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रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश की साय सरकार लगातार जनहित के कार्यो को सुचारू बनने और शासन की योजनाओ को आम जनता तक पहुँचाने के लिए प्रयास कर रही है . प्रदेश के मुख्यमंत्री साय विभागीय कार्यो के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियो की बैठक लेकर निर्देशित कर रहे . सीएम साय ने जिलाधीशो को राजस्व मामलों को तेज गति से निपटाने के दिये निर्देश. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सम्बंधित सभी कार्य समय-सीमा पर पूरे हों वही अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी सीएम साय ने ली .सीएम साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण के केस को समय सीमा पर पूरा करें, 70 प्रतिशत से कम निराकरण वाले जिले ज्यादा फोकस करें तथा विवादित विभाजन के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो . सीएम say ने कहा कि सीमांकन जनता से जुड़ा विषय है जो आदेश है उसका सीमांकन हो जाये। नागरिक छोटे छोटे त्रुटि के लिए भटकते रहते हैं। जल्द से जल्द निराकरण हो इसका ख्याल रखें . डायवर्शन में जिलों का प्रदर्शन अच्छा है, समय सीमा में निराकरण करने से सरकार की छवि बनती है। आपके अधीनस्थ समय और कोर्ट पहुँचे इसका ध्यान रखें वही राजस्व मामलो में कमिश्नर भी मोनिटरिंग करते रहें .
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अनुसूचित और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में तैनात डाक्टरों के वेतन में 46 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम उठाया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के सीनियर रेसीडेंट से लेकर प्राध्यापकों के वेतन में हुई ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।
प्राध्यापक को अब अनुसूचित क्षेत्र में 2 लाख 25 हजार तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में मिलेगा 1 लाख 90 हजार रूपए वेतन अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 46 फीसदी तथा गैर अनुसूचित क्षेत्र में लगभग 23 फीसदी की वेतन वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप राज्य में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू
पुलिस में 341 विभिन्न पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने दी मंजूरी
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप राज्य में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा 341 पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें सर्वाधिक 278 पद सब इंस्पेक्टर के हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ पुलिस बल में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने हरी झंडी दे दी है। स्वीकृत पदों में 19 सूबेदार, 278 उप निरीक्षक, 11 उप निरीक्षक (विशेष शाखा), 14 प्लाटून कमाण्डर, 4 उप निरीक्षक (अंगुल-चिन्ह), 1 उप निरीक्षक (प्रश्नाधीन दस्तावेज), 5 उप निरीक्षक (कम्प्यूटर), और 9 उप निरीक्षक (साइबर क्राइम) शामिल हैं।
इन रिक्तियों से छत्तीसगढ़ पुलिस बल की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिससे कानून व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा। साथ ही, युवाओं को स्थिर और सम्मानजनक करियर के अवसर मिलेंगे। भर्ती की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का किया अनावरण
वन शहीदों की स्मृति में दो मिनट का रखा गया मौन
रायपुर /शौर्यपथ/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन पहुंचकर वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वन शहीदों की स्मृति में वन शहीद स्मारक का अनावरण किया। मुख्यमंत्री श्री साय सहित उपस्थित सभी ने दो मिनट मौन धारण कर वन शहीदों की शहादत को नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि आज भावनाओं से भरा दिन है। हम उन वीर शहीदों का स्मरण कर रहे है जिन्होंने जंगलों, प्राकृतिक संसाधनों और वन्य जीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि वन शहीदों की शहादत हमें पर्यावरण संरक्षण की महत्ता और इसे संरक्षित करने हमारी जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री, वन मंत्री और राजस्व मंत्री ने अपने पिता की स्मृति में पौधा रोपा।
गौरतलब है कि वन शहीदों की स्मृति में आज राजधानी रायपुर के राजीव स्मृति वन में 20वां राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, वन बल प्रमुख श्री व्ही श्रीनिवास राव, अखिल भारतीय वन अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष श्री सतीश मिश्रा, चेयरमैन श्री दिग्विजय सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वनकर्मी मौजूद रहे।
एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए अध्यक्ष
खेलों को बढ़ावा देने और खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए राज्य सरकार करेगी हर संभव प्रयास : मुख्यमंत्री श्री साय
पहाड़ी कोरवा लोगों की नैसर्गिक तीरंदाजी प्रतिभा को तराशने जशपुर क्षेत्र में आर्चरी अकादमी का विस्तार करेंगे
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित की गई एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में सर्व सम्मति से मुख्यमंत्री श्री साय को अध्यक्ष चुना गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए गौरव की बात है, आप लोगों ने सर्वसम्मति से मुझे छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना। इसके लिए आप सभी का हृदय से आभार। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एसोसिएशन के अनेक आयोजनों में मुझे शामिल होने का मौका मिला। राष्ट्रीय आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अर्जुन मुंडा जी के साथ भी मुझे आयोजनों में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि आर्चरी एसोसिएशन ने बड़ी कुशलता और परिश्रम से छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों की प्रतिभा को तराशा जिससे हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर सहित अनेक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीते।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं स्वयं इस एसोसिएशन जुड़ गया हूं, सभी के सहयोग और मार्गदर्शन में आर्चरी एसोसिएशन के कार्यों को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं जनजातीय बहुल जशपुर क्षेत्र से आता हूं। बचपन में हम लोग भी तीर धनुष लेकर शिकार किया करते थे। आर्चरी हम सभी लोगों का विशेष रूप से जनजातियों का पसंदीदा खेल है।जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा निवास करती है। ये लोग बड़े धनुर्धर होते हैं, प्राचीन काल में पहाड़ी कोरवा तीर धनुष से शिकार करते थे। आज भी उनके हर घर में तीन धनुष रहता है। श्री साय ने कहा कि इन लोगों की तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा को तराशने के प्रयास किए जाने चाहिए। अभी प्रदेश में तीरंदाजी की तीन अकादमी हैं। जशपुर जिले में भी आर्चरी अकादमी का विस्तार करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। खेलों के विकास के लिए जो भी आवश्यक होगा किया जाएगा। हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी आर्चरी के क्षेत्र में प्रदेश का नाम रौशन करें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विक्रम सिसोदिया सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी उपाध्यक्ष श्री भारत मटियारा, श्री रामलखन पैकरा, श्री दीपेश अरोरा सहित अनेक पदाधिकारी, ऑब्जर्वर सर्वश्री अकरम खान, सुमंता चंद्र मोहंती, प्रवेश जोशी सदस्य गण, तीरंदाजी में पदक विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।
दो मासूम बच्चों को मिली नई जिंदगी
रायपुर /शौर्यपथ /बलौदाबाजार जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की टीम ने जन्म से श्रवण बाधिता से पीड़ित दो बच्चों का एक साथ ऑपरेशन करवा कर उनमें सुनने की क्षमता लाने का कार्य किया है। गत दिवस विकासखंड सिमगा के ग्राम चक्रवाय और ग्राम बिटकुली के दोनों बच्चों का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ और वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार अवस्थी ने बताया की विकासखंड सिमगा के ग्राम चक्रवाय के साढ़े पाँच वर्षीय भानू निषाद तथा ग्राम बिटकुली के पाँच वर्षीय आरु साहू जन्मजात श्रवण बाधित थे जिनकी पहचान बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कर रही चिरायु की टीम ने किया था।
दोनों ही बच्चों के कई प्रकार की जाँच के बाद एम्स के चिकित्सकों ने कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन की सलाह दी। इसमें भानू निषाद का 20 अगस्त तथा आरु साहू का 22 अगस्त को ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा।
सिमगा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ पारस पटेल के अनुसार दोनों ही बच्चों के पालकों को इस ऑपरेशन को लेकर कई प्रकार से काउंसिलिंग कर तैयार किया गया। पालकों ने बताया कि,बच्चों को जन्म से ही सुनाई नहीं देता था। इस कारण उनकी परवरिश आम बच्चों जैसी नहीं हो पाई। क्योंकि बच्चे सुन नहीं सकते जिस कारण उनमें भाषा शक्ति भी विकसित नहीं हो पाई जिससे बोलने में भी दिक्कक्त होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी साधारण है जिससे महंगे प्राइवेट अस्पताल के इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। भानू के पिता ड्राइवर हैं जबकि आरु के पिता चाय की छोटी दुकान चलाते हैं। दोनों ही बच्चों का यह ऑपरेशन निःशुल्क हुआ है। जाँच और दवाइयां भी निःशुल्क प्राप्त हुई हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि मिश्रा के अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु अंतर्गत स्कूलों और आंगनवाडी केंद्रों में स्वास्थ्य टीम स्वास्थ्य परीक्षण करती है। इसमें कई प्रकार की बीमारियो की पहचान कर बच्चों का इलाज किया जाता है। इससे पूर्व भी टेढ़े-मेढ़े पैर,हृदय में छेद ,बच्चों में मोतियाबिंद जैसे प्रकरणों का उपचार किया गया है। गौरतलब है की कॉक्लियर इम्प्लांट एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ऐसे व्यक्ति को लगाया जाता है जिसके सुनने की क्षमता या तो नहीं है या एकदम कम है। इसमें एक हिस्सा बाहरी होता है जबकि दूसरा हिस्सा ऑपेरशन से कान के अंदर लगाया जाता है।निजी अस्पतालों में यह काफी महंगा होता है जिसकी लागत लाखों में हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दिया जा रहा पौष्टिक आहार
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के लगभग 52 हजार आंगन बाड़ी केन्द्रों में महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उनके पोषण संबंधित देख-भाल के लिए समझाइश दी जा रही है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को एनीमिया और कुपोषण मुक्त बनाने के लिए गांवों में महिला बाल विकास विभाग द्वारा सुुपोषण रथ के माध्यम से जागरूकता लाई जा रही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के समस्त जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्था प्रतिनिधि महिला स्व-सहायता समूहों, प्रबुद्ध वर्ग, विद्यार्थी वर्ग, सर्वाजनिक एवं निजी क्षेत्रों के निकायों के प्रतिनिधि एवं समस्त जनसमुदाय से अपील की है कि पोषण माह की गतिविधियों में पूरे उत्सह और ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया मुक्त बनाने सहभागी बने।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप 1 सितम्बर से 30 सितम्बर तक संचालित किए जा रहे हैं पोषण माह के दौरान इस वर्ष एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक पोषण आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदाय हेतु तकनीक का प्रयोग और समग्र पोषण पर ध्यान केंदित किया जा रहा है।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समूह बैठक में वजन त्यौहार के बारे में चर्चा की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं से चर्चा के दौरान 0 से 06 साल के बच्चे, किशोरी बालिकाओं की खान-पान और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बताया जा रहा है। महिला बाल विकास की योजना की जानकारी देने के साथ ही गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार भोजन में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है।
राष्ट्रीय पोषण माह के साथ ही 12 से 23 सितम्बर प्रदेश की आंगनबाड़ियों में वजन त्यौहार भी मनाया जाएगा। जिसके अंतर्गत बच्चों के वजन में बढ़ोत्तरी को मापने के साथ ही सामुदायिक जागरूकता का कार्य भी किया जाएगा। वजन त्यौहार के दौरान लिए गए बच्चों के वजन सहित अन्य विवरण को महिला और बाल विकास विभाग के मोबाइल ऐप पर दर्ज किया जाएगा। इसी तरह, पोषण माह के दौरान सुपोषण चौपाल, अन्नप्राशन दिवस, परिवार चौपाल, पोषण मेला, व्यंजन प्रदर्शन जैसे आयोजन पंचायत और शहरी क्षेत्रों में किए जा रहे हैं। पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में नारा लेखन, निबंध, चित्रकला और दीवार लेखन, स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही स्वस्थ बालक-बालिका प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ग्राम पंचायत के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों और शालाओं में पोषण वाटिका भी विकसित की जा रही है।
अब तक 5 करोड़ रुपए से अधिक राशि का कर चुकी हैं भुगतान
रायपुर /शौर्यपथ / बस्तर जिले के लोहान्डीगुड़ा ब्लॉक के धुरागांव की रहने वाली दशोमती कश्यप 2017 में गायत्री महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। दशोमती का समूह से जुड़ने का उद्धेश्य छोटी-छोटी बचत को जोड़कर कुछ बड़ा करने की थी। स्नातक की पढ़ाई कर चुकी दशोमती के पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं जो हमेशा दशोमती का मनोबल बढ़ाते हैं और उनके निर्णय का साथ देते हैं। दशोमती ने बताया समूह के माध्यम से बिहान के संपर्क में आने के बाद मुझे बीसी सखी योजना की जानकारी हुई जिससे मुझे लगा कि यह एक ऐसा कार्य है जिसमें मैं ग्रामीण एवं बुजुर्गों को बैंकिंग की सेवाएं देकर उन्हें सहयोग और सुविधा प्रदान कर सकती हूं। साथ ही अपनी भी कुछ अतिरिक्त आय कर सकती हूं। इसलिए जनवरी 2018 में वह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की बीसी सखी बन गयीं जिसमें उसे लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के चार ग्राम पंचायतों उसरीबेड़ा, धुरागांव, छिंदगांव एवं कोड़ेबेड़ा में बीसी सखी की सेवाएं देने का दायित्व सौंपा गया।
दशोमती बताती हैं कि उन्होंने बैंकिंग किस्योस्क के माध्यम से ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा करने एवं निकासी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा योजनाओं का लाभ पहुँचाया और विगत 5 वर्षों में वह 5 करोड़ रूपये से ज्यादा के लेनदेन कर चुकी हैं और करीब 20 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं जिससे लगभग 10 हजार मनरेगा श्रमिकों और 5 हजार से ज्यादा पेंशन हितग्राही लाभार्थी हुए हैं।
दशोमती सीएससी का भी कार्य करती हैं जिसमें उन्होंने 2000 आयुष्मान कार्ड, 1000 ई-श्रम कार्ड, 30 पेन कार्ड इत्यादि बनाये हैं साथ ही बिजली बिल का भुगतान भी करती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएससी की टेली-लॉ सेवा ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाकर करीब 5 हजार रूपये अतिरिक्त आमदनी अर्जित की हैं। वर्तमान में दशोमती अपने बैंक सखी के कार्यों से 4 हजार रुपये और सीएससी के कार्यों से 2 हजार रुपये प्रतिमाह कमाकर लगभग 6 से 7 हजार रुपये कमाती हैं और कहती हैं कि बिहान की वजह से वह ग्रामीण लोगों को बैंकिंग की सेवाओं के साथ-साथ सीएससी की भी सेवाएं पंहुचा रही हैं।
हादसे से परिवारों को कंपनी देगी 15-15 लाख रुपए
घायल को मिलेगा 3 लाख रूपए
प्रशासन की अनुमति के बिना प्लांट का नहीं हो सकेगा पुनः संचालन
रायपुर/शौर्यपथ / सरगुजा जिले के एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों को कंपनी द्वारा 15-15 लाख रूपए की मुआवजा दी जाएगी। इसी प्रकार घायलों को 3-3 लाख रूपए की राशि मिलेगी।
गौेरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा गत रविवार को एलुमिना प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे में पीड़ित परिवारों के साथ गहरी संवेदना जताते हुए जिला प्रशासन को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर सरगुजा द्वारा एलुमिना प्लांट हादसे की जांच के लिए जांच दल का गठन कर दिया गया है। कलेक्टर ने आज जांच दल के साथ एलुमिना प्लांट का निरीक्षण किया और कंपनी के अधिकारियों को हादसे में मृत और घायल परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि सौंपने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बताया कि इस औद्योगिक हादसे में प्रत्येक मृतक परिवार को 15-15 लाख रुपए और घायलों को 3-3 लाख रूपए की मुआवजा राशि कंपनी द्वारा दी जाएगी। कंपनी के अधिकारी 12 सितम्बर को प्रशासनिक टीम परिजनों को यह राशि सौंपेगी। उन्होंने बताया कि जांच दल द्वारा एलुमिना प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन हेतु कड़ाई से जांच की जा रही है। बिना प्रशासन की अनुमति के प्लांट का पुनः संचालन शुरू नहीं किया जायेगा।
गांव में बैंक सखी के माध्यम से मिल रही बैंकिंग सुविधाएं
दशोमती कश्यप ने पांच वर्षों में 5 करोड़ रुपए से अधिक राशि का कर चुकी हैं भुगतान
रायपुर/शौर्यपथ / राज्य के सुदूर वनांचलों में ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं मिल रही हैं। बैंकिंग सुविधाएं देने में बैंक सखियों का महत्वपूण योगदान है। जगदलपुर जिले के धुरागांव की रहने वाली बैंक सखी श्रीमती दशोमती कश्यप ने अपने गांव सहित आस-पास के चार गांवों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। विगत 5 वर्षों में वह 5 करोड़ रूपये से ज्यादा के लेनदेन कर चुकी हैं और करीब 20 हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं जिससे लगभग 10 हजार मनरेगा श्रमिकों और 5 हजार से ज्यादा पेंशन हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। वह आज अपने पैरो पर खड़ी है और गांव की अन्य महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
श्रीमती दशोमती कश्यप बताती हैं कि उन्होंने बैंकिंग किस्योस्क के माध्यम से ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा करने एवं निकासी, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति एवं सुरक्षा बीमा योजनाओं का लाभ पहुँचाया है। स्नातक की पढ़ाई कर चुकी दशोमती के पति पुलिस विभाग में कार्यरत हैं जो हमेशा दशोमती का मनोबल बढ़ाते हैं और उनके निर्णय का साथ देते हैं। दशोमती ने बताया गायत्री महिला स्व-सहायता समूह के संपर्क में आने के बाद उन्हें बीसी सखी योजना की जानकारी हुई। श्रीमती कश्यप ने बतया कि उन्हें महसूस हुआ कि यह एक ऐसा कार्य है जिसमें वह ग्रामीण एवं बुजुर्गों को बैंकिंग की सेवाएं देकर उन्हें सहयोग और सुविधा प्रदान कर सकती है। साथ ही उन्हें इससे अतिरिक्त आय भी मिलेगी। जनवरी 2018 में वह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की बीसी सखी बन गयीं। उनका कार्य ़क्षेत्र लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के चार ग्राम पंचायतों उसरीबेड़ा, धुरागांव, छिंदगांव एवं कोड़ेबेड़ा है।
दशोमती सीएससी का भी कार्य करती हैं जिसमें उन्होंने 2000 आयुष्मान कार्ड, 1000 ई-श्रम कार्ड, 30 पेन कार्ड इत्यादि बनाये हैं साथ ही बिजली बिल का भुगतान भी करती हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएससी की टेली-लॉ सेवा ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाकर करीब 5 हजार रूपये अतिरिक्त आमदनी अर्जित की हैं। वर्तमान में दशोमती अपने बैंक सखी के कार्यों से 4 हजार रुपये और सीएससी के कार्यों से 2 हजार रुपये प्रतिमाह कमाकर लगभग 6 से 7 हजार रुपये कमा लेती हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
