August 04, 2026
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    छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: 42 लाख उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत, सौर ऊर्जा की ओर बड़ा कदम Featured

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    स्थानीय उद्योग, निजी विश्वविद्यालय और रोजगार सुधारों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय

    रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के नागरिकों, उद्योग जगत और रोजगार क्षेत्र के लिए कई दूरगामी और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत देना रहा, जो सीधा 42 लाख परिवारों को लाभान्वित करेगा। साथ ही, स्थानीय लघु उद्योगों को संरक्षण, निजी विश्वविद्यालयों से जुड़ी व्यवस्था और दुकानों-स्थापनाओं के रोजगार प्रावधानों में भी महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी गई।

    बिजली बिल पर बड़ी राहत: मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) लागू
    कैबिनेट ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (M-URJA) को राज्य में 1 दिसंबर 2025 से लागू कर दिया गया है। इसके तहत—
    = अब 100 नहीं, 200 यूनिट तक बिजली बिल पर 50% छूट
    = राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50% छूट मिलेगी। यह लाभ 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी दिया जाएगा। 200 से 400 यूनिट उपभोग वाले 6 लाख उपभोक्ताओं को एक वर्ष तक राहत
    ग्राहकों को अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट तक 50% छूट का लाभ मिलेगा, ताकि इस अवधि में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित कर सकें। कुल 42 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे लाभान्वित
    M-URJA अभियान से प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता लाभ पाएंगे, जबकि पीएम सूर्यघर योजना का लाभ राज्य के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।

    सौर ऊर्जा को बढ़ावा—राज्य सरकार देगी अतिरिक्त सब्सिडी
    कैबिनेट ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है—
    1 किलोवाट सोलर प्लांट पर 15,000 सब्सिडी
    2 किलोवाट या उससे अधिक पर 30,000 सब्सिडी
    यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ को हाफ बिजली से फ्री बिजली की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगी।

    भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन—स्थानीय उद्योगों को बूस्ट
    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, 2002 में महत्वपूर्ण संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
    इन संशोधनों के परिणाम—स्थानीय सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से खरीद को प्रोत्साहन ,जेम पोर्टल में क्रय प्रक्रिया में स्पष्टता ,क्रय प्रक्रिया का सरलीकरण,अधिक पारदर्शिता,

    प्रतिस्पर्धा में वृद्धि,
    समय और संसाधनों की बचत-यह निर्णय राज्य के एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और बाजार विस्तार का अवसर है।

    निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी
    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप को स्वीकृति दी। यह संशोधन शिक्षा की गुणवत्ता, शासन व्यवस्था और निजी निवेश को नई दिशा देगा।

    दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन—रोजगार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन हेतु दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, 2025 के प्रारूप को अनुमोदित किया।
    इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार ,रोजगार सृजन को बढ़ावा ,व्यापारिक प्रतिष्ठानों के नियम अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बनेंगे
    मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों से छत्तीसगढ़ में ऊर्जा सुरक्षा, सौर ऊर्जा विस्तार, उद्योग विकास, उच्च शिक्षा के नियमन और रोजगार अवसरों को नया आयाम मिलेगा। कैबिनेट की यह बैठक राज्य को स्मार्ट, ऊर्जा-सक्षम और उद्योग समर्थ राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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