August 12, 2026
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    छत्तीसगढ़ में कमजोर डोमिसाइल नीति के कारण छत्तीसगढिय़ों के हाथ से निकला

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    जल जंगल जमीन और रोजगार-पूरनलाल साहू
      भिलाई/शौर्यपथ /

       छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने पत्रकारों से चर्चा करते  अपनी पीड़ा रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कमजोर डोमिसाइल नीति के कारण छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढिय़ा की अस्तित्व आज खतरे में है। दूसरे राज्यों में मजबूत डोमिसाइल नीति होने के कारण उस राज्य की लोगों की स्थिति छत्तीसगढिय़ो से बेहतर है। राज्य सरकार के हाथ में पावर होता है चह अपने राज्य और राज्य के लोगों के लिए मजबूत डोमिसाइल
    नीति बनाए। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां पर बहुत ही कमजोर डोमिसाइल नीति हैं। कोई भी बाहर का व्यक्ति आता है और बड़ी आसानी से छत्तीसगढ़ में जाति निवासी बनाकर छत्तीसगढ़ का निवासी बन जाता है एवं छत्तीसगढ़ के संसाधनों पर अपना हक जमा लेता है छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने आगे कहा छत्तीसगढ़ के जल जंगल जमीन एवं रोजगार सब छत्तीसगड़ीयो के हाथ से निकलते जा रहे हैं। भारत 1947 में आजाद हुआ
        1947 से पहले भारत राजा रजवाड़ों का राज्य था कई राजाओं के राज्यों को मिलाकर के भारत देश का निर्माण हुआ एवं 1951 में भारत की पहली जनगणना हुआ था एवं जिस समय भारत देश में पहली जनगणना हुआ जनगणना के समय जो व्यक्ति जनगणना के समय पाया गया वहीं का निवासी उसको माना गया। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में डोमिसाइल नीति लागू करे एवं इसी के आधार पर मूल निवासियों माना जाए एवं जाति,निवासी इसी के आधार बनाए जाए और पहला हक छत्तीसगढ़ीयो का हो। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन लाल साहू ने
    आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दोनो उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, विजय शर्मा एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत को पत्र लिखकर 1951 के आधार पर डोमिसाइल नीति बनाने की मांग की है।
       इसके अलावा एवं छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ीया हित को देखते हुए अन्य  मांगों   को पूरा करने पत्र में उल्लेखित किया गया है कि छत्तीसगढ़ में डोमिसाइल नीति सन् 1951 के हिसाब से लागू की जावे, भारत के पहली जनगणना 1951 के आधार पर छत्तीसगढ़ का मूलनिवासी माना जावे, छत्तीसगढ़ के 90प्रतिशत संसाधनो पर पहला हक छत्तीसगढिय़ों का हो डोमिसाइल के आधार पर किया जावे। छत्तीसगढ़ के कृषि जमीनो पर गैर छत्तीसगढिय़ा लोगो के खरीदी पर तत्काल रोक लगाया जावे। छत्तीसगढ़ के उद्योगों में सभी जगह ठेकेदारी प्रथा को खत्म किया जावे। सरकारी कर्मचारियों के तर्ज पर उद्योग कारखानों में मजदूरो के लिए पेंशन की व्यवस्था की जावे  किसान कार्ड के तर्ज पर मजदूर क्रेडिट कार्ड बनाया जावे जिसके माध्यम से मजदूरो को बिना ब्याज के 5 लाख तक ऋण दिया जावे।, मजदूरों के हादसों में मृत्यु पर 50 लाख का मुआवजा दिया
    जावे। छत्तीसगढ़ मूल निवासी युवाओं को एजुकेशन के हिसाब से रोजगार की गारंटी दिया जावे । इस अवसर पर छग स्वाभिमान मंच के इमरान खान, कोषाध्यक्ष श्री साहू सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों के साथ ही अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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