August 02, 2026
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    शौर्यपथ

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    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य में राजस्व के मामलों के पंजीयन से लेकर उनके निराकरण तक की स्थिति में तत्तपरता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आगामी एक अक्टूबर से राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य में एक अक्टूबर 2020 से राज्य में ई कोर्ट के दस्तावेज ही मान्य होंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 7500 वर्ग फीट तक की नजूल भूमि के आबंटन तथा 5000 वर्ग फीट तक के डायवर्सन के मामलों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत शहरी इलाकों में पट्टा वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों को पात्र हितग्राहियों को अभियान संचालित कर भू-स्वामी अधिकार दिए जाने की कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत अब तक एक लाख 19 हजार आवेदन मिले हैं जिसमें से 26 हजार आवेदन स्वीकृत किए है। 1984 में वितरित पट्टों का नवीनीकरण तथा भूमि स्वामी अधिकार प्रदान करने के संबंध में कलेक्टरों को तत्परता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
    बैठक में प्रत्येक जिले में दस-दस छात्रावासों को मॉडल बनाने के संबंध में कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव आर पी. मंडल ने कहा कि चिन्हांकित छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय एवं खेल-मैदान सहित अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रूपए का आबंटन दिया गया है। उन्होंने कलेक्टरों को इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार सीएसआर एवं डीएमएफ फंड से भी छात्रावासों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक राशि का उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टरों को कहा गया कि सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में लगने वाली दैनिक उपयोग की सामग्री की पूर्ति स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम करें। बैठक में जिलों के विभिन्न विभागों के कंडम वाहनों एवं अन्य सामग्रियों की नीलामी, बोध घाट सिंचाई परियोजना के सर्वेक्षण, शासकीय भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना के संबंध में भी कलेक्टरों को दिशा निर्देश दिए गए।
    बरसात से पूर्व करें सड़कों की मरम्मत
    मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को आबंटित 70 करोड़ रूपए की राशि से राज्य में सड़कों की मरम्मत का कार्य बरसात से पूर्व कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों की मरम्मत और रखरखाव कार्य पर विशेष ध्यान दिए जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दिनों में सड़कों पर पानी का जमाव न हो। पानी की निकासी की संपूर्ण व्यवस्था रखरखाव टीम के माध्यम से करें। बैठक में राष्ट्रीय राज मार्गों के निर्माणाधीन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण कार्य में देश के अन्य राज्यों से लौटे छत्तीसगढ़ के स्किल्ड श्रमिकों के नियोजन के संबंध में भी लोक निर्माण एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
    बैठक में प्रवासी श्रमिकों की वापसी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टरों को दिए गए। प्रवासी श्रमिकों तथा ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं उन्हें मई एवं जून माह का चावल और चना एकमुश्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में वृक्षारोपण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। 11 जुलाई को राज्य में वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा। प्रत्येक छात्रावासों, आश्रमों एवं आंगनबाडियों में मुनगा के पांच-पांच पौधे अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश दिए गए है।

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के पहले मुख्यमंत्री दर्पण वेबसाईट और मोबाइल एप का लोकार्पण किया। इस वेबसाईट के जरिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना सहित अन्य फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर सकेंगे वहीं इस वेबसाईट और मोबाइल एप की जरिए आमजन इन योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस वेबसाईट और मोबाइल एप का निर्माण चिप्स द्वारा किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने चिप्स के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए जहां सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और निगरानी होगी वहीं दूसरी ओर योजनाओं की समस्त जानकारी वास्तविक समय पर आम-नागरिकों के लिए भी उपलब्ध रहेंगी।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस पोर्टल द्वारा समस्याओं के समाधान भी उपलब्ध कराए जायेंगे। मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना अंतर्गत नागरिक अपनी समस्याओं और जानकारियों की फोटो खींच कर एप में तत्काल भेज सकते हैं, जिसे एडमिन पैनल के माध्यम से निराकरण के लिए सम्बंधित अधिकारी को भेजा जाएगा और निराकरण होने तक निगरानी की जायेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हम नो पेपर मूल्यांकन और रियल टाइम मानिटरिंग की ओर बढ़ रहे हैं। स्कूल और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने दर्पण वेबसाइट और मोबाईल एप की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस वेबसाईट की लिंक द्धह्लह्लश्चह्य://ष्द्वष्द्धद्धड्डह्लह्लद्बह्यद्दड्डह्म्द्ध-ष्द्दह्यह्लड्डह्लद्ग-द्दश1-द्बठ्ठ/॥शद्वद्गतथा योजनाओं के लिंक द्धह्लह्लश्चह्य://ष्द्वष्द्धद्धड्डह्लह्लद्बह्यद्दड्डह्म्द्ध-ष्द्दह्यह्लड्डह्लद्ग-द्दश1-द्बठ्ठ/॥शद्वद्ग/्रठ्ठस्रह्म्शद्बस्र&्रश्चश्चह्य हैं।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना (नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी) सहित महात्मा गाँधी की जयंती 02 अक्टूबर 2019 के दिन शुरू की जन-कल्याणकारी योजनाओं को इसमें शामिल किया गया है। इन योजनाओं में सुराजी गांव योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना प्रमुख है। चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी समीर विश्नोई ने बताया कि मुख्यमंत्री दर्पण पोर्टल और मोबाइल एप में आम-नागरिकों के लिए अनेक सुविधाएँ दी जा रही है। वेबसाईट में 'मुख्यमंत्री जी से बातचीतÓ के अंतर्गत आमजन अपने विचार साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी से संवाद करने के लिए सीधे वेबसाईट पर लिख सकते हैं, सोशल मीडिया एकाउंट से जुड़ सकते हैं। इसमें करोना के समाधान भी बताये गये हैं। इसके अलावा दर्पण में सभी प्रमुख योजनाओं की हर प्रकार की जानकारी आंकड़ों के साथ भी उपलब्ध कराई गयी है जैसे- नरवा योजना के अंतर्गत स्वीकृत नालों की कार्य प्रगति, सर्वे अनुसार लक्ष्य, घटकवार रिपोर्ट, योजना की सफलता की झलकियाँ आदि को विस्तार से बताया गया है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / बीते दिन पीडब्लयूडी विभाग द्वारा 84 पेड़ों पर नंबर लिख कर चिन्हांकित कर रोड चौड़ीकरण हेतु उन्हें काटने की अनुमति एसडीएम कार्यालय में आवेदिन दिया है। यह मामला सामने आते ही नगर के पर्यावरण प्रेमियों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है एवं इसे फैसले को अनुमति नहीं देने के विषय में कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा से मिलने पहुंचे एवं अपनी मंाग रखी। इस पर कलेक्टर द्वारा मामले को संज्ञान में लेने की बात कही गई।
    ज्ञात हो कि जिस मार्ग पर पेड़ो की कटाई प्रस्तावित है, वहां यातायात का दबाव भी इतना नहीं है कि रोड अधिक चौड़ा किया जाये एवं इससे लगा हुआ गौरवपथ बड़ी गाडिय़ों के आवाजाही उपलब्ध है तो इस रोड का निर्माण इस तरह किया जाए जिससे किसी भी पेड़ को नुकसान न पहुंचे यह मांग रखी गई। ज्ञात हो कि एक पेड़ को बड़ा होने में 10-15 वर्ष का समय लगता है एवं एक पेड़ अपने जीवनकाल में अनेक लोगो को फायदा ही पहुचाता है, लेकिन 84 पेड़ों का एक साथ काटने पर शहरवासियों का उग्र विरोध शासन को झेलना पड़ेगा।
    ज्ञात हो कि वन एवं पर्यावरण मंत्री मो. अकबर जिले के प्रभारी मंत्री भी है एवं उनके क्षेत्र में पेड़ों के साथ ऐसा होना उनके ऊपर भी प्रश्रचिन्ह खड़ा करती है कि कहीं इसमें उनकी अनुमति तो नहीं फिलहाल इस निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। आज ज्ञापन सौपने के दौरान मुख्य रूप से शिवम यादव, आदित्य पराते, शुभम देवांगन, आयुष वैष्णव, रजत वैष्णव, चंदन साहू, लीलाधर प्रजापति, सुमित यादव, अमित यादवए वेदप्रकाश देवांगन आदि उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासकीय राशन विक्रेता संघ ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे के नेतृत्व में जिलाधीश टोपेश्वर कुमार वर्मा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
    शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे ने बताया कि राशन विक्रेता संघ के द्वारा पीडीएस की दुकानों का संचालन एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। शासन के आदेशो निर्देशों का पालन एवं क्रियान्वयन से स:सम्मान विक्रेताओं ने जान कि परवाह किए बिना सफलता से किया है और अपनी-अपनी दुकान संलग्न समस्त राशनकार्डधारी को उनका निर्धारित राशन सामाग्री समय पर उपलब्ध कराया है।
    डोंगरे ने कहा कि छग राज्य के राशन दुकानदारों को राशन वितरण के एवज में शासन से कोई मानदेय वा वेतन निर्धारित नहीं है। सिर्फ कमीशन मिलता है, जिससे विक्रेताओं के परिवार का जीविकोपार्जन होता है, किन्तु विगत तीन माह से सामाग्री वितरण का मेहनतना कमीशन अप्राप्त है। छग राज्य में कोरोना महामारी विकराल रूप लेता जा रहा है, इस भयावह स्थिति में राशन विक्रेताओं एवं तौलक को आशा वर्कर की भांति 50,00,000 रुपये का बीमा कवर प्रदान किया जाये। वित्तीय पोषण एवं प्रोत्साहन राशि 10 रूपये प्रति म्ंिटल की दर से राज्य शासन द्वारा जारी किया है जो नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय मे विगत 6 माह से राशि जमा है, उसे सभी विक्रेताओं के खाते मे तत्काल हस्तांतरित करने की करें।
    डोंगरे ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना की स्थिति में हमारा पूरा राशन विक्रेता परिवार बहुत ज्यादा तंग हाल से जुझ रहा है। कमीशन नहीं आने की स्थिति मे भी मानवता को ध्यान मे रख कर कार्य कर रहा है। अत: जीविकोपार्जन हेतु पिछले वर्ष के खाली बारदानों एवं इस वर्ष जो बरदानों का शासन द्वारा उठाव किए गए है, उनकी राशि तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। विक्रेता संघ द्वारा समय-समय पर राज्य सरकार से लिखित एवं मौखिक निवेदन करते रहे है कि हमें ऑनलाइन वितरण के पूर्व 45 रूपये प्रति म्ंिटल कमीशन मिलता था और ऑनलाइन वितरण करने पर 70 रुपये प्रति म्ंिटल कमीशन का वादा किया गया था। अत: आपसे निवेदन है कि 70 रूपये प्रति म्ंिटल कमीशन करने की कृपा करें। अन्य मद का कमीशन जैसे पूरक पोषण आहार, मध्यान भोजन, महतारी जतन, अमृत नमक जिसकी कमीशन वर्ष 2007-08 से ऑनलाइन डिलवरी के तहत आपके नागरिक आपूर्ति निगम जिला कार्यालय में सभी रेकॉर्ड एवं राशि उपलब्ध है, उक्त राशि विक्रेताओं को तत्काल उपलब्ध कराने का कष्ट करे। छग सरकार से निवेदन है की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की बहुत सी राशन दुकानें किराये के भवन में संचालित है, जिसका खर्च स्वयं विक्रेता उठा रहा है, सरकार द्वारा भवन किराया एवं विद्युत खर्च की पूर्ति बाबत् राशि निर्धारित कर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
    राशन विक्रेता हमेशा से शासन की योजनाओं को फलीभूत करता रहा है और छग राज्य के पीडीएस वितरण को देश मे गौरव प्राप्त है। अत: सहानुभूति पूर्वक उपरोक्त मांगों की पूर्ति अविलंब करने की मांग की गयी है। इस दौरान शासकीय राशन विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष संजीव डोंगरे साथ सचिव नकुल वर्मा, कोषाध्यक्ष श्रवण साहू, उपाध्यक्ष श्रीमती भारती लारिया, श्रीमती संतोषी उके, सहसचिव भुपेन्द्र यादव, सदस्य श्रीमती शिला यादव, चालेश्वर यादव, बुधराम वर्मा, शंकर साहू सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

    मुंगेली / शौर्यपथ / पढई तुहंर दुवार \"आनलाईन पढाई मे लोरमी के विद्यार्थी ,पालक ,शिक्षक भी अध्ययन अध्यापन में भाग ले रहे हैं ।आज इसी क्रम में हिंदी विषय के महत्ता को समझाते हुये हमारे विकास खण्ड से शिक्षक युगल किशोर राजपूत द्वारा कक्षा 7 वी से पाठ \"सितारों से आगे \"शीर्षक में कल्पना चावला के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनके अंतरिक्ष यात्रा पर चित्रण किया गया ।और इस पाठ से व्याकरण भाग से संधि,मुहावरा एवं योजक चिन्ह को भी बताया गया।जिसके प्रश्नोत्तरी कार्य मे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बच्चों ने उत्तर दिया ।
    जिसमें विकासखंड सहित पुरे राज्य के विद्मार्थी ने भाग लेते हुए अध्ययन अध्यापन किये।क्लास 1 घण्टे तक चला एवं कल्पना चावला के अंतरिक्ष यात्रा का लघु फि़ल्म भी दिखाया गया।कक्षा के दौरान विद्मार्थीयों का सवाल जवाब भी कौन बनेगा करोड़पति के तर्ज पर लिया गया जो बहुत ही मंनोरंजक के साथ-साथ ञानवर्दक भी रहा।आज की कक्षा मे मुख्य रुप से हमारे सहायक विकास खंड अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी, मिल्लूराम यादव, होस्ट शिक्षक दया राम साहू, सुनीलशर्मा,अभिजीत तिवारी, राघवेन्द्र सोनी,दिलीपसाहू,भोलेश्वर जायसवाल, विष्णु सिंह राठौर,राजेंद्र लहरें, बुधेश्वर ध्रुव,उमेंदडडसेना,रामनिवास साहू,,आदि का विशेष सहयोग रहा। इसकी निरन्तरता को बनाये रखने लिये सभी संकुल समन्वयक को उचित दिशानिर्देश हमारेअधिकारियों दा्रा दिया जा रहा है।क्योंकि शाला खुलने की अनिश्चितता के कारण यही एक विकल्प है कि शिक्षक आनलाईन विद्मार्थी को पढाएंगे।ब्लाक से अभी 8 शिक्षको को क्लास लेने के लिये अप्रूवल मिला है ।जो रोज क्लास ले रहे है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश की अग्रणी मानवाधिकार एवं सामाजिक संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स ने 9 जून को छत्तीसगढ़ प्रदेश के 12 शहरों के 18 ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर आयोजित किया जिसमें 306 ब्लड यूनिट होल ब्लड एवं 2 यूनिट SDP एकत्रित हुआ।
    संस्था के प्रदेश स्तरीय इस रक्तदान शिविर के कार्यक्रम संयोजक श्री विवेक साहू ने बताया कि संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चोपड़ा के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 12 शहर रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, काबिरधाम (कवर्धा), बेमेतरा, महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं सारंगढ़ के 18 ब्लड बैंक में कोरोना महामारी के कारण आयी रक्त की कमी को देखते हुए 9 जून को आयोजित किया गया जिसमें हर शहर में संस्था के सदस्यों ने एवं स्थानीय लोगो ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। शिविर का शुभारंभ रायपुर के सिटी ब्लड बैंक में प्रातः 9 बजे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा ने रक्तदान कर किया।

        संस्था के इस आयोजन से पूरे प्रदेश में 306 यूनिट होल ब्लड एवं 2 ओनित SDP एकत्रित हुआ। रायपुर में 76 यूनिट होल ब्लड एवं 1 SDP, भिलाई में 21 यूनिट होल ब्लड एवं 1 SDP, दुर्ग में 51 यूनिट, काबिरधाम में 32 यूनिट, बिलासपुर में 31 यूनिट, कोरबा में 27 यूनिट, राजनांदगांव में 25 यूनिट, रायगढ़ में 15 यूनिट, महासमुंद में 11 यूनिट, सारंगढ़ में 11 यूनिट, गरियाबंद में 6 यूनिट एवं बेमेतरा में 1 यूनिट एकत्रित हुए। बेमेतरा में संस्था के लगभग 20 सदस्य रक्तदान करने के लिए पहुँचे पर वहाँ के ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त होने के कारण मात्र 1 यूनिट रक्तदान किया गया।
    इस शिविर की सबसे खास बात रही कि महिलाओं ने भी इस रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया एवं अपनी परिचित महिलाओं को भी रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करती रहीं।

        विवेक ने आगे बताया कि इस रक्तदान शिविर में पहले से ही रक्तदाताओं को रक्तदान का समय दे दिया गया था जिससे ब्लड बैंक में भीड़ एकत्रित न हो। हर रक्तदान से पहले सीट को सेनिटाइज किया गया साथ ही रक्तदाताओं को भी ब्लड बैंक में अंदर जाने से पूर्व सेनिटाइज किया गया।

         प्रदेश अध्यक्ष पंकज चोपड़ा ने रक्तदान शिविर के सफलता पर विवेक साहू एवं सभी जिलों के सदस्यों को बधाई देते हुए इस शिविर को 15 जून तक बढ़ाने का आह्वान किया साथ ही यह भी आशा जताई कि 15 जून तक पूरे प्रदेश में 1000 यूनिट रक्त एकत्रित हो जाएंगे जिससे पूरे प्रदेश में आई रक्त की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।दुर्ग-भिलाई में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण जैन तातेड़, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं जलाराम स्वीट्स के संचालक राज अड़तिया, सामाजिक कार्यकर्ता विकास जयसवाल, नीतू श्रीवास्तव एवं सूरज साहू का भरपूर सहयोग मिला। साथ ही छत्तीसगढ़ ब्लड डोनर फाउंडेशन, नवदृष्टि फाउंडेशन एवं श्रुति फाउंडेशन का भी भरपूर सहयोग इस शिविर में मिला।
    दुर्ग में जिला अस्पताल एवं भिलाई में आशीर्वाद ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ एवं यह शिविर 15 जून तक इन ब्लड बैंकों में चलेगा।

    भिलाई / शौर्यपथ / शौर्यपथ समाचार के 10 जून 2019 के अंक में छावनी स्कूल के एक मात्र बड़े मैदान ( स्कूल ) में फ्लड लाइट के खम्बे गिर जाने की खबर प्रकाशित किया था जिसके बाद इस विषय में तात्कालिक जॉन आयुक्त एवं इंजिनियर से बात की गयी थी जिनके द्वारा भरोसा दिलाया गया था कि जल्द ही हालत सुधार लिए जायेंगे और बिजली की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी किन्तु साल भर बाद भी स्थिति जस की तस रहने के बाद इस खबर को पुन: साल भर बाद प्रकाशित किया गया और इस मामले को क्षेत्र के विधायक व भिलाई निगम के महापौर देवेन्द्र यादव के संज्ञान में लाया गया . महापौर के जानकारी में आते ही महापौर यादव द्वारा तुरंत सम्बंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द मैदान में जो सुविधाए प्राप्त थी उन्हें सुचारू रूप से पूर्ण किया जाए .
    सही निकली शौर्यपथ की आशंका
    शौर्यपथ समाचार पत्र ने अपने खबर में ये आशंका व्यक्त की थी की अधिकारियों की लापरवाही के चलते छावनी क्षेत्र के खेल के एकमात्र बड़े मैदान की सुविधाओ की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जो सच साबित हुई . मामले की पूर्ण जानकारी मिलते ही महापौर देवेन्द्र यादव द्वारा अधिकारियो को तत्काल निर्देशित करते हुए आगे भविष्य में ऐसी लापरवाही ना करने की चेतावनी दी गयी .

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में हर साल बरसात आने के पहले शहर के नाले / नालियों की सफाई के लिए 40 से 50 लाख की निविदा निकाली जाती थी . दुर्ग निगम में पिछले 20 सालिओ से निगम में भाजपा की सरकार थी और हर साल निगम प्रशासन शहर की नालियों / नालो की सफाई के लिए लाखो की निविदा निकाल कर ये काम करवाती थी . तब दुर्ग की जनता को ऐसा लगता था कि शहर की सत्ता द्वारा ये एक सार्थक प्रयास किया जा रहा है . किन्तु इस साल निगम ने एक नया प्रयोग किया . निकाय चुनाव के आचार सहिंता लगने के कुछ समय बाद से ही दुर्ग निगम के आयुक्त बर्मन द्वारा एक कार्य का बीड़ा उठाया गया . वो कार्य था शहर की नालियों / नालो को साफ़ करना . इस कार्य के लिए पहली बार निगम ने किसी भी ठेकेदार को ठेका नहीं दिया . निगम के कर्मचारियों से ही ये कार्य को अंजाम दिया गया .
    निगम आयुक्त द्वारा इस कार्य के लिए 40 लोगो की एक टीम गठित की गयी और शहर की सडको से सर्वप्रथम धुल मिटटी को हटाने का कार्य किया गया . धुल मिटटी हटाने के उपरान्त छोटी छोटी नालियों की सफाई तलहटी तक की गयी . गली मोहल्लो की नालियों की सफाई की निगरानी स्वास्थ्य अधिकारी और सीधे आयुक्त बर्मन द्वारा की गयी . छोटी छोटी नालियों के बाद निगम प्रशासन के द्वारा शहर के नालो को क्रमबद्ध तरीके से तलहटी तक मलबा और मिटटी निकाल कर साफ़ किया गया . स्वास्थ्य विभाग और कर्मशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम के तीन डम्पर का दो महीनो तक कार्य सिर्फ नाले की मिट्टियों को ढोने का ही था . दो महीनो में लगभग 700 से 800 ट्रिप मिट्टिया नालो से निकाल कर डंपिंग स्थान में डाला गया . ऐसा नहीं है कि ये बात किसी से छुपी है . शहर के हर वार्ड की जनता जिनका नालो के करीब निवास है इस बात की गवाही दे सकता है .
    शहर वासियों के अनुसार इस बार जिस तरह से नालियों की सफाई हुई है वैसी सफाई सालो से देखने को नहीं मिली . निगम आयुक्त बर्मन ने जिस तरह कार्य किया और ये साबित किया कि ऐसे कई कार्य जो ठेके से होते थे उसे निगम कर्मचारियों से भी कराया जा सकता है साबित कर दिया . अभी तक निगम प्रशासन पूर्व में करोडो रूपये नालियों / नालो की सफाई में खर्च कर चूका है किन्तु ये निश्चित है कि भविष्य में अब नालो / नालियों की सफाई निगम के कर्मचारियों द्वारा ही होता रहेगा जिससे भविष्य में भी निगम के लाखो करोडो रूपये बचेंगे . नालो की सफाई का सफल प्रयोग कर आयुक्त बर्मन ने एक मिसाल पेश की जो दुर्ग की जनता को वर्षो तक याद रहेगा .
    महापौर का भी रहा पूर्ण सहयोग ...
    शहर के महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा निगमआयुक्त के कार्य में किसी तरह का हस्तक्षेप ना करना ये साबित करता है कि महापौर बाकलीवाल भी यही मंशा रखते है कि शहर के ऐसे कार्य जो निगम कर्मचारियों द्वारा कराये जा सकते है उसे निगम कर्मचारियों द्वारा ही कराया जायेगा और निगम के राजस्व की बचत होगी जो निगम क्षेत्र के अन्य विकास कार्यो में ही खर्च होगी . आज जो भी नालो की सफाई का विरोध कर रहे है वो पूर्व के सालो में सफाई और बाद में जलभराव के गवाह है . निगम प्रशासन का कार्य कितना सफल रहा इसका परिणाम तो बरसात में ही चलेगा उसके लिए अभी से शंका करना वर्तमान स्थिति में क्या सही होगा क्योकि जैसी सफाई वर्तमान में हुई ऐसी सफाई पूर्व के सालो में देखने को नहीं मिली तो अब फैसला आम जनता को ही करना है कि बरसात में कैसी स्थिति निर्मित होती है और फैसला बरसात के बाद ही हो सकता है अभी से कयास लगा कर उन 40 लोगो की टीम को हतोत्साहित नहीं किया जा सकता जिन्होंने पिछले 2-3 महीनो से इस कार्य के लिए अपना योगदान दिया है .

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कृषि विभाग द्वारा जिले में चालू खरीफ मौसम में 3 लाख 55 हजार 910 हेक्टेयर में फसल बोने का लक्ष्य रखकर जरूरी तैयारियां की गई है। इस साल 3 लाख 7 हजार 545 हेक्टेयर में धान और अन्य अनाज फसलें, 16 हजार 325 हेक्टेयर में दलहनी तथा 32 हजार 40 हेक्टेयर में तिलहनी फसलें बोने का लक्ष्य रखा गया है। 
    उप संचालक कृषि  धु्रर्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस साल खरीफ मौसम में 2 लाख 98 हजार 120 हेक्टेयर में धान फसल बोने की तैयारी की गई है। जिले में बोता, रोपा, कतार बोनी, श्रीविधि से धान की बोनी की जाती है। इस वर्ष 1 लाख 61 हजार 220 हेक्टेयर में बोता धान, 68 हजार 900 हेक्टेयर में धान रोपा, 65 हजार हेक्टेयर में कतार बोनी तथा 3 हजार हेक्टेयर में श्री विधि से धान की बोनी करने का लक्ष्य रखा गया है। अन्य अनाज फसलों में 25 हेक्टेयर में ज्वार, 5 हजार 860 हेक्टेयर में मक्का और 3 हजार 540 हेक्टेयर में कोदोकुटकी की बोआई की तैयारी की गई है। दलहनी फसलों में 6 हजार 400 हेक्टेयर में अरहर, एक हजार 750 हेक्टेयर में मूंग, 6 हजार 950 हेक्टेयर में उड़द तथा एक हजार 225 हेक्टेयर में कुल्थी व अन्य दलहनी फसलें लगाने का कार्यक्रम बनाया गया है। श्री ध्रुर्वे ने बताया कि जिले में खरीफ मौसम में मूंगफल्ली, तिल और सोयाबीन की खेती होती है। इस वर्ष 20 हजार 400 हेक्टेयर में सोयाबीन, एक हजार 500 हेक्टेयर में तिल तथा 140 हेक्टेयर में मुंगफल्ली बोने का लक्ष्य रखा गया है। खरीफ मौसम में ही 10 हजार 250 हेक्टेयर में साग-सब्जी ली जाती है। 
     धु्रर्वे ने बताया कि बीते खरीफ मौसम वर्ष 2019-20 में 2 लाख 91 हजार हेक्टेयर में धान बोने का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य के विरूद्ध 3 लाख 32 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हुई थी। इसी प्रकार 5 हजार 720 हेक्टेयर में दलहनी व 26 हजार 385 हेक्टेयर में तिलहनी फसलें लगाई गई थी।   

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि करोना और लॉक डाउन के कारण पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां शून्य रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपने बजट एलॉटमेंट में कटौती की है और नए कार्यों पर रोक लगाई है। दरअसल रमन सिंह जी का बयान छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ कम और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ ज्यादा है।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह पहले अपने 15 साल के कार्यकाल का अवलोकन कर ले जो पूरी तरह से छलकपट प्रपंच कुप्रबंधन भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और धोखाधड़ी से सराबोर रहा है। डॉ रमन सिंह ने देश-विदेश के उद्योगपतियों के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपए खर्च किए और अरबों रुपए के एमओयू करके छत्तीसगढ़ के बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने के सब्जबाग दिखाए लेकिन वह सारे एमओयू सिर्फ कागजों पर ही धरे रह गए । किसानों के साथ छल करने में भी रमन सिंह सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए । अपने संकल्प पत्र में 2100 ₹ प्रति क्विंटल में किसानों की धान खरीदी का वादा कभी पूरा नहीं किया और 5 साल तक धान पर ₹300 बोनस भी नहीं दे पाए।
    रमन सिंह को छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के साथ भाजपा सरकार के 15 साल में किए गए विश्वासघात की याद दिलाते हुए रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि इस धोखे के कारण ही आदिवासी अंचल में भाजपा को घोर पराजय का सामना करना पड़ा। 15 साल के भाजपा शासन काल में लाखो आदिवासी जमीन के पट्टों के अधिकार से वंचित किए गए और बस्तर में टाटा स्टील की जमीन आदिवासियों को लौटाने के बजाय रमन सिंह सरकार ने उसे लैंड पूल में रखकर अन्य किसी पूंजीपति घराने को सौंपने और उपकृत करने की साजिश रची जिसे कांग्रेस की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विफल किया।
    वरयानी ने आगे कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता संभालते ही किसानों का 11 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया किसानों का धान ₹2500 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की है। कांग्रेस सरकार के इन क्रांतिकारी फैसलों के परिणाम स्वरूप देशव्यापी आर्थिक मंदी की चपेट में आने से छत्तीसगढ़ का व्यापार व्यवसाय उद्योग धंधे बज गए करोना काल में भी राजीव न्याय योजना के माध्यम से किसानों के खाते में धान खरीदी की अंतर राशि डालकर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम कांग्रेस की सरकार ने किया है एक और टाटा स्टील के लिए ली गई जमीन आदिवासियों को लौटाई गई वहीं आदिवासी अंचल की वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीद कर तथा तेंदूपत्ता थोड़ा इधर को ढाई हजार रुपए से बढ़ाकर ₹4000 प्रति मानक बोरा करके बस्तर सरगुजा के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम कांग्रेस सरकार ने किया है.
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक रमेश वर्ल्यानी ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा लिए गए जन हितैषी कार्यों और राज्य के वित्त मंत्री के रूप में उनके कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण ही उन्हें देश में पहले 2 सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में शामिल किया गया है मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ती लोकप्रियता से रमन सिंह जी बेचैन और परेशान है जिसके चलते वे लगातार असत्य और भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं लेकिन यह पब्लिक है जो सब जानती है।

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