श्यामनगर में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राजिम थाना प्रभारी विकास बघेल के नेतृत्व में ग्राम के शीतला तालाब में बरगद एवं पीपल का पौधरोपण किया। गौरतलब है कि ग्राम में पर्यावरण संरक्षण के लिए बनी संस्था समर्पण ग्रुप के नेतृत्व में सन् 2014 से निरंतर स्वच्छता कार्यक्रम एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को गति प्रदान कर रहे हैं इस संस्था के द्वारा गांव में अब तक दो हजार से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है जो अब वृक्ष का रूप ले चुका है इसी प्रकार शीतला तालाब एवं स्कूलों के सौंदर्यीकरण के लिए भी समर्पण ग्रुप का भरपूर सहयोग रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने कहा कि वृक्ष लगाना पुण्य का कार्य है। इस भौतिक वादी युग में हम चंद स्वार्थ के लिए सबकुछ को भूल रहे हैं। हम प्रकृति से सिर्फ लेने का काम कर रहे हैं लेकिन कुछ देने का काम नहीं कर रहे। मौके पर उन्होंने कहा कि हमें प्लास्टिक का कम से कम प्रयोग करना चाहिए एवं फलदार व औषधि पौधों को बढ़ावा देना चाहिए। थाना प्रभारी विकास बघेल ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि हमारे आने वाले पीढ़ी के लिए यह कदम काफी लाभकारी सिद्ध होगा।वही उपसरपंच नवीन साहू ने कहा कि अगर हम खुद  अपने पर्यावरण का ख्याल नही रखेंगें तो धीरे-धीरे जिंदगी मुश्किल होती जाएगी।यही वजह है कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल ये दिन मनाया जाता हैं। इस अवसर पर समर्पण ग्रुप के अध्यक्ष प्रेम साहू, सरपंच प्रतिनिधि छन्नू साहू,पंच मदन साहू,पवन साहू,केशकुमार साहू,सोमनाथ साहू,उर्मिला सेन,फुलेश्वरी साहू,रीना सेन,प्रमोद साहू,कोमल साहू,ईश्वर साहू,संत वर्मा,रामेश्वर साहू,तुलस साहू सहित ग्रामवासी उपस्थित थे।

     

    शौर्यपथ/राजीम

    अजय देवांगन

    पढ़ाई तुंहर दुवार योजना के अंतर्गत भीषण गर्मी एवं लॉकडाउन में स्कूली बच्चों के शिक्षा के लिए सार्थक साबित हो रहा है।पढ़ाई तुंहर दुवार से गरियाबंद जिले के हजारों बच्चे प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे है तथा इस योजना के प्रारम्भ किये जाने से छात्रों एवं पालकों में उत्साह नज़र आ रहा है। इसी तारतम्य में फिंगेश्वर ब्लॉक से टिकेंद्र यदु (शिक्षक बिजली) द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन क्लास में भाग लेकर घातांक एवं घातांक के नियम को बड़े ही रोचक अंदाज़ में पढ़ाई कराई जो काफी प्रभावोत्पादक रहा। इस ऑनलाइन क्लास में 108 छात्र शामिल हुए।कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते देशभर में लाक डाउन के बीच छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूली बच्चों के लिए पढ़ाई तुंहर दुवार योजना प्रारंभ किया गया है।शासन द्वारा इस योजना के तहत छात्र छात्राओं को डिजिटल शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है।शासन ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए स्कूली बच्चों को कोरोना संक्रमण एवं भीषण गर्मी से बचाने के उद्देश्य से ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है।शासन के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल राम तांण्डे एवं जिला मिशन समन्वयक श्याम चंद्राकर के मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश पर  गरियाबंद जिले के पांचों ब्लॉक के अंतर्गत शासकीय स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है।इसके साथ साथ शिक्षको द्वारा प्रतिदिन वेबेक्स एप एवं यू ट्यूब द्वारा ऑनलाइन वर्चुअल क्लास लेकर छात्रों को विषयवार शिक्षा दी जा रही  यदु सर द्वारा ऑनलाइन शिक्षा की सफल प्रस्तुति  हेतु विकासखंड शिक्षाधिकारी हेमंत साहू,विकासखण्ड स्रोत समन्वयक चंद्रशेखर मिश्रा, संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू,प्रधानपाठक नन्दकुमार यादव,समन्वयक भुवन यदु,असीम हरित,अरुण प्रजापति आरिफ मेमन,परमेश्वर निर्मलकर, गिरीश शर्मा,शिक्षक दिनेश कुमार साहू,विनय कुमार साहू,अनिल मेघवानी,उमेश यदु,हुलस साहू,किरण साहू,वीरेंद्र यदु,मोहन लाल साहू,होरीलाल ध्रुव,रेखा सोनी,सविता शर्मा,संतोषी गिलहरे,गीतांजली नेताम,शशि ठाकुर, दीप्ति मिश्रा, अम्बेश्वरी साहू सहित फिंगेश्वर ब्लाक के शिक्षकों ने उन्हें बहुत बधाई दी।*

    शौर्यपथ/न्यूज

    गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा नियमित की जा रही है । जांच के साथ ही गर्भवती महिलाओं को पंजीकृत भी किया जाता है। पंजीयन उपरांत गर्भवती महिलाओं को समय पर टीका लगवाया जाता है और जांच के लिए फोलोअप भी किया जाता है । प्रसव के बाद भी 42 दिनों तक एएनसी जांच के तहत जच्चा व बच्चा का नियमित ख्याल रखा जाता है ।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया अप्रैल में ज़िले में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए 5554 गर्भवती महिलाओं की पंजीयन किया गया है जिसमें अभनपुर में 471,आरंग में 696, धरसींवॉ में 425, तिल्दा में 424 , बीरगॉव शहरी में 264 , और रायपुर शहरी में 3274, गर्भवती महिलाएं थी। उन्होंने बताया गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच होने से जोखिम की संभावनाएं कम होती हैं । नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से समय समय पर अवस्थाओं की जटिलताओं को पहचान किया जाता है और आवश्यक उपचार प्रदान किया जाता है जो मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक होता है । पंजीयन से गर्भवती महिलाओं और नवजातों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधायें भी मिल जाती हैं।
    प्रसव पूर्व जांचों को करवाना मां और बच्चा की स्वस्थता के लिए भी ज़रूरी हैं। प्रसव पूर्व होने वाली जांचों से गर्भावस्था के समय होने वाले जोखिम या रोगों को पहचानने, और उनका उपचार करने में सरलतामिलती है। इन जांचों से हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) के केस चिन्हित किये जाते है, फिर उनकी उचित देखभाल की जाती है। प्रसव पूर्व जांचों में मुख्यतः खून, रक्तचाप और एचआईवी की जांच की जाती है। । एनीमिक होने पर प्रसूता का सही इलाज किया जा सकता है ताकि शिशु स्वस्थ पैदा हो।
    गर्भवती की प्रसव पूर्व चार जांचें
    प्रथम चरण में गर्भधारण के तुरंत बाद या गर्भावस्था के पहले 3 महीने के अंदर जांच होती है। द्वितीय चरण में गर्भधारण के चौथे या छठे महीने में। तृतीय चरण में गर्भधारण के सातवें या आठवें महीने में तथा चतुर्थ चरण में गर्भधारण के नौवें महीने में जरूरी जांचे की जाती हैं।
    सिविल सर्जन डॉ. रवि तिवारी ने बताया मातृ एवं शिशु चिकित्सालय ज़िला अस्पताल कालीबाडी में लॉक डाउन में भी नियमित रुप से गर्भवती महिलाओं की एएनसी सुविधाएं मिलती रही ।उन्होने बताया अप्रैल में 52 और मई में 145 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया है। बीते वर्ष 2019-20 में कुल 2252 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया था ।
    डॉ. तिवारी ने कहा प्रत्येक गर्भवती महिला के हीमोग्लोबिन की मात्रा अनुसार आईएफए, कैल्शियम के साथ साथ टीकाकरण,उच्च रक्तचाप, मधुमेह की स्क्रीनिंगभी, गर्भवती महिलाओं की एएनसी में की जाती है । गैर-कोविड आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान पर ध्यान दिया गया है। अन्य रोगों के रोकथाम के लिए भी पर्याप्त उपाय किए जा रहे है । किसी भी प्रकार की जांच के समय पूर्ण रुप से गाइड लाईन को फोलो किया जाता है ।
    उच्च जोखिम गर्भावस्था क्या है
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने बताया उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था या हाई रिस्क प्रेगनेंसी उसे कहते हैं जिसमें मां और शिशु दोनों में सामान्य गर्भावस्था की तुलना में अधिक जटिलता विकसित होने की संभावना होती है। ऐसी महिलाओं को अन्य सामान्य गर्भवती स्त्रियों के मुकाबले ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हे चिकित्सक की देखरेख की ज्यादा जरूरत पड़ती है।
    उच्च जोखिम गर्भावस्था पहचान कैसे होती है
    हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान के लिए प्रसव पूर्व की गर्भावस्था या प्रसव का इतिहास जानना बहुत जरूरी होता है, जिसमें पता लगाया जाता है कि पहला बच्चा किस प्रकार जन्म लिया था, पिछले प्रसव के दौरान या बाद में अत्यधिक रक्तस्राव तो नहीं हुआ, गर्भवती को पहले से कोई बीमारी, उच्च रक्तचाप, शुगर, हाइपोथायराइड, टीबी, हार्ट डिसीज, वर्तमान गर्भावस्था में गंभीर एनीमिया, 7 ग्राम यूनिट से कम खून की मात्रा, ब्लड प्रेशर, गर्भावस्था के समय डायबिटीज का पता लगाकर इसकी पहचान की जाती है।

    शौर्यपथ/न्यूज

    भारत सरकार की गाइड लाईन के तहत क्वॉरेंटाइन में रह रहे लोगों को तनाव मुक्त रखने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए श्रमिक आश्रय स्थलों पर योग करवाया जा रहा है|
    ज़िला मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ द्वारा राधास्वामी सत्संग ब्यास,शासकीय माध्य्मिक शाला, पवनी (धरसीवा) शासकीय प्राथमिक शाला, निलजा और प्रयास रेजिडेंशियल स्कूल में श्रमिकों को तनाव मुक्त रखने और प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से आश्रय स्थलों का दौरा किया गया और योग करने की सलाह दी गयी ।
    क्वॉरेंटाइन सेंटरों के लियें बनाये गये मानसिक स्वास्थ्य के नोडल अधिकारीमनोचिकित्सहक डॉ.अविनाश शुक्लाने बताया लॉकडाउन के दौरान अलग अलग प्रदेशों से आये प्रवासी श्रमिकों को तनाव मुक्त रखने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए सुबह और शाम योग करने की सलाह दी जा रही है । नियमित रुप से क्वॉरेंटाइन सेंटरों पर जा कर श्रमिकों को योग गुरू के माध्यम से योगा करने के लाभ और योगा की बारीकियों से विषय में भी बताया जाता है ।साथ ही आश्रय स्थल पर किसी एक व्यक्ति का चुनाव कर के उस को सामान्य योगा के बारे में जानकारी दे कर सुबह और शाम नियमित रुप से योग करने का आग्रह किया जा रहा है । प्रतिदिन योगा कराने के साथ साथ लोगों को अपने जीवन शैली में शारीरिक डिस्टेंसिंग और मास्क के इस्तेमाल को अहम हिस्सा बनाने की हिदयत भी दी जा रही है ।
    मनोचिकित्ससक डॉ.शुक्ला ने कहा राधास्वामी सत्संग ब्यास में 78, प्रयास आवासीय विद्यालय में 32 , निलजा में 12, पावनी में 32, पथरी में 6,तरेसर में 5, कुरूद सिलियारी में 9, निलजा में 12, दोंदेखुर्द में 20, देवरी में 6, और धरसीवा के होम क्वॉरेंटाइन में 26 लोगों को तनाव मुक्त रखने और योग के माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए योग के बारे में बताया और क्वॉरेंटाइन में रहने के कारण लोगों में उत्पन्न मानसिक तनाव का भी समाधान भी किया । इस अवसर पर साइकोलॉजिस्ट ममता गिरी गोस्वामी भी सहयोगी के तौर पर मौजूद रही ।
    योग गुरू ने बतायी योग की शक्ति
    योग गुरु राधेश्याम साहू ने बताया योग कराने से पूर्व शारीरिक दूरी को बनाने के लिए कहा जाता है । इस दूरी को आश्रय स्थल से निकलने के बाद भी ध्यान में रखते हुए जीवन शैली में अपनाना है । पूरा विश्व कोविड-19 के वायरस लड़रहा है । कोविड-19 से बचने के लिए पोष्टिक आहार के साथ-साथ योगा भी सभी लोगों के लिए बेहद जरूरी है । इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जो हमें कोविड-19 से लड़ने में मदद करती है
    प्रतिरोधक क्षमता को योग से करें मजबूत
    योग गुरू राधेश्याम साहू के कहा आधुनिक जीवनशैली में खानपान और रहन-सहन प्रभावित हुआ है, उसका असर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ा है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की स्थिति में हमारा शरीर बीमारियों का सामना करने में सक्षम नही है ।योग क्रियाओं सेशरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में हमारे खानपान के साथ सथ योग और योगासन भी कारगर साबित होते हैं। कुछ ऐसे प्राणायाम और आसन भी हैं, जो प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में अत्यधिक मददगार साबित होते हैं। कम दिन ही इनको करने से शरीर को लाभ महसूस होने लगता है।

    धमतरी/शौर्यपथ

     

    जवाहर बाल मंच धमतरी छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पुर्ण चंद पाढी जी, कृष्ण कुमार मरकाम जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस धमतरी के निर्देश अनुसार महेन्द्र पाण्डेय विधानसभा उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस नगरी सिहावा के नेतृत्व ग्राम पंचायत उमरगांव के सहयोग से माध्यमिक शाला उमरगांव के बच्चो के द्वारा शाला प्रागण में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधा रोपण किया गया
    इस बीच ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों के द्वारा भी बच्चों के साथ मिलकर पौधारोपण किया गया वहीं वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि आज बढ़ती आबादी और प्रदूषण को देखते हुए हर व्यक्ति को वृक्षारोपण कर प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम अपने जीवन काल में एक पौधा जरूर लगाना चाहिए वही महेंद्र पाण्डेय विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि जवाहर बाल मंच के माध्यम से पूरे प्रदेश में युवा कांग्रेस के नेतृत्व पर बच्चों के द्वारा वृक्षारोपण करवाया जा रहा है जिसमें जिस वृक्षा का रोपण बच्चे कर रहे हैं उनकी देखरेख वे स्वयं करेंगे और आने वाले आज ही के दिन उन्हें एक साल पूरा होने पर सम्मानित भी किया जाना है
    उन्होंने कहा कि आज प्रकृति के प्रति लोग जागरूक होने के बाद भी उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं पेड़ों को काटा जा रहा है व जंगल के जंगल उजाड़ा जा रहा है प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है जिसे हमें रोकथाम करने एवं भविष्य को अच्छा वातावरण देने के लिए बच्चों को प्रेरणा देते हुए कम से कम एक वृक्ष लगाने का प्रयास बच्चों के द्वारा किया जाना चाहिए इस कार्यक्रम में सुरेश मरकाम सरपंच उमरगांव, जनपद सदस्य ईश्वर पटेल नगरी, कविलास ध्रुव पूर्व सरपंच उमरगांव, गणेश राम सूर्यवंशी, विशाल राम साहू, पूनम कस्यप शाला समिति अध्यक्ष , तुलसीराम साहू, चंद्रभान मरकाम, कमलेश सूर्यवंशी प्रधान पाठक उमरगांव, गोपाल प्रसाद साहू शिक्षक, एवं प्रेरणा साहू, जिज्ञासा साहू, चांदनी साहू, आराधना साहू, कुमुदिनी साहू, साक्षी शेष, चंद्रकांत, तुलेश्वर कुमार, दुर्गेश कुमार, आदि की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया गया।

    दुर्ग । शौर्यपथ । 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है इस दिन आम जनता पेड़ पौधे लगा कर पर्यावरण की रक्षा की बात करती है…

    शौर्यपथ न्यूज़

    इचौली गांव में दो दिन से लापता पांच साल की मासूम बच्ची का शव गुरुवार की देर शाम को छत पर मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार के लोगो ने नरबलि की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने घर के मालिक दिनेश व उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है।

    इचौली गांव के रहने वाले अमर सिंह की पांच वर्ष की बच्ची पायल मंगलवार की शाम घर के बाहर से खेलते समय अचानक लापता हो गई थी। काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कही कोई पता नहीं चला तो उसके मंझनपुर पुलिस को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी।

    गुरुवार की शाम गांव के ही दिनेश के घर में बेटी की लाश होने की आशंका पर पीड़ित अमर ने मंझनपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार्रवाई हुए घर की तलाशी ली। पुलिस को तलाशी के दौरान पायल का शव छत पर पुलिस को मिला। अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी दिनेश के घर के अंदर एक गड्ढा मिला है, आशंका है​ कि उसने किसी तांत्रिक क्रिया को करने के बाद बेटी की हत्या की है।

    प्रभारी निरीक्षक मंझनपुर अशोक कुमार ने बताया लापता बच्ची का शव को दिनेश के घर से बरामद किया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को दी गई तहरीर में नरबलि की आशंका जाहिर कते हुए दम्पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपित दम्पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु कर दी है।

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