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कन्नौज / शौर्यपथ / कोरोनावायरस लॉकडाउन के चलते एक परिवार मई में तमिलनाडु से उत्तर प्रदेश के कन्नौज लौटा था. यूपी लौटते ही परिवार के पास खाने तक को कुछ नहीं था. राशन और दवाई खरीदने के लिए मजबूरन उन्हें अपनी ज्वैलरी 1500 रुपये में बेचनी पड़ी. मीडिया में मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन परिवार को मदद को आगे आया. प्रशासन की ओर से परिवार का राशन कार्ड व मनरेगा का जॉब कार्ड बनवा दिया गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, कन्नौज स्थित फतेहपुर जसोदा गांव निवासी श्रीराम तीन दशक पहले अपनी शादी के बाद परिवार के साथ तमिलनाडु शिफ्ट हो गए थे. वहां वह कुल्फी बेचकर परिवार का गुजारा करते थे. श्रीराम, उनकी पत्नी और 9 बच्चे किराए के मकान में रहते थे. श्रीराम ने बताया कि मई के तीसरे हफ्ते में मकान मालिक ने उनसे घर खाली करने को कहा और कहा कि वह अपने गांव लौट जाएं.
श्रीराम ने कहा कि परिवार की परेशानी यहीं से शुरू हो गईं. 19 मई को पूरा परिवार कन्नौज जाने के लिए ट्रेन से निकला. 21 मई को वह लोग गांव पहुंच गए. श्रीराम की बेटी राजकुमारी ने बताया, 'वापस लौटते ही हमें खाने को 10 किलो चावल और दाल दी गई. हमारा बड़ा परिवार है, लिहाजा राशन जल्द खत्म हो गया. वहीं मेरी मां और दो भाई-बहन बीमार हो गए. पापा ने कोशिश की तो हमें एक-दो दिन का खाना और मिल गया. जिसके बाद हमारे पास मेरी मम्मी के कुछ गहने, जो वो पहना करती थीं, को बेचने के सिवा कोई रास्ता नहीं था. उसे बेच हमने खाना और दवाइयां खरीदीं. हमने राशन कार्ड बनवाने की भी कोशिश की लेकिन हमसे कहा गया कि अभी नए राशन कार्ड नहीं बन रहे हैं.'
कन्नौज के जिलाधिकारी राकेश मिश्रा ने इस बारे में कहा, 'मैंने ब्लॉक डेवलेपमेंट ऑफिसर और सप्लाई इंस्पेक्टर को इस मामले की जांच के लिए भेजा. जांच में पता चला कि ये परिवार दो हफ्ते पहले लौटा है. परिवार ट्रांसिट कैंप में रह रहा था. उन्हें रजिस्टर किया गया और 15 किलो की राशन किट दी गई. उनके पास जॉब कार्ड भी नहीं था, तो उनके लिए जॉब कार्ड भी बनवाया गया. परिवार के लिए राशन कार्ड भी बनवाया गया है. अब उन्हें कोई दिक्कत नहीं है.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस ने राहुल गांधी पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा निशाना साधे जाने पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि विपक्ष पर अनुचित और गैर जिम्मेदाराना हमला करने के बजाय सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताना चाहिए कि चीनी सैनिकों ने भारत के कितने क्षेत्र पर कब्जा किया है और इस अतिक्रमण के लिए कौन जिम्मेदार है.
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध को लेकर दावा किया कि चीन के सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामोश हैं और कहीं नजर नहीं आ रहे हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लद्दाख में चीनी हमारे क्षेत्र में दाखिल हो गए. इस बीच, प्रधानमंत्री पूरी तरह खामोश हैं और कहीं नजर नहीं आ रहे.''
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के बयान को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्थ नीति और सामरिक नीति को कितना समझते हैं, इस पर बहस होनी चाहिए. उन्हें पता होना चाहिए कि चीन जैसे अतंरराष्ट्रीय मुद्दे पर ट्विटर पर सवाल नहीं पूछे जाते हैं. प्रसाद के जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीयता और भारतीयता पर भाजपा एवं आरएसएस का कोई एकाधिकार नहीं है तथा देश की भूमि पर किसी तरह के अतिक्रमण पर सरकार से सवाल करना बतौर भारतीय नागरिक हमारा कर्तव्य है.
तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा चीन के मुद्दे पर पूर्व की संप्रग सरकार से सवाल पूछे जाने से जुड़े कुछ साल पहले के ट्वीट एवं वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि प्रसाद को इस पर भी अपनी राय जाहिर करनी चाहिए.
उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले 35 दिनों से चीन के साथ सीमा पर परिस्थिति संवेदनशील बनी हुई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्वीकार किया कि चीन के सैनिक भारत की सीमा में घुस आए हैं. चीन ने हमारे क्षेत्र पर अतिक्रमण कर लिया है. इस बात से पूरा देश चिंतित है.''
तिवारी के मुताबिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने सवाल पूछे हैं. इनमें से कई जानकारों का मानना है कि चीन ने भारत की 40 से 60 किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा, ‘‘शायद यह पहली बार हुआ है कि दोनों देशों के बीच इतने बड़े स्तर के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत हुयी है. कहा जा रहा है कि कुछ जगहों से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी हुई है, लेकिन कई जगहों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है.''
उन्होंने दावा किया, ‘‘सरकार ने यह रवैया बना लिया है कि सरकार की तरफ से कोई व्यक्ति सीमा की स्थिति पर बयान नहीं देगा. जब देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता का सवाल हो तो यह उम्मीद की जाती है कि प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या रक्षा सचिव अथवा जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति बताए कि क्या स्थिति है. लेकिन इस सरकार की तरफ से मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की गई है.''
तिवारी ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के कानून मंत्री ने कांग्रेस, राहुल गांधी पर एक बहुत अनुचित और गैर जिम्मेदाराना हमला बोला है. हम उन्हें बताना चाहते है कि राष्ट्रीयता और भारतीयता किसी के बपौती नहीं है. भाजपा और आरएसएस की राष्ट्रीयता एवं भारतीयता पर कोई एकाधिकार नहीं है.'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत की भूमि पर अतिक्रमण होता है तो इस देश के नागरिक होने के नाते हमारा फर्ज बनता है कि हम सरकार से सवाल पूछे हैं.''
कांग्रेस नेता ने कहा कि कानून मंत्री जो विपक्ष को ‘लाल आंख' दिखा रहे थे वो भारत के शत्रुओं को दिखानी चाहिए. तिवारी ने सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी क्या बताएंगे कि पांच मई से लेकर आज तक भारत के कितने क्षेत्र पर चीन की फौज ने कब्जा किया है? बातचीत के बाद किन इलाकों से चीन की सेना हटी है? अगर हटी है तो एलएससी से जुड़ी भारत की धारणा के मुताबिक उन्होंने जगह खाली की है या नही?''
उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘एक अप्रैल 2020 की स्थिति की बहाल करने के लिए सरकार क्या कर रही है? चीन की सैनिकों की घुसपैठ के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या सरकार जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है?''
राहुल गांधी पर लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल के हमले पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘भाजपा के एक युवा सांसद के कंधों पर बंदूक रखकर जो सवाल पूछे गए है, विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने ये सवाल क्यों नहीं पूछे? इसका मतलब है कि इन सवालों में जो बातें की गई हैं वो सही नहीं हैं.''
कोलकाता / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के 95वें वार्षिक दिवस पर देश को संबोधन किया. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, ''ICC ने 1925 में अपने गठन के बाद से आज़ादी की लड़ाई को देखा है, भीषण अकाल और अन्न संकटों को देखा है. अब इस बार की ये AGM एक ऐसे समय में हो रही है, जब हमारा देश मल्टिपल चैलेंजों को चैलेंज कर रहा है.'' पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में व्यापार संबंधी गतिविधियों की ओर विशेष ध्यान देने वाले इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स का मुख्यालय कोलकाता में है.
प्रधानमंत्री ने कहा, ''आत्म निर्भर भारत, आत्मनिर्भरता का ये भाव बरसों से हर भारतीय ने एक एस्पिरेशन की तरह जिया है. लेकिन फिर भी एक बड़ा काश, एक बड़ा काश, हर भारतीय के मन में रहा है, मस्तिष्क में रहा है. भारत कोरोना से लड़ रहा है, लेकिन अन्य तरह के संकट भी खड़े हैं. कही बाढ़, कहीं टिड्डों की समस्या, कहीं तेल क्षेत्र में आग तो कहीं भूकंप... और 2 साइक्लोन. संकट के दौरान नए अवसर भी सामने आते हैं. ये हमारी संकल्पशक्ति हमारी स्ट्रेंथ है. मुसीबत की दवाई मजबूती है.''
उन्होंने कहा, ''बीते 5-6 वर्षों में, देश की नीति और रीति में भारत की आत्मनिर्भरता का लक्ष्य सर्वोपरि रहा है. अब कोरोना संकट ने हमें इसकी गति और तेज करने का सबक दिया है. इसी सबक से निकला है. हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर हैं, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं का भारत निर्यात कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है.''
पीएम मोदी ने कहा, ''किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए जो निर्णय हाल में हुए हैं, उन्होंने एग्रीकल्चर इकोनॉमी को बरसों की गुलामी से मुक्त कर दिया है. अब भारत के किसानों को अपने प्रोडक्ट, अपनी उपज देश में कहीं पर भी बेचने की आज़ादी मिल गई है. लोकल प्रोडक्ट्स के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड अप्रोच को अब भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है, उसमें भी सभी के लिए अवसर ही अवसर है. जिन जिलों, जिन ब्लॉक्स में जो पैदा होता है, वहीं आसपास इनसे जुड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे.''
इवेंट के दौरान उन्होंने कहा, ''हर वो चीज, जिसे आयात करने के लिए देश मजबूर है, वो भारत में ही कैसे बने, भविष्य में उन्हीं का भारत निर्यातक कैसे बने, इस दिशा में हमें और तेजी से काम करना है. कोलकाता फिर से एक बहुत बड़ा लीडर बन सकता है. भविष्य में ईस्ट इंडिया का नेतृत्व कर सकता है. व्हाट बंगाल थिंक टुडे, इंडिया थिंक टुमारो...''
पीएम ने कहा, '' LED बल्ब vके इस्तेमाल से 19,000 करोड़ की बचत हुई है. गरीब और मध्यम वर्ग को फायदा हुआ है. प्लानेट को भी फायदा हुआ है. 4 करोड़ सीओटू का इस्तेमाल कम हुआ है.''
नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली के कस्तूरबा अस्पताल के बाद अब हिंदूराव अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी काम बंद कर देने की बात कही है. डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 4 महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है. वेतन की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों नें हिंदूराव अस्पताल के MS को पत्र लिखकर चेताया है. उन्होंने कहा कि अगर 18 जून तक डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया गया तो डॉक्टर काम बंद कर देंगे.
बीते 4 महीनों से यहां के डॉक्टर बिना वेतन के मरीजों का इलाज करते हुए देश की सेवा कर रहे हैं. अब डॉक्टरों के पास पैसे नहीं बचे हैं. उनके रोजमर्रा के खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे हैं. हिंदूराव अस्पताल भी उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आता है. इससे पहले उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टर भी वेतन न मिलने पर काम बंद करने की बात कर चुके हैं.
बताते चलें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 32,810 हो गई है. बीते कुछ घंटों में दिल्ली में COVID -19 के कुल 1501 मामले सामने आए हैं, वहीं इस दौरान 384 मरीज ठीक भी हुए हैं. अब तक कुल 12,245 मरीज ठीक हो चुके हैं. बीते 24 घंटों में 48 मरीजों की मौत हुई है जो 1 दिन में मरने वालों की सर्वाधिक संख्या है. 31 मौतें पहले हुईं, जिससे मौत का कुल आंकड़ा 905 से बढ़कर 984 पहुंच गया है. दिल्ली में अभी फिलहाल 19,581 एक्टिव मामले हैं.
नई दिल्ली / एजेंसी / राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. गहलोत ने आशंका जताई कि गुजरात और राजस्थान में राज्यसभा के चुनावों में इरादतन दो माह की देरी की गई क्योंकि वे 'खरीद-फरोख्त' पूरी नहीं नहीं कर पाए थे. विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते कांग्रेस ने बुधवार को राजस्थान के अपने विधायकों को एक रिसॉर्ट में पहुंचाया है.समाचार एजेंसी ANI ने सीएम गहलोत के हवाले से कहा, "चुनाव (राज्यसभा) यहां है. इसे दो महीने पहले कराया जा सकता था, लेकिन उन्होंने गुजरात और राजस्थान में 'खरीद और बिक्री' को पूरा नहीं किया था, इसलिए उन्होंने इसमें देरी की. चुनाव अब होने जा रहे हैं और स्थिति जस की तस है."
मुख्यमंत्री ने विधायकों के साथ बुधवार रात हुई बैठक के बाद कहा, "आप कब तक हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल होकर राजनीति करेंगे. इसमें हैरानी नहीं होगी यदि कांग्रेस उन्हें आने वाले समय में झटका दे. जनता सब कुछ समझती है." इन विधायकों को शिव विलास रिसोर्ट में ठहराया गया है. उन्होंने बैठक को "लाभदायक" बताया और कहा कि "सभी एकजुट है". इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राज्य में उनकी पार्टी को गिराने का प्रयास किया जा रहा है. पाटी ने इसस संबंध में राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी है. पार्टी ने आरोप लगाया है कि उसके विधायकों और कांग्रेस सरकार का समर्थन करने वाले निर्दलीयों को 'खरीदने' की कोशिश की जा रही है.
राजस्थान विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कांग्रेस नेता महेश जोशी ने एक पत्र में कहा, "मुझे विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से पता चला है कि हमारे विधायकों और निर्दलीय विधायकों को लुभाने की कोशिश की जा रही है. पत्र में कहा गया है कि यह संविधान की भावना और निंदनीय कृत्य के खिलाफ है. ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें. पत्र में हालांकि सीधे तौर पर बीजेपी का नाम नहीं लिया गया है लेकिन इशारा इसी पार्टी की ओर है.
गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब राज्यसभा चुनावों के लिए 19 जून को मतदान होना है. राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें से दो कांग्रेस और एक बीजेपी के पक्ष में जाने की उम्मीद है. हालांकि बीजेपी ने एक के बजाय दो उम्मीदवारों को मैदान में उतरकर कांग्रेस में 'भितरघात या क्रॉस वोटिंग' की अटकलों को बढ़ा दिया है.राज्य विधानसभा में इस समय कांग्रेस के 107 विधायक हैं, इसमें पिछले साल बीएसपी से टूटकर कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक शामिल हैं. कांग्रेस को 12 निर्दलीयों का समर्थन भी हासिल है. दूसरी ओर, बीजेपी के 72 विधायक हैं और साझेदारी और निर्दलीयों में छह का समर्थन उसे हासिल है. प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए आदर्श रूप से 51 प्रथम वरीयता वाले वोटों की आवश्यकता होती है, ऐसे में कांग्रेस की राह आसान लग रही है. बीजेपी के दूसरे उम्मीदवार के जीतने की संभावना उसी स्थिति में बन सकती है यदि पर्याप्त संख्या में कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करें और निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के पक्ष में पाला बदल लें.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने गुजरात और बंगाल को लेकर गुरुवार को एक ट्वीट किया, जिसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने जवाब में पलटवार किया है. रूपाणी ने अपने ट्वीट में लिखा कि पहले अंग्रेज भारत को बांटने की कोशिश कर रहे थे, अब कुछ एलीट लोगों का समूह है, जो भारतीयों को बांटने की कोशिश कर रहा है. गुहा ने अपने ट्वीट में एक ब्रिटिश लेखक और बुद्धिजीवी फिलिप स्प्रैट की 1939 में लिखी कुछ पक्तियों का ज़िक्र किया था, जिसपर रूपाणी का जवाब आया है.
गुहा ने अपने ट्वीट में लिखा, '1939 में फिलिप स्प्रैट लिखते हैं कि 'गुजरात हालांकि, आर्थिक रूप से मजबूत है लेकिन सांस्कृतिक रूप से पिछड़ा हुआ है, वहीं इसके उलट बंगाल आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है, लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है.'
उनके इस ट्वीट के जवाब में विजय रूपाणी ने लिखा, 'पहले अंग्रेजों ने भारत को बांटकर राज करने की कोशिश की थी. अब अभिजात्य लोगों का एक समूह है, जो भारतीयों को बांटना चाहता है. भारतीय ऐसी चालों में नहीं फंसेंगे. गुजरात महान है, बंगाल महान है....पूरा भारत एक है.'
रूपाणी ने आर्थिक और सांस्कृतिक पहलू पर भी टिप्पणी की. उन्होंने उसी ट्वीट में लिखा, 'हमारी सांस्कृतिक नींव मजबूत है और हमारी आर्थिक महत्वाकांक्षाएं ऊंची हैं.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बहुचर्चित AGR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की. कोर्ट ने बकाया में PSU (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स) को जोड़ने पर DoT (डिपोर्टमेंट ऑफ टेलीकॉम) को जमकर फटकार लगाई और कहा कि DOT हमारे फैसले का दुरुपयोग कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि PSU से 4 लाख करोड़ रुपये के बकाया की मांग पूरी तरह अनुचित है और DoT अधिकारी एक हलफनामा दाखिल कर बताएं कि ऐसा क्यों किया गया. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा, 'हमारे फैसले का गलत इस्तेमाल किया गया, हम उन्हें सजा देंगे! आप 4 लाख करोड़ से अधिक की मांग कर रहे हैं!' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2019 के फैसले को सार्वजनिक उपक्रमों से बकाया मांगने का आधार नहीं बनाया जा सकता था. अदालत ने DOT को कहा कि वो PSU से बकाया मांगने के मुद्दे पर फिर से विचार करे. मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होगी.
जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि उस समय सीमा में क्या गारंटी है कि टेलीकॉम कंपनियां पैसा देंगी, इसके साथ ही तय समय सीमा में पैसा जमा करने का क्या तरीका होगा. क्या होगा अगर कंपनियों में से कोई लिक्विडशन (दिवालिया) में जाता है,फिर भुगतान कौन करेगा? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि उसके फैसले के आधार पर बकाया के लिए टेलीकॉम कपंनियों के साथ- साथ PSU को भी क्यों शामिल किया गया.कोर्ट ने कहा कि PSU को इस दायरे से बाहर निकालना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या टेलीकॉम कंपनियों ने कोविड फंड में पैसा दिया है. इस पर एयरटेल की ओर से कहा गया कि उसने PM cares फंड में 100 करोड दिए हैं जबकि टाटा ने कहा कि उसने 1500 करोड रुपये दिए हैं. मामले में टेलीकॉम कंपनियों ने AGR के मुद्दे पर और समय मांगा है.
AGR बकाया के भुगतान पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से समय सीमा पूछी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि उसके फैसले के आधार पर बकाया के लिए टेलीकॉम कपंनियों के साथ-साथ PSU को भी क्यों शामिल किया गया. कोर्ट ने कहा कि PSU को इस दायरे से बाहर निकालना चाहिए. जस्टिस मिश्रा ने कहा, 'हर दिन मैं सोचता हूं कि हमारे फैसले का किस तरह से इस्तेमाल और दुरुपयोग हुआ है. केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों के पास दूरसंचार स्पेक्ट्रम हैतो अदालत ने कहा कि 30 साल से कोई मांग क्यों नहीं की गई लेकिन पिछले साल हमारे फैसले के बाद उनसे बकाया मांगा गया.इससे पहले मामले में केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए SG ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रम स्वयं में एक वर्ग बनाते हैं और सार्वजनिक कार्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर AGR बकाया को लागू करना सार्वजनिक हित नहीं हो सकता है. ऐसे कुछ सार्वजनिक उपक्रम हैं जो अपने लिए एक वर्ग बनाते हैं. वे सरकार के कार्यों का निर्वहन करते हैं.ये सार्वजनिक उपक्रम वाणिज्यिक शोषण के लिए अन्य दूरसंचार प्रदाताओं की तरह मोबाइल सेवाएं प्रदान नहीं कर रहे हैं. इन कंपनियों से निजी क्षेत्र के दूरसंचार प्रदाताओं की तुलना में अलग तरीके से व्यवहार करने की आवश्यकता है. SG तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने मामले की जांच की है. अगर एक ही बार में सारी रकम मांगी जाए तो अर्थव्यवस्था पर इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. एक बार में सभी टेलीकॉम बकाया मांगे जाने पर टेलीकॉम सेवाओं को नुकसान होगा और कुछ बंद हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि यदि अदालत ने इसे प्रभावित किया तो दूरसंचार क्षेत्र, प्रभाव नेटवर्क पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी और अंततः उपभोक्ताओं को नुकसान होगा.
भिलाई। शौर्यपथ । बहुत जल्द पब्लिक सेक्टर यूनिट के सबसे बड़े अस्पताल भिलाई के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल सेक्टर-9 की तस्वीर बदलने वाली है। भूपेश सरकार चाहती है कि सेक्टर-9 अस्पताल को फिर से प्रतिष्ठित अस्पताल बनाया जाए। लोग ये सवाल कर रहे हैं कि आखिर सरकार ने कैसे सेक्टर-9 अस्पताल की सुध ली है? इसके पीछे भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव है। देवेंद्र ने इसी महीने की 2 तारीख को भूपेश सरकार से सेक्टर-9 अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग की थी। देवेंद्र ने तब तर्क देते हुए कहा था कि छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और भिलाई के सबसे बड़े हॉस्पिटल सेक्टर-9 हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देना चाहिए। बीएसपी द्वारा सन 1955 से संचालित है। यहां भिलाई स्टील प्लांट के कर्मियों के अलावा प्रदेश व देशभर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने से काफी सुविधाएं बढ़ेंगी। देवेंद्र की इस पहल के बाद कल कलेक्टर कान्फ्रेंस मीटिंग में सीएम भूपेश ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को निर्देश दिए कि सेक्टर-9 अस्पताल को पहले की तरह अपग्रेड किया जाए। इसके लिए रोडमैप बनाए। जो भी जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी, उसके लिए सेल प्रबंधन से बात करें और सरकार भी मदद करेगी।
खेल / शौर्यपथ / टीम इंडिया के लिमिटेड ओवर्स के उपकप्तान सोशल मीडिया पर अपनी हाजिर जवाबी के लिए जाने जाते हैं। कोरोना वायरस की वजह से सभी क्रिकेट गतिविधियों पर ब्रेक लगा हुआ है। आईपीएल 2020 भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है। देशभर में लगे लॉकडाउन के दौरान क्रिकेटरों ने भी घर में परिवार के साथ वक्त बिताया। इस दौरान ये क्रिकेटर सोशल मीडिया पर भी बराबर बने रहे। लॉकडाउन के दौरान रोहित शर्मा भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव नजर आए। इस दौरान उन्होंने कई बार अपने साथी खिलाड़ियों को भी ट्रोल किया।
कुछ दिन पहले युजवेंद्र चहल को ट्रोल करने के बाद इस बार रोहित शर्मा ने अजिंक्य रहाणे की ट्रोलिंग की। दरअसल, अजिंक्य रहाणे लैपटॉप के सामने बैठे हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिस पर रोहित शर्मा ने उनकी खिंचाई कर दी।
अजिंक्य रहाणे ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन दिया- ''हर दिन मैं कुछ समय अपने लिए निकालता हूं जहां मैं कुछ चीजों के बारे में सोचता हूं, उन्हें लिखता हूं और कुछ पुरानी तस्वीरें देखता हूं। यह मेरे दिमाग को शांत रखने में मदद करता है।''
रहाणे की पोस्ट पर जवाब देते हुए रोहित शर्मा ने लिखा, ''सच में भाई। तुम्हें जितना जल्दी हो सके खेलना शुरू कर देना चाहिए।'' इस पर अजिंक्य रहाण ने कहा, ''क्रिकेट शुरू होते ही हम भी शुरू।''
बता दें कि भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने कहा है कि वह चोट से उबरकर वापसी की तैयारी में थे, लेकिन कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन की वजह से ऐसा नहीं कर सके और अब उन्हें राष्ट्रीय टीम में लौटने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। रोहित को फरवरी में न्यूजीलैंड दौरे के बीच से ही स्वदेश लौटना पड़ा था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें आराम दिया गया था। हालांकि, तीन मैचों की वनडे सीरीज पहला मैच बारिश की वजह से धुल गया था। इसके बाद कोरोना वायरस की वजह से दोनों बचे हुए मैच रद्द कर दिए गए थे।
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम जल्द ही एक बार फिर गैंगस्टर के रोल में नजर आने वाले हैं। जॉन अब्राहम इनदिनों अपनी अपकमिंग मूवी 'मुंबई सागा' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से जॉन अब्राहम के अबतक दो पोस्टर सामने आ चुके हैं। कुछ दिनों पहले 'मुंबई सागा' से जॉन का पहला लुक आउट हुआ था। हालांकि लॉकडाउन होने की वजह से इस फिल्म के शूटिंग बंद कर दी गई थी। हालांकि खबर है कि जॉन अब्राहम जल्द ही इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे, जिसकी शूटिंग हैदराबाद के रामोजी राव फिल्मसिटी में से शुरू होगी। बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन फिल्म के निर्देशक संजय गुप्ता कर रहे हैं। संजय गुप्ता इससे पहले 'शूटआउट एट लोखंडवाला', 'काबिल' और 'कांटे' जैसी कई फिल्में बना चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जॉन अब्राहम की इस आगामी फिल्म की शूटिंग के लिए जॉन खुद अपने टीम के साथ अगले महीने जुलाई में हैदराबाद जाएंगे। फिल्म के टीम शूटिंग के बिल्कुल तैयार है। हालांकि सभी कोरोना लॉकडाउन के गाइडलाइन के आधार पर कोई भी सीन शूट होगा।
आपको बता दें कि अपकमिंग मूवी 'मुंबई सागा' में जॉन अब्राहम के अलावा इमरान हाशमी, प्रतीक बब्बर, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी और शरमन जोशी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी की बात करें तो 'मुंबई सागा' 1980-90 के दशक की है, जब बॉम्बे, मुंबई में बदल रहा था। संजय गुप्ता के डायरेक्शन में बन रही 'मुंबई सागा' को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अनुराधा गुप्ता और संगीता अहीर प्रोड्यूस कर रहे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
