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धर्म संसार / शौर्यपथ / चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने एक जुलाई से चार धाम यात्रा राज्य के भीतर के लोगों के लिए शुरू करने की मांग की। सीएम त्रिवेंद्र रावत से मिल कर उन्होंने पहले चार मैदानी जिलों को छोड़ कर पहाड़ी जिलों से यात्रा शुरू कराने की मांग की।
सीएम से मुलाकात के दौरान आचार्य ममगाईं ने कहा कि राज्य के पर्वतीय जिले जहां कोरेाना संक्रमण अधिक नहीं है और उन जिलों की स्थिति ठीक है। वहां के लोगों को चार धामों में दर्शन करने की अनुमति दी जाए। ताकि राज्य के भीतर लोगों को चार धाम यात्रा का लाभ मिल सके। अभी देहरादून, हरिद्वार, यूएसनगर, नैनीताल के लोगों को छोड़ कर बाकि जिलों को मंजूरी दी जाए। उन्होंने बताया कि सीएम ने सभी पक्षों से बात कर जल्द कोई ठोस फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
अभी चार धाम यात्रा एक जुलाई से शुरू किए जाने का कोई फैसला नहीं लिया गया। अभी सभी जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सभी पक्षों से बात कर ही शासन स्तर से कोई फैसला लिया जाएगा। - रविनाथ रमन, सीईओ उत्तराखंड चार धाम श्राइन बोर्ड
खेल / शौर्यपथ / वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड के सिलेक्टर्स टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों के सिलेक्शन को लेकर दुविधा में पड़ गए हैं। सिलेक्टर एड स्मिथ, जेम्स टेलर और कोच क्रिस सिल्वरवुड पहले टेस्ट के लिए टॉप ऑर्डर को लेकर रॉरी बर्न्स, डोम सिबली, जो डेनली और जैक क्राउली के नामों पर विचार कर सकते हैं। बर्न्स ने पिछले करीब 18 महीनों के दौरान दो शतकों के साथ शानदार प्रदर्शन कर टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज के रूप में अपनी दावेदारी मजबूत की है।
दक्षिण अफ्रीका दौरे में लगी चोट से बर्न्स पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और ऐसा माना जा रहा है कि वो सलामी बल्लेबाज के रूप में इंग्लैंड की ओर से पारी की शुरुआत करेंगे। वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट जीतने में क्राउली, सिबली और डेनली ने इंग्लिश टीम की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था। सिबली ने उस सीरीज में अपने करियर का पहला शतक जमाया था। इंग्लैंड का टॉप ऑर्डर इस समय उतना मजबूत नहीं है, जितना कि पहले था। एंड्रयू स्ट्रॉस और फिर उसके बाद जॉनाथन ट्रॉट के संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड की टीम में सलामी बल्लेबाज की कमी खलती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिबली और बर्न्स सलामी जोड़ी के रूप में इंग्लिश पारी की शुरुआत कर सकते हैं, जबकि क्राउली या डेनली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर टीम के बैटिंग ऑर्डर को मजबूती दे सकते हैं। क्राउली ने टीम में खुद के सिलेक्शन की संभावना को लेकर कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अभी तक कोई फैसला लिया गया है। मुझे विश्वास है कि आने वाले कुछ सप्ताह में प्रैक्टिस मैच में बेहतर प्रदर्शन कर मैं अपनी दावेदारी को मजबूत कर सकता हूं।'
मनोरंजन / शौर्यपथ / सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से नेपोटिज्म को लेकर बड़ी बहस चल रही है। सोनू निगम ने कुछ दिनों पहले म्यूजिक इंडस्ट्री के माफिया को लेकर वीडियो शेयर किया था। उन्होंने भूषण कुमार पर आरोप लगाए थे कि वह नए टैलेंट को मौका नहीं देते और सिर्फ अपने सिंगर्स के साथ काम करते हैं। सोनू के आरोपों पर भूषण कुमार की पत्नी दिव्या खोसला कुमार ने हाल ही में वीडियो शेयर कर सोनू की हर बातों का जवाब दिया। इतना ही नहीं, दिव्या ने सोनू से पूछा कि आपने खुद कितने नए टैलेंट को मौका दिया है।
दिव्या के इस वीडियो के अपलोड करने के बाद सभी को सोनू के जवाब का इंतजार था, लेकिन सोनू ने जवाब देने की बजाय दिव्या का वीडियो ही अपने अकाउंट पर पोस्ट कर दिया और लिखा- प्रेजेंटिंग दिव्या खोसला कुमार। लगता है अपने कॉमेंट्स सेक्शन को खोलना भूल गईं। आइए इसमें उनकी मदद करें।
क्या कहा दिव्या ने
वीडियो में दिव्या कहती हैं, 'कुछ दिनों से सोनू निगम जी टी सीरीज और भूषण कुमार के खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं। मैं बता दूं कि टी सीरीज ने कई नए लोगों को मौका दिया है जिसमें एक्टर्स, गायक, संगीतकार, डायरेक्टर शामिल हैं। मैंने खुद अपनी फिल्म यारियां में 10 नए लोगों को चांस दिया था जिसमें 4 लोग नेहा कक्कड़, हिमांश कोहली, रकुल प्रीत और कंपोजर आरको आज बड़े स्टार हैं।'
सोनू जी से मैं पूछना चाहती हूं कि आप तो बहुत बड़े कलाकार हैं तो आपने कितनो लोगों की मदद की है। आप तो कभी टी सीरीज में नहीं आए कि इस न्यूकमर के पास टैलेंट है आप इन्हें लॉन्च कीजिए। कैमरे के पीछे बोलना बहुत आसान है, लेकिन आपने कितने टैलेंट को इंडस्ट्री में चांस दिया जबकि टी सीरीज में 97 प्रतिशत लोग जो काम कर रहे हैं, वो आउटसाइडर थे। हम सभी को चांस देते हैं।
दिव्या ने कहा, सोनू निगम खुद दिल्ली की रामलीला में 5 रुपये के लिए गाना गाते थे। वहां से गुलशन कुमार जी ने इन्हें स्पॉट किया, इन्हें मुंबई की फ्लाइट की टिकट दी और इनसे कहा कि मैं तुम्हें बहुत बड़ा स्टार बनाऊंगा। बताइए सोनू निगम जी आपसे ये बात कही गई थी या नहीं। गुलशन जी ने आपको इतने ऊंचे मुकाम पर पहुंचाया और आपने क्या किया।
दिव्या ने आगे कहा, सोनू जी ने अपने वीडियो में कहा कि भूषण जी इनके पास आए और कहा कि प्लीज मुझे अबू सलेम से बचा लो। अब मैं आपसे ये पूछना चाहती हूं सोनू निगम जी कि अबू सलेम से बचने के लिए वह आपके पास मदद मांगने क्यों आए। प्लीज इस बात की तहकीकात की जाए कि क्या सोनू निगम के अबू सलेम से रिश्ते थे?
नजरिया / शौर्यपथ / बादलों के तूफान के रूप में इकट्ठा होने से आकाशीय बिजली बनने की शुरुआत होती है। बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े और बेहद ठंडे पानी की बूंदें आपस में टकराते हैं और इनके बीच विपरीत ध्रुवों के विद्युत कणों का प्रवाह होता है। वैसे तो, धन और ऋण एक-दूसरे को चुंबक की तरह अपनी ओर आकर्षित करते हैं, किंतु वायु के अच्छा संवाहक न होने के कारण विद्युत आवेश में बाधाएं आती हैं। अत: बादल की ऋणावेशित निचली सतह को छूने के प्रयास करती धनावेशित तरंगें भूमि पर गिर जाती हैं। चूंकि धरती विद्युत की सुचालक है। यह बादलों के बीच की परत की तुलना में अपेक्षाकृत धनात्मक रूप से चार्ज होती है। तभी इस तरह पैदा हुई बिजली का कुछ प्रवाह धरती की ओर हो जाता है। भारत में हर साल करीब 2,000 लोग इस तरह बिजली गिरने से मारे जाते हैं। मवेशियों और मकान आदि का भी नुकसान होता है।
गुरुवार को बिहार और उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्सों में बिजली गिरी और करीब 125 लोग मारे गए। यह एक असामान्य घटना है। अमेरिका में हर साल बिजली गिरने से औसतन 30 और ब्रिटेन में तीन लोगों की मृत्यु होती है, जबकि भारत में यह आंकड़ा बहुत अधिक है। इसका मूल कारण यह है कि हमारे यहां आकाशीय बिजली गिरने के पूर्वानुमान व चेतावनी की व्यवस्था विकसित नहीं हो पाई है। आंकडे़ गवाह हैं कि हमारे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं, और आमतौर पर दिन में ही लोग इसके शिकार बनते हैं। यदि तेज बरसात हो रही हो और बिजली कड़क रही हो, तो ऐसे में पानी भरे खेत के बीच में, किसी पेड़ के नीचे, और पहाड़ी स्थान पर जाने से बचना चाहिए। मोबाइल का इस्तेमाल भी खतरनाक होता है।
हमें यह समझना होगा कि इस तरह बहुत बडे़ इलाके में एक साथ घातक बिजली गिरने का असली कारण धरती का लगातार बदल रहा तापमान है। पहले आषाढ़ महीने में बहुत भारी बारिश नहीं होती थी, लेकिन अब बहुत थोड़े समय में जोरदार बारिश का होना और सावन-भादों का सूखा रह जाना, जलवायु परिवर्तन का त्रासद नतीजा है। एक बात और। बिजली गिरना जलवायु परिवर्तन का दुष्परिणाम तो है ही, इसके अधिक गिरने से जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया को भी गति मिलती है। सनद रहे, बिजली गिरने के दौरान नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन होता है और यह एक घातक ग्रीन हाउस गैस है। हालांकि, अभी बिजली गिरने और जलवायु परिवर्तन पर उसके प्रभाव को लेकर शोध कम हुए हैं, पर कई शोध इस बात को स्थापित करते हैं कि जलवायु परिवर्तन ने बिजली गिरने के खतरे को बढ़ाया है। इस दिशा में गहराई से काम करने के लिए ग्लोबल क्लाइमेट ऑब्जर्विंग सिस्टम के वैज्ञानिकों ने विश्व मौसम विज्ञान संगठन के साथ मिलकर एक विशेष शोध दल का गठन किया है। पर जलवायु परिवर्तन के बारे में हुए अध्ययनों से पता चला है कि यदि जलवायु में अधिक गरमाहट हुई, तो गरजदार तूफान कम, तेज आंधियां ज्यादा आएंगी और हर एक डिग्री ग्लोबल वार्मिंग के चलते धरती तक बिजली की मार की मात्रा 10 फीसदी तक बढ़ सकती है।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के वैज्ञानिकों ने वायुमंडल को प्रभावित करने वाले अवयवों और बिजली गिरने के बीच के संबंध पर एक शोध मई 2018 में प्रारंभ किया था। उनका आकलन था कि आकाशीय बिजली के लिए दो प्रमुख अवयवों की आवश्यकता होती है : तीनों अवस्थाओं (तरल, ठोस व गैस) में पानी और बर्फ बनाने से रोकने वाले घने बादल। वैज्ञानिकों ने 11 जलवायु मॉडल पर प्रयोग किए और पाया कि भविष्य में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में गिरावट आने से रही, अत: आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ेंगी।
एक और गौर करने की बात यह है कि अभी जिन इलाकों में बिजली गिरी है, उनमें से बड़ा हिस्सा धान की खेती का है और जहां धान के लिए पानी को एकत्र किया जाता है, वहां से ग्रीन हाउस गैस जैसे मीथेन का उत्सर्जन अधिक होता है। मौसम जितना अधिक गरम होगा, ग्रीन हाउस गैसें जितनी उत्सर्जित होंगी, उतनी ही अधिक बिजली ताकत के साथ धरती पर गिरेगी। साफ है, ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर नियंत्रण व जलवायु परिवर्तन पर काबू न पाया गया, तो समुद्री चक्रवातों, बिजली गिरने, बादल फटने जैसी भयावह त्रासदियां बढ़ती ही जाएंगी।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)पंकज चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के नवनियुक्त कलत्र डॉ. भूरे शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए हमेशा कोई ना कोई पहल करते है और छात्रों के मनोबल को बढाने सदैव आगे रहते है . पिछले वर्ष जिले के कलेक्टर डॉ. भूरे मुंगेली जिले में पदस्त थे तब जिले के प्रावीण्य सूचि प्राप्त छात्र का प्रोत्साहन बढाने सपत्निक छात्र के गृह निवास गए और तोहफा देकर उत्साह वर्धन किया और मेरिट प्राप्त छात्र को शुभकानाए प्रेषित कर उज्जवल भविष्य की कामना के साथ रूचि अनुसार क्षेत्र में आगे बढऩे की सलाह दी थी . आज साल भर बाद मुंगेली के कलत्र की पदस्थापना अब दुर्ग जिले में हो गयी और एक बार फिर सीजी बोर्ड में प्रावीण्य सूचि पर आये छात्रों से मुलाक़ात की एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाये देते हुए कहा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए हर विद्यार्थी कड़ी मेहनत करता है इनमें से सबसे कड़ी मेहनत करने वाले प्रावीण्य सूची में चुने जाते हैं। इन मेधावी विद्यार्थियों को आज सुबह कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे की ओर से भी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं मिली। कलेक्टर ने इन्हें गिफ्ट दिया और कहा कि यह आप लोगों के जीवन का बहुत सुखद पड़ाव है। इसी तरह मेहनत करते रहोगे तो आगे का रास्ता और भी खूबसूरत होगा।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं बहुत अहम होती हैं और इनमें अच्छा स्कोर करना महत्वपूर्ण है लेकिन यह पढ़ाई का केवल एक पड़ाव है। आगे बहुत सी चुनौतियां होती हैं जो विद्यार्थी लगातार अध्ययनशील रहते हैं। सीखने की उत्सुकता रखते हैं। उनके लिए तकलीफें कम होती है और वे आगे बढ़ते जाते हैं। जितनी ज्यादा कड़ी मेहनत करेंगे, दुनिया को जानने के लिए उत्सुक रहेंगे। उतनी ही ज्यादा तरक्की आप जीवन में करेंगे। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल, सहायक संचालक अमित घोष सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर से इस अवसर पर बच्चों ने अपनी आकांक्षाएं भी साझा की। दसवीं में जिले के दो छात्राओं और एक छात्र ने प्रावीण्य सूची में अपनी जगह बनाई है। इनमें से महक शकुंतला विद्यालय की है आदर्श कुम्हारी के ज्योति अंग्रेजी माध्यम स्कूल का छात्र है और संजना करंजा उच्चतर माध्यमिक शाला की छात्रा है। महक और आदर्श इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहते हैं और संजना आईआईटी की तैयारी करना चाहती हैं। बारहवीं के टापर सौरभ साहू जिन्होंने चैाथी रैंक पाई है। नीट की तैयारी करना चाहते हैं। मीनल एग्रीकल्चर की तैयारी करना चाहती हैं। कलेक्टर ने सभी को कहा कि अपने पसंद की पढ़ाई करें। अभी खूब सारी सामग्री आपके पास मौजूद है इसलिए जितना जानना है उतना जानने के लिए आगे बढिय़े। कलेक्टर ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि जिले के बच्चों को सबसे अच्छी शिक्षा मिले। जहां किसी तरह की गाइडेंस में दिक्कत आ रही है तो विशेष कक्षाओं के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करा रहे हैं। कलेक्टर ने आगे के करियर के रास्तों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद अपनी रुचि के मुताबिक अच्छा विषय चुनने से आपका करियर भी अच्छा बनता है। उन्होंने कहा कि आपकी पसंद के विषयों में भी बहुत से करियर हैं इस संबंध में जितनी जानकारी प्राप्त करेंगे। आपके लिए बेहतर होगा।
भिलाई / शौर्यपथ / वार्ड 38 शहीद वीर सिंह नारायण नगर आशीष होटल के पीछे गलत जगह पर उगे हुए नीलगिरी का पेड़ पर निगम की ओर से किसी तरह का ध्यान नहीं दिए जाने से हो रहे लोगों के जान माल से बचने एवं आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए क्षेत्रवासी परेशान होकर अपनी व्यथा को सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील के समक्ष रखकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है । अपनी व्यथा को प्रकट करते हुए लक्ष्मी पाल ,शेखर ने बताया कि एक साल से हम गलत जगह उगे हुए पेड़ को छटनी कराने के लिए निगम के पास आवेदन देते हुए आ रहे हैं तथा निगम के अधिकारी एवं पार्षद को भी बता रहे हैं कि हवा एवं बरसात के समय आए दिन पेड़ के बड़े-बड़े डंगाल टूटकर घर के छत के ऊपर गिरने से क्षति व नुकसान का सामना करना पड़ रहा है ।
एक साल पहले भीषण बरसात में पेड़ का डंगाल के गिरने से छत टूट कर गिर गया था जिस पर निगम के अधिकारी व पार्षद के उपस्थिति में आकर मौके स्थल का अवलोकन करने के बाद पेङ़ को कटवाने तथा नुकसान की क्षतिपूर्ति देने तक का आश्वासन दिया गया था लेकिन ना ही पेड़ की कटाई हुई और ना ही कोई क्षतिपूर्ति मिला पाया है , बल्कि इस की मंगलवार के बरसात एवं हवा में फिर से पेड़ का डंगाल के गिरने से हम लोगों की जान बच गई पर फिर एक बार नुकसान झेलना पड़ा है । समस्या से अवगत होने के उपरांत मौके स्थल पर से सामाजिक कार्यकर्ता सुमन शील ने निगम जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा को वस्तु स्थिति से अवगत कराया और कहा है कि अभी हाल ही में लोगों द्वारा घटना से पहले आवेदन सौंपा गया है परंतु कोई ध्यान नहीं देने के चलते फिर से क्षेत्र में कई लोगों का आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है और अभी समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना घटने की संभावना हो सकता है जिस पर वर्तमान जोन आयुक्त ने निरीक्षण कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है ।
भिलाई ( रिसाली )/ शौर्यपथ / भिलाई निगम क्षेत्र में कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे 20 सफाई कर्मियों का आज कोरोना जांच के लिए सेंपल लिया गया। लॉकडाउन के दौरान वार्डों में लगातार सफाई कार्य में जुटे हुए कर्मियों पर किसी प्रकार का संक्रमण न फैले इसे देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरटीपीसीआर के रेंडम जांच के लिए स्वेब का सेंपल कर जांच हेतु भेजा है। कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु फील्ड में तैनात कर्मचारियों का रैन्डम जांच किया जा रहा है। आज भिलाई निगम के जोन 03 व जोन 04 के कर्मचारियों का नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण के जांच के लिए सैंपल लिए गए। इस जांच में उन लोगों को लिया गया जो कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम हेतु आवश्यक सेवाओं में लगे हुए हैं जिनका रेंडम सैंपल लिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना से लडऩे मास्क लगाना एवं सोशल डिस्टेंस का पालन करना ही बेहतर माध्यम है साथ ही बार बार हाथों की सफाई करते रहे ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके।
कोरोना वायरस कम्युनिटी में न फैले इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम आज सुबह 11 बजे से निगम के जोन 03 व जोन 04 कार्यालय में कोरोना वायरस के जांच संबंधी सभी उपकरण के साथ पहुंचे। डॉ. हरिराम यदु, आयुष चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम 20 कर्मचारियों से आरटीपीसीआर जांच के लिए नाक और गले का स्वेब सेम्पल कलेक्शन किए। आज भिलाई निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में कार्यरत जिनकी उम्र लगभग 50 वर्ष के आस पास है उन लोगों का चयन कर एतिहातन के तौर पर सेम्पल लेकर जांच हेतु एम्स रायपुर भेजा गया। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने सभी कर्मचारियों को कार्य के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन करने, मास्क का उपयोग करने व बार बार हाथों की सफाई करते रहने के निर्देश देते हुए तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दिए। जांच शिविर में जिला स्वास्थ्य विभाग टीम में लैब टेक्निशियन अशोक वर्मा, वार्ड ब्वॉय देवेन्द्र पटेल, जोन 04 के स्वास्थ्य अधिकारी महेश पाण्डेय, जोन 03 के स्वच्छता अधिकारी आर.पी. तिवारी, स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह आदि उपस्थित थे।
मेलबॉक्स / शौर्यपथ / आज जब कोरोना से निपटने में सरकार की नाकामी पर चर्चा होनी चाहिए, डीजल के लगातार बढ़ते दाम के बीच पहली बार इसकी कीमत पेट््रोल से पार जाने पर चिंता जताई जानी चाहिए, चीन की सेना के सीमा पार करने के खिलाफ सरकार की रणनीति पर बहस होनी चाहिए, तब 1975 के आपातकाल को तूल देना अफसोसनाक है। सबको मालूम है कि जनता ने इंदिरा गांधी को इसका सबक 1977 के आम चुनाव में सीखा दिया था। आज लोकतंत्र के काले अध्याय के रूप में इतिहास के अनैतिक फैसलों पर शोक मनाने से बेहतर है कि मौजूदा भारतीय लोकतंत्र पर मंडराते संकट के बादल का अंदाजा लगाया जाए। ‘द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट’ द्वारा जारी 2019 के डेमोक्रेसी इंडेक्स में भारत 160 देशों की सूची में 51वें स्थान पर एक त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र के रूप में मौजूद है। इसलिए बेहतर होगा कि इतिहास के दुर्भाग्यपूर्ण फैसलों को पीछे छोड़कर आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
अंकित कुमार मिश्रा, पटसा, समस्तीपुर
काल बनी बारिश
मानसून आते ही भारतीय किसान खुशी से झूम उठते हैं, क्योंकि यह वक्त खेतों की मेड़ बांधकर पानी को इकट्ठा करके धान रोपने का होता है। मगर इस बार 25 जून को यही मानसूनी बारिश बिहार और उत्तर प्रदेश में लोगों पर काल बनकर बरसी। इसमें बिजली गिरने से बिहार में लगभग 85 और उत्तर प्रदेश में करीब 25 लोगों की मौत हो गई। पर यह भी सच है कि प्राकृतिक आपदा रोकी नहीं जा सकती, सिर्फ सावधानी ही इसका बचाव है। इसलिए किसानों को कृषि-धर्म निभाने से पहले चैनलों या रेडियो पर जारी अलर्ट पर ध्यान देना चाहिए। मूसलाधार बारिश के समय विशेष सावधानी जरूरी है, क्योंकि हमारे अन्नदाताओं की जान बहुत कीमती है।
आनंद पाण्डेय, पंजियार टोली, रोसड़ा
अविश्वास बढ़ाता चीन
चीन की कथनी और करनी एक-दूसरे के विपरीत हैं। ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ का नारा लगाने वाला चीन 1962 में हमारी पीठ में छुरा घोंप चुका है। भारत के साथ ताजा घटनाक्रम में चीन ने अविश्वास और धोखेबाजी की वही पुरानी तरकीब अपनाई। इस बार बातचीत के बहाने उसने हमें धोखा दिया। जाहिर है, चीन पर अब कतई विश्वास नहीं किया जा सकता। वह इसलिए भी अविश्वास के लायक है, क्योंकि वहां लोकतंत्र नहीं है। वह भारत को अपने लिए बड़ी चुनौती मानता है, इसीलिए आर्थिक, राजनीतिक एवं सैन्य, तीनों स्तरों पर वह हमें घेरना चाहता है। मगर भारत भी अब बचाव की बजाय आक्रामक मुद्रा अपनाने को तैयार है। अब हम पलटकर उसे बखूबी जवाब दे सकते हैं। कोरोना महामारी के दौरान विश्व भी यह जान चुका है कि चीन मानवता का कितना बड़ा दुश्मन है और अपने हितों के लिए वह कितना नीचे गिर सकता है। भारत को अब इसी के मुताबिक अपनी रणनीति बनानी चाहिए।
उपेंद्र कुमार राय, पटना
खाली जेब पर बोझ
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन हमारे देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। दिल्ली जैसे महानगर में तो डीजल की कीमत पेट्रोल से ज्यादा हो गई। आखिर तेल के दाम इस कदर क्यों बढ़ रहे हैं, जबकि कच्चे तेल के दामों में गिरावट है? क्या इसका यह मतलब निकाला जाए कि सरकार सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए ऐसा कर रही है? फिर भी, अभी इसकी कीमतों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आम जनता को बडे़ संकटों का सामना करना पडे़गा। उनकी मुश्किलें इसलिए भी बढ़ेंगी, क्योंकि कोरोना की वजह से उनकी जेबें पहले से ही खाली हैं। उम्मीद है, सरकार लोगों की मुश्किलों को समझेगी और जल्द ही कीमतों में कमी करेगी।
शुभम पांडेय गगन
दुर्ग / शौर्यपथ / आज से पैंतालिस वर्ष पूर्व 25 जून 1975 आजाद भारत में सत्ता के लालच में आपातकाल लगाया गया था जिसमें ना सिर्फ देश में सत्तासीन पार्टी के विरोध करने वालों को तमाम तरह की यातनाएं दी गई साथ ही साथ उन्हें कारावास में भी डाल दिया गया, यह हमारे आजाद भारत का काला अध्याय इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश इकाई के आह्वान पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे के द्वारा दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित किया इसके पश्चात जिला भाजपा कार्यालय में आपातकाल के विरोध दर्ज कराते हुए आपातकाल के समय तमाम यातनाएं सहने वाले मीसा बंदियों को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देते हुए शहर में निवासरत मीसाबंदी गोवर्धन जायसवाल एवं जनार्दन सिंह ठाकुर का सम्मान करते हुए उन्हें श्रीफल एवं साल भेंट किया गया इस दौरान प्रमुख रूप से जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी महामंत्री डोमार सिंह वर्मा उपाध्यक्ष कांतिलाल जैन अरविंदर खुराना वरिष्ठ भाजपा नेता कांतिलाल बोथरा मंत्री संतोष सोनी मीडिया प्रभारी सतीश समर्थ उपस्थित रहे
सांसद संतोष पांडे ने आगे कहा कि आपातकाल की घोषणा होते ही स्वयं सेवकों और तमाम गैर कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई और उन पर प्रताडऩा का सिलसिला चल पड़ा देशभर में लाखों लोगों को गिरफ्तार किया गया लोकनायक जयप्रकाश नारायण, मोरारजी भाई देसाई,अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, के आर मलकानी, जॉर्ज फर्नांडिस, नीतीश कुमार, सुशील मोदी,रामविलास पासवान,शरद यादव, राम बहादुर राय आदि गिरफ्तार रहे। आपातकाल के दौर में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया था उन्हें यह नहीं पता था कि आपातकाल कब हटे गा और वह कब रिहा होंगे। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री संतोष सोनी ने किया और आभार जिला महामंत्री डोमार सिंह वर्मा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता अजय तिवारी, मंडल अध्यक्ष लुकेश बघेल, दीपक चोपड़ा, भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष राहुल पंडित, भाजपा सह मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, गौरव शर्मा , मंडल भाजयुमो अध्यक्ष निलेश अग्रवाल, नीरज कांत पांडे उपस्थित रहे।
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