August 10, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    बस्तर में शराब दुकान की मनमानी, बेबस प्रशासन:MRP से ज्यादा रेट पर बेची जा रही शराब; बिल भी नहीं देते

    • doing of business

    नरेश देवांगन
      जगदलपुर / शौर्यपथ /आबकारी विभाग का काम अवैध शराब पर रोक लगाने और कार्यवाही करने का है, मगर शहर के शराब दुकानों में तय मूल्य से अधिक में बिक रही शराब को लेकर ऐसा लग रहा है जैसे अपनी ऊपरी कमाई के लिए विभाग ही अवैध शराब की बिक्री करा रहा हो? बस्तर जिले में शराब कारोबारी MRP को नहीं मानते। जिले भर में शराब MRP से काफी ज्यादा दाम पर बेंची जा रही है। बिल मांगने पर बिल भी नहीं दिया जाता। विभागीय सूत्रों की माने तो एक ही व्यक्ति के पास जिले की सारी दुकानों का ठेका होने के कारण मनमाने दामों पर शराब बेंची जा रही है। जबकि नियम अनुसार MRP से ज्यादा दाम पर कोई भी सामान बेचना कानूनन गलत है। यह उपभोक्ता अधिकारों के भी खिलाफ है। आबकारी विभाग भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं देता। वह पूरी तरह मौन है। कारवाही के नाम पर विभाग कच्ची शराब सहित कुछ अंग्रेजी शराब के कोचीयो को पकड़कर खुद की पीठ थपथपाता है । लेकिन विभाग द्वारा संचालित सरकारी दुकानों में सेल्स मेन खुलेआम मदिरा प्रेमियों को तय मूल्य से 20 से 40 रुपए वही कोचियों को अधिक पैसा लेकर थोक के थोक में शराब धड़ल्ले से बेच कर बस्तर के शराब प्रेमियों को चुना लगा रहे है। सरकार के सख्त हिदायतों के बावजूद शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ के शराब घोटाला को लेकर जाँच जारी है इस मामले पे लिप्त कई लोगो की गिरफ्तारी भी हुई है। वर्तमान में इस मामले पे आबकारी मंत्री कवासी लखमा कि गिरफ्तारी भी हुई है, इस मामले को लेकर ईडी की कार्यवाही जारी है। इतनी बड़ी कार्यवाही का खुलासा देख शराब प्रेमियों को भाजपा के सरकार पे भरोसा था की साय की सरकार में शराब प्रेमियों को अब नहीं ठगा जायेगा लेकिन यहाँ मामला उल्टा ही नजर आ रहा है, उनके सात फिर से वही व्यवहार किया जा रहा है। मामला जगदलपुर मे स्थित कंगोली अंग्रेजी शराब दुकान का है जहा नियमों को ताक पर रख कर यहाँ के मैनेजर सहित सेल्समेन धड़ल्ले से मदिरा प्रेमियों को तय मूल्य से अधिक लेकर उन्हें दिन रात ठग रहे है। बस्तर के आदिवासी मदिरा प्रेमियों को ठगने मे विभाग के मौन जिम्मेदार का हाथ भी है? शिकायत मिलने पर जिले के अधिकारी कार्यवाही नहीं करते साफ कह दिया जाता है की मौखिक पे कोई कार्यवाही नहीं होंगी लिखित शिकायत व साक्ष्य देना पड़ेगा ओर कोर्ट का भी चक्कर लगाना पड़ेगा।इससे ऐसा लग रहा है की जिम्मेदार  साय सरकार के सुशासन को कुशासन की दिशा में ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। एक समय ऐसा ना आ जाये की भाजपा की सरकार मे शराब घोटाला का आंकड़ा ज्यादा निकले? कंगोली अंग्रेजी शराब दुकान में मदिरा ले रहे शराब प्रेमीयों ने नाम नही छापने की सर्त पे बताया की शराब की बोतल पे तय मूल्य से  20 से 40 रुपए अधिक लिया जा रहा है जिसका उनको बिल भी नहीं दिया जाता है। इसका विरोध करने पर  दुकान के सेल्समेन के द्वारा गाली गलोच कर भगा दिया जाता है , ओर तो ओर दुकनो मे कुछ रॉयल स्टैग शराब पउआ बिक रही है जिसमे MRP ओर बैच नंबर नहीं है बावजूद इसके भी शराब को धड़ल्ले से बेचा जा रहा है I सबसे बड़ा सवाल यह है की बिना बेच नम्बर ओर एमआरपी के दारू कैसे बिक रही । स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि यह सब कुछ आबकारी विभाग  के अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है. शराब प्रेमियों का कहना है कि शराब ठेकेदार जहां ग्राहकों के जेब पर डाका डालकर बेहिसाब मुनाफा कमा रहे हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों की भी जेब भर रहे हैं। वही एक और शराब प्रेमी ने बताया की ओवर रेट का खेल दुकान में लगातार चल रहा है इसकी जानकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को भी है इसकी शिकायत कई बार की गई है लेकिन कर्यवाही नहीं होता । अब ऐसे में सोचने वाली बात है की छत्तीसगढ़ में करोड़ों के शराब घोटाला मामला अभी ख़तम भी नहीं हुआ है बावजूद इसके फिर से शराब की कालाबाजारी का सिलसिला चालू हो चूका है। अब देखने वाली बात यह है की इस खबर के प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते है या शासन प्रशासन मूकदर्शक बना देखता रहता है ?
    इस पुरे मामले मे ज़िला आबकारी अधिकारी चंद्रहास यदु से जानकारी चाही गई तो उन्होंने ऑन कैमरे बताने के लिए साफ मना किया वही कैमरे के पीछे रह कर श्री यदु ने साफ कह दिया की बिना MRP बिना बैच नंबर के शराब नहीं बेचा जा सकता यह गलत है, इसकी जाँच की जाएगी। वीडियो मान्य नहीं है, कोर्ट मे  शिकायत करता को विटनेस बनाना पड़ता है। जब मै महासमुंद मे था तब मैंने 106 कार्यवाही की थी जहा लोगो ने सक्षम कार्यवाही करते देखा  जहा मैंने तलाशी ली, दारू पकड़ा, दस्तखत करवाये , फोटो लिए लोगो का बयान लिया गया। बाद मे विटनेस कोर्ट मे जा के मुकर गए ओर आरोपी छूट गया। वैसे भी मेरे क्षेत्र अधिकार मे नहीं है मै कुछ नहीं करूँगा इंस्पेक्टर लोगो की जिम्मेदारी है, उनको पचास साठ हजार तनख्वाह मिलता है सभी दुकानों मे कार्यवाही व निरिक्षण के लिए इंस्पेक्टर नियुक्त है आप शिकायत आवेदन दीजिये मै आदेश करूँगा मामले पे जाँच कर प्रतिवेदन जमा करेंगे फिर कार्यवाही की जाएगी।
     130 MRP का क्वार्टर 150 में; 210 वाला बियर 250 में
    जिले में शराब ठेकेदार द्वारा किस कदर अपनी मनमानी की जा रही है, इसका अंदाजा शराब के दामों ने लगाया जा सकता है। हालात यह हैं कि 130 रुपये की MRP वाला शराब NV GROUP BESTO RARE WHISKY 180ML 150 रुपये में दिया जाता है। DRUK 11000 PREMIUM STRONG BEER 650ml की कीमत 240 रुपए है लेकिन 250 रुपए मे बेचा जा रहा है। वहीं PRESIDENT 5000 SUPER BEER 650ML MRP 210 वाला 250 रुपये में दिया जाता है। यानि MRP से 40 रुपये ज्यादा एक बोतल पर लिए जा रहे हैं। WHITE BLUE 180 ml की कीमत 250 रुपए है लेकिन 260 रुपये में दी जाती है। इसी तरह अलग-अलग ब्रांड के दाम अलग-अलग लिए जाते हैं। हर शराब MRP से ऊपर ही बेंची जाती है। ग्राहक अगर बिल मांगता है तो उसे बिल भी नहीं दिया जाता। मजबूरी में वह उसी दाम पर खरीदने के लिए विवश रहता है।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision