August 16, 2026
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    बिलासपुर

    बिलासपुर (228)

    मुंगेली /शौर्यपथ/ 

    कलेक्टर  अजीत वसंत और जिले के पुलिस अधीक्षक  डी. आर. आंचला ने आज संयुक्त रूप से जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जिले के आमजनों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनी और नियमानुसार त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। जनदर्शन कार्यक्रम में ग्राम मोहभट्ठा के  संतोष कुमार ने कृषि कार्य हेतु बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने, ग्राम पंचायत मोहभट्ठा के सरपंच द्वारा तालाब में पानी भरने हेतु बोर खनन, ग्राम नवरंगपुर के  राजकुमार लोनिया ने स्वयं की भूमि का नामांतरण, ग्राम नवापारा के शत्रुहन लाल ने ऋण पुस्तिका प्राप्त करने, ग्राम मोहभट्ठा के  विनोद यादव ने मुआवजा राशि दिलाने एवं ग्राम बुचवाकापा के  रमेश कुमार व बलराम ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने संबंधी आवेदन साैंपे। इसी प्रकार अन्य आवेदकों ने भी अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन कलेक्टर को सौंपे। कलेक्टर  वसंत ने कहा कि सभी आवेदनों का जांच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही किया जाएगा। उन्होंने वहां उपस्थित संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्राप्त आवेदन पत्रों का नियमानुसार त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर  तीर्थराज अग्रवाल, एस.डी.एम. मुंगेली  अमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    मुंगेली /शौर्यपथ/

    कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर संयुक्त कलेक्टर तीर्थराज अग्रवाल ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने समय सीमा के लंबित प्रकरणों को निर्धारित अवधि में निराकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अगले माह जिले के प्रवास पर रहेंगे । इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ग्रामीणों से उनकी समस्या, मांग, सुझाव के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेंगे। अतः संयुक्त कलेक्टर अग्रवाल ने जिले सभी के अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निवर्हन गंभीरता से करने के साथ ही अधीनस्थ मैदानी अमले को भी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम एवं बचाव हेतु की जा रही टीकाकरण के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जिले में 12 से 14 साल के लगभग 40 हजार बच्चों को 23 मार्च को कोविड-19 रोधी कार्बिवैक्स वैक्सीन लगाया जाएगा। इस दौरान वैक्सीन लगवाने वाले बच्चों को किसी भी प्रकार तकलीफ न हो इसका पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने प्राप्त वैक्सीन की डोज, वैक्सीनेटरों की संख्या, वैक्सीनेटर केन्द्र, बच्चों की संख्या और की गई व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मानचित्र में रामायण मण्डली का प्रमुख स्थान है। इस हेतु रामायण मण्डलियोें को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता 24 मार्च को तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 25 मार्च को किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विजयी रामायण मण्डलियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 08 अप्रैल से 10 अप्रैल तक प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पौराणिक नगरी शिवरीनारायण में होगा। इस संबंध में उन्होंने संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। इसी तरह उन्होंने हितग्राहियों को जारी राशनकार्डों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने राशनकार्ड हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण उपरांत संबंधितों को शीघ्र राशनकार्ड जारी करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन वितरण, राजीव युवा मितान क्लब का गठन, गोबर खरीदी एवं भुगतान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन, गौठानों में आयमूलक गतिविधियों का संचालन, ग्राम पंचायत सचिवों की उपस्थिति, हैंडपम्पों एवं नल जल योजना का सुचारू संचालन, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग में मैदानी अमलों की उपस्थिति एवं क्षेत्र भ्रमण, खाद एवं बीज की उपलब्धता आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उन्होंने सभी सेवाओं के सुचारू संपादन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी. एस. राजपूत, संयुक्त कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवीन भगत, सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    गौरेला पेंड्रा मरवाही /शौर्यपथ/

    छत्तीसगढ़ के 28 वें जिले के रूप में नव गठित जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही केे लोगों को गौरेला-केंवची-बिलासपुर मार्ग पर गौरेला के पास रेल्वे ओेवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण होने से रेल्वे क्रासिंग पर बाधा रहित आवागमन की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग द्वारा ब्रिज का कार्य 25 फरवरी 2019 को पूर्ण कर लिया गया था, जबकि रेल्वे द्वारा ब्रिज का निर्माण 5 जून 2020 को पूर्ण किया गया। लोक निर्माण विभाग और रेल्वे को मिलाकर ब्रिज निर्माण की कुल लागत 76 करोड़ 81 लाख रूपए है। आरओबी की कुल लम्बाई लगभग 2.4 किलोमीटर और चौड़ाई 12.90 मीटर है।

    बिलासपुर /शौर्यपथ/

    राज्यपाल महामहिम अनुसूईया उइके शनिवार 12 मार्च को एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंच रही हैं। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार उइके दोपहर 12.15 बजे राजभवन रायपुर से सड़क मार्ग से होकर बिलासपुर के लिए रवाना होंगी। वे अपरान्ह 2.30 बजे एसईसीएल गेस्ट हाऊस बिलासपुर पहुचेगी अल्पविश्राम के बाद दोपहर 2.50 बजे बहतराई के लिए रवाना होकर 3 बजे बी.आर.यादव एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम पहुॅचेंगी और कार्यक्रम में शामिल होंगी। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम 5.10 बजे रवाना होकर 5.20 बजे एसईसीएल गेस्ट हाऊस पहुंचेगी। इसके बाद शाम 5.30 बजे बिलासपुर से राजभवन रायपुर के लिए रवाना हो जायेंगी।

    बिलासपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों व सुदूर वनांचलों में अंतिम छोर के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना से हजारों ग्रामीण लाभान्वित हो चुके हैं। हाट बाजारों में ही ईलाज की सुविधा मिल जाने से यह योजना ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीें की थी, उन्हें स्थानीय हाट बाजार में ही ईलाज की सुविधा मिल जाएगी। जिले में इस वर्ष अब तक 24 हाट-बाजारों में 720 मोबाइल क्लीनिक लगाकर लगभग 87 हजार 928 ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं निःशुल्क दवाईयां प्रदान की गई है, इनमें 42 हजार 385 महिलाएं और 45 हजार 543 पुरूष शामिल हैं।

    छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता वाले योजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों में लगने वाले मुख्य हाट बाजारों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं, जहां चिकित्सक अपने स्टाफ के साथ उपस्थित रहते हैं और मरीजांे का इलाज करते हैं। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना के तहत जिले में आवश्यकता अनुरूप तथा गांवों से स्वास्थ्य केन्द्र की दूरी के आधार पर 24 हाट बाजारों का चिन्हांकन किया गया है। प्रत्येक हफ्ते डेडिकेटेड टीम के माध्यम से इन हाट बाजारों में आने वाले ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा उन्हें आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    प्रत्येक हाट-बाजार में चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स अथवा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फॉर्मासिस्ट तथा पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता होते हैं। हाट-बाजारों के लिये डेडिकेटेड वाहन उपलब्ध कराये गये हैं जिनमें सभी प्रकार की आवश्यक औषधियां उपलब्ध रहती हैं। हाट-बाजार पहुंचने पर मोबाइल एप के माध्यम से लोकेशन मैपिंग की जाती है ताकि विभाग के अधिकारी को टीम के भ्रमण की सही जानकारी मिल सके। प्रत्येक दिन हाट-बाजार की समाप्ति पर लाभान्वितों की संख्या को एप के माध्यम से दर्ज किया जाता है।

    इस वर्ष अब तक बिल्हा विकासखंड के 6 हाट बाजारों में 169 टीमों के माध्यम से 24 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। इसी तरह कोटा के 6 हाट-बाजारों में 169 टीमों द्वारा 17 हजार 786 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। मस्तूरी के 6 हाट बाजारों में 198 टीमों द्वारा 23 हजार 41 मरीजों का उपचार किया गया तथा तखतपुर के 6 हाट बाजारों में  184 टीमों द्वारा 23 हजार 90 मरीजों को लाभान्वित किया गया। क्लीनिक में सामान्य मरीजों की जांच कर दवाईयां दी जाती है, वहीं गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें रेफर भी किया जाता है। 25 फरवरी को मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा जिले में आयोजित कार्यक्रम में चार एम्बुलेंस इस योजना के तहत विकासखंडों को प्रदाय किया गया है। इससे अब प्रति विकासखंड 12 एवं कुल 48 हाट बाजार में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का संपादन किया जा सकेगा।

     

    बिलासपुर /शौर्यपथ /

    जिला पंचायत सीईओ हरिश एस. ने आज विकासखण्ड मुख्यालय मस्तुरी में संचालित स्वामी आत्मानंद इग्लिश स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल में बच्चों के लिए जुटाई गई सुविधाओं का जायजा लिया । लाईब्रेरी, लैब, कम्प्यूटर कक्ष को तीन दिनों में सुसज्जित करने के निर्देश दिये। ज्ञातव्य है कि उक्त इंतजाम के लिए सामग्रियां खरीद ली गई हैं,लेकिन भण्डार में रखी हुई हैं। सीईओ ने भवन के सभी कमरों का गहन निरीक्षण किया और दीवार में आई हल्की दरारों की मरम्मत एवं डिजाईन को सुधार करने को कहा है। स्कूल में अंग्रेजी मीडियम के 644 एवं हिन्दी माध्यम के 954 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। भवन एवं इसके परिसर की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। परिसर की खाली जगहों पर पौधरोपण की तैयारी करने को भी कहा है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी डी.के.कौशिक, सहायक संचालक  चोपड़े, तहसीलदार वैष्णव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    गौरेला पेंड्रा मरवाही /शौर्यपथ/

    आज के मशीन युग में खाद्य प्रसंस्करण का कार्य आसान जरूर हो गया है, लेकिन उसकी पोषक गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ढेंकी से परंपरागत रूप से प्रसंस्कृत चावल जहां पोषक गुणों से भरपूर है वहीं ढेंकी पद्धति रोजगार का जरिया भी बना है। आज की पीढ़ी को शायद पता नही होगा कि ढेंकी क्या होता है। ढेंकी धान कूटने के लिए लकड़ी का बना एक परंपरागत औजार है, जिसे स्थाई रूप किसी स्थान विषेश पर स्थापित किया जाता है। ढेंकी के अग्रभाग में लोहा युक्त मूसर लगा रहता है जिससे धान की कुटाई होती है तथा पिछले भाग को पैर से चलाते है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृण करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहें है। इसी कड़ी में ढेंकी से चावल प्रसंस्करण भी महिलाओं के लिए रोजगार का साधन बना है। मुख्यमंत्री की पहल पर मरवाही विकासखंड के ग्राम दानीकुण्ड़ी में वन-धन महिला स्व-सहाहयता समूह की महिलाओं द्वारा पुराने पद्धति ढेंकी को अपनाते हुए एक नई दिशा में काम कर रही हैं और अच्छी खासी कमाई भी कर रही है। ढेंकी से चावल प्रसंस्कृत कर महिलायें 15 से 25 रूपए प्रति किलोग्राम तक कमाई कर रही हैं । एक दिन में प्रति महिलायें 20 से 30 किलोग्राम तक प्रसंस्कृत कर ले रही हैं जिससे वे रोजना 300 से 500 रूपए तक कमा ले रहीं हैं। समूह की महिलाए स्थानीय किसानों से 35 से 40 रूपए प्रति किलो की दर से धान खरीदती है। प्रसंकृत चावल को 110 से 130 रूपए प्रति किलो की दर से दानीकुंडी के अलावा विविध सुविधा सह-मूल्य संवर्धन केन्द्र बिलासपुर, रायपुर, मनेन्द्रगढ, कोरबा, बिजुरी आदि स्थानों पर विक्रय किया जाता है।
    ढेंकी से धान की कुटाई से हानिकारक रासायन अलग हो जाते हैं और चावल पोषक गुणो से भरपूर होता है। ढेंकी द्वारा कुटाई से प्रोटीन अपने मूल स्तर से लगभग दस से बारह प्रतिशत पर सुरक्षित रहती है। साथ ही फाइबर विटामिन, कैल्शियम, आयरन, थायमीन, मिनरल्स, एमीनो एसिड, टोकाफिरोल, टोकोट्रिनोल, ऑरिजेनाल आदि पोषक तत्व यथावत उपस्थित रहते हैं, जबकी मिलिंग प्रक्रिया में पालिस होने से इनके अधिकांश भाग का क्षरण हो जाता है, केवल कार्बाेहाइड्रेड, वसा आदि ही शेष रहतें हैं। ढेंकी प्रसंस्कृत चावल में माइकोन्यूट्रिएंटस की उपलब्धता अधिक रहती है, जो कि सेहत के लिये स्वास्थ्यवर्धक होता है।

    मुंगेली /शौर्यपथ/

    जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम झझपुरीकला के गौठान में कार्यरत् गायत्री महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए कड़कनाथ मुर्गी का पालन आय का जरिया बना है। समूह की महिलाएं कड़कनाथ मुर्गी से प्राप्त अण्डे का विक्रय कर लगभग 900 रूपये प्रतिदिन आमदनी प्राप्त कर रही हैं। गायत्री महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि समूह में लगभग 10 महिलाएं कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम झझपुरीकला में गौठान स्वीकृति उपरांत सामुदायिक मुर्गी शेड का निर्माण किया गया एवं मुर्गी पालन हेतु ग्राम गौठान समिति द्वारा उनकी समूह का चयन किया गया तथा मुर्गी पालन का कार्य दिया गया। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा से शेड एवं डीएमएफ मद से कुक्कुट आहार तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रदाय की गई। पशु धन विकास विभाग द्वारा प्रशिक्षण उपरांत बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना अंतर्गत 450 कड़कनाथ के चूजे व चूजे के लिए पॉच माह का आहार प्रदाय किया गया। समूह की महिलाओं ने बताया कि लगभग 05 माह होने के उपरांत अतिरिक्त नर मुर्गों का विक्रय किया गया। समूह के पास वर्तमान में 150 मुर्गियां एवं 20 मुर्गे उपलब्ध हैं। सभी 150 मुर्गियां अंडे प्रदाय योग्य हो गई हैं और प्रतिदिन समूह को 55 से 60 अंडे प्राप्त हो रही है। उन्होंने  बताया कि क्षेत्र में कड़कनाथ के अंडों की अत्यधिक मांग होने से 15 रूपए प्रति नग की दर से अंडों का विक्रय समूह के सदस्यों द्वारा किया जा रहा है, जिससे वर्तमान में समूह को लगभग 900 रूपए प्रतिदिन की आमदनी प्राप्त हो रही है। समूह की महिलाओं ने बताया कि वर्तमान में स्वयं के व्यय से 200 अतिरिक्त चूजे खरीदकर व्यवसाय बढ़ाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। कड़कनाथ मुर्गी के अण्डा के विक्रय से लगभग 900 रूपये प्रतिदिन आमदनी होने से समूह की महिलाएं काफी खुश है। समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन क प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

     

    बिलासपुर / शौर्यपथ / जिले के शून्य से पांच वर्ष तक के 2.71 लाख से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक 27 फरवरी को पिलाई जाएगी । इसके लिए विशेष तैयारियां कर ली गई हैं और माइक्रो प्लान भी तैयार किया जा चुका है। विशेष पोलियो अभियान में इस आयु वर्ग का एक भी बच्चा ना छूटे और कोई कमी न रहे इसके लिये निगरानी टीम नियमित रूप से सक्रिय हैं।
    इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया पल्स पोलियो अभियान को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। साथ ही कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। पल्स पोलियो अभियान के तहत जिले के शून्य से पांच वर्ष तक के हर बच्चे को पोलियो की खुराक पिलाई जाए, यह प्रयास किया जा रहा है।  वहीं  जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सैमुअल ने बताया “पल्स पोलियो अभियान के लिए माइक्रो प्लान बनाया गया है। 27 फरवरी  को इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।  जिले में 2,71,847 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा है। जिले में कुल 1,490 टीकाकरण बूथ बनाए गए है। इन बूथों में पर स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। जिला स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई है। प्रत्येक टीम में 2 सदस्य होंगे। पर्यवेक्षक और 86 ट्रांजिट टीमों  की निगरानी में पल्स पोलियो अभियान के तहत खुराक दी जाएगी| आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक शाला, उपस्वस्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक, सामुदायिक, जिला अस्पतालों, में  पोलियो की खुराक पिलाई जायेगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और शहर में आने वाले मार्गों के नाकों पर भी पोलियो बूथ बनाए जाएंगे, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक  पीने से न छूट जाए। इसके अलावा  घुमंतू लोगों के बच्चों  और निर्माण क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों के बच्चों को भी पोलियो की खुराक टीम द्वारा उनके कार्यस्थल पर जाकर भी पिलाई जाएगी।“
    जनवरी की बजाए फरवरी में अभियान- जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सैमुअल ने बताया कोई भी बच्चा नहीं छूटे इस उद्देश्य से सघन पोलियो अभियान हर साल चलाया जाता है। इस साल अभियान की शुरुआत जनवरी से होने वाली थी लेकिन कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की वजह से इसे टाल दिया गया था। बच्चों के स्वास्थ्य के मद्देनजर हर केंद्र में टीकाकरण के दौरान कोविड नियमों का पालन किया जाएगा। 28 फरवरी और 1 मार्च तक घर-घर भ्रमण कर अभियान की सतत् निगरानी की जाएगी और छूटे हुए बच्चों को इस दौरान पोलियो की खुराक दी जाएगी। “
    पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं - छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर होती है। उन्हें कई रोगों से बचाने के लिए उनका सही समय पर टीकाकरण बहुत आवश्यक है। शिशु के जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को टीकाकरण के माध्यम से कई रोगों से बचाया जा सकता है। ऐसे ही रोगों में से एक है पोलियो I छोटे बच्चों में पोलियो का इन्फेक्शन होने का खतरा बहुत अधिक होता है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित पांच साल से छोटे बच्चे होते हैं। पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को कमजोर कर बच्चे को अपंग भी बना सकती है और कई मामलों में इसके कारण मौत भी हो जाती है। इन सबसे बचने के लिए बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं ।

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