August 03, 2026
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    सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: दोषी ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट, अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय Featured

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    निर्माण के दौरान ही फील्ड में जाकर निरीक्षण के निर्देश • टेंडर से अवॉर्ड तक तय होगी समय-सीमा • आधुनिक डिजाइन से बनेंगे शासकीय भवन

    रायपुर ।

    प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

    निर्माण के दौरान ही हो गुणवत्ता की निगरानी

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क बनने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल तकनीकी परियोजना नहीं बल्कि आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य हैं। यदि सड़क कुछ वर्षों में ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।

    बागबहार–कोतबा सड़क की स्थिति पर जताई नाराजगी

    समीक्षा के दौरान बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बनी सड़क का जल्दी खराब होना गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की गहन जांच कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

    टेंडर प्रक्रिया में तय होगी समय-सीमा

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ठेकेदार बहुत कम दर (बिलो रेट) पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिससे कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    नियमावली और तकनीकी इकाई बनाने पर जोर

    मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने और अन्य राज्यों की बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें छत्तीसगढ़ में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए अलग इकाई बनाने पर भी विचार करने को कहा।

    300 गांवों को सड़क से जोड़ने को प्राथमिकता

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं जहां बरसात में संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। मुख्यमंत्री ने इन गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।

    महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की समीक्षा

    समीक्षा बैठक में कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिनमें

    मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 (लगभग 353 किमी)

    अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग

    गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग

    चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग

    रायपुर–दुर्ग मार्ग

    चिल्फी क्षेत्र की सड़कें

    सहित कई अन्य परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में पुल-पुलिया निर्माण और 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

    लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़ मार्ग पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण को भी अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी इससे लाभान्वित होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां वन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है वहां निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए।

    आधुनिक तकनीक से बनेंगे शासकीय भवन

    मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर शासकीय भवनों का निर्माण किया जाना चाहिए। भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। साथ ही राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और सरकार की छवि भी काफी हद तक सड़कों की गुणवत्ता से बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी कार्य समयबद्धता व गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाने चाहिए।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, सचिव श्री राहुल भगत तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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