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कृष्णा टंडन की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा (बम्हनीडीह)/ शौर्यपथ / शासन ने ग्राम पंचायत गोविंदा में ग्रामीणों के लिए सरकारी हैण्डपंप पंचायत के तरफ से लगाया गया है। हैण्डपंप में गांव के व्यक्ति तुलसी पटेल ने अपना प्राइवेट सबमर्सिबल पंप फिट कर दिया और पंप स्टार्ट करने का बटन अपने घर के अंदर में लगा दिया है।ग्राम पंचायत गोविंदा के वार्ड क्रंमाक 01 में सड़क किनारे सार्वाजनिक निस्तार के लिए सरकारी हैण्डपंप का उत्खनन 7 - 8 साल पहले कराया गया है। हैण्डपंप से मोहल्लेवासी सहित ग्रामीणों को पानी मिलता था। लेकिन गांव के तुलसी पटेल पिता सत्रूहन पटेल ने शासकीय हैंडपंप में अपना प्राइवेट सबमर्सिबल पंप फिटकर स्टार्ट बटन घर के अंदर लगाया दिया है। हैण्डपंप के पानी का मोटर से खेती किसानी के लिए उपयोग किया जा रहा है।
हैण्डपंप में मोटर लगने से पंप हैण्डल चलाने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।मोहल्लेवासियों का कहना है कि हैण्डपंप में सबमर्सिबल लगने से उन्हें पानी निकालने में परेशानी हो रही है हैंड पंप से सबमर्सिबल पंप निकाला जाए। ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए किसी प्रकार की परेशानियों का सामना करना न पड़े। इस संबंध में पंप लगाने वाले तुलसी पटेल का कहना है कि हैण्डपंप में पंप लगाने के लिए सरपंच से पूछा गया था। सरपंच का कहना है कि तुलसी पटेल ने हैंडपंप में सबमर्सिबल पंप डालने से पहले बोला था कि मोहल्ले वाले सभी चाह रहे है कि हैंड पंप में सबमर्सिबल पंप डाला जाए साथ ही अगर किसी ग्रामीण को पीने के पानी के लिए परेशानी होगी तो पंप को निकाल दिया जाएगा मौके पर मोहल्ले वाले तुलसी पटेल के द्वारा सबमर्सिबल लगाने का विरोध कर रहे है उसे सबमर्सिबल पंप को निकालने के लिए बोला गया है शाम तक निकाल दिया जाएगा।
हैंड पंप में सबमर्सिबल पंप लगाने वाले को अपना सबमर्सिबल पंप निकाले के लिए बोला गया है।
आशा राम डडसेना
सरपंच गोविंदा
अवधेश टंडन की रिपोर्ट ...
जांजगीर चांपा / शौर्यपथ / जिले में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर तो जिले का हाल बेहाल है यहां अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी संसाधनों की कमी तो है लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी बखूबी नहीं निभा रहे हैं नतीजा जिले की स्वास्थ्य सुविधा बेहाल है। दरअसल में देश और प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पताल में डॉक्टरों को 24 घंटे उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं लेकिन जांजगीर-चांपा जिले के मालखरोदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत फगुरम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जहां की स्वास्थ सुविधा बेहाल है। यहां अस्पताल में तो ठीक से ना डॉक्टर आते हैं ना ही यहां के कर्मचारी इस बात की खबर मीडिया में आई तो सुधार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होता दिखाई दे रहा है .
वहीं यहां के लचर सिस्टम को लेकर जब जांजगीर-चांपा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसआर बंजारे को अवगत कराया गया तो उनका भी अजीबो गरीब बयान सुनने को मिला साहब का कहना है कि मीडिया में जो खबर लगी है वह पुरानी खबर है अब यहां पर अस्पताल में चिकित्सक नर्सिंग स्टाफ पूरे समय रहते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारी चिकित्सक खाना खाने के लिए गए थे यह उसी दौरान की तस्वीरें हैं साहब यह जवाब भी हमें समझ नहीं आता कि यह एक जांजगीर-चांपा जिले के जिम्मेदार अधिकारी दे रहे हैं हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मान भी लेते हैं कि वहां के स्टाफ खाना खाने गए थे तो खाना खाने जाने की भी दौरान अस्पताल में एक भी कर्मचारी का ना रहना ऊपर से अस्पताल को खुला छोड़ देना क्या यह लापरवाही नहीं है अस्पताल को खुला छोड़ अगर वह खाना खाने जा रहे हैं तो इस दौरान अस्पताल में चोरी भी हो सकती है आपातकालीन स्थिति में कोई मरीज आए तो भगवान है उसका मालिक है यहां तक की बात ठीक है साहब इस बात को खुद ही मानते हैं कि यह तस्वीर पुरानी है तो उस अस्पताल में कार्यवाही क्या हुआ क्योंकि अब तक उस अस्पताल में कार्यवाही होता नहीं दिखाई दे रहा है।
कार्यवाही नहीं होने की वजह से लापरवाह चिकित्सक और स्टाफ के हौसले दिनोंदिन बुलंद होंगे जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यहां पर पदस्थ चिकित्सक को राजनीतिक और रसूखदार ओं का संरक्षण मिल रहा है शायद यही वजह है कि जिम्मेदार कार्यवाही करने से बच रहे हैं। खैर अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि लापरवाह चिकित्सक और उनके स्टाफ के ऊपर जिम्मेदार क्या कार्यवाही करते हैं या फिर मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।
कमिश्नर ने कहा कि सभी सेक्टर अधिकारी मतदान के पूर्व अपने-अपने सेक्टर में आने वाले मतदान केंद्रों का व्यक्तिगत रूप से कम से कम तीन बार भ्रमण एवं अवलोकन कर वहां बिजली, पानी, छाया, शौचालय, फर्नीचर, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैम्प आदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। वे सेक्टर का नजरी नक्शा, पहुंच मार्गों की जानकारी तथा अधिकारियों के फोन नंबर भी अपने साथ रखें। मतदान के एक दिन पूर्व वे अपने सेक्टर में ही रात्रि विश्राम करें, जिससे सुबह से ही वे अपने निर्वाचन कार्यों का संपादन कर सकें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
