August 03, 2026
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    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट के बड़े फैसले: धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को मंजूरी, कर्मचारी चयन मंडल बनेगा, पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर समाप्त Featured

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      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली और खेल अधोसंरचना जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा करते हुए विभिन्न विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना बताया गया है।

    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य राज्य में किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण जैसे माध्यमों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

    बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की स्वीकृति दी गई। ये प्रकरण मंत्रिपरिषद की उप-समिति की अनुशंसा पर वापस लेने का निर्णय लिया गया है।

    ऊर्जा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं के लिए अनुदान दरों के निर्धारण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत क्रेडा द्वारा स्थापित किए जाने वाले सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1 लाख 50 हजार रुपये का राज्य अनुदान प्रदान किया जाएगा। वहीं वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों में निविदा दर का 30 प्रतिशत या 1 लाख 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में दिया जाएगा। इसी तरह घरेलू बायोगैस संयंत्रों के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 2 से 6 घन मीटर क्षमता तक 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 से आगे सभी क्षमताओं के लिए 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र अनुदान प्रस्तावित किया गया है।

    कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत पंजीयन पर लगने वाले अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए संपत्ति के अंतरण पर स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत उपकर लगाया गया था। चूंकि वर्तमान में यह योजना संचालित नहीं है, इसलिए अतिरिक्त उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

    इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की।

    राज्य में सरकारी भर्तियों को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा, जो परीक्षा आयोजित करने और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को संचालित करेगा।

    भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करना है तथा परीक्षा में नकल या अन्य अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना है।

    बैठक में छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन से संबंधित विधेयक के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई, जिससे राजस्व प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

    खेलों के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस भूमि पर अत्याधुनिक क्रिकेट मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश में क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    मंत्रिपरिषद की इस बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, ऊर्जा विस्तार, भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

     

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    Last modified on Wednesday, 11 March 2026 07:14

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