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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

अम्बेडकर चौक से रूद्री चौक तक फोरलेन, गौरवपथ और पेयजल इंटेकवेल निर्माण की बड़ी घोषणाएं
सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री

  धमतरी / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ "बस्तर मुन्ने" और "नियद नेल्लानार 2.0" अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने "मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान" का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर "ड्रीम कॉरिडोर" वीडियो एवं "मां अभियान" की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

   दुर्ग । शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी एवं भाजपा पार्षद निलेश अग्रवाल एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार मामला वर्षों पुराने भूमि सौदे और सीमांकन विवाद से जुड़ा है, जिसमें राजनीतिक प्रभाव, प्रशासनिक दबाव और सत्ता के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। पूरे घटनाक्रम ने न केवल राजस्व प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भाजपा की स्थानीय छवि को भी प्रभावित करने वाली स्थिति निर्मित कर दी है।

भूमि स्वामी रजत सुराना ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में उन्होंने पवन अग्रवाल से खसरा नंबर 80/3 की भूमि खरीदी थी। इसी खसरा नंबर की भूमि कई अन्य लोगों को भी वर्षों पहले बेची जा चुकी है। उस समय खरीदारों के आवागमन के लिए लगभग 30 फीट और 60 फीट चौड़ी सड़क छोड़ी गई थी, जिसका उपयोग आज भी रहवासी कर रहे हैं।

आरोप है कि अब पवन अग्रवाल के पुत्र और भाजपा पार्षद निलेश अग्रवाल उक्त सड़क-रास्ते की भूमि को रजत सुराना की भूमि खसरा नंबर 80/352 में समायोजित कराने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि पूर्व में स्वयं पवन अग्रवाल विभिन्न राजस्व प्रकरणों में यह स्वीकार कर चुके हैं कि उक्त बची हुई भूमि सड़क-रास्ते के रूप में उपयोग में है।

सत्ता का प्रभाव या प्रशासनिक निष्पक्षता पर दबाव?

शहर में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि भाजपा पार्षद होने और सत्ता से निकटता के कारण निलेश अग्रवाल प्रशासनिक तंत्र पर प्रभाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि वे स्वर्गीय हेमचंद यादव के पुत्र भाजपा नेता जीत यादव के करीबी माने जाते हैं, जिनकी प्रदेश स्तर तक मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। हालांकि जीत यादव की राजनीति में साफ-सुथरी छवि मानी जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निलेश अग्रवाल को लेकर लगातार विवाद सामने आने से भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी असहज स्थिति निर्मित हो रही है।

सूत्रों के अनुसार, महापौर अलका बाघमार से करीबी संबंधों को लेकर भी प्रशासनिक दबाव की चर्चाएं तेज हैं। सीमांकन प्रक्रिया के दौरान जिस प्रकार आपत्तियों और दस्तावेजों को लेकर विवाद सामने आया, उसने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

स्वास्थ्य प्रभारी के कार्यकाल पर पहले से उठते रहे हैं सवाल

निलेश अग्रवाल वर्तमान में दुर्ग निगम में स्वास्थ्य प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में शहर की सफाई व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में रही है। शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर, बदबूदार वातावरण और अव्यवस्था को लेकर आम नागरिकों में नाराजगी बनी हुई है। वार्ड के स्थानीय निवासियों द्वारा भी निष्क्रियता और जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

ऐसे में अब भूमि विवाद में उनका नाम सामने आने से विपक्ष को भाजपा और निगम प्रशासन पर निशाना साधने का अवसर मिल गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह विवाद भाजपा की छवि को स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है।

निष्पक्ष जांच की मांग तेज

भूमि स्वामी रजत सुराना ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि पूरे सीमांकन प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा वास्तविक सड़क-रास्ते की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में पृथक दर्ज किया जाए। साथ ही विवादित प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और राजनीतिक हस्तक्षेप की भूमिका की भी जांच की मांग उठ रही है।

फिलहाल यह मामला केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सत्ता, प्रशासन और राजनीतिक प्रभाव के उपयोग को लेकर दुर्ग की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

  रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित और नागरिक केंद्रित आपात सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह 18 मई को “नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112 एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस 2.0)” का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विधि विज्ञान प्रयोगशाला की मोबाइल वाहन सेवा का भी उद्घाटन किया जाएगा।
कार्यक्रम से पहले प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने 17 मई को आयोजन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
स्मार्ट सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
“नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112” को छत्तीसगढ़ में स्मार्ट प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस एकीकृत प्रणाली के माध्यम से पुलिस सहायता, अग्निशमन सेवा, चिकित्सीय आपात सहायता, महिला हेल्पलाइन, बाल हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन सहायता तथा राजमार्ग आपात सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। नई व्यवस्था से नागरिकों को अधिक तेज, समन्वित और प्रभावी आपात सहायता मिल सकेगी।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी व्यवस्था
नई प्रणाली में केंद्रीकृत नियंत्रण एवं कमांड सेंटर, जीपीएस आधारित आपात वाहन, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित वास्तविक समय निगरानी, कॉल स्थान की स्वतः पहचान प्रणाली तथा तकनीक आधारित त्वरित प्रेषण प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की गई हैं।
इस उन्नत व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता, चिकित्सीय आपात स्थितियों और अन्य जनसंकटों में प्रशासन की प्रतिक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।

अब पूरे प्रदेश में मिलेगी सुविधा
वर्ष 2018 से संचालित डायल-112 सेवा के माध्यम से अब तक लाखों नागरिकों को आपात सहायता प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में यह सेवा प्रदेश के 16 जिलों तक सीमित है, लेकिन “नेक्स्ट जनरेशन सीजी डायल-112” लागू होने के बाद इसे छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल प्रदेश में आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा एवं त्वरित सहायता व्यवस्था को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

   रायपुर / शौर्यपथ / “अपना पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नए जीवन की मजबूत नींव होता है।” धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के दौरान यह भाव उस समय जीवंत हो उठा, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर उनके वर्षों पुराने सपनों को साकार किया। सुशासन तिहार में भाटगांव की हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव एवं श्रीमती लता साहू को मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आवास की चाबी प्रदान की गई। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले इन परिवारों के लिए यह क्षण केवल एक सरकारी योजना का लाभ मिलने भर का नहीं था, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व से भरे नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
हितग्राही श्रीमती कुमारी यादव ने बताया कि बरसात के दिनों में उनका परिवार लगातार परेशानियों का सामना करता था। कच्चे घर की टपकती छत और कमजोर दीवारों के कारण बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
इसी प्रकार श्रीमती लता साहू ने कहा कि पहले हर मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई दिशा दी है।
इस अवसर पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

अम्बेडकर चौक से रूद्री चौक तक फोरलेन, गौरवपथ और पेयजल इंटेकवेल निर्माण की बड़ी घोषणाएं
सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री

    धमतरी / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों को 465 करोड़ रुपये की लागत के 102 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 423 करोड़ 52 लाख 56 हजार रुपये लागत के 52 कार्यों का भूमिपूजन तथा 41 करोड़ 50 लाख 48 हजार रुपये से अधिक लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले में सड़क, पेयजल, नगरीय अधोसंरचना और जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान की कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 1 मई से 10 जून तक आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव में क्लस्टरवार शिविर लगाकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में सुशासन तिहार के साथ “बस्तर मुन्ने” और “नियद नेल्लानार 2.0” अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं तथा जरूरतमंदों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जनसहभागिता का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर “ड्रीम कॉरिडोर” वीडियो एवं “मां अभियान” की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन धमतरी एवं लर्निंग जॉय बेंगलुरु के मध्य एमओयू किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धमतरीवासियों को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने अम्बेडकर चौक धमतरी से रूद्री चौक तक फोरलेन सड़क निर्माण, धमतरी में पेयजल हेतु इंटेकवेल निर्माण, रानी दुर्गावती चौक से बिलाईमाता मंदिर तक गौरवपथ निर्माण, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरूद भवन के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा पीएमश्री स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
कार्यक्रम में सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, रायपुर संभाग के कमिश्नर श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 

अहमदाबाद । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद स्थित राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान (एनआईडी) में नवाचार एवं उद्यम संवर्धन केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल तथा कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि डिज़ाइन केवल एक विधा नहीं, बल्कि रचनात्मकता, कला और प्रस्तुति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनआईडी का उद्देश्य देश में डिज़ाइन संस्कृति को बढ़ावा देना तथा इसकी व्यावसायिक संभावनाओं को शत-प्रतिशत विकसित करना है।

गृह मंत्री ने कहा कि भारत में डिज़ाइन की परंपरा सदियों पुरानी है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने और नए स्वरूप में विकसित करने की है। उन्होंने पाटन के प्रसिद्ध पटोला शिल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय कला और डिज़ाइन में वैज्ञानिक सोच और बारीकी पहले से मौजूद है।

श्री शाह ने कहा कि अब एनआईडी को अर्धचालक चिप, उच्च तकनीकी डिज़ाइन और आधुनिक औद्योगिक परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में भी अपनी भूमिका बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि नवाचार एवं उद्यम संवर्धन केंद्र युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को करियर में बदलने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डिज़ाइन से जुड़े युवाओं को केवल रचनात्मकता ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक समझ और बाज़ार से जोड़ने की दिशा में भी काम करना होगा, ताकि देश में डिज़ाइन क्षेत्र की पूरी क्षमता का लाभ मिल सके।

गृह मंत्री ने कहा कि संगीत, कला, लेखन या डिज़ाइन— किसी भी प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए उसे पेशे के रूप में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनआईडी आने वाले समय में भारत को वैश्विक डिज़ाइन और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

हेग/नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा भारत की वैश्विक कूटनीति में एक नए अध्याय के रूप में उभरी है। हेग स्थित डच प्रधानमंत्री आवास कैटश्यूस में…

 

दुर्ग, ।
न्यू आदर्श नगर, जोन-3 मार्ग क्रमांक 8 में शुक्रवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। क्षेत्र की बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाओं ने वट (बरगद) वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में विधि-विधान से पूजा संपन्न की तथा वट वृक्ष पर जल अर्पित कर रोली, अक्षत, फल एवं पूजा सामग्री चढ़ाई।

कच्चे सूत से बांधा अटूट विश्वास

पूजन के पश्चात महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटा। यह परंपरा पति-पत्नी के अटूट रिश्ते, विश्वास और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।
पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

सावित्री-सत्यवान की कथा का हुआ वाचन

व्रत के दौरान महिलाओं ने माता सावित्री एवं सत्यवान की कथा का श्रवण और वाचन किया। कथा में माता सावित्री के अदम्य साहस, तप और अपने पति के प्रति अटूट प्रेम का उल्लेख किया गया, जिन्होंने यमराज से भी अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

क्षेत्र में दिखा उत्साह और धार्मिक उल्लास

इस अवसर पर सरिता ठाकुर, स्वेता बक्शी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा तथा महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दीं।

“हर वार्ड में कमल खिलाकर बनाएंगे ट्रिपल इंजन सरकार” – भाजपा नेतृत्व

राजनांदगांव।
आगामी नगर पंचायत चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक तैयारियों को तेज करते हुए घुमका नगर पंचायत के लिए 15 पार्षद प्रत्याशियों की अधिकृत सूची जारी कर दी है।
यह सूची भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय तथा जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत की सहमति से चुनाव संचालन समिति द्वारा घोषित की गई।

भाजपा जिला मीडिया सेल के अनुसार प्रत्याशियों के चयन में संगठन ने कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनाधार, सामाजिक समीकरण और स्थानीय स्वीकार्यता को प्रमुख आधार बनाया है।

वार्डवार भाजपा प्रत्याशियों की सूची

  • वार्ड क्रमांक 1 – श्रीमती इन्द्राबाई वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 2 – किशन सिंह चंदेल
  • वार्ड क्रमांक 3 – देवेन्द्र बघेल
  • वार्ड क्रमांक 4 – शैलेन्द्र वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 5 – रूपनारायण साहू
  • वार्ड क्रमांक 6 – दिलीप पटेल
  • वार्ड क्रमांक 7 – गोबिंदा यादव
  • वार्ड क्रमांक 8 – बहल राम वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 9 – श्रीमती निशा वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 10 – रोशन वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 11 – खिलेश यादव
  • वार्ड क्रमांक 12 – सुनिता गंगेश्वर वर्मा
  • वार्ड क्रमांक 13 – श्रीमती लोकेश्वरी पात्रे
  • वार्ड क्रमांक 14 – आलोक कुमार भारती
  • वार्ड क्रमांक 15 – श्रीमती रुखमणी वर्मा

भाजपा ने जीत का किया दावा

जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत एवं चुनाव संयोजक मधुसूदन यादव ने कहा कि सभी घोषित प्रत्याशी पार्टी के समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं, जो जनता के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा सभी 15 वार्डों में जीत दर्ज कर घुमका नगर पंचायत में “ट्रिपल इंजन सरकार” बनाएगी और विकास की नई गाथा लिखेगी।

भाजपा की सूची जारी होने के बाद घुमका नगर पंचायत चुनाव में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं।

 

राजनांदगांव, ।
जिले में अवैध खनन और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक अनोखी और सराहनीय पहल की है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देश पर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ऑक्सीजोन क्षेत्र में अवैध रूप से जमा की गई लगभग 54 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत को पुनः शिवनाथ नदी में डालकर प्राकृतिक संतुलन बहाल करने की कार्रवाई की।

यह कार्रवाई ग्राम पंचायत भंवरमारा के सरपंच, वार्ड क्रमांक 51 हरदी के पार्षद तथा स्थानीय ग्राम प्रमुखों की मौजूदगी में की गई। प्रशासन की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

अवैध खनन पर प्रशासन का शिकंजा

कुछ दिन पूर्व खनिज एवं राजस्व विभाग ने ऑक्सीजोन स्थित शिवनाथ नदी क्षेत्र में अवैध रूप से भंडारित रेत के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर वाहन जप्त किया था। जांच में सामने आया कि भंवरमारा निवासी अविनाश सोनी द्वारा शिवनाथ नदी से अवैध उत्खनन कर रेत का भंडारण किया गया था।

प्रशासन ने अब उस अवैध रेत को वापस नदी में डालकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऑक्सीजोन का सौंदर्य और पर्यावरण रहेगा सुरक्षित

प्रशासन के अनुसार ऑक्सीजोन क्षेत्र जिले के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय स्थलों में शामिल है। अवैध रेत भंडारण से वहां की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो रही थी। रेत को हटाकर क्षेत्र को पुनः सुरक्षित और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि
“प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”

पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनी कार्रवाई

जहां आमतौर पर जप्त रेत को नीलामी या अन्य प्रक्रिया में उपयोग किया जाता है, वहीं राजनांदगांव प्रशासन ने उसे पुनः नदी में डालकर एक अभिनव उदाहरण पेश किया है। इस कदम को पर्यावरण संरक्षण और जनहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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