
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर विकास की तेज उड़ान को तैयार • मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में 5वें स्थान पर • बीजापुर में बनेगा 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इन अनुदान मांगों में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अनुसूचित जनजाति विकास से जुड़े विभिन्न विभागों के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
पारित अनुदान मांगों के अंतर्गत कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रुपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रुपए तथा मत्स्य पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रुपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39 हजार 568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत सड़कों और पुलों के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रुपए, भवन निर्माण के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रुपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा के लिए 447 करोड़ 30 लाख रुपए, त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रुपए तथा नगरीय निकायों के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रुपए का प्रावधान भी शामिल है।
सदन में अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूल स्वरूप खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। राज्य की लगभग 70 से 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और प्रदेश एक जनजातीय बाहुल्य राज्य भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नवा रायपुर में विश्व स्तरीय जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की स्थापना कर उन जनजातीय नायकों को पहचान देने का प्रयास किया है, जिन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं मिल पाया था। इस संग्रहालय का अध्ययन करने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ भी आ रहे हैं।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि नक्सलवाद के कमजोर पडऩे के बाद बस्तर क्षेत्र अब विकास की तेज उड़ान भरने के लिए तैयार है। केंद्र और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से क्षेत्र में शांति और विकास का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष का बजट "संकल्प" थीम पर आधारित है और इसी संकल्प के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई गति दी जाएगी।
कृषि क्षेत्र के संबंध में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषि उन्नति योजना के माध्यम से किसानों से धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है। इसके साथ ही धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को प्रति वर्ष 10 हजार रुपए की आदान सहायता दी जा रही है, जिससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कम वर्षा वाले क्षेत्रों और पड़ती भूमि में मसूर, चना और तिवरा जैसी दलहनी फसलों के उन्नत बीज तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया गया था और अन्य जिलों में भी जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही किसानों को "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" जैसी तकनीकों के माध्यम से कम पानी में अधिक उत्पादन लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। मंत्री ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़ रुपए, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख रुपए, सूकर वितरण के लिए 5 करोड़ रुपए तथा बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य राष्ट्रीय स्तर पर छठे स्थान से बढ़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
अनुसूचित जनजाति विकास के संबंध में मंत्री ने बताया कि वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में आश्रम और छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। पिछले दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा बीजापुर में 500 सीटों वाला आवासीय प्रयास विद्यालय स्थापित किया जाएगा, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे।
सदन में अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में विधायक पुन्नूलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, लता उसेंडी, अंबिका मरकाम, भावना बोहरा और सावित्री मंडावी ने अपने विचार रखे। चर्चा के बाद सदन ने अनुदान मांगों को पारित कर दिया।
Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
