September 29, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल सोमवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर के पिच-1 पर शुरू हुआ। ट्रायल के लिए पंजीकृत 373 खिलाड़ियों में से 223 खिलाड़ी पहले दिन मैदान पर उतरे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

    उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ट्रायल स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की जड़ें गहरी हैं और मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह इसका प्रमाण है। सीएचएल का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को ऐसा मंच देना है, जहां उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिले।

    छह टीमों के लिए होगा चयन

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा लीग की छह टीमों के खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल आयोजित किया गया है। चयन प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुसार खेल अधिकारियों, विशेषज्ञों, हॉकी संघ तथा वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल की निगरानी में संचालित हो रही है।

    पैनल में खेल अधिकारी दीनू प्रसाद पटेल, वरिष्ठ प्रशिक्षक रश्मि संध्या एक्का और राकेश टोप्पो, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मृणाल चौबे, अनुराग श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ खिलाड़ी अमिताभ मानिकपुरी शामिल हैं।

    29 सितंबर को सुबह 9 बजे से ट्रायल जारी रहेगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची और प्रतिवेदन खेल संचालनालय को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर छह टीमों का गठन होगा।

    21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा पहला सीजन

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में होगा। इसमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकोट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।

    प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 18 और राज्य के बाहर के चार राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे। लीग का उद्देश्य राज्य के हॉकी इकोसिस्टम को मजबूत करना, उभरती प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी अनुभव देना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लिए अवसर बढ़ाना है।

    “चलो रे संगी, हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ आयोजित यह लीग छत्तीसगढ़ में हॉकी के प्रति बढ़ती रुचि और क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को बड़े मंच से जोड़ने की पहल के रूप में सामने आई है।

    मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मान, कहा—छत्तीसगढ़ की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया देश-प्रदेश का मान
    रायपुर / शौर्यपथ / एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की बेटी सुश्री संजू देवी ने मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संजू देवी ने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
    जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा के फाइनल में भारत ने ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम की इस उपलब्धि में संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
    मुख्यमंत्री ने संजू देवी से प्रतियोगिता के अनुभव और टीम के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों के युवाओं में खेल के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ाती हैं।
    संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सहयोग उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    राहत शिविरों में सेवा एवं समपर्ण से किए जा रहे कार्य
    रायपुर / शौर्यपथ / धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और जलभराव के बीच जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों के समन्वित प्रयासों से संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का सिलसिला लगातार जारी है।
    कुरुद क्षेत्र के लोमश ऋषि आश्रम में बाढ़ के पानी के बीच फंसे 9 लोगों को पुलिस प्रशासन एवं स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी 9 लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर राहत दल, पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं।
    सलोनी राहत शिविर में बेहतर व्यवस्थाएं, राजस्व अमले ने सेवा और समर्पण से किया कार्य
    सलोनी स्थित बाढ़ राहत शिविर में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं भोजन व्यवस्था संतोषजनक और व्यवस्थित रही। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरंतर जायजा ले रहे हैं। राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए सुबह नाश्ते के साथ नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर परिसर में स्वच्छता एवं हाईजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

    गैस से खाना जल्दी तैयार, बच्चों को स्कूल भेजने और काम पर जाने में बच रहा समय

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस कनेक्शन ने सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सकोला निवासी श्रीमती चंपा पात्र की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। पहले वे लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। बारिश में लकड़ी गीली होने से चूल्हा जलाने में काफी समय लगता था और धुएं से आंखों में आंसू आने जैसी परेशानी भी होती थी।

    गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब गैस चालू करते ही खाना बनाना शुरू हो जाता है। इससे लकड़ी जुटाने और चूल्हा जलाने की मशक्कत खत्म हुई है। सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के लिए भोजन तैयार करने से लेकर स्वयं समय पर काम पर निकलने में भी समय की बचत हो रही है।

    चंपा बताती हैं कि अचानक मेहमान आने पर भी अब लकड़ी और चूल्हा जलने का इंतजार नहीं करना पड़ता। जरूरत पड़ते ही भोजन तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गैस मिलने से रसोई का काम आसान हुआ है और परिवार को समय देने के साथ अन्य कामों के लिए भी समय मिल रहा है।

    चंपा पात्र ने उज्ज्वला योजना की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी बताती है कि रसोई गैस ने खाना बनाने के तरीके के साथ-साथ परिवार की रोजमर्रा की दिनचर्या को भी सहज बनाया है।

    सुकमा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का मुख्यमंत्री ने किया दौरा, राहत शिविर में स्वयं भोजन परोसकर बढ़ाया हौसला; करीब 300 परिवारों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा और कोंटा क्षेत्र का निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
    शबरीनगर स्थित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उन्होंने स्वयं भोजन परोसा और आत्मीयता से उनका हालचाल जाना। इसके बाद वे एक प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे और मकान, घरेलू सामान व अन्य संपत्ति को हुए नुकसान की जानकारी लेकर परिवार को ढांढस बंधाया।

    300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता

    मुख्यमंत्री ने बाढ़ में घरों में रखे सामान को हुए नुकसान से प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने के निर्देश दिए। यह सहायता आरबीसी 6-4 के तहत मिलने वाली पात्रता आधारित क्षतिपूर्ति के अतिरिक्त होगी।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सहायता पहुंचाने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो और कोई पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।

    अतिवृष्टि से बिगड़े हालात, 19 राहत केंद्रों में व्यवस्था

    उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर की अतिवृष्टि के बाद सुकमा के कई क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। कोंटा में लगातार बारिश से शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे के गांवों के अलावा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। प्रभावितों के लिए कोंटा क्षेत्र में 19 राहत केंद्र बनाए गए, जहां ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

    प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन और गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और स्वच्छता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं।

    राहत के बाद पुनर्वास पर जोर

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में वापस लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को राहत से लेकर क्षति आकलन और सहायता राशि वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता एवं तत्परता से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के बाद पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए और प्रत्येक प्रभावित परिवार की जरूरत के अनुसार शासन की सहायता समय पर पहुंचे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    धान खरीदी, जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा; 30 सितंबर तक रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश

    रायपुर / शौर्यपथ / मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य शासन के विभागीय सचिवों की बैठक हुई। इसमें विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में धान खरीफ विपणन वर्ष की तैयारियों, पेयजल योजनाओं और शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन एवं उपचार की समीक्षा की गई। नगरीय विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान विकसित भारत-2047 के अनुरूप तैयार करने, परिवहन विभाग को ई-व्हीकल को बढ़ावा देने और खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए। 15 से 22 अक्टूबर की अवधि में ग्राम सभाओं के आयोजन की तैयारियां भी समय पर पूरी करने कहा गया।

    जिलों की निगरानी के लिए स्कोर कार्ड

    मुख्य सचिव ने योजनाओं की कलेक्टर स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने को कहा। कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने और पारस पोर्टल से जुड़े अक्टूबर माह के प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय के निर्देश दिए गए।

    शासन के सभी विधिक नियमों और निर्देशों की संदर्भ प्रतियां ई-गजट पर अपलोड करने, लंबित पेंशन प्रकरणों की विभागवार निगरानी तथा उनके निराकरण की समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने और कर्मचारियों के क्षमता निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

    30 सितंबर तक देनी होगी रिक्त पदों की जानकारी

    कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं और सेवा सेतु की प्रगति की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि 38 विभागों की 907 सेवाएं वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

    फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार, माय भारत पोर्टल की गतिविधियों में तेजी तथा विभागीय क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया।

    एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स करेगी समेकित रिपोर्टिंग

    गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स विभिन्न विभागों से सूचनाएं एकत्र कर उनकी समेकित रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे भारत सरकार को भेजा जाएगा।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, ऋचा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने अंत में सभी विभागों को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर निगरानी और लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल, तटीय क्षेत्रों और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत-बचाव तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को जलस्तर और बहाव की सतत निगरानी तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    कलेक्टर-एसपी ने श्री महंत लालदास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। यहां प्रभावित नागरिकों के ठहरने के साथ भोजन, स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, स्वच्छता और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    पुल पर आवागमन बंद, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी

    महानदी पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन बंद कर दिया गया है। पुल एवं आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को तेज बहाव के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    स्वास्थ्य टीमें तैनात

    प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं और नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है। आवश्यक दवाइयों के साथ जलभराव से संभावित बीमारियों और संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी उपाय किए जा रहे हैं।

    कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए मानव संसाधन और अन्य जरूरी संसाधन तैयार रखे गए हैं।

    मुनादी कर लोगों को किया जा रहा सतर्क

    संवेदनशील और तटीय क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को संभावित जलभराव और सुरक्षा सावधानियों की जानकारी दी जा रही है। नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम नहीं उठाने की अपील की गई है। प्रशासन द्वारा बंद किए गए मार्गों पर जाने से भी बचने कहा गया है।

    जिला प्रशासन महानदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। पुलिस, राजस्व, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें राहत-बचाव के लिए मुस्तैद हैं।

    निरीक्षण के दौरान नगर पालिका शिवरीनारायण अध्यक्ष राहुल थवाईत, एसडीएम जांजगीर सुब्रत प्रधान, एसडीएम शिवरीनारायण भावना साहू, कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजन; देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन कारोबारियों ने लिया हिस्सा, उत्कृष्ट हितधारकों का सम्मान

    रायपुर / विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेंट्रल इंडिया कनेक्ट छत्तीसगढ़ मार्केट प्लेस-2026’ का आयोजन नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक व्यू रिसॉर्ट में किया गया। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना, पर्यटन कारोबार बढ़ाना और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाना था। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशी टूर एजेंसियों के प्रतिनिधि, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटलियर्स और होम-स्टे संचालक शामिल हुए।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और अध्यक्षता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने की। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    पर्यटन से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन केवल भ्रमण नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। छत्तीसगढ़ में बस्तर की जनजातीय संस्कृति, सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट-तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, भोरमदेव और बारनवापारा जैसे विविध पर्यटन संसाधन हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। पर्यटन विकास के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तथा ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना भी लक्ष्य है। उन्होंने रायपुर की फिल्म सिटी, भोरमदेव कॉरिडोर और जशपुर के मयाली क्षेत्र की पर्यटन परियोजनाओं का उल्लेख किया।

    400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां जुड़ीं

    पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य पर्यटन कारोबारियों के बीच व्यावसायिक संबंध मजबूत करना और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। बीटूबी बैठकों के माध्यम से नए टूर पैकेज और व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने के अवसर मिले हैं। उन्होंने ट्रैवल एजेंट्स से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अपने पैकेज में शामिल करने का आह्वान किया।

    उन्होंने बताया कि दिल्ली, भुवनेश्वर, पुणे और चेन्नई सहित प्रमुख शहरों में रोड शो और राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में सहभागिता के परिणामस्वरूप 400 से अधिक ट्रैवल एजेंसियां छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से जुड़ी हैं।

    डिजिटल तकनीक और AI से पर्यटन को नई दिशा

    पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग पर्यटन सूचना, प्रचार-प्रसार, कंटेंट निर्माण और पर्यटक अनुभव बेहतर करने में प्रभावी हो सकता है। उन्होंने चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर-कैलाश-दंडक गुफाओं, मैनपाट, जशपुर, बस्तर दशहरा, सिरपुर, भोरमदेव, ढोलकल गणेश, नारायणपाल और मल्हार सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों की संभावनाएं बताईं।

    उन्होंने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। 82 होम-स्टे लाभार्थियों के 280 से अधिक कमरों की पहचान, वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल रिजर्वेशन और निवेशक बैठकों के माध्यम से बाजार पहुंच बढ़ाने का काम किया जा रहा है। सिरपुर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान और शक्तिपीठ कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

    स्थानीय समुदायों की भागीदारी जरूरी

    पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि पर्यटन को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाते हुए स्थानीय समुदायों को इससे जोड़ना जरूरी है। उन्होंने पर्यटन स्थलों को बेहतर पर्यटन उत्पाद और पैकेज में बदलने तथा डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार पर जोर दिया।

    ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। शासन, पर्यटन विभाग और सभी हितधारकों को मिलकर समयबद्ध और बेहतर क्रियान्वयन के साथ आगे बढ़ना होगा।

    पर्यटन क्षेत्र के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान

    आयोजन में टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और पर्यटन संस्थाओं के प्रमोशनल स्टॉल लगाए गए। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और धमतरी जिला प्रशासन ने भी पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए स्टॉल लगाए। बीटूबी बैठक में पर्यटन पैकेज, व्यावसायिक साझेदारी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को छत्तीसगढ़ लाने पर चर्चा हुई।

    पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार भी दिए गए। बेस्ट टूरिज्म डिस्ट्रिक्ट प्रमोशन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेस्ट इको टूरिज्म साइट तक्षक भोरमदेव, बेस्ट होटल एम्बिशन जगदलपुर, बेस्ट टूर ऑपरेटर डी. रमेश कैंप वन्स, बेस्ट टूरिज्म स्टार्टअप हेरिटेज वाला के शिवम त्रिवेदी, बेस्ट एडवेंचर टूर ऑपरेटर ट्रिपी हिल्स जशपुर के सौरभ सिंह और बेस्ट होम-स्टे धुरवा डेरा के मानसिंह को मिला।

    इसके अलावा बेस्ट इन्फ्लुएंसर अनुपम सिन्हा, बेस्ट टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर/स्टार परफॉर्मर CTB डोंगरगढ़ के श्रीनिवास राव एवं टीम तथा बेस्ट स्टार परफॉर्मर रिसॉर्ट CTB इको हरेली रिसॉर्ट, बारनवापारा के सुभाष ठाकुर एवं टीम को सम्मानित किया गया। पुरस्कार के साथ ₹11,000 का चेक, मोमेंटो और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पुरातात्विक स्थलों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।

    मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की युवा प्रतिभाओं का किया सम्मान

    युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

    रायपुर, 27 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, परिश्रमी और संभावनाओं से भरपूर है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखनी चाहिए तथा अपने विचारों और कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के सामने अवसरों का नया संसार खुला है। आवश्यकता इस बात की है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए विचारों को साकार करने के लिए व्यापक अवसर मिल रहे हैं। आज भारत का युवा नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल, कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं में भी अपार सामर्थ्य है और वे अपनी प्रतिभा तथा परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम बना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पोषण और जनभागीदारी के संदेश का उल्लेख करते हुए ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। इसे जनभागीदारी से घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत किया जा सकता है।

    प्रकृति और संस्कृति छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पहचान

    मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रकृति की अनुपम देन से समृद्ध है। यहां के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का सहज जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां की शिवलिंग सदृश प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अनेक ऐसे स्थल हैं, जिनमें पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा यहां के गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित प्रदेश की विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े रहना चाहिए।

    संघर्ष से ही मिलता है आगे बढ़ने का संबल

    मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन के अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए कहा कि कम उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और अपने छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे न हटना सिखाया।

    उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास व्यक्ति के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है।

    कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार श्री पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण स्वर्गीय श्रीमती तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्भुत कला के माध्यम से महाभारत के विभिन्न पात्रों को मंच पर जीवंत किया और पंडवानी को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाई। श्री मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कॉन्क्लेव में सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के विचारों, उपलब्धियों और प्रतिभा को समाज के सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास,मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक श्री सुभाष मिश्रा उपस्थित सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

      नई दिल्ली / एजेंसी (PIB)/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ अगले 10 वर्षों के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र विकसित करने, एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा आतंकवाद-रोधी कार्रवाई को थाना स्तर तक मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

    सम्मेलन में ‘प्रहार’ रणनीति के सात प्रमुख स्तंभों—रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं का एकीकरण, मानवाधिकारों का संरक्षण, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों में कमी, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में समन्वय तथा Whole-of-Society दृष्टिकोण के साथ रिकवरी और लचीलापन—पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय गृह सचिव, विदेश सचिव, CAPFs और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख, 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक तथा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ATS प्रमुख सम्मेलन में शामिल हुए।

    थाना स्तर तक पहुंचे ‘प्रहार’ की रणनीति

    अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। उन्होंने आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण कर अगले दशक के लिए मजबूत ‘प्रहार’ तंत्र विकसित करने की आवश्यकता बताई।

    उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी उपायों को थाना स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और प्रहार के प्रत्येक बिंदु पर सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली को संस्थागत बनाने तथा कार्रवाई में देरी रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

    36 देशों से 288 भगोड़ों की वापसी का दावा

    अमित शाह ने कहा कि सरकार के अनुसार 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। उन्होंने एजेंसियों के बेहतर समन्वय से सीमापार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े शहज़ाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल ध्वस्त किए जाने, 15 राज्यों में 100 से अधिक FIR दर्ज होने और 350 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।

    नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च

    सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया। इसके माध्यम से विदेशों में मौजूद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर और कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। उन्होंने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के लिए विशेष टीम गठित करने का भी आग्रह किया।

    सम्मेलन में आतंकवाद के बदलते स्वरूप के अनुरूप रणनीति को लगातार अपडेट करने, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने और केंद्र व राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया।

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