August 15, 2026
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    छत्तीसगढ़ी भाषा में उद्गारों को व्यक्त करने की अद्भुत क्षमता, केवल चार शब्दों मनखे-मनखे एक समान के माध्यम से गुरू घासीदास ने दुनिया को दी महान सीख - मुख्यमंत्री बघेल

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    गुरू घासीदास के संदेशों पर चलकर छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाएंगे, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ग्राम घुघुवा, पाटन में दिया संदेश
    - छत्तीसगढ़ की अनुपम सांस्कृतिक धरोहर पर आधे घंटे बोले मुख्यमंत्री, आदिवासी संस्कृति से लेकर सिरपुर के महान धरोहर तक की चर्चा की,


    दुर्ग / शौर्यपथ / गुरु घासीदास का मनखे-मनखे एक समान का संदेश हम सबका आदर्श है। कुछ ही शब्दों में गुरु घासीदास जी ने इतना अद्भुत संदेश दुनिया को दिया है। इससे यह भी पता चलता है कि हमारी छत्तीसगढ़ी भाषा में हृदय के उद्गारों को व्यक्त करने की कितनी अद्भुत क्षमता है। गुरु जी ने एक ऐसे समाज की कल्पना की जहाँ सभी लोग बराबर है। यह आदर्श का समाज है। उनकी संकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में हम सब बहुत सद्भाव से रहते हैं। सदभाव हमारी संस्कृति का मूल है। गुरुदेव ने हमेशा सत्य आचरण की बात कही, इसका गहरा प्रभाव हमारे छत्तीसगढ़ी समाज पर पड़ा है। सरल सहज छत्तीसगढ़ी समाज के पीछे महापुरुषों के आदर्श का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास ने अपने समय के प्रश्नों का उत्तर समाज को दिया। उन्होंने कहा कि सत्य ही ईश्वर है। सत्य सभी जगह व्याप्त है। केवल सत्य को जानने की जरूरत है। गुरुजी ने कहा कि सत्य मानव का आभूषण है। जैसे हमारे गहने हमारी तन को सुंदर दिखाते हैं। वैसे ही सत्य हमारे मन का आभूषण है। जो सत्य की राह पर चलता है उसे प्रशंसा मिलती है। शांति मिलती है। भाईचारा बढ़ता है। गुरुजी के वचन सबको समभाव से देखने वाले हैं। जब हम सबको समभाव से देखते हैं तो अपने आप हमारे भीतर प्रेम उपजने लगता है और इसी तरह से हम मनख- मनखे एक समान का संदेश हमारे भीतर उतरने लगता है। केवल कुछ ही शब्दों में गुरु घासीदास जी ने इतनी महान बात कह दी। मनखे-मनखे एक समान, यह महान संदेश है। यह सभी प्रकार के भेदों को समाप्त कर देता है। हर तरह के भेदों को त्यागकर सभी मनुष्यों को एक ही धरातल पर खड़ा करता है। यह भी देखिये कि छत्तीसगढ़ी भाषा में कितना शक्तिशाली शब्द वाक्य कहा गया है। हमारी छत्तीसगढ़ी भाषा भावों के प्रबल वेग के उदगार को बहुत सुंदरता से प्रगट करती है। गुरु घासीदास जी के दिखाये हुए संदेश पर चलने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कई महापुरुष हुए हैं। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने भी इस संबंध में अहम कार्य किया था। गांधी जी ने कहा था कि मैं जो दलित उत्थान का कार्यक्रम कर रहा हूँ। पंडित सुंदरलाल शर्मा इसमें अग्रणी रहे है। छत्तीसगढ़ में हमारे महापुरुषों ने सभी भेदभाव को मिटाने की कोशिश की। इससे सुंदर छत्तीसगढ़ी समाज हमारा तैयार हुआ है। सत्य और अहिंसा का जो संदेश गुरु घासीदास ने दिया। वही संदेश महात्मा गांधी ने दिया। उन्होंने इन्ही अस्त्रों से अंग्रेजों को दिला दी। मनुष्य का बुनियादी गुण अहिंसा है। छत्तीसगढ़ की भूमि हमारी बहुत समृद्ध है। सुंदर है। प्राकृतिक संसाधन है। हमारा इतिहास गौरवशाली है। हमारे लोग बहुत सरल, ईमानदार और प्रतिभाशाली हैं। हमारी भूमि पर प्रभु राम गुजरे हैं। हमारे प्रदेश का इतिहास बहुत समृद्ध है। सिरपुर का स्मारक देखिये, ये बौद्ध धर्म की कार्यस्थली रही है। छत्तीसगढ़ में जनजातीय संस्कृति कितनी समृद्ध रही है। इसे सहेजने और बढ़ाने की जरूरत है। इस अनुपम सांस्कृतिक धरोहर को निरंतर सहेजने की कोशिश आवश्यक है। हम इसी दिशा में कार्य कर रहे हैं। अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर पर हमें गर्व है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम घुघुवा के तालाब के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्यों की घोषणा भी की।

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