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April 05, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

रायपुर /शौर्यपथ/

महिलाओं को यदि सशक्त बनाना है, तो उनकी शिक्षा के साथ आर्थिक सबलता के रास्ते बनाना जरूरी है। उन्हें अधिकार के साथ आगे बढ़ने के सुरक्षित अवसर देना भी जरूरी हैे। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने साथ पूरे परिवार को आगे ले जा सकती हैं, इसी विचार के साथ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं को अधिकार संपन्न बनाने के साथ स्वावलंबन की नीति अपनाई है। महिलाओं की प्रगति के अपनाई गई नीतियों और उनके संरक्षण का ही परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2020-21 की इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट के अनुसार लैंगिक समानता में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर है। यहां महिलाएं पंचायतों में 50 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सहभागिता कर रही हैं। भूमि और संपत्ति पर कानून के अनुसार महिलाओं का स्वामित्व एवं नियंत्रण सुनिश्चित कराया गया है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं के अधिकार सुरक्षित रहें, इसके लिए भर्ती, पदोन्नति, दस्तावेजों की छानबीन के कार्यों के लिए बनाई गई समितियांे में एक महिला प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से रखने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही सरकारी पदों में 30 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण महिलाओं को जिला खनिज न्यास निधि बोर्ड में ग्राम सभा सदस्यों के रूप में 50 फीसदी आरक्षण से खुद के लिए नीतियां बनाने का बड़ा अधिकार दिया गया है।

सरकारी नौकरियों, बोर्ड और पंचायतों में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के साथ ही ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नयी पहल की गई हैं। गोधन न्याय योजना के माध्यम से महिलाओं को गौठानों में आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसमें लगभग 45 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की है। गौठानों में महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट उत्पादन के साथ-साथ कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। तैयार खाद की बिक्री में भी उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है। सामान्य गोबर खाद के विक्रय की लाभांश राशि में से 90 पैसे संबंधित स्व-सहायता समूह को दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन, आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए भोजन और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण काम बड़ी संख्या में महिलाओं को दिए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में महिला स्वसहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकेे अनुभव संबंधी योग्यता को 3 वर्ष के स्थान पर 3 माह करने का निर्णय लिया गया है।

विधवा, परित्यकता, निराश्रित महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की राह मजबूत बनाने के लिए महिला कोष के माध्यम से उन्हें कम ब्याज पर ऋण देने के साथ ही कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं को नई आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने महिला कोष से संबंधित समूहों के 12.77 साथ करोड़ रूपये के कालातीत ऋण माफ कर दिये हैं। उन्होंने महिला समूहों के न सिर्फ ऋण माफ किये गए बल्कि ऋण लेने की सीमा को भी दो से चार गुना तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही महिला कोष द्वारा दिए जाने वाले ऋण में 5 गुना वृद्धि का भी निर्णय लिया है।

महिला स्वालंबन के लिए गांवों-शहरों के साथ वनांचल की आदिवासी महिलाओं को भी ध्यान में रखा गया है। दूरस्थ नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में महिलाओं द्वारा संचालित डेनेक्स गारमेंट फैक्ट्री और डेनेक्स ब्रांड अब देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाने लगा है। वनोपज के कारोबार से महिला समूह की 50 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ने के राज्य सरकार के फैसले से जहां आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है वहीं मिशन क्लीन सिटी परियोजना में 10 हजार महिलाओं के जोड़े जाने से मातृ-शक्ति की हिस्सेदारी को विस्तार मिला है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत प्रदेश में करीब 20 लाख गरीब परिवारों की 1 लाख 85 हजार महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। चार हजार बहनें बीसी सखी के रूप में चलता-फिरता बैंक बन गई हैं। राज्य सरकार ने बजट में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और सी-मार्ट स्टोर जैसी नई अवधारणा को शामिल किया है। बिलासपुर के गनियारी में 5 एकड़ क्षेत्र में लगभग 3.81 करोड़ रूपए की लागत से बना मल्टी स्किल सेंटर महिलाओं को उत्पादन के विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष बनाने के साथ सशक्त बनाने का बड़ा केन्द्र बन गया है। शहरों में पौनी-पसारी योजना और गांवों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के पीछे वास्तव में नारी की शक्ति को आगे बढ़ाने की योजना है।

महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए न सिर्फ आर्थिक मजबूती के आधार तैयार किये गए हैं, बल्कि कामकाज के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण देने के लिए हर संभाग में कामकाजी हॉस्टल के साथ जिला मुख्यालयों में महिला हॉस्टल बनाए जाने की शुरूआत की गई है। कन्या छात्रावास तथा आश्रमों में महिला होमगार्ड के 2 हजार 200 नए पदों का सृजन किया गया है। मदद के लिए 370 थानों में महिला हेल्प डेस्क संचालित हैं, जिससे महिलाएं मजबूती से अपने कदम आगे बढ़ा सकें। आर्थिक मजबूती और सुरक्षा के साथ 9 जिला मुख्यालयों में नए महिला महाविद्यालय की शुरूआत के साथ महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खोले गए हैं। लाइवलीहुड कॉलेजों में कन्या छात्रावास की व्यवस्था से महिलाओं के कौशल विकास की राह आसान बना दी है। इसके साथ ही स्नातकोत्तर तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था से बड़ी संख्या में महिलाओं को आगे पढ़ने आ रही हैं जिससे कॉलेजों में बालिकाओं की प्रवेश संख्या बालकों से ज्यादा हो गई है। छत्तीसगढ़ की नीतियांे और सुरक्षित वातावरण का सकारात्मक प्रभाव अब छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। छत्तीसगढ़ की मेहनतकश महिलाओं के हौसलों का यह बुलंद आगाज निश्चित ही सुनहरे भविष्य के रूप में सामने आएगा।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

दो साल का मासूम दौड़कर घर की ओर आ रहा था, उसी समय गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसका एक पैर कट गया। सूरजपुर जिले के उदयपुर ब्लॉक में रहने वाला पवन अब 6 साल का हो चुका है। एक पैर के सहारे घिसट कर चलता है। परिवार वालों के मन में उसके भविष्य को लेकर कई तरह की आशंकाएं और चिंता है। लेकिन राजधानी के माना कैम्प स्थित पुनर्वास केन्द्र ने उनकी चिंता दूर कर दी है। यहां आकर पवन को नकली पैर के सहारे चलते-दौड़ते देखकर अब उनके मन में नई आस जगी है। पवन के दादा  कोहित राम ने बताया कि पवन अपने हम उम्र बच्चों के साथ खेल भी नहीं पाता था। जब से पुनर्वास केन्द्र में उसको नकली पैर लगा है, वह खुशी से दौड़ने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि पवन के भविष्य की उन्हें बहुत चिन्ता थी, लेकिन पैर लगने के बाद उसे चलते देखकर उसके जीवन को लेकर संतोष आ गया है।

नन्हें पवन की तरह हर उम्र और वर्ग के कई जीवन को समाज कल्याण विभाग द्वारा माना कैम्प में संचालित पुनर्वास केन्द्र ‘फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर‘ से नई उम्मीद मिली है, और उनका जीवन तेजी से आगे बढ़ने लगा है। यहां दिव्यांगजन को कृत्रिम हाथ-पैर,कैलीपर्स,सहायक उपकरण, कस्टम व्हील चेयर, बैसाखी, एल्बो क्रच, स्पाइनल ब्रेस, सी.पी. चेयर निःशुल्क बनाकर देने के साथ फिजियोथेरेपी और स्पीच थेरेपी की सुविधा दी जा रही है। केन्द्र ने अब तक 4 हजार से अधिक उपकरण प्रदान कर कई दिव्यांग जन के जीवन को संवारकर सुविधाजनक बनाया है।

दिव्यांग जन के जीवन को नई दिशा देने और उन्हें हाथों-पैरों का सहारा देने के लिए समाज कल्याण विभाग ने दूर-दराज क्षेत्रों में उनके चिन्हांकन का काम शुरू किया है। इसकी शुरूआत विगत अक्टूबर माह में दूरस्थ क्षेत्र सरगुजा में शिविर लगाकर की गई। यहां विशेषज्ञों द्वारा 140 दिव्यांग हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया। इनमें से हाथ और पैरों की अलग-अलग अक्षमता वाले मरीज थे। अब इन्हें 155 क्रत्रिम उपकरण निःशुल्क प्रदान कर उनकी जीवन में फिर से गति लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए 140 दिव्यांगजन में 65 हितग्राहियों के नकली पैर तैयार करने के लिए पीआरआरसी सेंटर लाकर नाप लिया जा रहा है। पहले बैच में जब 14 दिव्यांगों को कृत्रिम पैर लगाए गए तो उनकी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। उनमें जीवन जीने की फिर से ललक जाग उठी। विशेषज्ञों के प्रशिक्षण और निर्देशों से वे एक दिन में ही पग-पग चलने लगे। 

पहले बैच में पवन की तरह सरगुजा के लैंगा गांव से आए सातवीं कक्षा के छात्र  रामनारायण ने बताया कि जन्म से ही उनका एक पैर खराब है। लाठी की सहायता से वह स्कूल जाता है। कृत्रिम पैर लग जाने से अब उसे अच्छी तरह चलते बन रहा है। अब स्कूल के अलावा वह कही भी बिना परेशानी आना-जाना कर सकता है। इसी तरह नारायणपुर गांव के रहने वाले सातवीं कक्षा के छात्र  छत्रपाल का भी एक पैर जन्म से ही खराब था। छत्रपाल के नाना  तेजराम यादव ने बताया कि छत्रपाल का एक पैर खराब होने के कारण उसे चलने में बहुत दिक्कत होती है। अब सरकार की मदद से पैर बन जाने से उसका भविष्य बन गया है। इसी तरह उदयपुर के सरगंवा निवासी 50 वर्षीय जयकरण सिंह ने बताया कि 2010 में एक्सीडेंट में उनका पैर काटना पड़ा। तब से वे बैसाखी के सहारे चलते हैं। नकली पैर लग जाने से अब वे अच्छी तरह अपना काम कर सकते हैं। 

लखनपुर के  रतन सिंह ने बताया कि वे खेती-किसानी का काम करते हैं। कुछ साल पहले हुई दुर्घटना में उनका पैर काटना पड़ा। उनके क्षेत्र के जनपद पंचायत में शिविर लगने की जानकारी उन्हें मिली तो वह तुरंत पहुंच गए। रायपुर की टीम ने उनके पैर का नाप लिया। अब पैर लग गया है, और वह अच्छी तरह चल पा रहे हैं। इसी तरह उदयपुर निवासी  हीरालाल देवांगन ने बताया कि 8-10 साल की उम्र में रेल्वे लाईन में उनका पैर कटा गया था। समाज कल्याण विभाग ने पैर बनाकर दिया है। साथ ही ट्रेनिंग भी दी है, इससे वे अच्छी तरह चलने लगे है। दिव्यांगजन को रायपुर लाने-लेजाने से लेकर उनके खाने रहने की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क की गई। सभी दिव्यांगजन ने राज्य सरकार आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने संवेदनशीलता के साथ उनके द्वारा खुद पहुंचकर उनकी सहायता कर रही है।

रायपुर /शौर्यपथ/ 

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने धान खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, जिससे धान बेचने आए किसानों को कोई असुविधा न हो।  बघेल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी धान खरीदी के पहले दिन से मुस्तैद रहे और उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी कड़ी में बस्तर कमिश्नर  जी.आर. चुरेंद्र ने बुधवार की शाम को जगदलपुर के बड़े मुरमा और नानगुर धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और धान खरीदी की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर खरीदी कार्य को सुचारू संचालन के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर केंद्रीय सहकारी बैंक, कृषि, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ/

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने के लिए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में लिए गए नये फैसलों ने रियल एस्टेट कारोबार को नया बूम दिया है। राज्य में गरीब और मध्यम वर्गों को अपना आशियाना बनाने में काफी सहुलियत मिली है, वहीं राज्य शासन द्वारा रियल एस्टेट बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए कई नये प्रावधान किए गए हैं। ऑनलाईन पंजीयन सुविधा, निर्धारित समय अवधि में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी जा रही है। 

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की पहल पर राज्य सरकार ने 5 डिसमिल तक के छोटे भू-खण्डों की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को हटाया। सम्पत्तियों की गाईड-लाईन दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई। भूमि नामांतरण और डायवर्सन की प्रक्रिया को पूर्व की अपेक्षा अब ज्यादा आसान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन ने महिलाओं को पंजीयन शुल्क में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की है। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए सिंगल विन्डों प्रणाली से अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया आसान बनाई बना दी गयी है। छत्तीसगढ़ सरकार के फैसलों से राज्य में अब आम आदमी और कमजोर तबके लोग भी छोटे और मध्यम भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री कर रहे हैं। 

राज्य के पंजीयन कार्यालयों में आधुनिकीकरण और नई सुविधाएं जुटाई गई है। इन कार्यालयों में ऑनलाईन पंजीयन ई-स्टाम्पिंग की सुविधा दी गई है। इसी प्रकार जमीनों और मकानों का पंजीयन तेजी से कराने के लिए सॉफ्टवेयर में संशोधन किया है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधा सहित स्वाइप मशीन अधिकांश पंजीयन कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई है। राजस्व न्यायालयों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। न्यायालयों में ऑनलाईन प्रकरणों का पंजीयन के साथ ही जमीन और भवन संबंधी दस्तावेजों का डिजिटलाईजेशन किया जा रहा है। पंजीयन विभाग में एक जनवरी 2019 से अब तक करीब दो लाख 75 हजार से ज्यादा छोटे भू-खंडों के क्रय विक्रय के दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है। वर्ष 2020-21 में 1589.42 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में अक्टूबर माह तक 902.79 करोड़ रूपए से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। 

राज्य शासन द्वारा जनहित में निर्णय लिया जाकर, दस्तावेजों के बाजार मूल्य निर्धारण करने वाले गाईडलाईन की दरों में 25 जुलाई 2019 से 30 प्रतिशत की कमी को वर्ष 2020-21 एवं वर्ष 2021-22 के लिए भी यथावत रखा गया है। संपत्ति के बाजार मूल्य में कमी के साथ ही संपत्ति के खरीदी बिक्री में राहत प्राप्त होने से मध्यमवर्ग के लिए भूमि-मकान खरीदना आसान हुआ है। इसी प्रकार 75 लाख कीमत तक के मकान-भवन के विक्रय संबंधी विलेखों पर अगस्त, 2019 से पंजीयन शुल्क की दर में 2 प्रतिशत की रियायत को वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के लिए बढ़ाया गया है। 

कोविड-19 से संक्रमण की सुरक्षा को देखते हुए पंजीयन हेतु ऑनलाइन अपॉइंटमेंट स्लॉट बुकिंग को अनिवार्य किया गया है। अपॉइंटमेंट प्राप्त पक्षकार निर्धारित समय में ही पंजीयन कार्य हेतु उपस्थित होते हैं। इस व्यवस्था के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान भी पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। दस्तावेज पंजीयन के साथ ही साथ दस्तावेज नकल एवं खोज हेतु भी अपॉइंटमेंट बुकिंग प्रारंभ की गई है। पक्षकार द्वारा पंजीयन फीस का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है।


नई दिल्ली/शौर्यपथ/ 

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने UPA (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) को लेकर एक बयान दिया था. जिसमें कहा था कि कोई UPA नहीं है. ममता बनर्जी की ओर से UPA पर दिए गए इस बयान पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया आई है और उन्होंने कहा है कि कांग्रेस बिना यूपीए का कोई मतलब नहीं है. कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस बिना यूपीए मतलब ऐसा शरीर जिसमें आत्मा ही नहीं है. विपक्षी की एकता दिखाने का समय आ गया है. अपने इस ट्वीट के जरिए कपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी को UPA में कांग्रेस की क्या अहमियत है ये बताने की कोशिश की है.

दरअसल कल ममता बनर्जी ने मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो शरद पवार से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने मजबूत विपक्ष बनने पर चर्चा की थी. वहीं इस मुलाकात के बाद जब ममता बनर्जी से सवाल करते हुए पूछा गया कि क्या वो चाहती हैं कि शरद पवार को UPA का अध्यक्ष बनाया जाए? इस सवाल के जवाब में ममता बनर्जी ने कहा था कि क्या यूपीए? अब कोई यूपीए नहीं है? यूपीए क्या है? हम एक मजबूत विकल्प चाहते हैं. अपने इस बयान के जरिए ममता ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा था.

गौरतलब है कि एक समय में तृणमूल कांग्रेस कभी UPA का हिस्सा हुआ करती थी. लेकिन अब ममता ने कांग्रेस पार्टी से दूरी बना ली है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी ममता ने कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं किया था. कांग्रेस ने वाम दलों के साथ मिलकर तृणमूल और बीजेपी के खिलाफ ये चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में ममता की पार्टी को जीत मिली थी.

 

 

 

The Railway Men: द रेलवे मैन में आर माधवन, के के मेनन, दिव्येंदु शर्मा और बाबिल खान जैसे शानदार कलाकार नजर आएंगे.

नई दिल्ली/शौर्यपथ/

यशराज फिल्म्स भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल कंटेंट क्षेत्र में अपना पहला कदम रख रहा है. वाईआरएफ के स्ट्रीमिंग कंटेंट प्रोडक्शन बिजनेस का नाम वाईआरएफ एंटरटेनमेंट होगा और यह अपने पहले साल में पांच विशाल प्रोजेक्ट्स को तैयार करने के साथ अपनी शुरुआत करेगा. इस बैनर की ओर से पेश किया जाने वाला पहला बड़ा प्रॉजेक्ट है द रेलवे मैन (The Railway Men). दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा, 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को दी जाने वाली एक श्रद्धांजलि है जो कि भोपाल स्टेशन पर काम करने वाले रेलवे के कर्मचारी हैं. वाईआरएफ ने उसी दिन भोपाल के उन वीरों को सलामी देने के लिए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिन्होंने 37 साल पहले इस शहर पर मुसीबत के आने पर हजारों लोगों की जान बचाई थी. द रेलवे मैन का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं, जो वाईआरएफ के साथ काम करते आ रहे हैं और जिनका मार्गदर्शन आदित्य चोपड़ा कर रहे हैं.

द रेलवे मैन में आर माधवन, के के मेनन, दिव्येंदु शर्मा और बाबिल खान जैसे शानदार कलाकार नजर आयेंगे. यह शो इन चार कलाकार पर आधारित होगा. द रेलवे मेन की शूटिंग कल 1 दिसंबर से शुरू की गई. बता दें कि 2 दिसंबर, 1984 की आधी रात के बाद, अमेरिकन यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन की एक कीटनाशक फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हो गया. ऐसा बताया गया है कि उस रात पांच लाख से अधिक लोग जहर का शिकार बने थे और आधिकारिक मृत्यु का आंकड़ा 5,000 से ऊपर पहुंच गया था. बचे हुए हज़ारों लोगों ने कहा है कि वे, उनके बच्चे और पोते-पोतियां इस रिसाव के कारण कैंसर, अंधेपन, सांस, रोग प्रतिकारक शक्ति और तंत्रिका प्रणाली से जुडी समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे हैं. 'द रेलवे मैन' 2 दिसंबर, 2022 को स्ट्रीम करेगी.

 

 

नई दिल्ली/शौर्यपथ/ अभिनय के साथ ही सोशल मीडिया पर भी खास चर्चाओं में रहने वाले एक्टर, जो अपने अंदाज के जरिए से फैंस का दिल…

आमिर खान और उनकी एक्स वाइफ के बेटे आजाद के जन्मदिन की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. आजाद 10 साल के हो गए हैं.

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

आमिर खान और उनकी एक्स वाइफ के बेटे आजाद के जन्मदिन की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. आजाद 10 साल के हो गए हैं. इस मौके पर आमिर खान और किरण राव एक साथ नजर आए. वीडियो में आजाद केक काटते नजर आ रहे हैं, और मम्मी-पापा उनके पास बैठे हैं. यही नहीं, फोटो में आमिर खान को अपने बड़े बेटे जुनैद खान के साथ बैठे हुए भी देखा जा सकता है. आमिर खान और किरण राव के इस वीडियो पर फैन्स के खूब कमेंट्स आ रहे हैं.

बता दें कि इस साल जुलाई में आमिर खान और किरण राव ने अपने तलाक की जानकारी दी थी. उन्होंने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें आमिर खान ने कहा, 'आप लोगों ने हमारे तलाक की घोषणा सुनी होगी. आप लोगों को दुख भी हुआ होगा. अच्छा नहीं लगा होगा. शॉक लगा होगा. बस हम इतना कहना चाहते हैं कि हम दोनों बहुत खुश हैं और एक ही परिवार हैं. हमारे रिश्ते में बदलाव आया है लेकिन हमलोग एक ही साथ हैं. इसलिए आप लोगो ज्यादा मत सोचिएगा. पानी फाउंडेशन हमारे लिए आजाद की तरह है, जो हमारा बेटा आजाद है ठीक उसी तरह है. हमारे लिए दुआ कीजिए कि हम लोग खुश रहें.'

आमिर खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी आने वाली 'लाल सिंह चड्ढा' है. 'लाल सिंह चड्ढा' हॉलीवुड फिल्म 'द फॉरेस्ट गम्प' का रीमेक है और इसमें आमिर खान के साथ करीना कपूर खान भी लीड रोल में हैं.

 

 

अगर आप दिनभर काम करते-करते थकान महसूस करते हैं या पैर के पंजों में दर्द बना रहता है तो हम आपको बता रहे हैं कुछ…

प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों को कल से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया है. इस संबंध में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि सभी स्कूल कल से अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

नई दिल्ली/शौर्यपथ/ 

प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ( Delhi Government) ने स्कूलों को कल से अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया है. इस संबंध में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि सभी स्कूल कल से अगले आदेश तक बंद रहेंगे. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्यों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. कोर्ट ने कहा है कि 24 में घंटे में कदम उठाइये वरना कोर्ट आदेश जारी करेगा. आपातकालीन हालात में असाधारण कदम उठाने की जरूरत है. अब इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. इससे पहले आज CJI एनवी रमना ने दिल्ली में अभी भी कुछ स्कूल के खुले रहने पर खासी नाराजगी जताई.

सीजेआई ने फटकार लगाते हुए दिल्ली सरकार से कहा कि आपने कई दावे किए कि स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन सभी स्कूल बंद नहीं हुए हैं. तीन व चार साल के बच्चे अभी भी स्कूल जा रहे हैं. आपने लॉकडाउन लगाने पर विचार करने की बात कही थी, लेकिन स्कूल खोल दिए, अब माता-पिता घर से काम कर रहे हैं, जबकि बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है. जवाब में दिल्ली सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्कूल बंद हैं, हम इस पर जांच करेंगे.

 

 

 

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