August 03, 2026
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    रायपुर / शौर्यपथ।

        स्वतंत्रता दिवस 2025 पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी सम्मान सूची में छत्तीसगढ़ पुलिस का नाम गर्व के साथ दर्ज हुआ है। राज्य के कुल 25 पुलिसकर्मियों को उनके असाधारण साहस, उत्कृष्ट सेवा और जनसुरक्षा में योगदान के लिए गैलेंट्री मेडल (GM), प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM) और मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) से अलंकृत करने की घोषणा की गई है।
    ये सम्मान न केवल राज्य पुलिस की कार्यकुशलता और वीरता को उजागर करते हैं, बल्कि वामपंथी उग्रवाद से जूझते हुए आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में छत्तीसगढ़ की निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित करते हैं।

    गैलेंट्री मेडल (GM) – साहसिक पराक्रम का सम्मान

    असाधारण वीरता और कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के लिए 14 पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री मेडल प्रदान किया गया है। इनमें आईपीएस सुनील शर्मा (पुलिस अधीक्षक), संदीप कुमार मडिले (उप निरीक्षक), और आरक्षक मदकम पांडु, मदकम हदमा, मदकम देव, बरसे हुंगा, रोशन गुप्ता सहित कई अन्य जांबाज़ शामिल हैं।
    कर्तव्यपालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले तीन शहीद – स्व. रामुराम नाग (सहायक उप निरीक्षक), स्व. कुंजाम जोगा (आरक्षक) और स्व. वंजाम भीमा (आरक्षक) – को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है।
    ये सभी पुरस्कार नक्सल प्रभावित इलाकों में जोखिमपूर्ण अभियानों के दौरान अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के प्रतीक हैं।

    प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM) – दीर्घकालिक उत्कृष्टता का सम्मान

    उच्च कोटि की सेवा और लंबे समय तक बेदाग पेशेवर ईमानदारी बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के निदेशक हिमांशु गुप्ता को प्रेसिडेंट्स मेडल से नवाजा गया है।
    उनके नेतृत्व में राज्य में पुलिसिंग के स्तर, प्रशासनिक दक्षता और जनसुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) – समर्पण और सेवा का गौरव

    लगन, अनुकरणीय सेवा और निरंतर योगदान के लिए 10 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को मेरिटोरियस सर्विस मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें –
    पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, कमांडेंट श्वेता राजमणि, पुलिस अधीक्षक रवी कुमार कुर्रे, निरीक्षक (एमआईएन) कौशल्या भट्ट, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रोहित कुमार झा, निरीक्षक (एमआईएन) कमलेश कुमार मिश्रा, प्लाटून कमांडर दल सिंह नामदेव, कंपनी कमांडर दिलीप कुमार साहू और सहायक उप निरीक्षक सुशील कुमार बरुआ – शामिल हैं।
    इनका योगदान अभियान संचालन, सामुदायिक पुलिसिंग, प्रशासनिक उत्कृष्टता और आपातकालीन परिस्थितियों में तेज़ प्रतिक्रिया के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रहा है।

    राज्य के लिए गौरव का क्षण

    इस वर्ष 14 गैलेंट्री मेडल, 1 प्रेसिडेंट्स मेडल और 10 मेरिटोरियस सर्विस मेडल के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस ने राष्ट्रीय सम्मान सूची में शानदार उपस्थिति दर्ज कराई है।
    ये उपलब्धियां राज्य पुलिस के साहस, नेतृत्व, त्याग और जनसेवा के उच्चतम मानकों की गवाही देती हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और समाज में शांति स्थापना में पुलिस प्रशासन के योगदान को ठुकराया नहीं जा सकता।

    छत्तीसगढ़ के इन जांबाज़ों को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि यह पूरे राज्य की जनता के विश्वास और गर्व का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री साय ने हजारों युवाओं के साथ लगाई स्वतंत्रता की दौड़
    भारत माता और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया

    रायपुर / shouryapath / हमारा तिरंगा पूर्वजों के वर्षों के संघर्षों और बलिदान का जीवंत प्रतीक है। हम सभी तिरंगे की शान को हमेशा बनाए रखेंगे, अपने अमर बलिदानियों को कभी नहीं भूलेंगे और सभी मिलकर विकसित, समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हजारों युवाओं के साथ स्वतंत्रता दौड़ लगाई और भारत माता और अमर बलिदानी रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तिरंगे में करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाएं समाई हैं और यह हमारी वीरता, शांति और समृद्धि के भाव की अमिट चेतना है।
    श्री साय ने पवित्र तिरंगे को प्रणाम करते हुए कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस में पूरा देश तिरंगामय हो जाता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी अलग-अलग तरीकों से इस पावन दिवस को उत्साह के साथ मना रहे है।  तिरंगा यात्राएं और हर-घर तिरंगा फहराने के संकल्प ने इस पावन अवसर को जन-जन से जोड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह स्मरण कराती है कि आज़ादी अनगिनत बलिदानों की अमूल्य देन है। लाखों-करोड़ों देशभक्तों ने अपने प्राण न्योछावर किए, तब जाकर हमें यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के खास अवसर ने मुझे बचपन के दिनों की याद दिला दी। जब मैं स्कूल में था तब स्वतंत्रता दिवस पर प्रभात फेरी निकलती  थी, गांव-गांव में देशभक्ति गाने गूंजते थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो गर्व महसूस होता था, वही गर्व आज भी हमारे दिल में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा दायित्व है कि हम अपने देश और प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएं। वर्ष 2047 तक के लिए हमने विकसित छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है, और हमारी सरकार उसी के अनुरूप कार्य कर रही है। यह सरकार के साथ-साथ हम सभी का साझा संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर उपस्थित सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी।
        कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दौड़ सिर्फ एक दौड़ नहीं बल्कि आजादी के लिए किये गए संघर्ष का प्रतिसाद है। देश को वीर सपूतों के बलिदान से आजादी मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ और श्रेष्ठ भारत के विजन के साथ चलते हुए हमारे मुख्यमंत्री ने भी विकसित और समृद्धशाली छत्तीसगढ़ का सपना संजोया है। उन्होंने कहा कि इस स्वप्न को पूर्ण करने अपना अमूल्य योगदान देने का संकल्प लें।
     इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार मौजूद रहे।

    बड़ेकनेरा के स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस जून 2024 से सीएमएचओ दफ्तर में खड़ी, कागजों में फंसी जनसेवा
    ग्रामीणों ने विधायक, कलेक्टर से लेकर सीएमएचओ तक लगाई गुहार, लेकिन ‘सुधार’ के नाम पर मिली सिर्फ तारीखें
    स्वास्थ्य मंत्री के दावे हकीकत से कोसों दूर, मरीज अब भी खुद का ‘रोगी वाहन’ बनने को मजबूर

        कोंडागांव / शौर्यपथ / एक तरफ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बड़े गर्व से कह रहे हैं कि “स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार हो रहा है”, वहीं हकीकत यह है कि ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेढ़ साल से एम्बुलेंस नाम की कोई चीज नहीं है।
       2019-20 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रूर्बन मिशन योजना के तहत बड़ेकनेरा को मिली एम्बुलेंस जून 2024 में आरटीओ, इंश्योरेंस और सर्विसिंग के नाम पर सीएमएचओ कार्यालय कोंडागांव में जमा कर दी गई। तब से अब तक यह "कागजों की गाड़ी" वहीं अटकी पड़ी है।
       ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि थक-हारकर कभी विधायक से, कभी सीएमएचओ से और कभी कलेक्टर से गुहार लगाते रहे, लेकिन फाइलें आगे बढ़ने की रफ्तार घोंघे की चाल से भी धीमी रही। आखिरकार बड़ेकनेरा के सरपंच प्रकाश चुरगियां और प्रतिनिधि मंडल ने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर सीधे पूछा—

    अगर आरटीओ, इंश्योरेंस और फिटनेस पूरी है तो एम्बुलेंस क्यों नहीं लौटा रहे?
    अगर पूरी नहीं है तो जिम्मेदार कौन है?
    और उन पर कार्रवाई कब होगी, जिन्होंने लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया?

      प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं ‘तेजी से सुधार’ के दावे कर रही हैं, लेकिन कोंडागांव में यह ‘तेज रफ्तार’ इतनी धीमी हो गई कि डेढ़ साल में भी एक एम्बुलेंस बड़ेकनेरा वापस नहीं पहुंच पाई।
    अब सवाल सीधा है—क्या यह स्वास्थ्य विभाग का सुधार है या लोगों की जान को भगवान भरोसे छोड़ देने की नई सरकारी नीति?
    "लगता है स्वास्थ्य विभाग के लिए एम्बुलेंस भी ‘आपातकालीन’ नहीं, बस एक लंबी दूरी की सरकारी कहानी है—जिसका गंतव्य कभी आता ही नहीं!"

    दुर्ग। शौर्यपथ।
    दुर्ग नगर पालिक निगम में आयुक्त सुमित अग्रवाल लगातार प्रशासनिक कसावट और सुशासन की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं। उनके कई फैसले जहां पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मिसाल पेश कर रहे हैं, वहीं कुछ निर्णय चर्चा का विषय भी बन रहे हैं। ऐसा ही एक ताज़ा मामला है—इंदिरा मार्केट सहित नगर के बाजार प्रबंधन की कमान एक बार फिर ईश्वर वर्मा को सौंपना।
      पूर्व आयुक्त लोकेश चंद्राकर के कार्यकाल में भी ईश्वर वर्मा को बाजार प्रभारी बनाया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों में उनके कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था हालाँकि पद से हटाने का कारण प्रशासनिक व्यवस्तथा बताई गई किन्तु चंद महीनो में ही मूल पद में स्थानातरण चर्चा का विषय रहा । सूत्रों के अनुसार, उनके उस कार्यकाल में बाजार व्यवस्था में सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनकी प्रमुख गतिविधि केवल पेंडिंग पड़ी नामांतरण एवं पंजीयन फाइलों को निपटाने तक सीमित रही, जबकि बाजार में दुकानों के मूल स्वरूप में बड़े पैमाने पर हुए बदलाव और बरामदों तक फैली दुकानदारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
       इंदिरा मार्केट की स्थिति किसी से छिपी नहीं है—बरामदों को दुकानों में बदलना, सड़कों तक अतिक्रमण, और निगम अधीन दुकानों में बिना अनुमति संरचनात्मक परिवर्तन वर्षों से जारी हैं। सहायक राजस्व निरीक्षक के रूप में लंबे समय तक जिम्मेदारी संभालने वाले ईश्वर वर्मा ने इन मामलों में कार्रवाई की अनुशंसा तक नहीं की, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
       यही कारण था कि पूर्व आयुक्त लोकेश चंद्राकर ने उन्हें महज़ कुछ महीनों में ही प्रभार से मुक्त कर दिया था। अब, आयुक्त सुमित अग्रवाल ने एक बार फिर उनके ऊपर भरोसा जताते हुए उन्हें बाजार प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशासनिक मुखिया के रूप में सुमित अग्रवाल की छवि सख्त और सुशासनप्रिय अधिकारी की रही है, लेकिन इस नियुक्ति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह निर्णय बाजार व्यवस्था सुधारने में कारगर होगा या फिर अतीत की गलतियां दोहराई जाएंगी।
       जनता की निगाह अब ईश्वर वर्मा पर है—क्या वे उन दुकानदारों पर कार्रवाई करेंगे जिन्होंने अपने मूल स्वरूप को बदला और बरामदों तक कब्जा जमाया? क्या वे न्यू जनता बूट हाउस, बजाज बूट हाउस जैसे बड़े नामों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाएंगे, या फिर बाजार विभाग की कुर्सी एक बार फिर "मौन स्वीकृति" की गवाही देगी?
      दुर्ग के नागरिक यह देखने को आतुर हैं कि क्या ईश्वर वर्मा इस बार आयुक्त सुमित अग्रवाल के भरोसे पर खरे उतरेंगे और बिगड़ी बाजार व्यवस्था को पटरी पर लाएंगे, या फिर बाजार की सूरत सुधारने का सपना फिर अधूरा रह जाएगा।

    विशेष आलेख
    बिलासपुर के सांसद-नेता और अनुभवी वकील अरुण साव का राजनीतिक उत्थान, 9 अगस्त 2022 के नेतृत्व वितरण से नवम्बर 2023 में उपमुख्यमंत्री बनने तक का क्रम — एक ऐसा अध्याय जो उनके समर्थकों और प्रदेश की राजनीति दोनों के लिए निर्णायक साबित हुआ।

    छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव (जन्म: 25 नवम्बर 1968) का राजनीतिक और वैधानिक सफर पारंपरिक पृष्ठभूमि से निकलकर राज्य के उच्चतम राजनीतिक मंच तक पहुंचने का प्रेरक अंकन है। रायपुर में जन्मे अरुण साव किसान परिवार से आते हैं; उनके पिता स्वर्गीय श्री अभय राम साव और माता श्रीमती प्रमिला साव हैं। उन्होंने 17 अप्रैल 2000 को श्रीमती मीना साव से विवाह किया और उनका एक पुत्र है। शिक्षा की दृष्टि से उन्होंने मुंगेली के शासकीय एस.एन.जी. कॉलेज से बी.कॉम. और बिलासपुर के कौशलेन्द्र राव लॉ कॉलेज से एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की।

    विधिक जीवन में अरुण साव ने मुंगेली सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में बिलासपुर उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य करते हुए राज्य की सेवा में भी गहन भूमिका निभाई। उनकी सरकारी सेवा-भूमिका इस प्रकार रही: मार्च 2005 से फरवरी 2006 तक उप शासकीय अधिवक्ता, मार्च 2006 से अगस्त 2013 तक शासकीय अधिवक्ता, और सितम्बर 2013 से जनवरी 2018 तक छत्तीसगढ़ के उप महाधिवक्ता के रूप में उन्होंने दायित्व निभाये — एक ऐसा क्रम जो उन्हें विधिक विशेषज्ञता के साथ प्रशासनिक अनुभव भी देता है।

    सामाजिक और छात्र-जीवन में वे 1990 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व अन्य संगठनों से सक्रिय रहे, तथा साहू समाज के तहसील, जिला और प्रादेशिक स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाईं। खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति उनकी रुचि—कबड्डी, वॉलीबाल, क्रिकेट और बैडमिंटन—उन्हें जमीनी स्तर से जोड़ती है और संगठनात्मक क्षमता के विकास में मदद करती है।

    राजनीतिक रूप से अरुण साव का बड़ा पड़ाव 2019 में आया जब वे बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। 17वीं लोकसभा में वे कोयला व खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति तथा कोयला और इस्पात संबंधी स्थायी समिति के सदस्य रहे — जिनसे उनके संसदीय अनुभव और क्षेत्रीय उद्योगों के साथ जुड़ाव को मजबूती मिली।

    उनके राजनीतिक जीवन का निर्णायक मोड़ था 9 अगस्त 2022 — जिस दिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उस समय प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार के बावजूद संगठनात्मक मजबूती और विरोधी राजनीति को संगठित करने की जिम्मेदारी अरुण साव के हाथों सौंपी गई। भाजपा संगठन ने 9 अगस्त 2022 के बाद संगठनात्मक पुनर्रचना और सक्रियता बढ़ाकर लगभग चौदह माह के भीतर वह राजनीतिक माहौल तैयार कर दिया, जिसका फल नवम्बर 2023 में भाजपा की प्रदेश में सत्ता वापसी के रूप में सामने आया। परिणामस्वरूप राज्य सरकार बनने पर अरुण साव को उपमुख्यमंत्री का महत्त्वपूर्ण पद भी सोंपा गया — एक पद जिसे वे अपने व्यापक संगठनात्मक और विधिक अनुभव के साथ निभा रहे हैं।
    9 अगस्त 2022 का सोशल मीडिया संदेश और नियुक्ति पत्र

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस दिन को अपने जीवन का अहम मोड़ मानते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा—

        "आज के ही दिन 9 अगस्त 2022 को भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे जैसे सामान्य कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की कमान संभालने का अवसर दिया था।
        पूरे प्रदेश का दौरा कर, बूथ से लेकर प्रदेश स्तर के कार्यकर्ताओं को उनकी शक्ति का अहसास दिलाया और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और साथी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर हमने कांग्रेस सरकार के भ्रष्ट किले को ढहा दिया।
        और 14 माह के सामूहिक परिश्रम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की मोदी की गारंटी की आधार पर प्रदेश की जनता ने भाजपा की सुशासन सरकार को चुना।"

    इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी आधिकारिक नियुक्ति पत्र भी साझा किया, जिसमें 9 अगस्त 2022 से प्रभावी रूप से उन्हें छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
    आलेख - शरद पंसारी
    संपादक - दैनिक समाचार

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