August 02, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

      राजनांदगांव - भारतीय जनता पार्टीके प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने महिला मोर्चा के विभिन्न मंडलों के पदाधिकोरियोंकी नियुक्ति की घोषणा की है।  

    डोंगरगांव मंडल:- अध्यक्ष एकल बाई साहू, उपाध्यक्ष विभा हिरवानी, मनीषा साहू, मधु यदु, संतोषी मानिकपुरी, महामंत्री अनिता वाल्दे, चित्ररेखा, मंत्री ज्योति साहू, रानी तिवारी, महेश्वरी गंजीर, स्वाति पंसारी, कोषाध्यक्ष ममता उईके, मीडिया प्रभारी अंजना यादव, सोशल मीडिया प्रभारी नीलम चतुर्वेदी, बुथ मित्र प्रभारी कुमारी वैष्णव, सांस्कृतिक प्रभारी अनिता साहू, प्रवक्ता अरूणा पाण्डेय, कार्यालय प्रभारी कुंती आल्हा, मन की बात प्रमुख प्रतिभा पटेल।

    राजनांदगांव दक्षिण मंडल:- अध्यक्ष मधु बैद, उपाध्यक्ष शशि सहारे, मंजू यादव, संध्या वर्मा, कृति प्रजापति, महामंत्री करूणा राजपूत, तूईशा वांदिले, मंत्री चन्द्रिका साहू, प्रतिमा खण्डेलवाल, लता यादव, भारतीय सोनकर, कृती साहू, कोषाध्यक्ष ज्योति जैन, मीडिया प्रभारी ज्योति सहारे, सोशल मीडिया प्रभारी अनिता सिन्हा, सह-सोशल मीडिया प्रभारी उतरा दामले, बुथ मित्र प्रभारी लता यादव, सांस्कृति प्रभारी अमृता सिन्हा, प्रवक्ता गीताजंली साहू, कार्यालय पभारी दूर्गा साहू, मन की बात कार्यालय प्रभारी अर्चना अग्रवाल।

    राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम मंडल:- अध्यक्ष गायत्री साहू, उपाध्यक्ष पुर्णिमा साहू, मीनाक्षी अम्बादे, दुलारी बाई साहू, लता साहू, महामंत्री भुनेश्वरी साहू, मनिषा साहू, मंत्री मीना चतुर्वेदी, ममता धु्रव, बिसन्तीन नेताम, प्रभा साहू, टोमीन लाउत्रे, कोषाध्यक्ष ज्योति भारद्वाज, मीडिया प्रभारी मिशा साहू, सोशल मीडिया प्रभारी सीमा साहू, मन की बात प्रमुख सोमिता साहू।
    अर्जुनी मंडल:- अध्यक्ष ममता पटेल, उपाध्यक्ष कविता साहू, मंजू साहू, नूतन साहू, फुलेश्वरी साहू, महामंत्री पूनम साहू, मंजू वैष्णव, मंत्री चम्पा धनकर, शैल साहू, उमा साहू, जयश्री राधा सोनकर, पूर्णिमा साहू, चन्द्रकली साहू, कोषाध्यक्ष महेश्वरी निषाद, सह-कोषाध्यक्ष ललती निषाद, मीडिया प्रभारी चांदनी निषाद, सह-मीडिया प्रभारी लुकेश्वरी साहू, प्रवक्ता कल्याणी धनकर, सह-प्रवक्ता नीतू साहू, सोशल मीडिया प्रभारी पूजा वैष्णव, पदमनी साहू, बुधंमीन साहू, रेश्मी आदिवासी, कार्यालय मंत्री कामनी रामटेके, सांस्कृतिक कांति साहू, दुलारी बाई साहू।

    इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और सेवा भाव के आधार पर निरंतर आगे गढ़ रही है। महिला मोर्चा की नई टीम संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ पार्टी की रीति-नीति, सिद्धांतों एवं केन्द्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिला अध्यक्ष पुष्पा गायकवाड ने विश्वास व्यक्त किया कि महिला मोर्चा की नईटीम संगठन के विस्तार एवं पार्टी की मजबूती के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेगी तथा आगामी कार्यक्रमों एवं अभियानों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। 

    5 संस्थानों और व्यक्तियों को नोटिस जारी, 50 हजार रुपये जुर्माना की तैयारी

    दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अवैध होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल के निर्देश पर बाजार विभाग द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान में बिजली खंभों, पेड़ों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाए जाने के कई मामले सामने आए।

    निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के खंभों एवं पोलों पर निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रचार संबंधी होर्डिंग लगाए गए पाए गए। वहीं शहर के उद्यानों की दीवारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी व्यावसायिक प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किया जा रहा था।

    जांच में पेड़ों पर शैक्षणिक संस्थानों के प्रवेश संबंधी विज्ञापन तथा बिजली खंभों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग से जुड़े प्रचार बोर्ड लगाए जाने की पुष्टि हुई। निगम अधिकारियों ने इसे नगर निगम अधिनियम एवं विज्ञापन नियमों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित संस्थानों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

    50 हजार रुपये तक जुर्माना, जवाब नहीं तो होगी कठोर कार्रवाई

    मौका निरीक्षण के उपरांत बाजार विभाग द्वारा अवैध रूप से होर्डिंग एवं प्रचार सामग्री लगाने वाले पांच संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक प्रकरण में 50 हजार रुपये तक जुर्माना अधिरोपित किया जा सकता है। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार आर्थिक दंड के साथ अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

    शहर की सुंदरता से समझौता नहीं : आयुक्त

    नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि शहर की स्वच्छता, सौंदर्यता एवं हरित वातावरण बनाए रखना निगम की प्राथमिकता है। सार्वजनिक स्थलों, बिजली खंभों, पेड़ों एवं शासकीय संपत्तियों का अवैध विज्ञापन के लिए उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि निगम द्वारा ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। शहर की पहचान और सौंदर्य को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    थोक कचरा उत्पादकों पर निगम की सख्ती, नियमों की अनदेखी पर होगी वैधानिक कार्रवाई

    दुर्ग, । स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए गए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों (बल्क वेस्ट जनरेटर्स) के लिए नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने बताया कि ऐसे संस्थान, आवासीय परिसर, होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, छात्रावास, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं अन्य बड़े परिसर जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है, उन्हें अपने परिसर में उत्पन्न गीले (जैविक) कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण एवं निपटान स्वयं करना होगा।

    उन्होंने बताया कि इसके लिए कम्पोस्टिंग, बायोगैस, बायो-मीथनेशन अथवा अन्य स्वीकृत तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है। साथ ही सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा तथा आवश्यक जानकारियां समय-समय पर पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी।

    स्रोत पर कचरा पृथक्करण भी अनिवार्य

    निगम प्रशासन के अनुसार गीले एवं सूखे कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करना भी अनिवार्य रहेगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और निगम की टीमें विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर नियमों के पालन की समीक्षा करेंगी।

    निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित अवधि में सुधार नहीं करने पर जुर्माना, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तथा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    लगातार उल्लंघन पर बिजली और पानी की सुविधा भी हो सकती है बंद

    नगर निगम ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नियमों की लगातार अवहेलना करने वाले थोक अपशिष्ट उत्पादकों के विरुद्ध बिजली एवं जल प्रदाय सेवाएं बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों को भी कार्रवाई हेतु अनुशंसा भेजी जाएगी।

    स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर निर्माण में करें सहयोग

    नगर निगम प्रशासन ने सभी थोक अपशिष्ट उत्पादकों से पर्यावरण संरक्षण एवं शहर की स्वच्छता में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण करने से लैंडफिल पर भार कम होगा, जैविक खाद एवं ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

    आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ एवं सतत शहर निर्माण के लिए सभी संस्थानों का सहयोग आवश्यक है। नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रत्येक संस्था की जिम्मेदारी है और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    सीसी रोड, नाली और पुलिया निर्माण से मजबूत होगी आधारभूत संरचना, नागरिकों को मिलेगी बेहतर सुविधा

    दुर्ग, । नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं नागरिकों को बेहतर आवागमन और जल निकासी व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने वार्ड क्रमांक 38 एवं 39 में सीसी रोड, आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया।

    वार्ड क्रमांक 39 में डॉ. कौशिक के निवास से मुकुंद भवन तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। वहीं वार्ड क्रमांक 38 में पदम पाटनी के निवास से आशीष मारूति के निवास तक, मधुबन वाटिका से खंडेलवाल कॉलोनी तक तथा अन्य विभिन्न स्थानों पर आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसके अतिरिक्त मिलपारा क्षेत्र में भी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।

    बारिश से पहले मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना प्राथमिकता: महापौर अलका बाघमार

    भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य प्रत्येक वार्ड में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव और आवागमन संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। नगर निगम जनहित से जुड़े विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान कर रहा है तथा नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध ढंग से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निगम प्रतिबद्ध: देव नारायण चन्द्राकर

    लोक कर्म प्रभारी श्री देव नारायण चन्द्राकर ने कहा कि निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सड़क, नाली एवं पुलिया जैसे निर्माण कार्य सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुविधा से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वार्डों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    इस अवसर पर एमआईसी सदस्य श्री शेखर चन्द्राकर, श्री नीलेश अग्रवाल, पार्षद श्री गुलाब वर्मा, श्री रामचंद्र सेन, श्रीमती रंजीता पाटिल, सहायक अभियंता श्री सुरेश केवलानी, उप अभियंता श्री मोहित मरकाम सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने बारिश से पूर्व महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की सौगात मिलने पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं नगर निगम प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विकास कार्यों की सराहना की।

    प्रतिभाओं का समर कैंप समापन समारोह में समिति अध्यक्ष दीपक कुमार हुए सम्मानित

    भिलाई। खुर्सीपार में आयोजित एक माह के "प्रतिभाओं का समर कैंप" के समापन समारोह में समाजसेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए निस्वार्थ सेवा भाव समिति का सम्मान किया गया। समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान जागरूकता एवं रक्तदान सेवा के माध्यम से हजारों जरूरतमंदों के जीवन में नई आशा का संचार करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

    गौरतलब है कि खुर्सीपार में 9 मई से 7 जून तक आयोजित समर कैंप में लगभग 700 बच्चों ने योग, फिजिकल ट्रेनिंग, कराटे, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, क्रिकेट एवं फुटबॉल सहित विभिन्न खेल एवं शारीरिक गतिविधियों में भाग लिया। कैंप का उद्देश्य बच्चों में खेल प्रतिभा, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

    समापन समारोह का आयोजन खुर्सीपार स्थित श्रीराम चौक दशहरा मैदान में किया गया, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

    इसी क्रम में निस्वार्थ सेवा भाव समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार को रक्तदान के क्षेत्र में किए जा रहे सतत जनसेवा कार्यों, रक्तदाताओं को प्रेरित करने तथा जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण जैन, भिलाई की प्रथम महापौर नीता लोधी, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू खान, विधायक प्रतिनिधि इंद्रजीत सिंह सेनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

    मंत्रिमंडल के साथ फिल्म देखने की जताई इच्छा, वीर नारायण सिंह और गुरु घासीदास पर भी फिल्म निर्माण का दिया सुझाव

    भिलाई। छत्तीसगढ़ में निर्मित हिंदी फिल्म 'रमाई' की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे, प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे तथा फिल्म की पूरी टीम ने राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फिल्म की विषयवस्तु और संकल्पना की सराहना करते हुए कहा कि त्याग, संघर्ष और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रेरक जीवनगाथाओं पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए इसे मंत्रिमंडल के साथ देखने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की टीम की मुलाकात राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से कराने का प्रयास किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति वंदन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और मातृशक्ति के संघर्ष, त्याग एवं योगदान को प्रदर्शित करने वाली छत्तीसगढ़ में निर्मित यह पहली हिंदी फिल्म एक महत्वपूर्ण पहल है।

    फिल्म की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे ने बताया कि 'रमाई' केवल एक ऐतिहासिक चरित्र की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, धैर्य, समर्पण और संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा है। वहीं प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे ने कहा कि फिल्म के निर्माण में ऐतिहासिक तथ्यों, सामाजिक संदर्भों एवं गहन शोध का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि दर्शकों तक एक प्रामाणिक और प्रेरक कथा पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री साय ने फिल्म निर्माण टीम को सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों शहीद वीर नारायण सिंह और संत गुरु घासीदास के जीवन पर भी फिल्म निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों के निर्माण में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही भविष्य में छत्तीसगढ़ शासन की प्रचारात्मक फिल्मों में अवसर उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 'रमाई' समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने और मातृशक्ति के योगदान को सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं अन्य सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फिल्म की आगामी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

    स्वास्थ्य सेवा और संगठन विस्तार को नई गति देने 16 मंडलों के संयोजकों की नियुक्ति

    राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, प्रदेश संगठन महामंत्री श्री पवन साय, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. देवेन्द्र कश्यप तथा भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत की सहमति से भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ. निलेश सिंह ने जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ एवं जिले के 16 मंडलों की नई कार्यकारिणी की घोषणा की है।

    जारी सूची के अनुसार डॉ. निलेश सिंह को जिला संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सह-संयोजक के रूप में डॉ. चन्द्रेश साहू, डॉ. पी. डी. मानिकपुरी, डॉ. आलोक भट्टाचार्य, डॉ. जितेन्द्र तिवारी, डॉ. लोकेश चन्द्राकर एवं डॉ. हरिश्चन्द्र साहू को नियुक्त किया गया है। डॉ. अशोक तिवारी को जिला मीडिया प्रभारी तथा डॉ. कामेश साहू को महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है।

    मंडल स्तर पर राजनांदगांव उत्तर से डॉ. प्रमोद साहू, राजनांदगांव दक्षिण से डॉ. यशवंत कुमार साहू, राजनांदगांव ग्रामीण पूर्व से डॉ. अनुपम श्रीवास्तव, राजनांदगांव ग्रामीण पश्चिम से डॉ. गुणीत साहू, डोंगरगढ़ शहर से डॉ. राजेश राघोत्रे, डोंगरगढ़ ग्रामीण से डॉ. मोरध्वज वर्मा, घुमका से डॉ. लक्ष्मण वर्मा, तिलई से डॉ. नारायण मानिकपुरी, डोंगरगांव शहर से डॉ. ललित रामटेके, डोंगरगांव ग्रामीण से डॉ. फग्गू पटेल, मुसरा-मुरमुंदा से डॉ. श्यामलाल साहू, तुमड़ीबोड़ से डॉ. भूपेन्द्र वर्मा, अर्जुनी से डॉ. टीमेश्वर साहू, लाल बहादुर नगर से डॉ. उत्तम कुमार विश्वास, छुरिया से डॉ. हेमंत कुमार लड़े, कुमर्दा से डॉ. हेमंत बनपेला तथा गैंदाटोला से डॉ. अश्वनी कुमार साहू को मंडल संयोजक नियुक्त किया गया है।

    भाजपा द्वारा संगठन के विस्तार तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम का गठन किया गया है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सा प्रकोष्ठ संगठन की विचारधारा, सेवा कार्यों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रकोष्ठ की नई टीम समाजसेवा की भावना के साथ स्वास्थ्य संबंधी जनहितकारी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।

     
    सरकार की प्राथमिकता के लोगों को स्वास्थ्य और इलाज नही

       रायपुर/ । भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो गयी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि छत्तीसगढ़ में जिन मरीजों की मौते हो रही है। उनमें से 60 प्रतिशत से अधिक मरीजो की मौत केवल इसलिये हो रही है कि उनका समय पर ईलाज एक प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ से नहीं हो पाता है। सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ में होने वाली कुल मौतो के पीछे एक बड़ा कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित डॉक्टरो की कमी है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ इस प्रकार की मौतो के मामलो में बिहार और झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगो का ईलाज है ही नही, भाजपा सरकार के लिये स्वास्थ्य विभाग केवल भ्रष्टाचार करने का अड्डा मात्र बना हुआ है। प्रदेश के वर्तमान 10 मेडिकल कालेजो में 2660 स्वीकृत पदो में से 1290 पद लगभग आधे खाली पड़े है। ऐसे में मरीजो का कैसे ईलाज होगा। स्वास्थ्य केन्द्र, उपस्वास्थ्य केन्द्रो में 65 प्रतिशत स्थानों तथा जिला अस्पतालो में 60 प्रतिशत पद खाली पड़े है। राज्य के सरकारी अस्पतालो में ईलाज कम भ्रष्टाचार अधिक होता है। प्रदेश के अधिकांश सरकारी अस्पतालो मेडिकल कालेजो में नकली दवाये उपयोग की शिकायते सामने आ चुकी है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगो की बड़ी उम्मीद मेकाहारा रायपुर तथा डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की लापरवाही का शिकार है। मेकाहारा में करोड़ो की मशीने स्टालेशन के आभाव में तथा योग्य चिकित्सको होने के बाद मेकाहारा में सुविधाये नहीं होने के कारण लोगो के ईलाज में देरी होती है। सरकार कभी दवाई नहीं उपलब्ध करवा पाती तो कभी एक्सरे फिल्म, तो कभी पैथालाजी के सामन। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते ही छत्तीसगढ़ में मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बे-मौत मरने मजबूर हैं। नकली और अमानक दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही है। समय पर एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सिटी स्कैन, एम आर आई, सोनोग्राफी, एक्स रे और खून पेशाब की जांच के लिए मरीज भटक रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कमीशनखोरी के लिए स्वास्थ्य विभाग अघोषित तौर पर ठेके में संचालित है। सत्ता के संरक्षण में केवल मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। अक्षम स्वास्थ्य मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे या उन्हें बर्खास्त करे सरकार।

       रायपुर/ । धान के अलावा अन्य फसल लेने पर 15000 रू. प्रति क्विंटल देने के फैसले को भेदभाव पूर्ण और धान के किसान विरोधी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, धान के किसान हमारी पहचान है, प्रदेश के अर्थव्यवस्था की धूरी है, भाजपा की सरकार दुर्भावना पूर्वक इसे मिटाने पर तुली है। आखिर इस सरकार को धान के किसानों से इतनी हिकारत क्यों? प्रदेश का जनवायु और मानसून धान के अनुकूल है। दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिये न किसानों की तैयारी है, न ही वातावरण अनुकूल। सरकार पहले जो खाद का संकट सामने खड़ा है, उसका निराकरण करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार का फैसला अव्यावहारिक है। धान के खेत में तिली, राहेर, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, उड़द, मूंग कैसे बोयेंगे किसान? क्या किसान मेढ़ पार फोड़ कर, धान के खेत को पाट कर भर्री बना दे? छत्तीसगढ़ में मानसून, वर्षा, मिट्टी, जलवायु, धान के खेती के अनुकूल है, जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने में नाकाम सरकार अपनी अक्षमता छुपाने अब 15 हजार का प्रलोभन दे रही है, पहले अन्य फसलो की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था करें सरकार।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार खाद नहीं दे पा रही है इसलिए प्रलोभन दे रही है। पिछले तीन साल में धान की एमएसपी वृद्धि का लाभ पहले ही किसानों से छीन लिया गया है, साय सरकार आने के बाद 117 फिर 69 और 72 रुपए की वृद्धि धान के एमएसपी में हो चुकी है कुल 258 रुपए बढ़े है लेकिन यह सरकार 3358 की जगह केवल 3100 रुपए प्रति क्विंटल ही दे रही है, आगे भी धान की कीमत बढ़ाने का इरादा इस सरकार का नहीं है जबकि कृषि लागत पिछले ढाई साल में 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ चुका है।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार बताये, खरीफ के लिये कितने उर्वरको की व्यवस्था हो पाई है? सरकार का खुद का दावा है कि लक्ष्य 15 लाख 54 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के विपरीत केवल 11 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का कुल भंडारण है, जिसमें से अभी तक कुल केवल 4 लाख 11 हजार मीट्रिक टन का वितरण हुआ है जो कुल डिमांड का मात्र 26 प्रतिशत है। सोसायटियों तक पर्याप्त खाद कब तक पहुंचेगा? सरकार किसानों के लिये आवश्यक यूरिया डीएपी की व्यवस्था करे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी निर्मित महंगाई के कारण खेती की लागत बढ़ गई है, डीजल महंगा होने से जुताई, मताई, हार्वेस्टिंग की लागत 20 प्रतिशत बढ़ गया है, खाद बीज के दाम बढ़ाए, पोटास एन पी के महंगा हुआ है, एक तरफ यह सरकार एनपीके को डीएपी का विकल्प बता रही है, दूसरी तरफ एन पी के और पोटास के दाम में 15 और 30 प्रतिशत की वृद्धि कर देती है, यह कैसा विकल्प? यह तो किसानों पर दुगुना आर्थिक बोझ है। कृषि की लागत पिछले साल की तुलना में कम से कम 12 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ बढ़ गई है। वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी की गुणवत्ता पर किसानों को भरोसा नहीं है। भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ नकली खाद नकली बीज अमानत दावों को खपाने का संरक्षण स्थल बन चुका है सत्ता के संरक्षण में जमकर कालाबाजारी हो रही है किसान शोषण के शिकार हैं। कीटनाशक के दाम बढ़ाए, लेकिन धान के एम एस पी में वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा? कांग्रेस ने 2500 का दावा करके 2640 और 2660 रुपए दिया यह सरकार एम एस पी वृद्धि को खुद ही खा रही है। यह सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर अड़ंगे लगा रही है। किसानों को पिछले खरीफ सीजन में दिए गए डीएपी की मात्रा से 40 प्रतिशत और यूरिया में 20 प्रतिशत कम देने का तुगलकी फरमान जारी किया गया है। सहकारी समितियों से खाद का कोटा तय करके (प्रति एकड़ के हिसाब से) कम खाद का वितरित किया जा रहा है। पिछले साल तक किसानों को सोसायटी से नगदी और सामग्री का अनुपात 60रू40 था जिसे अब घटाकर 70रू30 कर दिया गया है अर्थात खाद बीज (सामग्री) लेने की की लिमिट 10 प्रतिशत घटा दिया गया है। यदि राहत देना है तो बिना भेदभाव के सभी किसानों को 15 हजार प्रति एकड़ की दर से इनपुट सब्सिडी दे सरकार।
      रायपुर/ । प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपुत ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रदेश में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में आज भी शिक्षकों की भारी कमी है.भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े विज्ञापन और घोषणाएं कर शिक्षकों की भर्ती का वादा तो किया, लेकिन आज तक भर्ती प्रक्रिया जमीन पर दिखाई नहीं दे रही है। स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन 57000 हजार पद खाली पड़े हैं। सरकार की नीयत केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पूरी तरह उपेक्षित है।

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 5000 शिक्षकों के पद इसी शिक्षा सत्र में भरने की घोषणा किया था, वही भी नहीं भरे गये।  भाजपा सरकार बताए कि आखिर शिक्षकों की भर्ती की घोषणा केवल सुर्खियां बटोरने के लिए थी या वास्तव में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए? यदि सरकार गंभीर होती तो नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले नियुक्तियां पूरी हो चुकी होतीं।भाजपा सरकार में शिक्षकों की भर्ती की घोषणा के बावजूद अभी तक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियाँ क्यों नहीं हो पाई। शिक्षा बजट खर्च होने के बाद भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी क्यों है ? क्या भाजपा सरकार के लिए बच्चों का भविष्य प्राथमिकता नहीं है?

    प्रदेश कांग्रेस मुख्य प्रवक्ता वन्दना राजदूत ने कहा कि भाजपा सरकार “सुशासन” और “विकास” के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों स्कूल बिना पर्याप्त शिक्षकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, वहीं अनेक विषयों के शिक्षक अब तक नियुक्त नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने जा रहे हैं लेकिन निजी विद्यालयों को अभी तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षा विभाग को बच्चों में मतभेद ना कर अच्छी शिक्षा देने पर फ़ोकस करना चाहिए। प्रदेश के अभिभावक जानना चाहते हैं कि जब स्कूल खुलने की तारीख पहले से तय थी, तो शिक्षकों की भर्ती और पदस्थापना समय पर क्यों नहीं हुई?

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