August 05, 2026
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    दशकों का अंधेरा टूटा: अबूझमाड़ के ईरपानार गाँव में पहली बार जली बिजली, विकास की नई सुबह

    • rounak group

    ₹56.11 लाख की लागत से हुआ ऐतिहासिक विद्युतीकरण, दुर्गम जंगलों के बीच टीम ने रचा नया कीर्तिमान

    रायपुर ।
    छत्तीसगढ़ के सुदूर और दुर्गम क्षेत्र Abujhmad के छोटे से गांव Irpanar Village में आखिरकार दशकों का अंधेरा टूट गया। वर्षों तक लालटेन और लकड़ी की रोशनी पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के घरों में जब पहली बार बिजली के बल्ब जले, तो गांव ने सिर्फ उजाला ही नहीं, बल्कि विकास की एक नई शुरुआत को महसूस किया।

    यह गांव जिला मुख्यालय Narayanpur से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन यहां तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं। कच्चे रास्ते, ऊंची पहाड़ियां, घने जंगल और कई स्थानों पर पैदल सफर—इन कठिन परिस्थितियों के बीच यह कार्य पूरा किया गया।


    घने जंगलों के बीच चला विकास का मिशन

    इस चुनौतीपूर्ण कार्य को Chhattisgarh State Power Distribution Company Limited के नारायणपुर संभाग ने प्राथमिकता से पूरा किया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में मिशन मोड में कार्य करते हुए गांव तक बिजली पहुंचाने में सफलता हासिल की।

    जिला कलेक्टर Namrata Jain ने बताया कि ईरपानार तक बिजली पहुंचाना सामान्य तकनीकी कार्य नहीं था। कई स्थानों पर बिजली के खंभे, तार और उपकरण पहुंचाने के लिए मशीनों के बजाय मानव श्रम और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग का सहारा लेना पड़ा। ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने समयबद्ध तरीके से लाइन विस्तार, पोल स्थापना और कनेक्शन का कार्य पूरा कर एक मिसाल पेश की।


    ₹56.11 लाख की लागत, पीढ़ियों तक मिलेगा लाभ

    ग्राम ईरपानार के विद्युतीकरण कार्य पर कुल ₹56.11 लाख की लागत आई। इस परियोजना के तहत गांव के परिवारों को पहली बार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया। यह पहल उस सोच का प्रतीक है, जिसमें अंतिम छोर पर बसे परिवार तक विकास का समान अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।


    अब बच्चों के सपनों को मिलेगा उजाला

    बिजली पहुंचने से गांव के बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। अब उन्हें रात में पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी मिलेगी। मोबाइल चार्जिंग जैसी सामान्य सुविधाएं, जो पहले संभव नहीं थीं, अब आसानी से उपलब्ध होंगी। पंखे, लाइट और छोटे घरेलू उपकरणों से ग्रामीणों का जीवन पहले से अधिक सहज होगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली आने से भविष्य में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार सुविधाएं और छोटे व्यवसायों के नए अवसर भी विकसित हो सकेंगे।


    पहली बार जले बल्ब, गांव में छाई खुशी

    जब गांव में पहली बार बिजली के बल्ब जले, तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार अपने घरों में स्थायी रोशनी देखी है। वर्षों से लालटेन और सीमित साधनों पर निर्भर जीवन अब तेजी से बदलने लगा है।

    ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और बिजली विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे गांव के इतिहास का स्वर्णिम दिन बताया।


    अबूझमाड़ में विकास की नई शुरुआत

    ईरपानार की सफलता अब पूरे अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद बन गई है। प्रशासन द्वारा अन्य दूरस्थ गांवों को भी प्राथमिकता के आधार पर बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    यह सिर्फ बिजली पहुंचने की कहानी नहीं, बल्कि विकास की उस नई रोशनी की शुरुआत है, जो अबूझमाड़ के दूरस्थ गांवों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी।

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