
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नई दिल्ली, । भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) 2026 के तहत तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (चरण-1) के विधानसभा चुनावों ने वैश्विक मंच पर भारतीय लोकतंत्र की ताकत, पारदर्शिता और व्यापकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 16 देशों के 32 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और ‘इंटरनेशनल आईडीईए’ के विशेषज्ञों ने चुनाव प्रक्रिया को नजदीक से देखा और इसे “लोकतंत्र का सच्चा उत्सव” करार दिया।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से रिकॉर्ड मतदान, सूक्ष्म योजना और निर्बाध चुनाव संचालन की सराहना की। मॉरीशस की उच्चायुक्त शीलाबाई बाप्पू ने कहा कि भारत दुनिया को चुनाव कराने की प्रक्रिया और अनुभव सिखा रहा है, जहां “वोट को मतदाता के द्वार तक पहुंचाया जाता है।”
प्रबंधन और तकनीक का संगम
22-23 अप्रैल के दौरान प्रतिनिधियों ने डिस्पैच और डिस्ट्रीब्यूशन केंद्रों का दौरा कर चुनावी लॉजिस्टिक्स की सटीकता को देखा। फिलीपींस की मेलिसा ऐन टेलन ने ईवीएम (कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट) के व्यवस्थित वितरण और पारदर्शिता को “अद्भुत अनुभव” बताया।
100% वेबकास्टिंग, कंट्रोल रूम्स की निगरानी और मॉक पोल जैसी प्रक्रियाओं ने चुनावी पारदर्शिता को और मजबूत किया। प्रतिनिधियों ने इसे आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण माना।
समावेशी और सुलभ मतदान व्यवस्था
मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर, हेल्प डेस्क, क्रेच सुविधा और स्वयंसेवकों की उपस्थिति ने समावेशी लोकतंत्र की झलक पेश की। बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए घर से मतदान की सुविधा को भी प्रतिनिधियों ने सराहा। नेपाल के प्रतिनिधि यज्ञ प्रसाद भट्टराई ने मतदान केंद्रों के प्रबंधन को “उत्कृष्ट और सराहनीय” बताया।
चेन्नई में कलर-कोडेड मतदान केंद्रों और न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था ने भूटान के प्रतिनिधि शेरिंग समद्रुप को प्रभावित किया, वहीं पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य जांच सेवाएं और मोबाइल डिपॉजिट सुविधा को केन्या की रूथ कुलुंडु ने गोपनीयता और सुविधा का बेहतर उदाहरण बताया।
वैश्विक मानक स्थापित करता भारत
इससे पहले 8-9 अप्रैल को 22 देशों के 38 प्रतिनिधि असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा कर चुके हैं। अब तक कुल 38 देशों के 70 प्रतिनिधि भारत की चुनावी प्रक्रिया का अनुभव ले चुके हैं।
भारत निर्वाचन आयोग का यह कार्यक्रम न केवल वैश्विक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि भारत के चुनावी मॉडल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक के रूप में स्थापित कर रहा है। विशाल पैमाने, रिकॉर्ड भागीदारी और तकनीकी नवाचारों के साथ भारत एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि लोकतंत्र केवल एक प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवंत और समावेशी उत्सव है।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
