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कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने ध्वनि विस्तारक यंत्रो के प्रयोग के संबंध में जारी किया दिशा-निर्देश
बालोद/शौर्यपथ /भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के उपरांत जिले में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गया है। इसके फलस्वरूप कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने लोकसभा आम निर्वाचन के दौरान बालोद जिले में वनि विस्तारक यंत्रो के प्रयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के दौरान सभी राजनैतिक दल उनके कार्यकर्ता तथा उनसे सहानुभूति रखने वाले व्यक्ति अपने दल के प्रचार-प्रसार के लिये लाउडस्पीकरों का प्रयोग करते हैं। इन लाउडस्पीकरों का प्रयोग न केवल स्थाई मंच से होता है बल्कि वाहनों यथा ट्रक, टेम्पों, कारें, टैक्सियों, वैन, तिपहिया, स्कूटर, साइकिल, रिक्शा आदि पर होते हंै। ये वाहन सभी सड़कों, गलियों, उप गलियों पर चलते है और गांवों, बस्तियों, मोहल्लों, कालोनियों में भी बहुत ऊंची आवाज पर लाउडस्पीकरों से प्रसारण करते हुए जाते है। इससे ध्वनि प्रदषूण होता हैं और आम जनता की शांति व प्रशांति में बहुत बाधा उत्पन्न होती हैं। लाउडस्पीकरों की ऊँची आवाज के प्रयोग से विद्यार्थी वर्ग विशेष रूप से अशांत हो जाते है, क्योंकि उनकी पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होती हैं और चूंकि लाउडस्पीकर पर बहुत सुबह शोरगुल करना शुरू कर देते हैं और पूरा दिन इससे बुढ़ें, दुर्बल और बीमार चाहे वे किसी भी संस्था, अस्पताल आदि में हो या घर में हो, उन्हें बहुत बेचैनी होती है। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से पूरी तरह भिज्ञ हूँ कि निर्वाचन अवधि में लाउडस्पीकरों के प्रयोग को पूर्ण रूप से रोका नहीं जा सकता क्योंकि लाउडस्पीकर निर्वाचन प्रचार के एवं जन समूह संप्रेषण के साधनों मे से एक साधन है, लेकिन इसके साथ-साथ विषम समय एवं विषम स्थान पर लाउडस्पीकर के अविवेक पूर्ण तथा ऊंचे स्वरों पर अव्यवहारिक प्रयोग जिसकी शांति एवं अशांति पर कुप्रभाव पड़ता हो एवं सामान्यतः जन सामान्य एवं विशेषतः रोगियों एवं विद्यार्थी समुदाय की बेचैनी का कारण हो, की अनुमति नहीं दी जा सकती हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में हर पहुलओं पर विचार करने के उपरांत में छ.ग. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 के अंतर्गत् प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए रात्रि 10 से प्रातः 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का चलाया जाना अथवा चलवाया जाना पूर्ण रूप से निषिद्ध करता हूँ। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग चुनाव प्रसार करने के लिए वाहनों पर और चुनावी सभाओं में प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 तक ही किया जा सकेगा, किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे और मध्यम आवाज में ही चलाये जायेंगे। लोक शांति को देखते हुए लंबे चोंगे वाले माईक (हार्न माईक) का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता हैं। वाहनों पर और चुनावी सभाओं में एक से अधिक माईक समूह में नहीं लगाये जायेंगे। इन्हें भी प्रतिबंधित किया जाता हैं। चुनावी सभा में चुनाव प्रचार करने के लिए वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए अनुमति सम्पूर्ण बालोद जिला क्षेत्र हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अनुभाग क्षेत्र हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील क्षेत्र हेतु तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सुबह 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी तथा पुलिस चैकी क्षेत्र में संबंधित थानाध्चैकी प्रभारी की अनुमति लेकर सामान्यतः किया जा सकता है, किन्तु शैक्षणिक संस्थाओं, चिकित्सालयों व नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, शासकीय कार्यालय, छात्रावास नगर पालिका परिषद, जनपद पंचायत एवं किसी भी स्थानीय निकाय कार्यालयों, बैंकों, पोस्ट ऑफिस, दूरभाष केन्द्र आदि कार्यालयों से 200 मीटर की दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सामान्य स्थिति में भी पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। यह आदेश 16 मार्च से आगामी आदेश तक सम्पूर्ण बालोद राजस्व जिले में प्रभावशील रहेगा।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
