August 02, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    भिलाई / शौर्यपथ /  नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में जुनवानी रोड पर सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों को हटाया गया। बिना अनुमति गुमटी लगाने और बांस बल्ली से अवैध कब्जा करने वालों  पर निगम की टीम ने बेदखली की कार्यवाही की। निगम क्षेत्र में अवैध कब्जा या अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने निर्देश दिए है। आदेश के परिपालन में जोन 01 नेहरू नगर की टीम आज शंकरचार्य कॉलेज के पास बिना अनुमति गुमटी लगाने वाले को हटाने तथा झोपड़ी बनाकर अवैध कब्जा करने वालों को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया गया, इस दौरान एक अतिक्रमणधारी ने तोडफ़ोड़ के नुकसान से बचने एक दिन के भीतर कब्जा हटाने लिखित में दिया।  जोन 01 के एआरओ विनोद चंद्राकर ने बताया कि जुनवानी रोड में अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी, जिस पर जोन 01 के आयुक्त सुनील अग्रहरि के अगुवाई में शंकराचार्य कॉलेज के पास राजस्व विभाग का अमला पहुंचा जहां कुछ लोगों के द्वारा मुख्य सड़क किनारे बांस बल्ली से झोपड़ीनुमा बनाया गया था जहां अस्थाई रूप से मोटर मैकेनिक व गैरेज का काम कर रहे थे जिसे जेसीबी से तोड़कर बेदखल किया गया। इसी स्थान पर 3 अन्य व्यक्तियों द्वारा निगम से बिना कोई अनुमति लिए बगैर गुमटी लगाकर दुकान संचालन कर रहे थे जिनमें 2 गुमटी को तत्काल जेसीबी के माध्यम से हटाया और एक व्यक्ति तोडफ़ोड़ के नुकसान से बचने अवैध रूप से संचालित कर रहे गुमटी को हटाने लिखित में दिया अवैध रूप से झोपड़ी व गुमटी लगाकर व्यवसाय करने वालों को निगम की टीम ने समझाइश दिया कि दोबारा ऐसा करने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। अवैध कब्जे से बेदखली की कार्यवाही के दौरान जोन 01 की राजस्व विभाग की टीम एवं कर्मचारी उपस्थित थे। 

    एसएसपी यादव ने सीसीटीएनएस पर सड़क हादसों में जानकारी में भिन्नता पाने पर सख्त लहजे के साथ 21 थानेदारों का थमाया नोटिस
     
         दुर्ग / शौर्यपथ /  केंद्र और राज्य सरकार की सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) योजना को पुलिस अधिकारी गुड गोबर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं सीसीटीएनएस पर सड़क हादसों की जानकारी भरने में लापरवाही बरत रहे हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार यादव ने उप पुलिस अधीक्षक यातायात गुरजीत सिंह से सड़क हादसों की जानकारी लेने पर जिले के रिकॉर्ड में काफी विभिनता आने पर उन्होंने दुर्ग जिले के 21 थाना प्रभारी भिलाई नगर,भिलाई  भट्टी, नेवई,  छावनी, खुर्शीपार,सुपेला, जामुल, नंदिनी नगर, पुरानी भिलाई, कुम्हारी, अमलेश्वर, पाटन, उतई ,रानीतराई अंडा ,पुलगांव ,मोहन नगर दुर्ग कोतवाली, धंमधा, बोरी के साथ-साथ जिले के छह चौकी प्रभारी स्मृति  नगर, जेवरा सिरसा, लिटिया सिमरिया,अंजोरा, पदनाभपुर एवं मचादूर चौकी प्रभारी को एक साथ नोटिस जारी किया है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दें नोटिस में सख्त लिहाज में लिखा है कि सड़क हादसों की जानकारी 69 बिंदुओं पर एक माह के भीतर उपलब्ध कराते हुए सीसीटीएनएस योजना के तहत इसमें ऑनलाइन स्नढ्ढक्र  किया जाए अगर आगे भी लापरवाही की गई तो थाना व चौकी प्रभारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाएग..।

    ओपिनियन / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 26 जून को ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ का शुभारंभ कर दिया। वास्तव में, यह देश में कोरोना काल में रोजगार के लिए शुरू किया गया सबसे बड़ा अभियान है, जिस पर अपने राज्य लौटे मजदूरों के साथ ही देश की भी नजरें टिकी हैं। इसके तहत देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में करीब सवा करोड़ लोगों को विभिन्न परियोजनाओं के तहत रोजगार नसीब होगा।
    वस्तुत: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ का मुख्य लक्ष्य प्रदेश में वापस आए प्रवासी कामगारों को उनके ही क्षेत्र में हुनर व रुचि के आधार पर रोजगार प्रदान करने, स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को साथ जोड़ना है। जब लोग भी रोजगार के लिए सरकार की ओर देख रहे हैं, तब यह एक सराहनीय कदम है। देश के विभिन्न राज्यों में भी रोजगार निर्माण के लिए ऐसे विशेष अभियानों की जरूरत दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश के इस अभियान से अन्य राज्यों को भी यथोचित प्रेरणा मिलेगी।
    आज निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के प्रयासों के साथ ही सरकारी स्तर पर ऐसी पहल बहुत जरूरी है। विशेष अभियानों के अलावा सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर तत्परता के साथ नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने पर भी ध्यान देना होगा। सरकार ने विगत 14 मार्च को संसद में बताया है कि रेलवे, रक्षा, डाक सहित अन्य सरकारी विभागों में करीब 4.76 लाख भर्तियां की जानी हैं। इनमें से यूपीएससी, एसएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड के जरिए 1.34 लाख और रक्षा विभाग में 3.4 लाख खाली पदों को भरा जाना है। केंद्र सरकार के अलावा राज्यों सरकारों के भी लाखों पद रिक्त हैं। सरकार के स्तर पर रिक्त पदों को भरने के लिए भी विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। विशेष रोजगार अभियान को कुछ बहुत जरूरतमंद जिलों में चलाने के साथ ही मनरेगा में भी कोई कमी नहीं होनी चाहिए। काम मांगने वाले लोगों को रोजगार देकर समाज को व्यापक संकट से बचाया जा सकता है। ज्यादा लोगों को रोजगार देने से अर्थव्यवस्था को भी सीधे फायदा होगा। इससे मांग और आपूर्ति बढ़ेगी, विकास दर में तेजी आएगी।
    यह साफ दिखाई दे रहा है कि कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह से देश के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों के सामने रोजगार संकट ज्यादा बढ़ा है। इस दौर में देश में बेरोजगारी की चुनौती कितनी तेजी से बढ़ी है, इसका अनुमान प्राइवेट थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर मॉनिर्टंरग इंडियन इकोनॉमी’ द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। इसके मुताबिक, भारत में जनवरी 2020 में बेरोजगारी दर 7.2 प्रतिशत थी, यह फरवरी में 7.8 प्रतिशत और मार्च में 8.7 प्रतिशत हो गई। यह अप्रैल 2020 में 23.52 फीसदी तथा मई 2020 में 23.48 फीसदी हो गई। यद्यपि लॉकडाउन समाप्त होने के साथ-साथ बेरोजगारी दर में कमी बताई जा रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।
    युवाओं को अपना मनोबल और व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना चाहिए। चुनौतियां बढ़ी हैं, पर स्थिति ऐसी बुरी भी नहीं है कि जिससे उबरना मुश्किल हो। अच्छा रोजगार चाह रहे लोगों को किसी न किसी चीज में विशेषज्ञता या कार्य कुशलता के लिए प्रयास जरूर करना होगा। विभिन्न वैश्विक रिपोर्टों में तथ्य उभरकर सामने आ रहा है कि चालू वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की विकास दर में जोरदार गिरावट होगी, लेकिन आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में देश की विकास दर में तेजी दिखाई देगी। भारत में रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। ऐसे में, दुनिया के मानव संसाधन शोध संगठनों का कहना है कि कोविड-19 की चुनौतियों से भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कहीं शीघ्रतापूर्वक बाहर निकलेगी और रोजगार के मौके बढ़ेंगे। पिछले दिनों न्यूयॉर्क के मैनपॉवर ग्रुप द्वारा प्रकाशित 44 देशों के रोजगार के वैश्विक सर्वेक्षण के मुताबिक, कोविड-19 के बीच रोजगार के मामले में सकारात्मक परिवेश दिखाने वाले दुनिया के चार शीर्ष देशों में भारत भी शामिल है। भारत के अलावा केवल जापान, चीन और ताइवान में रोजगार को लेकर सकारात्मक परिदृश्य पाया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद और कोरोना काल के बीच भारत में जुलाई से सितंबर 2020 की तिमाही में पांच सेक्टरों- खदान, निर्माण, वित्त, बीमा और रियल एस्टेट में नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे।
    प्रमुख मानव संसाधन कंपनी टीमलीज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के चार महानगरों, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को छोड़कर मेट्रो के रूप में उभरते शहरों- बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद, चंडीगढ़, कोच्चि, कोयंबटूर, आदि में रोजगार बढें़गे। इन शहरों में हेल्थ, फार्मा, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, कृषि, एग्रो-केमिकल्स, ऑटो-मोबाइल्स और इनसे जुड़ी सेवाओं, बीपीओ सेवाएं, निर्माण तथा रिएल एस्टेट व ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के मौके तेजी से बढ़ेंगे। इसमें कोई दो मत नहीं है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत दिए गए आर्थिक पैकेज से देश के उद्योग-कारोबार क्षेत्र को जो लाभ मिलेगा, उससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे।
    युवाओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कोविड-19 के बाद आने वाले वर्षों में दुनिया के कई देशों में अर्थव्यवस्थाओं को संभालने के लिए प्रशिक्षित युवा हाथों की कमी होने वाली है। मानव संसाधन परामर्श संगठन कार्न फेरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां दुनिया में 2030 तक कुशल श्रम बल का संकट होगा, वहीं भारत के पास 24.5 करोड़ अतिरिक्त कुशल श्रम बल होगा। साल 2030 तक दुनिया के 19 विकसित व कई विकासशील देशों में 8.52 करोड़ कुशल श्रम शक्ति की कमी हो जाएगी। ऐसे में,भारत इकलौता देश होगा, जिसके पास 2030 तक जरूरत से ज्यादा कुशल श्रम बल होगा। भारत दुनिया के तमाम देशों में कुशल श्रम बल को भेजकर फायदा उठा सकेगा।
    निजी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन इससे सरकारों की जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती। सरकारों को अपनी रोजगार योजनाओं को चाक-चौबंद तरीके से चलाकर समाज में राहत का भाव बनाए रखना होगा।
    (ये लेखक के अपने विचार हैं)जयंतीलाल भंडारी, अर्थशास्त्री

     

    दो नर्स सहित चार महिला एक पुरूष और 7 बीएसएफ के जवान का रिपोर्ट आया पॉजेटिव
    बीएमशाह और स्पर्श हॉस्टिल को किया जायेगा शील
           
        दुर्ग / शौर्यपथ / सात बीएसएफ जवान, 2 निजी अस्पताल की नर्स सहित 12 कोरोना संक्रमित मरीज आज जिले मेे मिले है। समाचार लिखे जाने ताक सभी को कोविड-19 अस्पताल शंकराचार्य जुनवानी भेजने की तैयारी की जा रही है।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएमशाह अस्पताल व स्पर्श अस्पताल की महिला नर्स के अलावा 07 बीएसएफ जवान जो की क्वारंटाइन सेन्टर मे थे उनका कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट पॉजेटिव आया है। इनके अलावा रिसाली सेक्टर की एक महिला, कैम्प 01 मे एक व्यक्ति और विवेकानंद नगर की एक महिला भी कोरोना संक्रमित पाई गई है। सभी 12 लोगो का पिछ्ले दिनों टेस्ट किया गया था जिसकी रिपोर्ट आज मिलने पर सभी 12 लोगो को कोविड-19 अस्पताल शंकराचार्य जुनवानी मे भेजने की तैयारी किया जा रहा है इनमे 02 नर्स सहित 04 महिला एक पुरूष और सात बीएसएफ के जवान शामिल है ।
    दुर्ग  / शौर्यपथ / दुर्ग के हटरी बाजार में नकली नोट खपाते आज एक डॉक्टर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बाजार क्षेत्र में व्यापारी लंबे समय से नकली नोट मिलने से परेशान थे उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मार्केट में नकली नोट कौन खपाता है। आज इस डॉक्टर पर शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जांच की तो शिकायत सही पाई गई। फिलहाल मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
    कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हटरी बाजार के व्यापारियों की शिकायत पर बाजार पहुंचे और गया नगर निवासी डॉ दिनेश हीरा के नोटों की जांच की गई। इसके पास 200, 500 व 2000 के नकली नोट पाए गए। डॉक्टर अक्सर बाजार आता खरीदारी करता। लंबे समय से इसका घोरखधंधा चल रहा था। पुलिस ने इसके घर से भी नकली नोट बरामद किया है। फिलहाल मामले की जांच हो रही है।

         दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग निगम में इस बार 20 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी । 20 साल बाद बनने वाली शहरी सरकार में ऐसी कई बातें हुईं जो एक यादगार पलो के रूप में याद आती रहेंगे जिसमे कुछ अच्छी तो कुछ बुरी याद शामिल है जिन्हें जनता नही भूल पाएगी ।
    प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनते ही दुर्ग निगम में भी बदलाव आया और कांग्रेस की लहर में दुर्ग निगम भी शामिल हो गया । इस जीत के बाद जो यादे सदैव बनी रहेगी उसमें मदन जैन , राजेश यादव , राजकुमार नारायणी , हमीद खोखर , अब्दुल गनी और धीरज बाकलीवाल की जिंदगी में बहुत बदलाव हुआ । धीरज बाकलीवाल जो पहली बार लोकतंत्र में चुनाव लड़े और विजयी हुए महापौर के रूप में चयनित हुए वही मदन जैन जो मोती लाल वोरा के साथ राजनीति किये एमआईसी में भी जगह पाने से वंचित हुए तो पूर्व सभापति को भी प्रभारी के रूप में जगह नही मिली किन्तु अब्दुल गनी के भाग्य ने साथ दिया और दो बार कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भी पीडब्ल्यूडी का प्रभार मिला वही कांग्रेस में प्रवेश हुए हमीद खोखर को भी स्वास्थ्य विभाग से नवाजा गया ।
    अब्दुल गनी , राजकुमार नारायणी और मदन जैन तीनो में एक समानता रही तीनो ने ही महापौर के लिए दावेदारी पेश की थी और धीरज बाकलीवाल का विरोध किया था । अब्दुल गनी तो विरोध स्वरूप वोरा के निवास भी पहुंच गए थे और गर्मागर्म बहस भी हो गई थी जिसका वीडियो भी वाइरल हो गया था एक पल तो ऐसा लगा कि पूर्व की तरह एक बार फिर कांग्रेस से बगावत करेंगे किन्तु प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने से इसकी संभावना कम ही नजर आ रही थी शायद यह विरोध काम आया और गनी को पीडब्ल्यूडी का प्रभार उपहार स्वरुप मिल गया वही विरोध करने वाले मदन जैन और राजकुमार नारायणी को एमआईसी में जगह नही मिली जबकि दोनो ने कभी कांग्रेस का विरोध नही किया और पार्टी से जुड़े रहे .
           इन सबमे एक ऐसा व्यक्ति भी है जो सालो से राजनीति से दूर रहा एक समय वर्तमान मुख्यमंत्री बघेल के साथ राजनीति में सक्रिय रहा जिसके बारे में मुख्यमंत्री बघेल ने शपथग्रहण के दौरान भी इस बात को कही गयी । राजेश यादव जो वर्तमान में निगम के सभापति है जो कभी वर्तमान मुख्यमंत्री के साथ राजनीति में सक्रिय रहे किन्तु निगम के लापरवाह या गैर जिम्मेदाराना कार्य कह सकते है लगातार निगम के कांग्रेसी सभापति को अनदेखा किया जा रहा है । आखिर ऐसी क्या वजह है कि निगम के कार्यक्रमो में राजेश यादव कम ही देखे जाते है , उद्घाटन पट्टिका हो या साइन बोर्ड राजेश यादव का नाम गायब रहता है । जबकि संविधान के नियम के अनुसार सवैधानिक पद में आसीन है राजेश यादव . फिर उद्घाटन पट्टिका में आखिर किस कारण से राजेश यादव के नाम को अनदेखा किया जाता है क्या निगम के जिम्मेदार अधिकारी राजेश यादव को जानबूझ कर अनदेखी कर रहे है या ये किसी के इशारे पर हो रहा है या फिर इन अधिकारियों की मंशा महापौर व विधायक वोरा को बदनाम करने का एक तुच्छ प्रयास है कारण जो भी हो किन्तु दुर्ग निगम में कांग्रेस के सभापति का यू अपरोक्ष अपमान करके जिम्मेदार अधिकारी क्या संदेश देना चाहते है । क्या महापौर इस मामले को संज्ञान लेंगे ?
    भाजपा शासन में भी नहीं हुआ विपक्षी सदस्यों का अपमान
    प्रदेश में १५ साल भाजपा का राज था वाही निगम में २० सालो तक भाजपा का शासन था . पूर्व के सालो में निगम के सभापति राजकुमार नारायणी थे तब भाजपा ने बिना भेदभाव के स्वक्ष राजनीती का परिचय देते हुए सभापति के पद का मन रखते हुए उद्घाटन पट्टिका पर महापौर के साथ सभापति का नाम भी अंकित करवाते रहे किन्तु ऐसी पारदर्शिता और संस्कार जाने अब क्यों विलुप्त हो गए .

    नई दिल्ली / शौर्यापथ / पटना बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सियासी आरोपों-प्रत्‍यारोपों को दौर तेज होता जा रहा है. राज्‍य में कोरोना वायरस के कम टेस्‍ट को लेकर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. नीतीश के पूर्व सहयोगी रहे प्रशांत अब उनके विरोधी बन चुके हैं. उन्‍होंने एक ट्वीट में लिखा-कोरोना की वजह से चुनाव और उसकी तैयारियों में कोई बाधा ना आए इसलिए नीतीश कुमार ने तय कर लिया है कि बिहार में कोरोना की जांच की रफ़्तार को नहीं बढ़ाएंगे. #बिहार में देश में सबसे कम टेस्टिंग हो रही है. कोरोना से संक्रमित लोगों के पता न चलने या उसमें देरी के भयावह परिणाम हो सकते है.गौरतलब है कि प्रशांत किशोर को इस वर्ष जनवरी में ही जेडी-यू ने निलंबित किया गया है.
    गौरतलब है कि 25 जून के शाम 4 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों में बिहार में कोरोना के 201 नए मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटों में 374 मरीज ठीक हुए हैं, इस तरह राज्‍य में अब तक 6480 मरीज कोरोना से रिकवर कर चुके हैं. बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण से अब तक 56 लोगों की मौत हुई है. राज्‍य में कोरोना के केसों की संख्‍या 8381 है जबकि एक्टिव केसों की संख्‍या 1844 है. 24 जून को राज्‍य में 6634 कोरोना टेस्‍ट हुए थे. राज्‍य में अब तक कुल एक लाख 81 हजार 737 कोरोना टेस्‍ट हुए हैं, यह संख्‍या दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और यूपी जैसे राज्‍यों की तुलना में काफी कम है.
    गौरतलब है कि कोरोना वायरस की महामारी के बीच बिहार में चुनावी हलचल शुरू हो चुकी है. बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता अमित शाह वर्चुअल रैली करके बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर चुके हैं. अमित शाह ने इस रैली में घोषणा की कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए बिहार में चुनाव में उतरेगा. बिहार के चुनावों में सत्‍तारूढ़ जेडीयू-बीजेपी का मुकाबला आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन से है.

     

    नई दिल्‍ली/ शौर्यपथ / गुवाहाटी/ कोरोना वायरस के बढ़ते केसों के मद्देनजर असम के गुवाहाटी शहर में जारी लॉकडाउन को सोमवार से अगले दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है. असम के मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार दोपहर को कहा, 'अगले सप्ताह, केवल दवाओं की दुकाने खुली रहेंगी.' राज्‍य में कोरोना के लिए सख्‍त लॉकडाउन की घोषणा करते हुए उन्‍होंने लोगों से "रविवार तक जरूरी सामान की खरीदारी करने की अपील की.
    उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह तक असम में रात को कर्फ्यू जारी रहेगा. मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 15 जून से गुवाहाटी में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्‍या के कारण राज्‍य में लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार करना पड़ा है.6,300 से अधिक कोरोना वायरस मामलों के साथ असम, पूर्वोत्तर क्षेत्र में सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल है. राज्‍य में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 9 लोगों की मौत हुई है.

    गौरतलब है कि देश में कोरोना के मामलों में कमी नहीं आ रही है. शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना के अब तक कुल 490,401 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं. वहीं मृतकों की संख्या 15301 के आंकड़े पर पहुंच गई है. इसके अलावा 285637 मरीज इस खतरनाक वायरस को हराने में कामयाब रहे हैं. बात करें पिछले 24 घंटों की तो आपको बता दें कि इस दौरान देश में सबसे ज्यादा 17296 नए मामले सामने आए हैं. यह 24 घंटों में आए अब तक के सबसे ज्यादा मामले हैं. इस दौरान 407 लोगों की मौत भी हुई है. रिकवरी रेट के आंकड़े में सुधार देखने को मिला है. यह 58.24 फीसदी पर पहुंच गया है.

     

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को फिर एक बार केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के घुसपैठ पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस की ओर से जारी किए गए इस वीडियो में सोनिया गांधी ने घुसपैठ को लेकर आरोप लगाया कि मोदी सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस मामले में स्थिति साफ कर देश को विश्वास में लेगी?
    सोनिया गांधी ने इस वीडियो में कहा, 'आज कांग्रेस और देश के नागरिक हमारे 20 जवानों के शहादत को श्रद्धांजलि देते हुए सलाम दिवस मना रहे हैं. गलवान घाटी में वीरगति को प्राप्त करने वाले इन सैनिकों के प्रति देश हमेशा आभारी रहेगा.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस और पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ खड़ा है, ऐसे में इस संकट की स्थिति में सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती है.

    उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारे देश में कोई घुसपैठ नहीं हुई है, लेकिन रक्षामंत्री और विदेश मंत्रालय कई बार बड़ी संख्या में चीनी घुसपैठ की चर्चा करते हैं. फौज के जनरलों, रक्षा एक्सपर्ट और समाचारपत्र भी सैटेलाइट तस्वीरें दिखाकर चीनी घुसपैठ की पुष्टि कर रहे हैं.'

    सोनिया ने पूछा, 'आज जब हम शहीदों को नमन कर रहे हैं, ऐसे में देश जानना चाहता है कि अगर प्रधानमंत्री के मुताबिक, घुसपैठ नहीं हुई है तो हमारे 20 सैनिकों की शहादत कैसे और क्यों हुई? चीन की सेना की लद्दाख में गुस्ताखी के बाद कब्जा की गई जमीन को सरकार कैसे वापस लेगी? क्या चीन गलवान घाटी और पेंगांग्त्सो इलाके में बंकर बनाकर हमारी भूभाग अखंडता का उल्लंघन कर रहा है?' उन्होंने आखिर में कहा कि क्या सरकार इस विषय पर पूरे देश को विश्वास में लेगी? सोनिया ने कहा कि आज पूरा देश सेना और सैनिकों के साथ अडिग रूप से खड़ा है, ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि सेना को पूरा सहयोग, समर्थन और ताकत दे यही सच्ची देशभक्ति है.

    15 जून की रात को पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल के पास स्थित गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों में हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें 20 भारतीय जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी. इसमें भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना के 43 सैनिकों के हताहत होने की खबर आई थी, वहीं एक चीनी कर्नल मारा गया था. इस घटना से दोनों देशों के बीच में तनाव बहुत बढ़ गया है, जिसे दोनों ही देश बातचीत करके सुलझाने में लगे हुए हैं.

     

    कोलकाता / शौर्यपथ / पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की 30 वर्षीय एक विवाहित महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत होने के बाद अस्पताल जाने पर पता चला कि वास्तव में वह ‘पुरुष'' है और उसके अंडकोष में कैंसर है. महिला पिछले नौ साल से विवाहित है और कुछ महीने पहले पेट में दर्द की शिकायत लेकर शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अस्पताल गई थी, जहां डॉ. अनुपम दत्ता और डॉ सौमन दास द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण करने पर महिला की “असली पहचान” सामने आई.
    डॉ दत्ता ने कहा, “देखने में वह महिला है. आवाज, स्तन, सामान्य जननांग इत्यादि सब कुछ महिला के हैं. हालांकि, उसके शरीर में जन्म से ही गर्भाशय और अंडाशय नहीं है. उसे कभी माहवारी भी नहीं हुई.” उन्होंने कहा कि यह दुर्लभ स्थिति है और अमूमन 22,000 लोगों में से एक में पाई जाती है. आश्चर्यजनक रूप से उक्त महिला की 28 वर्षीय बहन की जांच में भी यही स्थिति सामने आई है, जिसमें व्यक्ति जेनेटिकली पुरुष होता है लेकिन उसके शरीर के सभी बाह्य अंग महिला के होते हैं. डॉ दत्ता ने कहा कि उक्त महिला की कीमोथेरेपी की जा रही है और उसकी हालत स्थिर है.

    उन्होंने कहा, “वह महिला की तरह बड़ी हुई है और एक पुरुष के साथ लगभग एक दशक तक विवाहित जीवन जी चुकी है. इस समय हम मरीज और उसके पति की काउंसलिंग कर रहे हैं और समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे भी वे उसी प्रकार जीवन बिताएं जैसे अब तक रहे हैं.” डॉक्टर ने कहा कि मरीज की दो अन्य रिश्तेदारों को भी अतीत में यही समस्या रही है, इसलिए यह जीन जनित समस्या जान पड़ती है.

     

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