August 02, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    शारदेय नवरात्र आरम्भ : शुभ संयोग प्रथम दिवस मां शैलपुत्री का करे पूजन , जाने किस शुभ मुहूर्त में करे स्थापना

    माँ शैलपुत्री माँ शैलपुत्री shouryapath news
    • rounak group

     दुर्ग / शौर्यपथ / साल 2024 की शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ आज 3 अक्टूबर गुरुवार से आरम्भ हो रहा है . इस बार शारदेय नवरात्र में दो शुभ संयोग है. नवरात्रि के पहले दिन इंद्र योग और हस्त नक्षत्र है. कैलाश से मां दुर्गा का आगमन डोली में हुआ है. वे अपने पुत्र गणेश, कार्तिकेय और शिव गणों के साथ अपने मायके पृथ्व लोक पर आई हैं. मातारानी के भक्त मां दुर्गा का आह्वान करके कलश स्थापना कर उनका पूजन करेंगे. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. आज के दिन से 9 दिन के व्रत का प्रारंभ होता है. हालांकि कुछ लोग प्रथम दिन और अष्टमी के दिन व्रत रखते हैं. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त, भोग और महत्व के बारे में.

    शारदीय नवरात्रि 2024 पहला दिन
    अश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 3 अक्टूबर, गुरुवार, 12:18 ए.एम. से
    अश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि का समापन: 4 अक्टूबर, शुक्रवार, 2:58 ए.एम. तक
    उदयाति​थि के आधार पर शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 3 अक्टूबर को है. अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू होती है.
    नवरात्रि कलश स्थापना और पूजा मुहूर्त 2024
    सुबह: 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 22 मिनट तक
    दोपहर: 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक
    शारदीय नवरात्रि 2024 शुभ योग और नक्षत्र
    इंद्र योग: आज प्रात:काल से लेकर कल प्रात: 04:24 बजे तक
    हस्त नक्षत्र: आज प्रात:काल से दोपहर 3:32 बजे तक
    चित्रा नक्षत्र: आज दोपहर 3:32 बजे से कल शाम 6:38 बजे तक

    मां शैलपुत्री का प्रिय फूल
    प्रथम नवदुर्गा यानी मां शैलपुत्री को गुड़हल और कनेर का फूल बहुत प्रिय है. पूजा के समय ये फूल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

    मां शैलपुत्री का भोग
    देवी शैलपुत्री को गाय के दूध से बनी खीर या कोई सफेद मिठाई का भोग लगा सकते हैं. गाय के घी का भी भोग लगा सकते हैं.
    मां शैलपुत्री का पूजा का मंत्र
    1. ओम देवी शैलपुत्र्यै नमः
    2. वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
    वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
    3. ह्रीं शिवायै नम:

    मां शैलपुत्री की पूजा विधि
    पर्वराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री गौरवर्ण वाली, हाथ में त्रिशूल, कमल का फूल धारण करने वाली और बैल पर सवार होती हैं. उनके माथे की शोभा चंद्रमा बढ़ता है. कलश स्थापना के बाद आप मां शैलपुत्री की पूजा करें. देवी शैलपुत्री को अक्षत्, फूल, फल, मिठाई, धूप, दीप, नैवेद्य आदि चढ़ाएं. पूजा के समय मंत्र पढ़ें और भोग लगाएं. उसके बाद उनकी आरती करें.

    मां शैलपुत्री की पूजा के फायदे
    1. मां शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है.
    2. देवी शैलपुत्री की कृपा से व्यक्ति को मोक्ष भी मिलता है.
    3. यश, कीर्ति, धन और धान्य की प्राप्ति के लिए भी मां शैलपुत्री आशीर्वाद देती हैं.
    4. मां शैलपुत्री की कृपा से कुंडली का चंद्र दोष दूर होता है.

    Rate this item
    (0 votes)

    Latest from शौर्यपथ

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision