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June 15, 2026
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शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने का आह्वान, मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखा पत्र

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16 से 27 जून तक चलेगा विशेष अभियान, “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे” लक्ष्य को साकार करने जनसहभागिता पर जोर

  रायपुर । छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ शिक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से शाला प्रवेश उत्सव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने 16 से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले “शाला प्रवेश उत्सव” के सफल संचालन हेतु मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान से जुड़ने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की उन्नति का सबसे मजबूत आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना तथा नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके नामांकन में सहयोग करने का आग्रह किया, जो अब तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी, जिससे शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पीएम श्री विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण तैयार किया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2026 से प्रदेश में 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो।

हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा का अधिकार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की व्यापक भागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाया जा सकेगा तथा प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य हासिल होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगा।

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